बैंक ऑफ इंग्लैंड की बैठक से पहले पाउंड पर मंडरा रहा नरमी का जोखिम बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी बैठक से पहले निवेशकों की नजरें ब्याज दरों पर टिकी हैं। वहीं दूसरी ओर कमजोरी डॉलर और मध्य पूर्व में तनाव थमने के बीच प्रमुख करेंसी जोड़ियों में कारोबार जारी है। गुरुवार को होने वाली बैंक ऑफ इंग्लैंड की बैठक इस सप्ताह का सबसे बड़ा और मुख्य वित्तीय आकर्षण है। हालांकि अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों का यह मानना है कि केंद्रीय बैंक इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और उन्हें मौजूदा स्तर पर ही रोककर रखेगा। असली चर्चा इस बात पर केंद्रित रहेगी कि क्या मौद्रिक नीति समिति के भीतर सख्त रुख अपनाने के समर्थन में और अधिक सदस्यों के वोट जुड़ते हैं या नहीं। नीतिगत मतदान और महंगाई के आंकड़े विश्लेषकों का अनुमान है कि कैथरीन मान इस बार ह्यू पिल और मेगन ग्रीन के साथ मिलकर ब्याज दरों में बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान कर सकती हैं, हालांकि कुल मतदान 7-2 के अनुपात में दरों को यथावत बनाए रखने के पक्ष में ही रहने की उम्मीद है। हालांकि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई के मोर्चे पर ऊपर की ओर जोखिम जरूर बना हुआ है, लेकिन बैंक के नए अनुमान यह दर्शाते हैं कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक चार प्रतिशत के दायरे से काफी नीचे ही अपनी पीक सीमा पर पहुंचेगा। ब्याज दरों का भविष्य और पाउंड पर असर यदि महंगाई का यह दबाव सीमित दायरे में ही बना रहता है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड चालू वर्ष के बाकी बचे महीनों में ब्याज दरों को पूरी तरह से स्थिर बनाए रख सकता है। मौजूदा समय में बाजार जिस तरह से वर्ष के अंत तक 38 आधार अंकों की सख्ती का अनुमान लगा रहा है, उसे देखते हुए पाउंड के लिहाज से निकट भविष्य में नरमी की आशंका सबसे स्पष्ट जोखिम बनी हुई है। प्रमुख करेंसी जोड़ियों में उतार-चढ़ाव सोमवार को सप्ताह की शुरुआत के साथ ही ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी में पिछले शुक्रवार के तीन हफ्ते के निचले स्तर से आई हल्की रिकवरी के बाद मजबूत सकारात्मक तेजी देखने को मिल रही है। यह लगातार दूसरा सत्र है जब इस जोड़ी में बढ़त दर्ज की गई है, और यूरोपीय सत्र के दौरान यह जोड़ी 1.3350 के आसपास कारोबार कर रही है। इसके पीछे मुख्य कारण मध्य पूर्व के संघर्ष में ठहराव आना और अमेरिकी डॉलर का व्यापक रूप से कमजोर होना है। इस बीच व्यापारी इस सप्ताह के अंत में आने वाले फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड के नीतिगत बयानों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। यूरो और डॉलर का हाल दूसरी ओर, यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी भी सोमवार के यूरोपीय सत्र में 1.1400 के आंकड़े के करीब बड़े लाभ के साथ मजबूत बनी हुई है। इस इंट्राडे मजबूती का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का समग्र कमजोरी का शिकार होना है, जो कि पांच महीने पुराने अमेरिकी-ईरान संघर्ष को कूटनीतिक तरीके से समाप्त करने की नई उम्मीदों के कारण दबाव में है। निवेशक इन सभी भू-राजनीतिक और आर्थिक बदलावों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं ताकि मुद्रा बाजार की अगली चाल का अंदाजा लगाया जा सके। इसका आप पर असर वैश्विक बाजार और निवेशकों के लिए: मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों के फैसलों से जुड़े इन घटनाक्रमों का सीधा असर निवेशकों की रणनीतियों और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों पर पड़ता है। सवाल-जवाब 1. इस सप्ताह कौन सी प्रमुख बैठक होने जा रही है? गुरुवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत बैठक होने जा रही है। 2. ब्याज दरों को लेकर बाजार की क्या उम्मीद है? बाजार का अनुमान है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही स्थिर रखेगा। 3. GBP/USD जोड़ी किस स्तर के आसपास कारोबार कर रही है? यह प्रमुख जोड़ी यूरोपीय सत्र के दौरान 1.3350 के आसपास कारोबार कर रही है। 4. EUR/USD में तेजी का मुख्य कारण क्या है? अमेरिकी डॉलर में व्यापक कमजोरी और अमेरिकी-ईरान संघर्ष में कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों के कारण यूरो में मजबूती आई है। https://trendkia.com/market/sterling-faces-dovish-repricing-risk-ahead-of-bank-of-england-meeting-10919 TrendKia — Har trend, sabse pehle.