# स्विस फ्रैंक की दोहरी भूमिका: सुरक्षित निवेश की ताकत और फंडिंग करेंसी की उलझन के बीच फंसे वैश्विक बाजार

> कम मुद्रास्फीति और शून्य नीतिगत दर के चलते स्विस फ्रैंक सुरक्षित निवेश और सस्ती फंडिंग करेंसी के दोहरे दबाव में है, जबकि यूरोपीय राजकोषीय चिंताओं के बीच दिसंबर में ब्याज दर वृद्धि की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/swiss-franc-ki-dohari-bhumika-surakshita-nivesha-ki-takata-aura-phndinga-karensi-ki-ulajhana-ke-bicha-phnse-vaishvika-bajara-44751 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्विस फ्रैंक, मुद्रा बाजार, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा, ब्याज दरें, यूरोपीय सेंट्रल बैंक, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में स्विस फ्रैंक एक ऐतिहासिक और पारंपरिक सुरक्षित निवेश यानी सेफ हेवन मुद्रा के रूप में पहचाना जाता है। स्विट्जरलैंड की आर्थिक बुनियाद और पारंपरिक साख किसी भी वित्तीय संकट के दौर में निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाने की भूमिका बखूबी निभाती रही है। इसके बावजूद वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक्स के वर्तमान परिदृश्य में फ्रैंक की यह स्थापित सेफ हेवन पहचान और सस्ती फंडिंग करेंसी के तौर पर इसका उपयोग एक-दूसरे के विपरीत दिशा में काम करते नजर आ रहे हैं। इस विरोधाभास ने विदेशी मुद्रा विनिमय और डेरिवेटिव्स बाजार में रणनीतिकारों और निवेशकों के सामने जटिल समीकरण खड़े कर दिए हैं।

## कम मुद्रास्फीति और स्विस नेशनल बैंक की शून्य नीति दर
स्विट्जरलैंड की साख एक अचूक सुरक्षित आश्रय की होने के बाद भी वहां की आंतरिक मुद्रास्फीति तुलनात्मक रूप से बेहद निचले स्तर पर बनी हुई है। इस कम महंगाई के माहौल में स्विस नेशनल बैंक यानी एसएनबी की मुख्य नीतिगत ब्याज दर शून्य के स्तर पर टिकी हुई है। जब किसी सुरक्षित अर्थव्यवस्था में ब्याज दरें शून्य हों, तो अंतरराष्ट्रीय निवेशक अक्सर उस मुद्रा को सस्ती लागत पर उधार लेकर ज्यादा रिटर्न देने वाली अन्य वैश्विक संपत्तियों में लगाने यानी कैरी ट्रेड या फंडिंग करेंसी के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। यही प्रवृत्ति कई बार स्विस फ्रैंक के मूल सेफ हेवन चरित्र के साथ सीधे टकराव की स्थिति पैदा कर देती है, क्योंकि सुरक्षित आश्रय की मांग जहां मुद्रा को मजबूती देती है, वहीं फंडिंग उपयोग इसे दबाव में ला सकता है।

## दिसंबर बैठक में ब्याज दर वृद्धि की अटकलें और यूरो क्षेत्र का राजकोषीय तनाव
वित्तीय बाजारों में कुछ हलकों के भीतर यह चर्चा भी देखने को मिली है कि स्विस नेशनल बैंक अपनी आगामी दिसंबर नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकता है। हालांकि, बाजार की व्यापक आम सहमति इस संभावित दर वृद्धि को फिलहाल अत्यधिक असंभावित मानकर चल रही है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि यूरो क्षेत्र में गहराते राजकोषीय तनाव और बजटीय चिंताओं ने स्विस फ्रैंक की सेफ हेवन मांग को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दिया है। ऐसे हालात में अगर एसएनबी अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी का कदम उठाता है, तो इससे स्विस फ्रैंक में अत्यधिक तेजी आ सकती है, जो स्विट्जरलैंड की निर्यात-उन्मुख अर्थव्यवस्था के हितों के अनुकूल नहीं होगी।

## डॉलर इंडेक्स में मजबूती और प्रमुख फॉरेक्स जोड़ों पर दबाव
वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के इस दौर में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नई तेजी ने अमेरिकी डॉलर की मांग को मजबूत समर्थन दिया है। इस नए उछाल के चलते बॉन्ड यील्ड में तेजी आने के बाद निचले स्तरों पर डॉलर की खरीदारी तेज हुई है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी AUD/USD जोड़ी हालिया सुधार को आगे बढ़ाने में संघर्ष करती नजर आई और बुधवार के एशियाई सत्र में 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे नकारात्मक पूर्वाग्रह के साथ कारोबार करती दिखी। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA से जुड़ी आक्रामक नीतिगत अपेक्षाओं के बावजूद अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख ने इस जोड़ी को लगातार दबाव में बनाए रखा, जबकि बाजार प्रतिभागी आगे के मार्गदर्शन के लिए FOMC कार्यवृत्त का इंतजार कर रहे हैं।

इसी प्रकार जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी USD/JPY बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में लगभग डेढ़ सप्ताह के उच्च स्तर 158.50 के करीब टिका रहा। बाजार में तेजी की उम्मीद लगाए खरीदार अब FOMC मिनट्स के प्रकाशन से पहले 200-दिवसीय एसएमए के तकनीकी अवरोध को पार करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बैंक ऑफ जापान यानी BoJ की ओर से आए नरम नीतिगत बयानों और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में आई तेजी ने डॉलर की खरीदारी को फिर से बढ़ावा दिया है, जिससे इस जोड़ी में बढ़त का दायरा सुरक्षित बना हुआ है।

## स्विस फ्रैंक का तकनीकी ढांचा और प्रमुख स्तर
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक यानी USD/CHF के ताजा तकनीकी आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार में यह जोड़ी 0.8335 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो कि पिछले बंद भाव 0.8311 की तुलना में 0.28 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस विनिमय दर का दायरा 0.7629 से 0.8382 के बीच दर्ज किया गया है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना स्तर पर सामान्य बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 66 के स्तर पर मौजूद है, जो मजबूती की ओर इशारा करता है। वहीं एमएसीडी 0.01 पर सिग्नल लाइन 0.01 के समानांतर सकारात्मक तेजी के संकेत दे रहा है। मूविंग एवरेज संरचना में 20-दिवसीय ईएमए 0.8254, 50-दिवसीय ईएमए 0.8175 और 200-दिवसीय ईएमए 0.8026 पर स्थित है, जिसमें 50-दिवसीय ईएमए द्वारा 200-दिवसीय ईएमए को ऊपर की ओर पार करने वाला गोल्डन क्रॉस दीर्घकालिक अपट्रेंड की पुष्टि करता है। बॉलिंजर बैंड्स 0.8108 से 0.8390 के दायरे में फैले हैं, जबकि 14-दिवसीय एडीएक्स 29 के मजबूत ट्रेंडिंग स्तर पर है और स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 76 व सिग्नल लाइन 64 पर स्थित है। तकनीकी स्तरों के लिहाज से दैनिक धुरी बिंदु 0.8327 पर है, जिसके ऊपर पहला प्रतिरोध R1 0.8347 और दूसरा प्रतिरोध R2 0.8359 पर है, जबकि नीचे की ओर पहला समर्थन S1 0.8314 और दूसरा समर्थन S2 0.8294 पर देखा जा रहा है।

## कीमती धातुओं में मुनाफावसूली और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल
मुद्रा बाजार के समानांतर अन्य परिसंपत्ति वर्गों में भी डॉलर की मजबूती का सीधा असर देखा गया। सोने ने मंगलवार को दर्ज की गई अपनी ठोस बढ़त को गंवा दिया और बुधवार को प्रमुख 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के निशान से ठीक ऊपर के स्तरों की ओर पीछे हट गया। कीमती धातु में आई यह तेज गिरावट समूचे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कर्व में आए उछाल और डॉलर की मजबूती के साथ समानांतर रूप से घटित हुई। डिजिटल परिसंपत्तियों की दुनिया में बिटकॉइन 87,200 डॉलर के पास आपूर्ति और बिकवाली दबाव का सामना करने के बाद सुधारात्मक दौर में फिसल गया। इसी कड़ी में अन्य ऑल्टकॉइन भी सामान्य सुधारात्मक रुझान में रहे, जहां इथेरियम 2,600 डॉलर के अगले प्रमुख समर्थन क्षेत्र की ओर कमजोर हुआ और रिपल 1.45 डॉलर के मांग क्षेत्र के पास अपनी गिरावट का विस्तार करता दिखाई दिया।

## यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने असाधारण नीतिगत दुविधा
यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ईसीबी के सामने भी परिस्थितियां काफी उलझी हुई हैं। सामान्य आर्थिक परिस्थितियों में जब मुद्रास्फीति अपने तय लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से दौड़ रही हो, तो केंद्रीय बैंक के पास ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी करने का सीधा और सपाट रास्ता होता है। परंतु वर्तमान माहौल सामान्य नहीं है। इस समय बॉन्ड बाजार खुद बॉन्ड यील्ड बढ़ाकर वित्तीय स्थितियों को कड़ा करने का एक बड़ा हिस्सा पहले ही पूरा कर रहा है। इस अनूठी स्थिति ने नीति निर्माताओं को एक बेहद कठिन दुविधा के सामने खड़ा कर दिया है, जहां अतिरिक्त नीतिगत सख्ती आर्थिक स्थिरता पर भारी पड़ सकती है।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजारों में स्विस फ्रैंक और अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ता है।

- **भारतीय आयातकों और कंपनियों पर:** मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के कारण विदेशी कर्ज और आयात बिल महंगे हो सकते हैं। आयात पर निर्भर भारतीय व्यवसायों को अपनी मुद्रा हेजिंग रणनीतियों की तुरंत समीक्षा करनी चाहिए।
- **वैश्विक वित्तीय निवेशकों के लिए:** स्विस फ्रैंक की शून्य ब्याज दर और यूरो क्षेत्र के राजकोषीय तनाव से हेजिंग लागत में बदलाव आ रहा है। विदेशी परिसंपत्तियों में निवेश करने वाले ट्रेडर्स को सुरक्षित संपत्तियों और यील्ड के बीच संतुलन साधना होगा।
- **सोने और डिजिटल परिसंपत्ति धारकों पर:** अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में उछाल से सोने और प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में अल्पकालिक मुनाफावसूली बढ़ गई है। लंबी अवधि के निवेशकों को तकनीकी समर्थन स्तरों के पास ही नए प्रवेश की योजना बनानी चाहिए।
- **विदेशी यात्रियों और छात्रों के लिए:** यूरोपीय और वैश्विक मुद्राओं में अस्थिरता के चलते विदेशी मुद्रा कार्ड और ट्यूशन फीस रूपांतरण दरें प्रभावित हो सकती हैं। यूरोप या अमेरिका जाने वाले छात्रों को विनिमय दरों पर निरंतर नजर रखनी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
स्विट्जरलैंड की कम मुद्रास्फीति और शून्य ब्याज दर के कारण स्विस फ्रैंक को सुरक्षित निवेश के साथ-साथ सस्ती फंडिंग करेंसी के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बाजार में नीतिगत टकराव बना हुआ है।

- **कम आंतरिक मुद्रास्फीति और शून्य दर:** स्विट्जरलैंड में उपभोक्ता महंगाई दर अत्यंत नियंत्रित स्तर पर है, जिसके चलते केंद्रीय बैंक ने मुख्य नीति दर को शून्य पर बनाए रखा है। यही स्थिति इसे वैश्विक स्तर पर सस्ती फंडिंग मुद्रा बनाती है।
- **यूरो क्षेत्र में राजकोषीय चिंताएं:** यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में बजटीय और राजकोषीय तनाव के कारण निवेशक अपनी पूंजी बचाने के लिए स्विस फ्रैंक की शरण ले रहे हैं। इस अनियंत्रित सुरक्षित मांग के डर से केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदें नगण्य हो गई हैं।
- **अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल:** अमेरिका में बॉन्ड यील्ड के नए सिरे से बढ़ने और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने वैश्विक स्तर पर डॉलर की मांग बढ़ा दी है। इस घटनाक्रम ने सोने, क्रिप्टोकरेंसी और प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ियों पर गहरा दबाव बना दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. स्विस फ्रैंक को सेफ हेवन मुद्रा क्यों माना जाता है?
स्विट्जरलैंड की मजबूत आर्थिक बुनियाद, स्थिर राजनीतिक माहौल और पारंपरिक विश्वसनीयता के कारण संकट के समय इसे सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है।

### 2. क्या स्विस नेशनल बैंक दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाएगा?
बाजार की व्यापक आम सहमति के अनुसार इसकी संभावना बेहद कम है, क्योंकि यूरो क्षेत्र के राजकोषीय तनाव के बीच दरें बढ़ाने से फ्रैंक अत्यधिक मजबूत हो सकता है।

### 3. वर्तमान में स्विस नेशनल बैंक की मुख्य नीतिगत ब्याज दर क्या है?
स्विट्जरलैंड में कम मुद्रास्फीति के कारण केंद्रीय बैंक की मुख्य नीतिगत दर शून्य के स्तर पर टिकी हुई है।

### 4. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी का अन्य परिसंपत्तियों पर क्या असर पड़ा?
बॉन्ड यील्ड बढ़ने से डॉलर मजबूत हुआ, जिसके चलते सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के पास फिसला और बिटकॉइन में 87,200 डॉलर के स्तर पर बिकवाली देखी गई।

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