स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें शून्य पर रखीं, वैश्विक मुद्रा बाजार में स्विस फ्रैंक चार महीने के निचले स्तर पर फिसला स्विस नेशनल बैंक ने अपनी प्रमुख ब्याज दर को शून्य प्रतिशत पर स्थिर रखा है, जिसके बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक चार हफ्तों के निचले स्तर 0.8280 तक गिर गया। वैश्विक स्तर पर नीतिगत अंतर और कैरी ट्रेड की मांग बढ़ने से स्विस मुद्रा पर दबाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में स्विस फ्रैंक की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह मुद्रा चार महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। स्विस नेशनल बैंक द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दरों को 0% पर अपरिवर्तित रखने के निर्णय के बाद यह कमजोरी और बढ़ गई। इस घोषणा के तुरंत बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस मुद्रा में बिकवाली देखी गई और USD/CHF शुरुआती गिरावट से उबरते हुए 0.8280 के करीब चार सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। वित्तीय विश्लेषक पहले से ही यह अनुमान लगा रहे थे कि केंद्रीय बैंक अपनी मौजूदा मौद्रिक स्थिति में कोई बड़ा फेरबदल नहीं करेगा। केंद्रीय बैंक का मौद्रिक आकलन और मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण स्विस नेशनल बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा में स्पष्ट किया गया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अगस्त के महीने में महंगाई दर में तेजी आई है। बैंक के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति का स्तर ऊंचा बना रहेगा और यह दबाव वर्ष 2027 में जाकर ही कम होना शुरू होगा। केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2026 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को पहले के 0.6% से बढ़ाकर 0.7% कर दिया है। इसके अलावा, नीतिगत मूल्यांकन में यह व्यवस्था दी गई है कि केंद्रीय बैंक में रखे जाने वाले वाणिज्यिक बैंकों के साइट डिपॉजिट्स पर एक निश्चित सीमा तक नीतिगत दर के बराबर ही प्रतिफल दिया जाएगा। अर्थव्यवस्था की आंतरिक स्थिति पर चर्चा करते हुए केंद्रीय बैंक ने स्वीकार किया कि दूसरी तिमाही के दौरान स्विट्जरलैंड का सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP असाधारण रूप से मजबूत रहा था। हालांकि, बैंक ने यह सतर्कता भी जताई कि अत्यधिक अनिश्चित वैश्विक परिदृश्य और मुद्रास्फीति के ऊंचे दबावों के बीच आगामी तिमाहियों में आर्थिक वृद्धि दर काफी मध्यम रहने की संभावना है। आर्थिक वृद्धि में सुस्ती के इन संकेतों ने निकट भविष्य में मौद्रिक सख्ती या दर वृद्धि की किसी भी संभावना को व्यावहारिक रूप से खारिज कर दिया है। बैंक के अनुसार, स्विस अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा जोखिम वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में होने वाले उतार-चढ़ाव से जुड़ा है। फेडरल रिजर्व और स्विस बैंक की नीतियों में बढ़ता फासला स्विट्जरलैंड की ढीली मौद्रिक नीति के ठीक विपरीत, अमेरिका में हालिया आर्थिक आंकड़ों ने यह उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व को साल खत्म होने से पहले कम से कम एक बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। बुधवार को जारी किए गए शुरुआती अमेरिकी S&P ग्लोबल परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI आंकड़ों से पता चला है कि सितंबर में व्यावसायिक गतिविधियों में पिछले पांच वर्षों की सबसे तेज गति से विस्तार हुआ है। इस अवधि में रोजगार और वेतन में भारी उछाल दर्ज किया गया, जबकि ऊर्जा की ऊंची कीमतों के कारण कंपनियों की इनपुट लागत लगातार बढ़ रही है। स्विस नेशनल बैंक के अध्यक्ष मार्टिन श्लेगल ने भी इस वित्तीय स्थिति का समर्थन किया। मार्टिन श्लेगल ने कहा कि कम ब्याज दरें कैरी ट्रेड के लिए फ्रैंक के आकर्षण को बढ़ाती हैं। वित्तीय बाजार में कैरी ट्रेड एक ऐसी रणनीति है जिसमें निवेशक कम ब्याज दर वाली मुद्रा में कर्ज लेते हैं और उस पैसे को अधिक प्रतिफल देने वाली संपत्तियों या मुद्राओं में निवेश करके दोनों के बीच के ब्याज अंतर से मुनाफा कमाते हैं। अमेरिका और स्विट्जरलैंड के नीतिगत रुख में यह बढ़ता अंतर स्विस फ्रैंक की वैल्यू पर लगातार भारी पड़ रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र में अन्य प्रमुख मुद्राओं और सोने का रुख गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान केवल स्विस फ्रैंक ही नहीं, बल्कि कई अन्य वैश्विक संपत्तियों में भी महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले कमजोर होकर 0.7000 के स्तर की तरफ खिसक गया। इस गिरावट का मुख्य कारण ऑस्ट्रेलिया का अगस्त रोजगार आंकड़ा रहा, जिसके तहत बेरोजगारी दर अनुमानित 4.5% से बढ़कर 4.6% दर्ज की गई, भले ही रोजगार वृद्धि का आंकड़ा उम्मीदों को पछाड़ते हुए 39.5K पर पहुंच गया। बाजार में भाग लेने वाले कारोबारी आने वाली महत्वपूर्ण ट्रंप-शी जिनपिंग बैठक को लेकर भी सतर्क बने हुए हैं। उधर USD/JPY तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से फिसलकर एशियाई सत्र में 158.00 के करीब नुकसान के साथ टिका रहा। जापान में सरकारी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी आने से येन को समर्थन मिला, क्योंकि बाजार में सरकारी हस्तक्षेप का जोखिम बना हुआ है। वहीं अमेरिकी डॉलर ने हॉकिश फेड दांव और बढ़ते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के दम पर दो महीने के उच्चतम स्तर के करीब अपनी मजबूती बरकरार रखी। बैंक ऑफ जापान ने भी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया, जो 7-2 के बहुमत से पारित हुआ और बाजार की अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुरूप रहा। दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली सोने की कीमतें एशियाई सत्र में एक सप्ताह के निचले स्तर के पास स्थिर रहीं। निवेशक इस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली उच्चस्तरीय बैठक के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि इस बैठक से किसी बड़े नीतिगत फैसले की उम्मीदें काफी कम हैं, लेकिन बाजार प्रतिभागी दुर्लभ खनिजों यानी रेयर अर्थ्स, तकनीकी प्रतिबंधों और मौजूदा अमेरिका-चीन संघर्ष विराम समझौते को आगे बढ़ाने से जुड़े किसी भी नए घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। इसका आप पर असर स्विस नेशनल बैंक द्वारा ब्याज दरों को शून्य प्रतिशत पर बनाए रखने और वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में व्यापक असर देखने को मिलेगा। • मुद्रा विनिमय दर: स्विस फ्रैंक में आई इस गिरावट से विदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए डॉलर के मुकाबले फ्रैंक को शॉर्ट करने और कैरी ट्रेड से मुनाफा कमाने के अवसर बढ़ गए हैं। यदि आप विदेश यात्रा या अंतरराष्ट्रीय भुगतान की योजना बना रहे हैं, तो मुद्रा दरों पर नजर बनाए रखना आवश्यक होगा। • आयात और निर्यात: कमजोर स्विस फ्रैंक से स्विट्जरलैंड के निर्यातकों को वैश्विक बाजार में मूल्य लाभ मिलेगा, जिससे वहां के विनिर्माताओं की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। दूसरी ओर, आयातित ऊर्जा और कच्चे तेल की लागत बढ़ने से देश के भीतर घरेलू महंगाई का दबाव बना रहेगा। • वैश्विक केंद्रीय बैंक नीतियां: स्विट्जरलैंड और बैंक ऑफ जापान द्वारा उठाए गए अलग-अलग कदम यह दिखाते हैं कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी घरेलू प्राथमिकताओं के अनुसार नीतियां तय कर रहे हैं। जापान जहां दरें बढ़ा रहा है, वहीं स्विस बैंक के शून्य दर पर टिके रहने से वैश्विक पूंजी प्रवाह प्रभावित हो सकता है। • निवेशक और कमोडिटी बाजार: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित दर वृद्धि और मजबूत डॉलर के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों पर दबाव बना हुआ है। निवेशकों को भू-राजनीतिक वार्ताओं और आगामी नीतिगत निर्णयों से पहले सतर्कता बरतनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ स्विस नेशनल बैंक ने अपनी ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला मुख्य रूप से घरेलू आर्थिक अनिश्चितता और सीमित मुद्रास्फीति दबावों को देखते हुए लिया है। • मध्यम आर्थिक वृद्धि का अनुमान: दूसरी तिमाही में मजबूत सकल घरेलू उत्पाद दर्ज करने के बावजूद, स्विस बैंक का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में आर्थिक विकास दर काफी सुस्त रहेगी। कमजोर विकास की इस आशंका ने नीति निर्माताओं को मौद्रिक सख्ती करने से रोक दिया है। • ऊर्जा कीमतों से प्रेरित महंगाई: अगस्त में कच्चे तेल के ऊंचे दामों की वजह से मुद्रास्फीति में मामूली बढ़ोतरी देखी गई थी। हालांकि, बैंक का अनुमान है कि यह अल्पकालिक दबाव 2027 तक कम हो जाएगा, जिसके कारण तत्काल दर वृद्धि की जरूरत नहीं समझी गई। • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: स्विट्जरलैंड की अर्थव्यवस्था काफी हद तक वैश्विक व्यापार पर निर्भर है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। केंद्रीय बैंक ने माना कि वैश्विक घटनाक्रम ही घरेलू परिदृश्य के लिए सबसे बड़ा जोखिम पैदा कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. स्विस नेशनल बैंक ने ब्याज दरों को किस स्तर पर बरकरार रखा है? स्विस नेशनल बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को 0% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। 2. इस फैसले के बाद स्विस फ्रैंक की विनिमय दर पर क्या प्रभाव पड़ा? इस घोषणा के बाद स्विस फ्रैंक चार महीने के निचले स्तर पर आ गया और USD/CHF बढ़कर 0.8280 के करीब चार सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। 3. स्विट्जरलैंड के लिए मुद्रास्फीति का नया अनुमान क्या है? केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2026 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को 0.6% से संशोधित कर 0.7% कर दिया है। 4. मार्टिन श्लेगल ने कम ब्याज दरों और कैरी ट्रेड के बारे में क्या कहा? मार्टिन श्लेगल ने कहा कि कम ब्याज दरें कैरी ट्रेड के लिए फ्रैंक के आकर्षण को बढ़ाती हैं। 5. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या संशोधन किया है? बैंक ऑफ जापान ने अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। 6. ऑस्ट्रेलिया के हालिया रोजगार आंकड़ों में क्या स्थिति सामने आई? ऑस्ट्रेलिया में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6% हो गई, जबकि रोजगार में 39.5K की बढ़ोतरी दर्ज की गई। https://trendkia.com/market/swiss-national-bank-ne-byaja-daren-shunya-para-rakhin-vaishvika-mudra-bajara-men-swiss-franc-chara-mahine-ke-nichale-stara-para-ph-37864 TrendKia — Har trend, sabse pehle.