कोरियाई शेयर बाजार में तेज गिरावट से वोन पर गहराया दबाव, हेजिंग में भारी उछाल दक्षिण कोरियाई इक्विटी बाजार में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के बाद वोन की गिरावट से बचाव के लिए हेजिंग तेज हो गई है। सेमीकंडक्टर शेयरों में गिरावट और व्यापक करेंसी बाजार के रुझानों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। दक्षिण कोरियाई वित्तीय बाजारों में अचानक तेज बिकवाली आने से राष्ट्रीय मुद्रा वोन पर दबाव काफी गहरा गया है। शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर पूंजी निकाले जाने के बाद निवेशकों ने संभावित नुकसान की भरपाई के लिए करेंसी डेरिवेटिव्स के जरिए सुरक्षात्मक सौदे बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। चिप निर्माताओं के शेयरों में तेज गिरावट और टेक उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े भारी पूंजीगत खर्च को लेकर उठ रहे सवालों ने इस रुख को और बढ़ावा दिया है। इसके चलते वोन को बेचकर अन्य विदेशी मुद्राओं में नकदी परिवर्तित करने का सिलसिला देखा जा रहा है। कोरियाई इक्विटी में भारी निकासी और चिप कंपनियों पर असर सियोल शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी नीचे फिसल गया, जिसमें सबसे अधिक मार प्रमुख चिप निर्माता कंपनियों पर पड़ी। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स के शेयरों में निवेशकों ने आक्रामक बिकवाली दर्ज की। विश्लेषक माइकल वान ने संकेत दिया है कि चीनी प्रतिद्वंद्वी सीएक्सएमटी द्वारा मेमोरी चिप तकनीक में दर्ज प्रगति की खबरों ने प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसके अतिरिक्त अमेरिकी बाजार में सेमीकंडक्टर शेयरों की कमजोरी ने भी एशियाई व्यापारिक धारणा को सीधे प्रभावित किया है। बाजार भागीदार यह भी परख रहे हैं कि वैश्विक स्तर पर एआई बुनियादी ढांचे में हो रहा भारी निवेश कब तक जारी रह पाएगा। पूंजीगत व्यय की स्थिरता पर संदेह गहराने से तकनीक क्षेत्र से विदेशी फंड्स की निकासी तेज हुई। एक ही कारोबारी सत्र में दक्षिण कोरियाई इक्विटी बाजार से विदेशी निवेशकों ने 3.3 अरब डॉलर की पूंजी निकाली। जब इन निवेशकों ने अपनी इक्विटी बिक्री से मिले पैसों को विदेशी मुद्राओं में बदला, तो हाजिर बाजार में वोन पर सीधा सेलिंग प्रेशर दिखाई दिया। करेंसी डेरिवेटिव्स और वोन पर हेजिंग का दबाव मुद्रा बाजार के तकनीकी संकेतकों में वोन के रिस्क रिवर्सल्स में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस बदलाव से साफ जाहिर होता है कि ट्रेडर्स वोन में और गिरावट आने की संभावना को देखते हुए पुट ऑप्शंस और डाउनसाइड प्रोटेक्शन के लिए अधिक प्रीमियम चुका रहे हैं। माइकल वान के मुताबिक, रिस्क रिवर्सल्स में आई यह मजबूती विदेशी पूंजी की 3.3 अरब डॉलर की बिकवाली के बिल्कुल अनुरूप है। जब तक तकनीकी शेयरों में स्थिरता नहीं लौटती, तब तक सियोल के मुद्रा बाजार में वोन पर यह हेजिंग दबाव बने रहने के आसार हैं। विदेशी निवेशक जोखिम से बचने के लिए सतर्क रुख अपना रहे हैं और इक्विटी बाजार की उथल-पुथल सीधे फॉरेक्स दरों को प्रभावित कर रही है। एशियाई करेंसी बाजार: येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डेटा व्यापक एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान अन्य प्रमुख मुद्रा युग्मों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 के स्तर के करीब मजबूत बना रहा। चीन से आए मुद्रास्फीति और व्यापार के मिश्रित आंकड़ों के बाद इस मुद्रा को समर्थन मिला। चीन में सितंबर महीने के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक उम्मीद से कम बढ़ा, जबकि उत्पादक मूल्य सूचकांक में तेजी दर्ज हुई। इसी के साथ चीन का व्यापार अधिशेष भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ा, जिससे एशियाई व्यापार में कुछ स्थिरता आई। दूसरी ओर, डॉलर-येन की जोड़ी बुधवार के एशियाई सत्र में 158.50 के आसपास एक सीमित दायरे में घूमती रही। जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन को सहारा दिया और डॉलर की बढ़त पर लगाम लगाई। हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग ने इस मुद्रा युग्म को निचली दिशा में जाने से रोके रखा। निवेशक अब आगामी अमेरिकी सीपीआई महंगाई आंकड़ों के इंतजार में हैं। सोने की कीमतों में सुस्ती और रिपल की कोरियाई साझेदारी कमोडिटी बाजार में सोने में मंदी का रुख हावी रहा और बुधवार को यह बहुमूल्य धातु प्रति ट्रॉय औंस 4,100 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गई। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती ने पीली धातु पर दबाव बनाए रखा है। अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखते हुए बाजार में ऐसी धारणा बन रही है कि फेडरल रिजर्व नीतिगत सख्ती जारी रख सकता है, जिससे गैर-ब्याज वाली संपत्तियों की मांग कमजोर हुई है। डिजिटल एसेट बाजार में एक्सआरपी का कारोबार 1.36 डॉलर से ऊपर बना रहा, जहां खरीदार इसे 1.40 डॉलर के आपूर्ति स्तर की ओर ले जाने की कोशिश में हैं। इस बीच, ब्लॉकचेन कंपनी रिपल ने मेरिट्ज़ सिक्योरिटीज के साथ साझेदारी की है। यह संयुक्त प्रयास दक्षिण कोरिया के पूंजी बाजार में संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की संभावनाओं को तलाशने के उद्देश्य से किया गया है। इसका आप पर असर दक्षिण कोरियाई बाजार में मंदी और मुद्रा में गिरावट से वैश्विक निवेशकों और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े कारोबारियों पर सीधा असर पड़ेगा। • वैश्विक निवेशकों पर: चिप कंपनियों के शेयरों में मंदी से एशियाई पोर्टफोलियो में अस्थिरता बढ़ेगी। निवेशकों को तकनीक क्षेत्र के आवंटन की समीक्षा करनी होगी। • करेंसी ट्रेडर्स के लिए: वोन में तेज उतार-चढ़ाव से एशियाई मुद्राओं में हेजिंग लागत बढ़ गई है। ट्रेडर्स को डेरिवेटिव प्रीमियम में बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर पोजीशन बनानी होगी। • सोना और कमोडिटी खरीदारों के लिए: सोने के 4,100 डॉलर से नीचे आने से खरीदारों को अल्पकालिक स्तर पर सस्ता भाव मिल सकता है। हालांकि ट्रेजरी यील्ड्स में तेजी के कारण जोखिम बना रहेगा। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: दक्षिण कोरिया में संस्थागत टोकनाइजेशन के प्रयासों से डिजिटल परिसंपत्तियों को कानूनी मान्यता की दिशा में समर्थन मिलेगा। एक्सआरपी ट्रेडर्स 1.40 डॉलर के रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रख सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ कोरियाई इक्विटी और वोन में गिरावट चीनी प्रतिस्पर्धियों की तकनीकी प्रगति, अमेरिकी टेक शेयरों में मंदी और बड़े पैमाने पर विदेशी पूंजी निकासी के संयुक्त प्रभाव से हुई है। • चीनी चिप तकनीक में प्रगति: चीनी कंपनी सीएक्सएमटी द्वारा मेमोरी चिप्स में तकनीकी प्रगति की खबरों ने दक्षिण कोरियाई दिग्गजों के मार्जिन पर चिंता बढ़ा दी। इसके चलते सैमसंग और एसके हाइनिक्स के शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई। • विदेशी पूंजी की भारी निकासी: एक ही दिन में विदेशी निवेशकों ने सियोल शेयर बाजार से 3.3 अरब डॉलर निकाले। इस पूंजी को विदेशी मुद्राओं में बदलने के कारण हाजिर बाजार में वोन पर सीधा दबाव बना। • एआई पूंजीगत व्यय पर अनिश्चितता: वैश्विक टेक कंपनियों द्वारा एआई पर किए जा रहे भारी खर्च के टिकाऊ होने पर निवेशकों ने सवाल खड़े किए हैं। वॉल स्ट्रीट पर टेक शेयरों की कमजोरी ने इस चिंता को और हवा दी। सवाल-जवाब 1. दक्षिण कोरियाई वोन में गिरावट की मुख्य वजह क्या है? कोरियाई शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों द्वारा 3.3 अरब डॉलर की भारी निकासी और चिप कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट इसकी मुख्य वजह है। 2. किन कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई? सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स के शेयरों में निवेशकों ने सबसे अधिक बिकवाली दर्ज की। 3. मुद्रा बाजार में रिस्क रिवर्सल्स क्या संकेत दे रहे हैं? रिस्क रिवर्सल्स में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि निवेशक वोन में और गिरावट के जोखिम से बचने के लिए अधिक हेजिंग प्रीमियम चुका रहे हैं। 4. सोने की कीमत पर क्या असर पड़ा है? डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी यील्ड्स में बढ़ोतरी के चलते सोना फिसलकर 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस से नीचे आ गया। 5. रिपल और मेरिट्ज़ सिक्योरिटीज की साझेदारी का क्या उद्देश्य है? दोनों संस्थाएं दक्षिण कोरियाई पूंजी बाजार में संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की संभावनाओं को तलाशने के लिए साथ आई हैं। https://trendkia.com/market/south-korean-won-faces-depreciating-pressure-as-stock-sell-off-accelerates-downside-hedging-47480 TrendKia — Har trend, sabse pehle.