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  "type": "article",
  "title": "स्विस नेशनल बैंक ने ब्याज दरें शून्य पर बरकरार रखीं, मुद्रा हस्तक्षेप के रुख में किया बदलाव",
  "summary": "स्विस नेशनल बैंक ने नीतिगत दरों को शून्य प्रतिशत पर स्थिर रखते हुए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के रुख को हल्का किया है, जिसके बाद यूरो के मुकाबले फ्रैंक में गिरावट देखी गई।",
  "content": "केंद्रीय बैंकों के ताजा फैसलों और बड़े वैश्विक घटनाक्रमों के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में हलचल तेज हो गई है। स्विस नेशनल बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को बिना किसी बदलाव के 0.0 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला किया है। केंद्रीय बैंक ने वर्तमान मौद्रिक नीति को परिस्थितियों के अनुकूल माना है, लेकिन अपने आधिकारिक बयान में विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप से जुड़ी भाषा में उल्लेखनीय संशोधन किया है। पहले बैंक ने बाजार में दखल देने की बढ़ी हुई तत्परता का जिक्र किया था, जिसे बदलकर अब आवश्यकता पड़ने पर विदेशी मुद्रा बाजार में सक्रिय रहने की इच्छा के रूप में पेश किया गया है। भाषा में इस नरमी के बाद यूरो के मुकाबले स्विस फ्रैंक की विनिमय दर में 0.3 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।\n\nविदेशी मुद्रा नीति में सूक्ष्म बदलाव और स्विस फ्रैंक की स्थिति\nस्विस नेशनल बैंक की भाषा में बदलाव को मुद्रा बाजार के विश्लेषक काफी अहम मान रहे हैं। यूरो बनाम स्विस फ्रैंक की जोड़ी में 0.3 प्रतिशत का सुधार देखा गया, जो दिन के कारोबार में तेजी का संकेत देता है। केंद्रीय बैंक द्वारा हस्तक्षेप के सतर्कता स्तर को घटाने का सीधा अर्थ यह निकाला जा रहा है कि स्विस फ्रैंक की लगातार मजबूती और उसके मूल्यांकन में अत्यधिक वृद्धि का जो दौर चल रहा था, वह अब उस स्तर तक पहुंच चुका है जहां केंद्रीय बैंक अपनी आक्रामक मुद्रा से पीछे हट सकता है। जून के बयान में जहां हस्तक्षेप के प्रति बढ़ी हुई तैयारी की बात कही गई थी, वहीं अब आवश्यकतानुसार सक्रिय रहने का सीमित संकेत दिया गया है।\n\nमौद्रिक नीति समीक्षा में स्विस नेशनल बैंक ने अन्य मुख्य बिंदुओं को भी रेखांकित किया है। इसके तहत बैंकों द्वारा स्विस नेशनल बैंक में रखी गई साइट डिपॉजिट्स पर एक निश्चित सीमा तक नीतिगत दर के बराबर प्रतिफल दिया जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2026 के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान को पिछले 0.6 प्रतिशत से थोड़ा बढ़ाकर 0.7 प्रतिशत कर दिया है। बैंक के आकलन के अनुसार स्विट्जरलैंड के आर्थिक परिदृश्य के लिए सबसे बड़ा जोखिम वैश्विक अर्थव्यवस्था के घटनाक्रमों से जुड़ा हुआ है।\n\nबैंक ऑफ जापान ने बढ़ाई ब्याज दरें\nएशियाई बाजारों में भी मौद्रिक सख्ती का बड़ा कदम देखने को मिला। बैंक ऑफ जापान ने अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। यह फैसला नीति निर्माताओं के बीच 7-2 के बहुमत से लिया गया। ब्याज दर में यह वृद्धि मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिसकी उम्मीद बाजार के ज्यादातर प्रतिभागी पिछले कई हफ्तों से पहले से ही कर रहे थे।\n\nइस दर वृद्धि के बाद जापानी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल दर्ज किया गया, जिससे येन को समर्थन मिला और संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों के बीच जापानी मुद्रा में सुधार दिखा। गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से गिरकर 158.00 के करीब आ गया। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त रुख बनाए रखने के दांव और ऊंची अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की बदौलत डॉलर ने रातोंरात दर्ज की गई अपनी दो महीने की बढ़त को काफी हद तक सुरक्षित रखा।\n\nऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में कमजोरी\nगुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.7000 के स्तर की ओर फिसलती नजर आई। इस गिरावट की मुख्य वजह ऑस्ट्रेलिया के अगस्त महीने की नौकरियों की ताजा रिपोर्ट रही। इस रिपोर्ट में बेरोजगारी दर 4.6 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि बाजार को इसके 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान था। हालांकि रोजगार में बदलाव के आंकड़ों ने अनुमानों को पीछे छोड़ दिया और इसमें 39.5 हजार की बढ़ोतरी देखी गई। इसके बावजूद बेरोजगारी दर में आई वृद्धि ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बनाए रखा। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक से पहले कारोबारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।\n\nसोने में सुस्ती और ट्रंप-शी बैठक पर बाजार की नजर\nअंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी दिन नरमी देखी गई। यूरोपीय सत्र के पहले पहर के दौरान पीली धातु 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसलकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार करती रही। कीमती धातुओं के व्यापारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली उच्च स्तरीय मुलाकात के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि इस बैठक से किसी बहुत बड़ी घोषणा की उम्मीदें काफी कम हैं, लेकिन बाजार प्रतिभागी रेयर अर्थ तत्वों, प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रतिबंधों और दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापारिक युद्धविराम को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nअंतरराष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के ब्याज दरों और मुद्रा नीति से जुड़े निर्णयों का सीधा असर वैश्विक पूंजी प्रवाह और आयात-निर्यात लागत पर पड़ता है।\n\n• मुद्रा विनिमय दर: स्विस नेशनल बैंक के हस्तक्षेप घटाने और बैंक ऑफ जापान के दर बढ़ाने से वैश्विक मुद्रा जोड़ियों में अस्थिरता बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय यात्रा या विदेशी निवेश करने वाले लोगों को दरों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।\n• सोने के खरीदार: सोने की कीमतों के 4,300 डॉलर से नीचे आने से खरीदारों को अल्पकालिक राहत मिल सकती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय शिखर बैठक के नतीजों के बाद ही कीमतों की अगली दिशा पूरी तरह तय होगी।\n• वैश्विक व्यापार: अमेरिका और चीन के बीच वार्ता के घटनाक्रम से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और तकनीक उत्पादों की कीमतों पर असर पड़ सकता है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में अनिश्चितता बनी रहेगी।\n• ब्याज दर चक्र: विकसित देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में अलग-अलग दिशाएं अपनाने से विदेशी संस्थागत पूंजी के रुख में फेरबदल हो सकता है। इसका असर उभरते बाजारों की घरेलू ब्याज दरों और बॉन्ड प्रतिफल पर भी पड़ता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nस्विस नेशनल बैंक और बैंक ऑफ जापान के हालिया मौद्रिक कदमों के पीछे घरेलू मुद्रास्फीति, मुद्रा के अत्यधिक मूल्यांकन और नीति को सामान्य बनाने के प्रयास मुख्य कारण हैं।\n\n• हस्तक्षेप की भाषा में बदलाव: स्विस फ्रैंक की लगातार मजबूती और अधिक मूल्यांकन का दौर संतुलित होने लगा था, जिसके कारण केंद्रीय बैंक को अपनी आक्रामक हस्तक्षेप नीति को हल्का करने का आधार मिला।\n• जापान में दरों में वृद्धि: बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के अपने दीर्घकालिक लक्ष्य के तहत ब्याज दरों को 1.25 प्रतिशत किया, जिसे अर्थव्यवस्था में आ रहे सुधारों का समर्थन प्राप्त था।\n• मुद्रास्फीति अनुमान में मामूली बढ़ोतरी: स्विस नेशनल बैंक ने 2026 के लिए महंगाई के अनुमान को 0.6 प्रतिशत से संशोधित कर 0.7 प्रतिशत किया, जिससे मौजूदा ब्याज दर स्तर को जारी रखना उचित समझा गया।\n• व्यापार वार्ता की अनिश्चितता: अमेरिकी और चीनी नेतृत्व की बैठक को लेकर बाजार में स्पष्टता की कमी ने सोने और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी जोखिम-संवेदनशील संपत्तियों पर दबाव बनाया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. स्विस नेशनल बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर कितनी तय की है?\nस्विस नेशनल बैंक ने अपनी मुख्य नीतिगत ब्याज दर को बिना किसी बदलाव के 0.0 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा है।\n\n2. विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप को लेकर केंद्रीय बैंक के बयान में क्या बदलाव आया?\nबैंक ने पहले के 'हस्तक्षेप की बढ़ी हुई तत्परता' वाले वाक्य को बदलकर 'आवश्यकता पड़ने पर विदेशी मुद्रा बाजार में सक्रिय रहने की इच्छा' कर दिया है।\n\n3. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में कितना बदलाव किया है?\nबैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।\n\n4. ऑस्ट्रेलियाई रोजगार रिपोर्ट में बेरोजगारी दर क्या रही?\nऑस्ट्रेलिया की अगस्त रिपोर्ट में बेरोजगारी दर 4.6 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि 39.5 हजार नए रोजगार जुड़े।\n\n5. सोने की कीमतें किस स्तर से नीचे आ गई हैं?\nसोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर होकर 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गईं।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-24",
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    "स्विस नेशनल बैंक",
    "विदेशी मुद्रा",
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