सोने की मजबूती से राजनीतिक तूफान के बीच भी संभला दक्षिण अफ्रीकी रैंड, टीडी सिक्योरिटीज का बड़ा दांव टीडी सिक्योरिटीज का कहना है कि घरेलू भ्रष्टाचार के आरोपों और SARB की चौंकाने वाली नीति के बावजूद रैंड नहीं टूटा, क्योंकि सोने की मजबूत कीमतें और वैश्विक जोखिम भावना इसे सहारा दे रही हैं। दक्षिण अफ्रीकी रैंड इस साल अमेरिकी डॉलर के सामने अपनी पकड़ बनाए हुए है, और टीडी सिक्योरिटीज के मुताबिक इसकी असली वजह घरेलू राजनीति नहीं बल्कि सोने की मजबूत कीमतें और वैश्विक बाजारों का शांत मिजाज है। फर्म के विश्लेषक रैंड को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं और उनका कहना है कि USD/ZAR की गिरावट वाला रुख अभी भी बरकरार है, इसलिए इस जोड़े में किसी भी उछाल को नया ट्रेंड मानने के बजाय बिकवाली का मौका समझा जाना चाहिए। घरेलू मुश्किलें रैंड को हिला नहीं पाईं दक्षिण अफ्रीका में इस साल घरेलू मोर्चे पर मुश्किलों की कमी नहीं रही, लेकिन इनमें से कोई भी रैंड को लंबे समय तक कमजोर नहीं कर सकी। टीडी सिक्योरिटीज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका में घरेलू दबाव बार-बार रैंड में टिकाऊ कमजोरी लाने में नाकाम रहे हैं।" इसका सबसे साफ उदाहरण 2026 की दूसरी तिमाही में देखने को मिला, जब देश में राजनीतिक भ्रष्टाचार के नए आरोपों से जुड़ी खबरें सामने आईं। आमतौर पर ऐसी खबरें उभरते बाजारों की करेंसी को हिला देती हैं, क्योंकि वहां राजनीतिक जोखिम का असर तेजी से दिखता है। लेकिन इस बार USD/ZAR पर इसका लगभग कोई असर नहीं पड़ा और बाजार ने इस खबर को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। केंद्रीय बैंक की चूक भी टिक नहीं पाई घरेलू नीति के मोर्चे पर जो एक पल असर डालता दिखा, वह था दक्षिण अफ्रीकी रिजर्व बैंक यानी SARB का फैसला। जुलाई में जब SARB ने ब्याज दरों को यथावत रखने का अप्रत्याशित फैसला लिया, तो USD/ZAR उछलकर अपने 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया, यह एक ऐसा तकनीकी स्तर है जिस पर ट्रेडर्स रुझान बदलने के संकेत के लिए नजर रखते हैं। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि यह चौंकाने वाला फैसला रैंड के लिए मोड़ साबित हो सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टीडी सिक्योरिटीज के मुताबिक बाजार ने इस नीतिगत चूक को जल्द ही नजरअंदाज कर दिया, और अगस्त तक USD/ZAR को फिर से मनोवैज्ञानिक रूप से अहम माने जाने वाले 16.00 के स्तर से नीचे धकेल दिया गया। सोना और जोखिम लेने की भूख ही असली वजह अगर घरेलू खबरें रैंड को नहीं हिला रहीं, तो फिर कौन इसे चला रहा है? टीडी सिक्योरिटीज साफ तौर पर वैश्विक मैक्रो कारकों की ओर इशारा करता है, खासकर सोने की कीमत और शेयर बाजारों के समग्र मिजाज को, जो रैंड की चाल तय करने वाले मुख्य कारक हैं। दक्षिण अफ्रीका सोने का एक बड़ा उत्पादक देश है, और इतिहास में रैंड की चाल सोने की कीमतों से काफी हद तक जुड़ी रही है, क्योंकि सोने से मिलने वाली आमदनी बढ़ने पर देश का व्यापार संतुलन और निवेशकों का भरोसा दोनों मजबूत होते हैं। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक 2026-09-08 को बाजार बंद होने के समय सोना करीब 4,451 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव 4,430 डॉलर से 0.48% ज्यादा है, और यह अपने 52 हफ्ते की रेंज 3,590 डॉलर से 5,586 डॉलर के भीतर आराम से टिका हुआ है। कारोबार की मात्रा 20 दिन के औसत से करीब 18.05 गुना ज्यादा रही, जो इस समय सोने में असामान्य रूप से भारी सक्रियता दिखाती है। तकनीकी नजरिए से सोने का रुझान मिला जुला है, लेकिन टूटा नहीं है। 14-दिन का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स न्यूट्रल स्तर यानी 54 पर है, जबकि MACD लाइन 51.49 अपनी सिग्नल लाइन 74.01 से नीचे खिसक चुकी है, जिससे -22.52 का बियरिश हिस्टोग्राम बन रहा है। सोना अपने बोलिंगर बैंड के भीतर कारोबार कर रहा है, जो 4,275 डॉलर से 4,668 डॉलर के बीच है और जिसका मध्य बिंदु 4,472 डॉलर है, वहीं एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स कमजोर 21 पर है, जो बताता है कि बाजार किसी साफ रुझान के बजाय एक दायरे में फंसा है। सोने के लिए 20 दिन का सपोर्ट करीब 4,292 डॉलर और रेजिस्टेंस करीब 4,671 डॉलर पर है, जबकि पिवट पॉइंट 4,455 डॉलर है, जिसके ऊपर 4,484 डॉलर और 4,518 डॉलर पर रेजिस्टेंस और नीचे 4,422 डॉलर तथा 4,393 डॉलर पर सपोर्ट मौजूद है। डॉलर की व्यापक कमजोरी के बीच सोना अपने 21-दिन के मूविंग एवरेज यानी करीब 4,465 डॉलर के स्तर को फिर हासिल करने की कोशिश में जुटा रहा है, और इससे पहले यह 4,400 डॉलर के आसपास जूझता दिखा था, हालांकि खरीदार वहां भी मैदान छोड़ने को तैयार नहीं दिखे। टीडी सिक्योरिटीज का कहना है कि जब तक यह सपोर्ट कायम रहता है, तब तक यह रैंड को मजबूत बनाए रखने की दलील को बल देता रहेगा। टीडी सिक्योरिटीज ट्रेडर्स को उछाल पर बिकवाली की सलाह क्यों दे रहा है कुल मिलाकर टीडी सिक्योरिटीज का मानना है कि रैंड फिलहाल आकर्षक कैरी दे रहा है, यानी डॉलर जैसी कम रिटर्न देने वाली करेंसी से पैसा लेकर रैंड जैसी ज्यादा ब्याज देने वाली करेंसी में लगाने पर निवेशक को अच्छा मुनाफा मिल रहा है, और यह मजबूत वैश्विक जोखिम भावना के साथ मिलकर रैंड को घरेलू शोरगुल से बचाने का कुशन बन रहा है। फर्म ने आगे कहा कि सोने की कीमत और शेयर बाजार की जोखिम भावना जैसे वैश्विक मैक्रो कारक ही रैंड को चलाने वाले मुख्य कारक बने हुए हैं। फिलहाल यह तर्क सही साबित हो रहा है, राजनीतिक झटके पचा लिए गए, केंद्रीय बैंक की चूक को बाजार ने जल्दी माफ कर दिया, और साल के बाकी हिस्से में प्रवेश करते हुए USD/ZAR अभी भी 16.00 के स्तर से नीचे ही सीमित बना हुआ है। इसका आप पर असर यह खबर सीधे आम आदमी की रोजमर्रा की जेब से नहीं जुड़ी, लेकिन करेंसी और सोने में पैसा लगाने वालों तथा दक्षिण अफ्रीकी एसेट्स रखने वालों के लिए इसके ठोस मायने हैं। • रैंड में निवेश ज्यादा भरोसेमंद दिख रहा है: टीडी सिक्योरिटीज का कहना है कि USD/ZAR का गिरावट वाला रुख बरकरार है, यानी रैंड आधारित बॉन्ड या एसेट रखने वालों के लिए फिलहाल करेंसी कमजोर पड़ने का जोखिम कम है। • ट्रेडर्स को उछाल पर बिकवाली की सलाह: फर्म साफ कह रही है कि USD/ZAR में हर उछाल नया रुझान नहीं, बल्कि बिकवाली का मौका है। 16.00 के आसपास या उससे ऊपर की तेजी को रैंड-समर्थक पोजीशन के लिए एंट्री पॉइंट माना जा सकता है। • सोने में निवेशकों के लिए स्पष्ट स्तर: सोना अभी 4,451 डॉलर पर है, जबकि सपोर्ट 4,292 डॉलर और रेजिस्टेंस 4,671 डॉलर पर है, जिससे सोना या गोल्ड ईटीएफ रखने वालों को अगली चाल भांपने में मदद मिलती है, और इसका असर रैंड पर भी पड़ता है। • राजनीतिक खबरों का असर फिलहाल सीमित: चूंकि USD/ZAR ने 2026 की दूसरी तिमाही के भ्रष्टाचार के आरोपों को नजरअंदाज कर दिया, निवेशकों को हर राजनीतिक खबर पर करेंसी हिलने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए, बड़ा असर सोने और वैश्विक जोखिम भावना से आ रहा है। • केंद्रीय बैंक के झटके अल्पकालिक हो सकते हैं: SARB के अप्रत्याशित फैसले से USD/ZAR थोड़े समय के लिए ही ऊपर गया, यह याद दिलाता है कि एक नीतिगत चौंकाने वाला कदम बड़े रुझान को बदलने के लिए काफी नहीं होता। ऐसा क्यों हुआ USD/ZAR अपने गिरावट वाले रुख पर इसलिए बना हुआ है क्योंकि घरेलू झटकों, यानी भ्रष्टाचार के आरोपों और SARB के चौंकाने वाले फैसले, का असर वैश्विक स्तर पर मजबूत सोने की कीमतों और शांत जोखिम भावना ने दबा दिया है। • राजनीतिक खबरें बेअसर रहीं: 2026 की दूसरी तिमाही में भ्रष्टाचार के नए आरोपों की खबरें आईं, लेकिन टीडी सिक्योरिटीज के मुताबिक USD/ZAR ने इन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जिससे साफ है कि फिलहाल निवेशक घरेलू राजनीतिक जोखिम से ज्यादा वैश्विक कारकों को तवज्जो दे रहे हैं। • SARB की चूक असली लेकिन अस्थायी झटका थी: जुलाई में ब्याज दरें यथावत रखने के अप्रत्याशित फैसले से USD/ZAR थोड़े समय के लिए अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया, जिसे बाजार ने नीतिगत चूक माना। • अगस्त तक बाजार ने खुद को सुधार लिया: जुलाई की उछाल के बाद USD/ZAR को फिर 16.00 से नीचे धकेल दिया गया, जिससे साफ है कि ट्रेडर्स ने SARB की प्रतिक्रिया को नए रुझान की शुरुआत नहीं बल्कि अस्थायी उछाल माना। • सोना और जोखिम भावना ही असली आधार हैं: टीडी सिक्योरिटीज सोने की कीमत और शेयर बाजार की जोखिम भावना को रैंड के मुख्य वैश्विक मैक्रो कारक बताता है, यानी रैंड का भविष्य फिलहाल दक्षिण अफ्रीकी खबरों से ज्यादा वैश्विक रुझानों पर टिका है। सवाल-जवाब 1. टीडी सिक्योरिटीज दक्षिण अफ्रीकी रैंड को लेकर फिलहाल क्या राय रखता है? टीडी सिक्योरिटीज रैंड को लेकर सकारात्मक है और कहता है कि USD/ZAR का गिरावट वाला रुख बरकरार है, इसलिए इस जोड़े में उछाल आने पर बिकवाली की जानी चाहिए। 2. क्या 2026 की दूसरी तिमाही के भ्रष्टाचार के आरोपों ने रैंड को कमजोर किया? नहीं, टीडी सिक्योरिटीज के मुताबिक USD/ZAR ने उस दौर की घरेलू भ्रष्टाचार के आरोपों वाली खबरों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। 3. जुलाई में SARB के ब्याज दर फैसले से क्या हुआ? SARB के दरें यथावत रखने के अप्रत्याशित फैसले से USD/ZAR जुलाई में थोड़े समय के लिए अपने 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया। 4. क्या SARB से जुड़ी यह उछाल टिकी रही? नहीं, अगस्त तक बाजार ने USD/ZAR को फिर से 16.00 के स्तर से नीचे धकेल दिया। 5. फिलहाल रैंड की चाल तय करने वाले मुख्य कारक कौन-से हैं? टीडी सिक्योरिटीज के मुताबिक सोने की कीमत और शेयर बाजार की जोखिम भावना जैसे वैश्विक मैक्रो कारक ही रैंड के मुख्य चालक बने हुए हैं। 6. सोने की कीमत अभी क्या है? 2026-09-08 को बाजार बंद होने पर सोना करीब 4,451 डॉलर पर था, जो पिछले बंद भाव 4,430 डॉलर से 0.48% ज्यादा है। 7. रैंड के 'आकर्षक कैरी' देने का क्या मतलब है? इसका मतलब है कि निवेशक डॉलर जैसी कम ब्याज देने वाली करेंसी से पैसा लेकर रैंड जैसी ज्यादा ब्याज वाली करेंसी में लगाकर अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं। 8. सोने के फिलहाल अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं? सोने का 20 दिन का सपोर्ट करीब 4,292 डॉलर और रेजिस्टेंस करीब 4,671 डॉलर पर है, जबकि पिवट पॉइंट 4,455 डॉलर है। https://trendkia.com/market/sone-ki-majabuti-se-rajanitika-tuphana-ke-bicha-bhi-snbhala-south-african-rand-td-securities-ka-bara-danva-29610 TrendKia — Har trend, sabse pehle.