दक्षिण कोरियाई निर्यात में बंपर उछाल से वॉन को सहारा, लेकिन वैश्विक डॉलर दबाव से सीमित रह सकती है बढ़त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रेरित सेमीकंडक्टर मांग के दम पर दक्षिण कोरिया का व्यापार अधिशेष 50 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया है, हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और पोर्टफोलियो निकासी के बीच मुद्रा बाजारों में सतर्कता बनी हुई है। वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग ने दक्षिण कोरिया के विदेशी व्यापार को जबरदस्त रफ्तार दी है। सितंबर महीने के दौरान देश के कुल निर्यात में सालाना आधार पर 83.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो विश्लेषकों के 62.5 प्रतिशत के अनुमान और अगस्त के 68.7 प्रतिशत के आंकड़े से काफी अधिक है। इस रिकॉर्ड प्रदर्शन का मुख्य आधार सेमीकंडक्टर चिप्स की वैश्विक बिक्री रही, जिसने सालाना तुलना में 263 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगाई है। अगस्त महीने में भी सेमीकंडक्टर निर्यात में 209 प्रतिशत का भारी इजाफा देखा गया था, जिससे यह साफ होता है कि चिप बाजार में मांग की गति लगातार मजबूत बनी हुई है। इसके साथ ही देश का मासिक व्यापार अधिशेष अगस्त के 35 अरब डॉलर से बढ़कर सितंबर में 50 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। कोरियाई वॉन के लिए संभावनाएं और सीमाएं व्यापार अधिशेष और निर्यात में आई इस ऐतिहासिक मजबूती से दक्षिण कोरियाई वॉन (KRW) को बुनियादी तौर पर सीधा समर्थन मिल रहा है। इसके बावजूद, वित्तीय बाजारों में यह आकलन सामने आ रहा है कि वॉन शायद तीसरी तिमाही जैसी मजबूत रैली दोबारा न दोहरा पाए। डीबीएस ग्रुप रिसर्च के चांग वेई लियांग के अनुसार, मुद्रा का मूल्यांकन अब न्यूट्रल स्तर पर पहुंच चुका है और हेजिंग गतिविधियों के कम होने से पोर्टफोलियो निकासी में तेजी आ सकती है। हालांकि मजबूत निर्यात आंकड़े घरेलू मुद्रा को बड़ा सहारा प्रदान करते हैं, लेकिन पूंजी प्रवाह और मूल्यांकन से जुड़ी गतिशीलता आगे चलकर इसकी तेजी की रफ्तार को सीमित कर सकती है। एशियाई सत्र में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं का रुख अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के कारण अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव साफ देखा जा रहा है। गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) के मुकाबले दो महीने के निचले स्तर के आसपास बना रहा और लगभग 0.6900 के मध्य क्षेत्र में कारोबार करता दिखा। यद्यपि अमेरिकी पीसीई मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को कुछ हद तक शांत किया है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से उपजी महंगाई की चिंताओं ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को ऊंचे स्तरों पर बनाए रखा है। दूसरी ओर, अगस्त महीने में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष तेजी से घटकर 49.5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD495M) रह गया, जिसका ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बेहद सीमित प्रभाव देखा गया। येन और यूरो पर मजबूत डॉलर का चौतरफा असर डॉलर के मुकाबले जापानी येन (USD/JPY) गुरुवार को एशियाई सत्र में अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी छोर पर 158.00 के पार कारोबार कर रहा था। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित किया है, जिससे डॉलर को व्यापक समर्थन मिला। अमेरिकी डॉलर की यह व्यापक मजबूती बैंक ऑफ जापान की संभावित सख्त मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाओं और जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार हस्तक्षेप के जोखिमों को संतुलित कर रही है। यूरोपीय मोर्चे पर, यूरो अमेरिकी डॉलर (EUR/USD) के मुकाबले गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को यह जोड़ी 1.1312 के स्तर तक फिसल गई, जो जनवरी में दर्ज किए गए 1.2082 के शिखर से काफी नीचे है। हालांकि यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति का कोई नया झटका यूरो को अप्रत्याशित रूप से कुछ सहारा दे सकता है। आगामी सितंबर एनएफपी (नॉन-फार्म पेरोल) रोजगार आंकड़ों से पहले अमेरिकी डॉलर अपने वार्षिक उच्चतम स्तर के निकट बना हुआ है, जहां बाजार विशेषज्ञ इस बात पर बंटे हुए हैं कि डॉलर की यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या यह अपनी सीमा पार कर चुकी है। सोने और डिजिटल परिसंपत्तियों में सतर्कता कीमती धातुओं के बाजार में, गुरुवार को सोने की कीमतों में स्थिरता और ठहराव का माहौल देखा गया। अमेरिकी डॉलर की दृढ़ता और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड में उछाल ने पीली धातु की बढ़त को सीमित कर दिया। सोने का हाजिर भाव (XAU/USD) 0.26 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ लगभग 4,167 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किया गया, जहां यह अपनी शुरुआती रिकवरी को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष करता दिखा। डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में भी सतर्कता और सीमित दायरे में हलचल जारी है। बिटकॉइन 82,500 डॉलर के समर्थन स्तर और 85,000 डॉलर के प्रतिरोध स्तर के बीच फंसा हुआ है। इसी तरह एथेरियम भी दबाव का सामना कर रहा है और 2,700 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि 2,600 डॉलर का स्तर इसके लिए तत्काल समर्थन बना हुआ है। वहीं रिपल भी फिसलकर महत्वपूर्ण 1.50 डॉलर के स्तर से नीचे आ गया है। वैश्विक मैक्रोइकोनॉमिक दबाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच निवेशक प्रमुख आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इसका आप पर असर वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि और अमेरिकी डॉलर की मजबूती से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति और मुद्रा विनिमय सीधे प्रभावित होते हैं। • भारत में: सेमीकंडक्टर आपूर्ति में भारी सुधार से भारतीय टेक कंपनियों और विनिर्माताओं को स्थिर चिप आपूर्ति मिलने की संभावना है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के मजबूत रहने से आयातित इलेक्ट्रॉनिक्स और कच्चे तेल के बिल पर दबाव बना रह सकता है। • मुद्रा निवेशकों के लिए: अमेरिकी डॉलर के ऊंचे स्तरों पर बने रहने के कारण उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव जारी रह सकता है। व्यापारियों को आगामी अमेरिकी एनएफपी और रोजगार आंकड़ों से पहले विदेशी मुद्रा पॉजिशन में सतर्कता बरतनी चाहिए। • जिंस और सोना खरीदारों के लिए: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त के चलते सोने की कीमतों में बड़ी एकतरफा तेजी फिलहाल सीमित नजर आ रही है। खरीदार मौजूदा 4,167 डॉलर के दायरे के आसपास कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर सकते हैं। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन और एथेरियम में क्रमशः 82,500 डॉलर और 2,600 डॉलर के समर्थन स्तरों पर नजर बनाए रखना जरूरी है। व्यापक मैक्रोइकोनॉमिक दबाव के बीच डिजिटल परिसंपत्तियों में शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी का जोखिम बना रहेगा। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बुनियादी ढांचे के बड़े पैमाने पर विस्तार और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति संबंधी अनिश्चितताओं ने इस बाजार परिदृश्य को तैयार किया है। • एआई चिप्स की भारी मांग: दुनिया भर में डेटा केंद्रों और अत्याधुनिक कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे के निर्माण के चलते उन्नत मेमोरी और सेमीकंडक्टर चिप्स की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसी के कारण दक्षिण कोरिया का सेमीकंडक्टर निर्यात सितंबर में 263 प्रतिशत तक उछल गया। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल का दबाव: अमेरिकी पीसीई आंकड़ों में नरमी के बावजूद ऊर्जा कीमतों से उत्पन्न मुद्रास्फीति के जोखिमों ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को बहु-वर्षीय उच्च स्तरों के निकट बनाए रखा है। इसने अमेरिकी डॉलर को वैश्विक स्तर पर सुरक्षित और आकर्षक निवेश विकल्प बना दिया है। • भू-राजनीतिक तनाव और जोखिम से बचाव: अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध के कारण निवेशकों का रुझान जोखिम भरी संपत्तियों से हटकर सुरक्षित पनाहगाह माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर बढ़ा है। यही कारण है कि येन, यूरो, सोना और क्रिप्टो संपत्तियों में सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है। सवाल-जवाब 1. सितंबर में दक्षिण कोरिया के कुल निर्यात में कितनी वृद्धि हुई? सितंबर महीने में दक्षिण कोरिया के कुल निर्यात में सालाना आधार पर 83.5 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जो विश्लेषकों के 62.5 प्रतिशत के अनुमान से काफी अधिक थी। 2. दक्षिण कोरिया के सेमीकंडक्टर निर्यात में क्या रुझान देखने को मिला? आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मजबूत मांग के चलते सेमीकंडक्टर निर्यात सालाना आधार पर 263 प्रतिशत उछल गया, जबकि अगस्त में यह 209 प्रतिशत बढ़ा था। 3. दक्षिण कोरिया का व्यापार अधिशेष कितना दर्ज किया गया? देश का मासिक व्यापार अधिशेष अगस्त के 35 अरब डॉलर से बढ़कर सितंबर में 50 अरब डॉलर के नए सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। 4. डीबीएस ग्रुप रिसर्च के अनुसार कोरियाई वॉन के लिए क्या दृष्टिकोण है? चांग वेई लियांग के अनुसार निर्यात मजबूत समर्थन देता है, लेकिन न्यूट्रल मूल्यांकन और हेजिंग कम होने से होने वाली निकासी के कारण वॉन पिछली तिमाही जैसी तेजी नहीं दोहरा सकता। 5. एशियाई सत्र में येन और यूरो का क्या रुख रहा? अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन 158.00 के पार कारोबार करता रहा, जबकि यूरो गिरकर 1.1312 के स्तर तक पहुंच गया जो मई 2025 के बाद का निचला स्तर है। 6. क्रिप्टोकरेंसी और सोने की कीमतें किन स्तरों पर ट्रेड कर रही हैं? सोना लगभग 4,167 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जबकि बिटकॉइन 82,500 से 85,000 डॉलर के बीच और एथेरियम 2,700 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है। https://trendkia.com/market/south-korea-export-boom-se-korean-won-ko-sahara-lekina-us-dollar-ki-majabuti-se-simita-raha-sakati-hai-barhata-41323 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