दक्षिण कोरियाई वॉन पर विदेशी बिकवाली का दबाव, जानिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मुद्रा की चाल विदेशी निवेशकों द्वारा इक्विटी बिकवाली और वैश्विक ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच दक्षिण कोरियाई वॉन दबाव में दिख रहा है, जबकि तकनीकी स्तरों पर अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल रही है। दक्षिण कोरियाई वॉन की हालिया चाल विदेशी निवेशकों के रुख और वैश्विक वित्तीय रुझानों से गहराई से प्रभावित हो रही है। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली के कारण वॉन पर लगातार दबाव बना हुआ है, विशेष रूप से बड़े तकनीकी शेयरों से पूंजी की निकासी ने स्थानीय मुद्रा को कमजोर किया है। हालांकि कारोबारी सत्रों के दौरान मामूली उछाल देखने को मिलता है, लेकिन मुद्रा बाजार में एक टिकाऊ सुधार तभी संभव हो पाएगा जब विदेशी बिकवाली की रफ्तार सुस्त पड़े या फिर यह दोबारा शुद्ध खरीदारी में तब्दील हो। विदेशी निवेश का प्रवाह और दक्षिण कोरियाई वॉन दक्षिण कोरिया के सेमीकंडक्टर और निर्यात क्षेत्र की बुनियादी मजबूती अब भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रही है। इसके बावजूद, वित्तीय बाजारों में दक्षिण कोरियाई वॉन का कारोबार उच्च-बीटा मुद्रा के रूप में जारी है। इसका सीधा अर्थ यह है कि वैश्विक जोखिम और परिसंपत्ति बाजारों में आने वाले उतार-चढ़ाव का असर वॉन पर बहुत तेजी से पड़ता है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में फेरबदल, कच्चे तेल के वैश्विक दाम और वैश्विक टेक सेंटीमेंट में बदलाव सीधे तौर पर वॉन की दिशा तय कर रहे हैं। यदि अमेरिकी ब्याज दरों में नरमी आती है और साथ ही कोरियाई इक्विटी बाजार में विदेशी पूंजी का टिकाऊ प्रवाह लौटता है, तो वॉन में मजबूती की नई गुंजाइश बन सकती है। इसके विपरीत, यदि विदेशी निवेशक अपनी बिकवाली जारी रखते हैं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स तथा कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो इससे मुद्रा जोड़ी USD/KRW को ऊपरी स्तरों पर लगातार समर्थन मिलता रहेगा। तकनीकी स्तर और लाइव बाजार स्थिति मुद्रा बाजार के पिछले सत्रों में USD/KRW का स्तर 1386 पर बंद हुआ था। तब दैनिक मोमेंटम काफी हद तक तेजी के पक्ष में था और रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स ओवरबॉट क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था। उस परिदृश्य में तकनीकी रुकावट 1388 के स्तर पर देखी गई थी, जो जुलाई के उच्चतम स्तर से सितंबर के निचले स्तर का 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर है। इसके अलावा 1410 का स्तर 50 दिनों के मूविंग एवरेज के रूप में एक अन्य अहम रेजिस्टेंस माना गया था। वहीं वर्तमान लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, USD/KRW 1,375 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 1,380 के मुकाबले 0.36 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 1,322 से 1,588 के बीच रहा है। ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना के बराबर दर्ज किया गया है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय RSI वर्तमान में 48 पर है। 20-दिवसीय EMA 1,370, 50-दिवसीय EMA 1,404 और 200-दिवसीय EMA 1,445 पर स्थित हैं। इसके अलावा 50-दिवसीय SMA 1,409 और 200-दिवसीय SMA 1,464 पर हैं, जो लंबी अवधि के डाउनट्रेंड और डेथ क्रॉस की पुष्टि करते हैं। बोलिंगर बैंड्स 1,331 से 1,395 के बीच बने हुए हैं, जबकि दैनिक पिवट पॉइंट 1,377 पर स्थित है। निकटतम रेजिस्टेंस R1 1,385 और R2 1,395 पर हैं, जबकि सपोर्ट S1 1,367 और S2 1,359 पर है। एशियाई मुद्राओं में हलचल: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन सोमवार को एशियाई व्यापारिक सत्र में वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी महत्वपूर्ण गतिविधियां दर्ज की गईं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी AUD/USD 0.7100 के स्तर से ऊपर मजबूती बनाए रखने में सफल रही। अमेरिकी डॉलर ने जुलाई के अंत के उच्चतम स्तरों से अपनी हल्की गिरावट को रोक दिया, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं हैं। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा लोन प्राइम रेट्स को यथावत बनाए रखने के निर्णय ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर कुछ हद तक दबाव डाला। हालांकि, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में एक और संभावित वृद्धि के दांव ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दे रहे हैं। बाजार सहभागी आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। दूसरी ओर, जापानी येन में हल्की मजबूती देखने को मिली, जिसके चलते एशियाई कारोबार में USD/JPY फिसलकर 157.00 के नीचे आ गया। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा दर जांच के बाद मुद्रा बाजार में सरकारी हस्तक्षेप का जोखिम मंडरा रहा था, जिससे जापानी मुद्रा को गति मिली। हालांकि जापान में अवकाश होने और मध्य पूर्व के साथ-साथ रूस और यूक्रेन के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के कारण व्यापारी सतर्क हैं। इसी वजह से अमेरिकी डॉलर की गिरावट थम गई, जिसने USD/JPY में और अधिक गिरावट को सीमित कर दिया। सोने की कीमतें और वैश्विक बॉन्ड बाजार कीमती धातुओं के बाजार में नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत दबाव के साथ हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरावट के रुख के साथ 4,350 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के करीब कारोबार कर रहा है। सोने में यह सुस्ती अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण आई है, जबकि विभिन्न परिपक्वता अवधियों में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में गिरावट दर्ज की गई थी। वित्तीय बाजार चालू वर्ष की तीसरी तिमाही के अंतिम हफ्तों में एक असामान्य दौर से गुजर रहे हैं। अनिश्चितता और अत्यधिक उतार-चढ़ाव ने समूचे बाजार को अपनी चपेट में ले रखा है, जबकि कच्चे तेल के भाव में नरमी का रुख बना हुआ है। यूरोप और अमेरिका के शेयर बाजार सोमवार को बढ़त के साथ खुलने की तैयारी में दिखे। हालांकि, वित्तीय तनाव का मुख्य केंद्र सॉवरेन बॉन्ड बाजार में रहा, जहां शुक्रवार देर शाम यूरोपीय और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में फिर से तेजी आई। बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति में बदलाव एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के संदर्भ में बैंक ऑफ जापान का नीतिगत कदम चर्चा में रहा है। केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय मौद्रिक नीति समिति में 7-2 के बहुमत से लिया गया। बैंक का यह कदम विश्लेषकों और बाजार की उन अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुरूप रहा, जिनका अनुमान पिछले कई हफ्तों से लगाया जा रहा था। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेश यात्रा से जुड़े लोगों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। • आयात और निर्यातकों के लिए: एशियाई मुद्राओं में कमजोरी से आयात लागत पर असर पड़ता है। कंपनियों को करेंसी हेजिंग रणनीतियों की नियमित समीक्षा करनी चाहिए। • अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए: टेक शेयरों से विदेशी पूंजी की निकासी पोर्टफोलियो रिटर्न को प्रभावित कर सकती है। निवेशकों को उभरते बाजारों के एक्सपोजर पर नजर रखनी चाहिए। • विदेश यात्रा और शिक्षा: डॉलर की मजबूती से विदेश में खर्च और ट्यूशन फीस में उतार-चढ़ाव संभव है। छात्रों और यात्रियों को मुद्रा विनिमय दरों पर पहले से नजर रखनी चाहिए। • गोल्ड खरीदारों के लिए: डॉलर में मजबूती के बावजूद सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 4,350 डॉलर के करीब बनी हुई हैं। खुदरा खरीदारों को किसी भी बड़ी खरीदारी से पहले स्थानीय कीमतों की जांच करनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ दक्षिण कोरियाई वॉन और व्यापक वित्तीय बाजारों में यह उतार-चढ़ाव विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी प्रवाह और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों के संयोजन के कारण उत्पन्न हुआ है। • विदेशी पूंजी की निकासी: दक्षिण कोरिया के बड़े तकनीकी शेयरों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली ने सीधे तौर पर वॉन को कमजोर किया है। जब तक यह बिकवाली थमती नहीं है, मुद्रा पर दबाव बना रहेगा। • उच्च-बीटा संवेदनशीलता: वॉन एक उच्च-बीटा मुद्रा है जो अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर अत्यधिक संवेदनशील प्रतिक्रिया देती है। वैश्विक अनिश्चितताओं ने इस संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है। • केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसले: बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने और चीनी केंद्रीय बैंक के दरों को यथावत रखने के फैसलों ने समूचे एशियाई मुद्रा बाजार में पुनर्संतुलन की प्रक्रिया शुरू की है। सवाल-जवाब 1. दक्षिण कोरियाई वॉन पर दबाव का मुख्य कारण क्या है? कोरियाई शेयर बाजार के बड़े तकनीकी शेयरों में विदेशी निवेशकों द्वारा की गई भारी बिकवाली वॉन पर दबाव का प्राथमिक कारण है। 2. USD/KRW के लिए प्रमुख तकनीकी रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं? तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 1388 का स्तर 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट है और 1410 का स्तर 50-दिवसीय मूविंग एवरेज रेजिस्टेंस है। 3. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति समिति के 7-2 मतों से अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। 4. सोने की वर्तमान कीमत किस स्तर के आसपास बनी हुई है? सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव के बीच लगभग 4,350 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार कर रही है। https://trendkia.com/market/south-korea-won-para-videshi-bikavali-ka-dabava-janie-us-dollar-ke-mukabale-mudra-ki-chala-35937 TrendKia — Har trend, sabse pehle.