स्विस फ्रैंक की दोहरी भूमिका: फंडिंग करेंसी की संभावना के बीच सेफ हेवन दर्जे पर बना संशय शून्य नीतिगत दर और केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप के बाद स्विस फ्रैंक कमजोर प्रदर्शन कर रहा है, जिससे इसकी फंडिंग करेंसी के रूप में उपयोग की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, आगामी राजनीतिक और वैश्विक जोखिम सेफ हेवन मांग को कभी भी फिर से भड़का सकते हैं। वैश्विक मुद्रा बाजार में स्विस फ्रैंक की पारंपरिक पहचान हमेशा एक मजबूत और संकट के समय काम आने वाली सुरक्षित परिसंपत्ति यानी सेफ हेवन करेंसी की रही है। हालांकि, हालिया घटनाक्रमों और मौद्रिक नीतियों के संयोजन ने इस मुद्रा के व्यवहार में एक नया मोड़ ला दिया है। मार्च 2026 में, ईरान युद्ध की शुरुआत के करीब, स्विस नेशनल बैंक ने स्विस फ्रैंक में होने वाले भारी सेफ हेवन प्रवाह को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप किया था। केंद्रीय बैंक के इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्विस फ्रैंक के मूल्य में आने वाले अचानक और अत्यधिक उछाल पर लगाम लगाना था। उस ऐतिहासिक हस्तक्षेप के बाद से, एक सुस्थापित सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में स्विस फ्रैंक का आकर्षण स्पष्ट रूप से घटा है। जी10 मुद्राओं में कमजोर प्रदर्शन और मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण युद्ध की शुरुआत से गणना की जाए, तो प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं के समूह यानी जी10 की मुद्राओं में स्विस फ्रैंक का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। यह स्वीडिश क्रोना के बाद जी10 समूह में दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन चुका है। आमतौर पर जब दुनिया भर में तनाव फैलता है, तब निवेशक सुरक्षा की तलाश में फ्रैंक खरीदते हैं, लेकिन इस बार गतिशीलता अलग साबित हुई है। एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि न तो स्वीडन का केंद्रीय बैंक रिक्सबैंक और न ही स्विस नेशनल बैंक इस समय चिपचिपी या अनियंत्रित मुद्रास्फीति के दबाव को लेकर किसी प्रकार की गंभीर चिंता में हैं। मूल्य स्थिरता को लेकर बना यह इत्मीनान नीतिगत दरों पर सीधा प्रभाव डाल रहा है। फंडिंग करेंसी बनने की संभावना और ब्याज दरों का समीकरण अन्य जी10 केंद्रीय बैंकों के विपरीत, जहां दरों को लेकर सख्ती या सतर्कता देखी जा रही है, वित्तीय बाजार चालू वर्ष के दौरान स्विस नेशनल बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी की बहुत कम संभावना देख रहा है। इस समय स्विस नेशनल बैंक की नीतिगत ब्याज दर शून्य पर टिकी हुई है। शून्य प्रतिशत की इस ब्याज दर संरचना ने बाजार में यह संभावना पैदा कर दी है कि स्विस फ्रैंक अब एक फंडिंग करेंसी का दर्जा अपना सकता है। फंडिंग करेंसी वह मुद्रा होती है जिसमें कम ब्याज दरों की वजह से निवेशक सस्ते में उधार लेते हैं और उस पूंजी को अधिक प्रतिफल देने वाली संपत्तियों में निवेश करते हैं। राजनीतिक अनिश्चितताएं और अचानक उछाल का जोखिम हालांकि, स्विस फ्रैंक को पूरी तरह से फंडिंग करेंसी मानकर दांव लगाने वाले निवेशकों को एक बड़े खतरे का सामना करना पड़ सकता है। यदि वैश्विक वित्तीय बाजारों में चिंताएं या घबराहट दोबारा बढ़ती है, तो स्विस फ्रैंक में अचानक लॉन्ग पोजीशन की बाढ़ आ सकती है। यूरोप में अगले साल होने वाले फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव और उसमें सुदूर दक्षिणपंथी खेमे की संभावित जीत का परिदृश्य एक ऐसा राजनीतिक जोखिम है जिसे लेकर बाजार के कई प्रतिभागी बेहद सतर्क हैं। यदि यूरोप में राजनीतिक उथल-पुथल शुरू होती है, तो फ्रैंक में अचानक उछाल देखने को मिल सकता है, जो कैरी ट्रेड करने वालों के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता है। एशियाई कारोबारी सत्र में प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों की स्थिति मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अन्य प्रमुख संपत्तियों में भी स्पष्ट हलचल देखने को मिली। मुद्रा युग्म एयूडी/यूएसडी 0.7150 के नीचे कमजोर बना रहा, जो कि पिछले कारोबारी दिन दर्ज किए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के बेहद करीब है। एफओएमसी बैठक से पहले अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बहु-वर्षीय उच्च स्तर के निकट बने रहने और तेल की कीमतों से जुड़े मुद्रास्फीति जोखिमों ने अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बढ़ा। इसके अलावा, अगस्त माह के लिए चीन के मिले-जुले आर्थिक गतिविधि आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई सकारात्मक दिशा देने में असमर्थता दिखाई। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन यानी यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी मंगलवार की सुबह 155.00 के स्तर की ओर तेजी से बढ़ती नजर आई। निवेशक इस सप्ताह आयोजित होने वाली एफओएमसी और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठकों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि के दांव और तेल प्रेरित मुद्रास्फीति के कारण अमेरिकी प्रतिफल मजबूत है, जिससे इस जोड़ी को समर्थन मिला है। इसके बावजूद, बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति सामान्यीकरण के आक्रामक रुख की संभावना जापानी येन को मजबूती दे सकती है, जिससे यूएसडी/जेपीवाई की बढ़त सीमित रहने के आसार हैं। कमोडिटी बाजार में, सोने की कीमतें अपने एशियाई सत्र के मामूली सुधार को बनाए रखने के लिए संघर्ष करती नजर आईं और यह पीली धातु पिछले दिन छुए गए एक महीने के निचले स्तर के करीब बनी रही। दो दिवसीय महत्वपूर्ण एफओएमसी नीतिगत बैठक के शुरू होने से पहले व्यापारियों द्वारा सतर्क रुख अपनाने के कारण सोना 4,300 डॉलर के स्तर के ठीक नीचे कारोबार कर रहा था। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में स्विस फ्रैंक की ब्याज दर और प्रवाह गतिशीलता अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों और निवेशकों की पूंजी रणनीतियों को सीधे प्रभावित कर रही है। • मुद्रा निवेशकों के लिए: कम ब्याज दर की वजह से स्विस फ्रैंक अब अन्य मुद्राओं में निवेश के लिए उधार लेने का सस्ता विकल्प बन रहा है। यदि बाजार में राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ती है, तो अचानक आने वाला उछाल कैरी ट्रेड में लगे निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। • वैश्विक जिंस खरीदारों के लिए: सोने की कीमतों में 4,300 डॉलर के नीचे नरमी जारी रहने से सुरक्षित निवेश के विकल्प प्रभावित हो रहे हैं। केंद्रीय बैंकों की आगामी बैठकों के नतीजों के बाद ही सोने और अन्य धातुओं की कीमतों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। • विदेशी मुद्रा कारोबारियों के लिए: यूएसडी/जेपीवाई के 155.00 और एयूडी/यूएसडी के 0.7150 के नीचे रहने से डॉलर का दबदबा कायम है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी जारी रहने तक एशियाई मुद्राओं पर दबाव की स्थिति बरकरार रह सकती है। • वैश्विक आर्थिक नीति के संदर्भ में: स्विस नेशनल बैंक की शून्य दर नीति इसे अन्य पश्चिमी केंद्रीय बैंकों से अलग खड़ा करती है। यह नीतिगत अंतर उन कंपनियों के लिए वित्तीय लागत बदल सकता है जो यूरोपीय बाजार में सक्रिय हैं। ऐसा क्यों हुआ मार्च 2026 में हुए आधिकारिक बाजार हस्तक्षेप और शून्य ब्याज दर नीति के कारण स्विस फ्रैंक की पारंपरिक सेफ हेवन प्रकृति में संरचनात्मक बदलाव देखने को मिला है। • केंद्रीय बैंक का सीधा हस्तक्षेप: मार्च 2026 में ईरान युद्ध के आगाज के समय स्विस नेशनल बैंक ने फ्रैंक में होने वाले भारी प्रवाह को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में कदम उठाया था। इस प्रत्यक्ष कार्रवाई ने मुद्रा के अनियंत्रित मूल्य विस्तार को तुरंत रोक दिया और इसके बाद से इसका सेफ हेवन आकर्षण घट गया। • मुद्रास्फीति दबाव की अनुपस्थिति: स्वीडन के रिक्सबैंक की तरह ही स्विस नेशनल बैंक को भी किसी प्रकार की गंभीर या चिपचिपी महंगाई का भय नहीं है। मूल्य स्थिरता के इस माहौल के चलते बैंक पर ब्याज दरें बढ़ाने का कोई मौद्रिक दबाव नहीं बन रहा है। • शून्य ब्याज दर और नीतिगत ठहराव: स्विस नेशनल बैंक की नीतिगत दर वर्तमान में शून्य पर है और बाजार को इस वर्ष किसी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है। इस शून्य दर ने निवेशकों को इसे सस्ती फंडिंग मुद्रा के रूप में इस्तेमाल करने की प्रेरणा दी है। सवाल-जवाब 1. स्विस नेशनल बैंक ने मार्च 2026 में मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप क्यों किया था? ईरान युद्ध की शुरुआत के करीब स्विस फ्रैंक में होने वाले भारी सेफ हेवन निवेश प्रवाह और मुद्रा के अत्यधिक मूल्य उछाल को रोकने के लिए बैंक ने हस्तक्षेप किया था। 2. जी10 मुद्राओं में स्विस फ्रैंक का हालिया प्रदर्शन कैसा रहा है? युद्ध की शुरुआत के बाद से स्विस फ्रैंक जी10 मुद्राओं में स्वीडिश क्रोना के बाद दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रहा है। 3. क्या स्विस नेशनल बैंक इस वर्ष ब्याज दरें बढ़ा सकता है? वित्तीय बाजार चालू वर्ष में स्विस नेशनल बैंक द्वारा किसी भी नीतिगत दर वृद्धि की बहुत कम संभावना देख रहा है, क्योंकि नीतिगत दर अभी शून्य पर है। 4. स्विस फ्रैंक के लिए सबसे बड़ा आगामी जोखिम क्या माना जा रहा है? अगले साल होने वाले फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव और सुदूर दक्षिणपंथ की संभावित जीत से बाजार में चिंता बढ़ सकती है, जिससे फ्रैंक में फिर अचानक उछाल आ सकता है। 5. मंगलवार को एशियाई सत्र में सोने की क्या स्थिति रही? सोना एशियाई कारोबारी सत्र में संघर्ष करते हुए 4,300 डॉलर के स्तर से ठीक नीचे कारोबार कर रहा था, जो कि पिछले दिन के एक महीने के निचले स्तर के करीब है। https://trendkia.com/market/swiss-franc-ki-dohari-bhumika-phndinga-karensi-ki-snbhavana-ke-bicha-sepha-hevana-darje-para-bana-snshaya-33943 TrendKia — Har trend, sabse pehle.