सोने की कीमतों में तेजी, डॉलर की कमजोरी के बीच $4,465 के स्तर पर नजर कमजोर अमेरिकी डॉलर और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया है। निवेशक अब अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को एशियाई बाजार में सोने के भाव में सुधार देखने को मिला और यह $4,450 के आसपास कारोबार करता नजर आया। इससे पहले पिछले दो सत्रों में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन $4,400 के नीचे मजबूत खरीदारी लौटने के बाद पीली धातु ने वापसी की है। डॉलर सूचकांक में आई कमजोरी और वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव ने कीमती धातुओं को समर्थन प्रदान किया है। डॉलर पर दबाव और वैश्विक कारक अमेरिकी डॉलर दो हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिसका मुख्य कारण येन में तेजी और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों को लेकर बाजार का रुख है। जापान के सकल घरेलू उत्पाद के संशोधित आंकड़ों और मजबूत वेतन वृद्धि के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं, जिससे जापानी येन में जबरदस्त उछाल आया है। इसके अलावा, फारस की खाड़ी में ईरान की तरफ से मिल रही चेतावनियों ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने सप्ताहांत में अमेरिकी और ईरानी जहाजों के बीच हुई झड़पों के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमारे परिसंपत्तियों पर हमला होता है, तो इसका कड़ा जवाब मिलेगा। इसके अलावा, ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आर्थिक और सैन्य चेतावनियां जारी की हैं। तकनीकी स्तर और बाजार का रुझान दैनिक चार्ट के अनुसार, सोने का भाव $4,425.55 के आसपास बना हुआ है। इसमें हल्का तेजी का रुख दिखाई दे रहा है क्योंकि कीमत 50-दिवसीय और 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज से ऊपर बनी हुई है। हालांकि, 21-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज $4,465.07 के आसपास एक बड़ी बाधा के रूप में सामने आ रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 52 के आसपास है, जो यह संकेत देता है कि खरीदारों का पलड़ा अभी भी मजबूत है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने का यह चक्र अब केवल अल्पावधि के अनुमानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संस्थागत और खुदरा निवेशकों दोनों की व्यापक भागीदारी शामिल हो चुकी है। आने वाले दिनों में अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के रुख पर बाजार की चाल काफी हद तक निर्भर करेगी। इसका आप पर असर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर सर्राफा बाजार और निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • भारत में: घरेलू बाजार में सोने के भाव वैश्विक संकेतों के आधार पर तय होते हैं, जिससे त्योहारी सीजन से पहले खरीदारी के फैसलों पर असर पड़ सकता है। • निवेशकों के लिए: सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की स्थिति पर नजर रखने वाले ट्रेडर्स को आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के जारी होने तक सतर्क रहना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ सोने की कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव मुद्रा बाजारों में हलचल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण हुआ है। • डॉलर में कमजोरी: जापानी येन में आई भारी तेजी के कारण अमेरिकी डॉलर पर दबाव बढ़ा है, जिससे अन्य मुद्राओं में ट्रेड करने वाले निवेशकों के लिए सोना आकर्षक हुआ है। • भू-राजनीतिक तनाव: फारस की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को बनाए रखा है। • ब्याज दरों की अनिश्चितता: अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी नीतियों और महंगाई के आंकड़ों को लेकर बाजार में सतर्कता का माहौल है। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमतों में हालिया सुधार का मुख्य कारण क्या है? अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोने की कीमतों में सुधार देखा गया है। 2. ईरान के अधिकारियों ने क्या चेतावनी दी है? ईरान के अधिकारियों ने शिपिंग संपत्तियों पर हमलों के जवाब में कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है। 3. सोने के लिए अगला महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर कौन सा है? सोने के लिए 21-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज $4,465 के आसपास एक महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर बना हुआ है। 4. फेडरल रिजर्व की नीतियों का सोने पर क्या असर पड़ रहा है? फेड की ब्याज दरों से जुड़े अनुमानों और आगामी महंगाई के आंकड़ों पर निवेशकों की कड़ी नजर टिकी हुई है। https://trendkia.com/market/sone-ki-kimaton-men-teji-dolara-ki-kamajori-ke-bicha-21-day-sma-ke-stara-para-najara-29346 TrendKia — Har trend, sabse pehle.