# स्विस नेशनल बैंक 0% पर रोक सकता है ब्याज दरें, वैश्विक मुद्रा बाजारों में मिलाजुला रुख

> स्विट्जरलैंड में धीमी महंगाई और मजबूत आर्थिक वृद्धि के बीच नीतिगत दर शून्य प्रतिशत पर स्थिर रहने के आसार हैं। दूसरी ओर बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दर बढ़ाकर 1.25% कर दी है और सोना 4,370 डॉलर के करीब मजबूती बनाए हुए है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/swiss-national-bank-0-para-roka-sakata-hai-byaja-daren-vaishvika-mudra-bajaron-men-milajula-rukha-33373 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्विस नेशनल बैंक, ब्याज दर, बैंक ऑफ जापान, सोना, विदेशी मुद्रा बाजार, स्विस फ्रैंक, ग्लोबल इकोनॉमी

स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीति बैठक को लेकर वित्तीय बाजारों में व्यापक स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं। अर्थशास्त्री शार्लोट डी मोंटपेलियर के अनुसार, स्विस नेशनल बैंक आने वाले गुरुवार को और उसके बाद की तिमाहियों में अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को 0% पर यथावत रख सकता है। देश की आर्थिक वृद्धि दर ने हालिया दौर में सकारात्मक रूप से चौंकाया है, लेकिन घरेलू स्तर पर महंगाई का दबाव बेहद सीमित बना हुआ है। बेहतर सकल घरेलू उत्पाद और स्विस फ्रैंक में हल्की नरमी के बावजूद मुद्रास्फीति का कोई गंभीर खतरा पैदा नहीं हुआ है, जिससे बैंक को अपनी उदार मौद्रिक नीति को सुचारू रूप से जारी रखने की पूरी गुंजाइश मिलती है।

## स्विस मौद्रिक नीति में बदलाव की संभावना बेहद कम
मौजूदा आर्थिक आंकड़ों पर गौर करें तो ऐसा कोई बड़ा कारक नजर नहीं आता जो केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में तत्काल बदलाव करने पर विवश करे। उम्मीद जताई जा रही है कि गुरुवार की बैठक में 0% की दर बरकरार रहेगी और आने वाली तिमाहियों में भी इसमें किसी फेरबदल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, विशेषकर यदि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में संभावित गिरावट देखने को मिलती है। स्विस नेशनल बैंक विश्व के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के मुकाबले अलग नजर आ रहा है क्योंकि वह अपेक्षाकृत काफी अधिक उदार मौद्रिक नीति रुख बनाए रखने की स्थिति में है। स्विट्जरलैंड का घरेलू महंगाई परिदृश्य असामान्य रूप से शांत है, जिसका एक बड़ा श्रेय देश की मजबूत मुद्रा को जाता है जो आयातित महंगाई को नियंत्रित रखने में सहायक साबित हुई है।

## विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप और फ्रैंक की चाल
स्विस नेशनल बैंक द्वारा ब्याज दर को 0% पर रखने के साथ-साथ विदेशी मुद्रा बाजार में अपने लक्षित हस्तक्षेप दृष्टिकोण को भी बरकरार रखने की रूपरेखा दिखाई दे रही है। जब तक घरेलू महंगाई नियंत्रण में बनी रहती है और स्विस फ्रैंक अत्यधिक मजबूत हुए बिना अपनी मजबूती कायम रखता है, तब तक केंद्रीय बैंक अधिकांश अन्य वैश्विक नीति निर्माताओं की तुलना में कहीं अधिक उदार रुख अपना सकता है। घरेलू मुद्रा का संतुलित स्तर स्विट्जरलैंड के निर्यातकों और व्यापक अर्थव्यवस्था दोनों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य कर रहा है, जिससे नीतिगत सख्ती का दबाव पूरी तरह टल गया है।

## जापान में नीतिगत दर 1.25% हुई, लेकिन येन पर दबाव
एशियाई बाजारों से जुड़े दूसरे प्रमुख घटनाक्रम में बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। यह नीतिगत निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले कई हफ्तों से बाजार विश्लेषकों के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप था। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा ने स्पष्ट किया कि नीति का चरण अब पूरी तरह बदल चुका है। हालांकि दर वृद्धि के पक्ष में फैसला होने और गवर्नर के सख्त बयानों के बावजूद जापानी येन में कमजोरी दर्ज की गई। शुक्रवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान डॉलर के मुकाबले येन गिरकर दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया और 158.00 के करीब पहुंच गया, क्योंकि नीतिगत बैठक में दर वृद्धि के खिलाफ पड़े दो आश्चर्यजनक असहमति भरे वोटों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

## ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती और अमेरिकी डॉलर का रुख
विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर के बीच का समीकरण लगातार दूसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के पक्ष में झुका रहा। एशियाई सत्र में शुक्रवार को यह जोड़ी 0.7100 के स्तर से ऊपर बनी रही। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में आई नरमी ने डॉलर में लिवाली को थामे रखा। इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने ब्याज दर में और वृद्धि की संभावनाओं को हवा दी, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूत समर्थन मिला। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त दृष्टिकोण और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने डॉलर में ज्यादा बड़ी गिरावट नहीं आने दी और इस मुद्रा जोड़ी की बढ़त को एक सीमित दायरे में बांधे रखा।

## सोने में चमक बरकरार, 4,370 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार
सप्ताह के उत्तरार्ध में बहुमूल्य धातुओं के बाजार में उत्साहजनक माहौल बना रहा। शुक्रवार को सोने में अच्छी तेजी देखने को मिली और यह लगभग 4,370 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में कारोबार करता दिखा। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने पीली धातु को अतिरिक्त गति प्रदान की। इस तेजी के चलते सोना अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई मजबूती और अमेरिकी डॉलर के ऊपरी स्तरों को नजरअंदाज करते हुए बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों और विभिन्न केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग नीतिगत फैसलों के बीच अपनी पूंजी का पुनर्संतुलन करते नजर आ रहे हैं।

## इसका आप पर असर
वैश्विक केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग ब्याज दर निर्णयों और मुद्रा चाल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, यात्रा और निवेश पोर्टफोलियो पर पड़ता है।

- **मुद्रा विनिमय और विदेशी यात्रा:** विदेशों में रहने या यात्रा करने वालों के लिए मुद्राओं के उतार-चढ़ाव पर नजर रखना जरूरी है। डॉलर और येन की चाल से यात्रा और विदेशों में शिक्षा के खर्च पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
- **सोने में निवेश:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,370 डॉलर पर टिके रहने से घरेलू स्तर पर भी आभूषण और गोल्ड फंड स्थिर बने रह सकते हैं। खुदरा खरीदारों और लंबी अवधि के निवेशकों को मूल्य स्तर देखकर ही खरीदारी की योजना बनानी चाहिए।
- **आयात-निर्यात कारोबार:** मजबूत स्विस फ्रैंक और कच्चे तेल की गिरती कीमतें वैश्विक व्यापार लागत को प्रभावित करती हैं। आयातकों को इनपुट लागत में राहत मिल सकती है जबकि निर्यातकों को विनिमय दरों की हेजिंग करनी होगी।
- **ब्याज दरों का रुझान:** केंद्रीय बैंकों की अलग-अलग रणनीतियां यह दर्शाती हैं कि वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नरमी तुरंत शुरू नहीं हो रही है। निवेशकों को अपने डेट और इक्विटी आवंटन को वैश्विक बॉन्ड यील्ड के अनुसार समायोजित रखना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
स्विट्जरलैंड और जापान के केंद्रीय बैंकों के विपरीत कदमों के पीछे घरेलू मुद्रास्फीति और आर्थिक गतिशीलता के बिल्कुल अलग-अलग हालात जिम्मेदार हैं।

- **स्विट्जरलैंड में नरम महंगाई:** मजबूत स्विस फ्रैंक ने आयातित वस्तुओं की कीमतों को बढ़ने नहीं दिया जिससे घरेलू मुद्रास्फीति बेहद कम बनी हुई है। इस अनुकूल वातावरण के कारण स्विस नेशनल बैंक को मजबूत विकास दर के बावजूद दरें बढ़ाने की कोई जल्दी नहीं है।
- **जापान में नीतिगत बदलाव:** बैंक ऑफ जापान ने लंबे समय से चले आ रहे शून्य या नकारात्मक दर के दौर से बाहर निकलने के लिए दर को 1.25% तक बढ़ाया। देश में आर्थिक सामान्यीकरण की प्रक्रिया जारी रखने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक माना गया।
- **बैंक ऑफ जापान में आंतरिक मतभेद:** नीतिगत फैसले में दो सदस्यों के विरोध ने यह संकेत दिया कि अर्थव्यवस्था में दर वृद्धि को लेकर आम सहमति पूरी तरह मजबूत नहीं थी। इसी असहमति के कारण दर बढ़ने के बावजूद जापानी येन में डॉलर के मुकाबले गिरावट आई।

## सवाल-जवाब

### 1. स्विस नेशनल बैंक अपनी नीतिगत ब्याज दर को किस स्तर पर रख सकता है?
स्विस नेशनल बैंक के अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को 0% पर बरकरार रखने की पूरी संभावना जताई गई है।

### 2. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है।

### 3. दर वृद्धि के बाद भी जापानी येन में गिरावट क्यों आई?
नीतिगत बैठक में दर वृद्धि के खिलाफ पड़े दो अप्रत्याशित असहमति वोटों के कारण जापानी येन डॉलर के मुकाबले फिसलकर 158.00 के करीब आ गया।

### 4. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की क्या स्थिति है?
सोने में बढ़त का रुख जारी है और यह कच्चे तेल में गिरावट के सहारे 4,370 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।

### 5. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती की मुख्य वजह क्या रही?
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को 0.7100 से ऊपर बनाए रखा।

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