# स्वीडिश क्रोना में रिस्कबैंक के सख्त रुख से उछाल, बैंक ऑफ जापान ने भी ब्याज दरें 1.25% तक बढ़ाईं

> स्वीडन के रिस्कबैंक ने अपनी नीतिगत दर 1.75% पर स्थिर रखते हुए भविष्य में बढ़ोतरी के स्पष्ट संकेत दिए हैं, जिससे क्रोना को मजबूती मिली। वहीं बैंक ऑफ जापान ने नीतिगत दर बढ़ाकर 1.25% कर दी है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/swedish-krona-men-riksbank-ke-sakhta-rukha-se-uchhala-bank-of-japan-ne-bhi-byaja-daren-1-25-taka-barhain-37856 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्वीडिश क्रोना, रिस्कबैंक, बैंक ऑफ जापान, ब्याज दरें, मुद्रा विनिमय, सोना, डोनाल्ड ट्रंप

वैश्विक मुद्रा बाजारों में केंद्रीय बैंकों के फैसलों और आगामी भू-राजनीतिक वार्ताओं के असर से हलचल तेज हो गई है। स्वीडन की मुद्रा स्वीडिश क्रोना (SEK) ने अधिकांश प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले तेज बढ़त हासिल की है। स्वीडन के केंद्रीय बैंक, रिस्कबैंक ने उम्मीद के मुताबिक अपनी प्रमुख ब्याज दर को बिना किसी बदलाव के 1.75% पर बरकरार रखा है। यह लगातार आठवीं ऐसी बैठक रही जब नीतिगत दर में कोई फेरबदल नहीं किया गया, परंतु बैंक के आधिकारिक बयान ने कड़ा मौद्रिक रुख दिखाकर बाजार को चौंकाया है।

रिस्कबैंक ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में रेखांकित किया कि जून के अनुमानों की तुलना में आने वाले समय में नीतिगत दर में अधिक बढ़ोतरी की जानी चाहिए। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट संकेत दिया कि नीतिगत दरों में यह बढ़ोतरी इसी वर्ष से शुरू होने की उम्मीद है। इस सख्त मार्गदर्शन के चलते मुद्रा कारोबारियों ने क्रोना में खरीदारी तेज कर दी, जिसके चलते यह दुनिया की शीर्ष मुद्राओं के मुकाबले मजबूत स्थिति में पहुंच गया।

## बैंक ऑफ जापान का दर वृद्धि का फैसला और येन की चाल
एशियाई बाजारों में जापानी मुद्रा में भी उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। नीति निर्धारण समिति में यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो कि हफ्तों से वित्तीय विश्लेषकों द्वारा लगाए जा रहे कयासों के पूरी तरह अनुकूल रहा।

गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY जोड़ी तीन सप्ताह के अपने उच्चतम स्तर से फिसल गई और 158.00 के करीब नुकसान दर्ज करते हुए टिकी रही। जापान के सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी और संभावित बाजार हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को सहारा दिया। दूसरी ओर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती और फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त मौद्रिक नीति जारी रखने के दांव के बीच अमेरिकी डॉलर ने अपनी दो महीने की नई ऊंचाई के करीब रात की बढ़त को बनाए रखा।

## स्विस नेशनल बैंक ने दरें शून्य पर बरकरार रखीं
यूरोप के एक अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय केंद्र में, स्विस नेशनल बैंक (SNB) ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों को 0% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। यह कदम बाजार सहभागियों की उम्मीदों के बिल्कुल अनुरूप रहा। बैंक के इस मौद्रिक नीति मूल्यांकन में कुछ प्रमुख बिंदु सामने आए हैं, जिसके तहत स्विस नेशनल बैंक के पास रखे जाने वाले बैंकों के साइट डिपॉजिट्स पर एक निर्धारित सीमा तक SNB नीतिगत दर के बराबर प्रतिफल प्रदान किया जाएगा।

स्विस नेशनल बैंक ने वर्ष 2026 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान बढ़ाकर 0.7% कर दिया है, जबकि इसका पिछला पूर्वानुमान 0.6% रहने का था। बैंक ने अपनी रिपोर्ट में इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया है कि स्विट्जरलैंड के आर्थिक परिदृश्य के लिए सबसे बड़ा जोखिम वैश्विक अर्थव्यवस्था में होने वाले घटनाक्रमों से जुड़ा हुआ है।

## ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों के बाद AUD/USD में गिरावट
गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD मुद्रा जोड़ी कमजोर होकर 0.7000 के स्तर की तरफ खिसकती नजर आई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर यह दबाव देश के अगस्त माह के रोजगार आंकड़े जारी होने के बाद बना। नए श्रम आंकड़ों के अनुसार, बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6% पर पहुंच गई, जबकि बाजार को इसके 4.5% रहने की अपेक्षा थी। हालांकि रोजगार में बदलाव के आंकड़ों ने पूर्वानुमानों को पीछे छोड़ते हुए 39.5K का स्तर दर्ज किया, लेकिन बेरोजगारी दर में वृद्धि ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।

मुद्रा बाजार के प्रतिभागी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक से पहले भी काफी असहज और सतर्क नजर आ रहे हैं। इस उच्चस्तरीय वार्ता को लेकर बाजार में कोई बड़ा जोखिम लेने से निवेशक बचते दिखे।

## सोने की कीमतों पर दबाव और ट्रंप-शी बैठक पर नजरें
कमोडिटी बाजार में सोने के भाव लगातार दूसरे दिन नकारात्मक दायरे में बने रहे। यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में सोना 4,300 डॉलर के स्तर से नीचे फिसलकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बुलियन निवेशक भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित मुलाकात के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक से किसी बहुत बड़ी अप्रत्याशित घोषणा की उम्मीदें काफी कम हैं। इसके बावजूद बाजार के कारोबारी दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (रेयर अर्थ्स), प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों और अमेरिका व चीन के बीच मौजूदा संघर्ष विराम के विस्तार से जुड़े किसी भी नए घटनाक्रम पर बारीक नजर गड़ाए हुए हैं।

## इसका आप पर असर
केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और स्थिर रखने के निर्णयों से वैश्विक विनिमय दरों, विदेशी यात्रा लागतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

- **मुद्रा विनिमय दरों पर असर:** स्वीडिश क्रोना और जापानी येन में आई मजबूती के चलते इन देशों की यात्रा और आयात की लागत में बदलाव आएगा। विदेशी मुद्रा में निवेश या लेनदेन करने वाले कारोबारियों को अपनी विनिमय रणनीतियों को नए ब्याज दर अंतर के अनुसार समायोजित करना होगा।
- **सोने के खुदरा खरीदार:** सोने के 4,300 डॉलर से नीचे आने से खरीदारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में मामूली राहत देखने को मिल रही है। हालांकि भू-राजनीतिक वार्ताओं के नतीजे तय करेंगे कि यह नरमी आगे भी बनी रहेगी या फिर नया उछाल आएगा।
- **वैश्विक वित्तीय निवेशक:** बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें 1.25% करने और फेडरल रिजर्व की सख्त उम्मीदों से सरकारी बॉन्ड यील्ड में बदलाव हो रहा है। विदेशी बॉन्ड और इक्विटी पोर्टफोलियो रखने वाले निवेशकों को ब्याज दर बढ़ोतरी के चक्र के अनुरूप अपने निवेश की समीक्षा करनी होगी।
- **व्यापार एवं टैरिफ का दायरा:** अमेरिका और चीन के राष्ट्रपतियों की बातचीत में तकनीकी पाबंदियों और रेयर अर्थ्स पर होने वाले फैसलों से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। आयात-निर्यात करने वाले कारोबारी संभावित नीतिगत बदलावों और व्यापारिक समझौतों पर कड़ी नजर रख सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह वैश्विक बाजार फेरबदल केंद्रीय बैंकों द्वारा महंगाई नियंत्रण और नीति सामान्यीकरण के कदमों तथा प्रमुख भू-राजनीतिक वार्ताओं से पहले बने सतर्क माहौल के कारण हुआ है।

- **रिस्कबैंक का सख्त दृष्टिकोण:** स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए संकेत दिया कि आने वाले समय में नीतिगत दरों को जून के अनुमान से अधिक बढ़ाया जाना चाहिए। बैंक का स्पष्ट आकलन है कि इस साल के भीतर ही ब्याज दरें बढ़ाने का सिलसिला शुरू किया जाएगा।
- **जापान में मौद्रिक सामान्यीकरण:** बैंक ऑफ जापान ने वर्षों की अति-सुलभ मौद्रिक नीति से बाहर निकलने की अपनी रणनीति के तहत दरें 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दीं। नीति समिति के 7-2 बहुमत वाले इस कदम को बॉन्ड यील्ड में हो रही वृद्धि और मुद्रा के अवमूल्यन के जोखिम ने प्रेरित किया।
- **श्रम बाजार और व्यापार अनिश्चितता:** ऑस्ट्रेलिया में बेरोजगारी दर 4.6% तक बढ़ने से वहां की मुद्रा पर दबाव पड़ा, जबकि ट्रंप और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बातचीत से पहले निवेशकों ने जोखिम भरी संपत्तियों से हाथ खींच लिए। वैश्विक स्तर पर तकनीक और दुर्लभ खनिजों पर व्यापार विवाद ने भी सतर्कता बढ़ाई है।

## सवाल-जवाब

### 1. स्वीडन के रिस्कबैंक ने ब्याज दरों पर क्या फैसला लिया?
रिस्कबैंक ने अपनी नीतिगत ब्याज दर को लगातार आठवीं बैठक में 1.75% पर अपरिवर्तित रखा, लेकिन स्पष्ट किया कि दरों में बढ़ोतरी इसी वर्ष से शुरू होने की उम्मीद है।

### 2. बैंक ऑफ जापान ने अपनी प्रमुख ब्याज दर कितनी बढ़ाई है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है।

### 3. स्विस नेशनल बैंक ने ब्याज दरों और मुद्रास्फीति को लेकर क्या कहा?
स्विस नेशनल बैंक ने नीतिगत दर 0% पर बरकरार रखी और वर्ष 2026 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 0.6% से बढ़ाकर 0.7% कर दिया।

### 4. ऑस्ट्रेलिया के श्रम बाजार के आंकड़े क्या दर्शाते हैं?
अगस्त के आंकड़ों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6% हो गई, जबकि रोजगार में बदलाव उम्मीद से बेहतर रहते हुए 39.5K दर्ज किया गया।

### 5. सोने की कीमतों में क्या रुझान देखने को मिला?
सोना लगातार दूसरे दिन गिरावट में रहा और 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसलकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया।

### 6. निवेशक डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक में किन बातों पर नजर रख रहे हैं?
कारोबारी दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (रेयर अर्थ्स), प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों और दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापारिक युद्धविराम के विस्तार पर नजर रख रहे हैं।

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