# स्विस नेशनल बैंक ने नीतिगत ब्याज दर शून्य प्रतिशत पर रखी बरकरार, मुद्रा बाजार में जरूरत पड़ने पर दखल देने का रुख दोहराया

> स्विस नेशनल बैंक ने अपनी ताजा मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याज दर को 0% पर अपरिवर्तित रखा है। बैंक प्रमुख मार्टिन श्लेगल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई कम रहने के बावजूद वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है और आवश्यकता पड़ने पर नीतिगत बदलाव किए जाएंगे।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/swiss-national-bank-ne-nitigata-byaja-dara-shunya-pratishata-para-rakhi-barakarara-mudra-bajara-men-jarurata-parane-para-dakhala-d-37678 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्विस नेशनल बैंक, मार्टिन श्लेगल, ब्याज दरें, स्विस फ्रैंक, विदेशी मुद्रा बाजार, बैंक ऑफ जापान, वैश्विक अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति

स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक स्विस नेशनल बैंक ने जून मौद्रिक नीति मूल्यांकन के बाद अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को 0 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। केंद्रीय बैंक के चेयरमैन मार्टिन श्लेगल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस निर्णय के पीछे के आर्थिक कारकों की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में स्विट्जरलैंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर 0.8 प्रतिशत के निचले स्तर पर बनी हुई है, लेकिन व्यापक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच केंद्रीय बैंक बाजार की हर गतिविधि पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर अपनी नीतियों में समायोजन करेगा।

## तेल की कीमतों और फ्रैंक की चाल से मुद्रास्फीति के अनुमान
स्विट्जरलैंड में हालिया दौर में महंगाई में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते वस्तुओं के दामों में आया उछाल है। मार्टिन श्लेगल ने रेखांकित किया कि आने वाली तिमाहियों में ऊर्जा क्षेत्र की महंगाई में गिरावट आने की उम्मीद है। हालांकि, केंद्रीय बैंक का मध्यम अवधि का मुद्रास्फीति अनुमान थोड़ा बढ़ गया है। इस वृद्धि का एक बड़ा कारण विदेशी मुद्रा बाजार में स्विस फ्रैंक का कमजोर पड़ना भी है।

दुनिया के अन्य प्रमुख मुद्रा क्षेत्रों और स्विट्जरलैंड के बीच ब्याज दरों के बढ़ते अंतर की वजह से हाल के समय में स्विस फ्रैंक पर दबाव देखने को मिला है। केंद्रीय बैंक के अनुमानों के मुताबिक मुद्रास्फीति चौथी तिमाही में बढ़ेगी और उसके बाद 2027 में इसमें क्रमिक गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके बावजूद समग्र मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान केंद्रीय बैंक के निर्धारित 0 प्रतिशत से 2 प्रतिशत के लक्ष्य दायरे के भीतर ही बना हुआ है। स्विस नेशनल बैंक ने वर्ष 2026 के लिए अपने महंगाई अनुमान को संशोधित कर 0.7 प्रतिशत कर दिया है, जो पिछले अनुमान में 0.6 प्रतिशत था।

## स्विस नेशनल बैंक का दायित्व और विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप
एक स्वायत्त केंद्रीय बैंक के रूप में स्विस नेशनल बैंक का प्राथमिक दायित्व मध्यम और लंबी अवधि में मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करना है। मूल्य स्थिरता के इस लक्ष्य को पाने के लिए बैंक ब्याज दरों के स्तर और विनिमय दरों के तालमेल से उपयुक्त मौद्रिक स्थितियां तैयार करता है। केंद्रीय बैंक की परिभाषा के अनुसार मूल्य स्थिरता का अभिप्राय वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 2 प्रतिशत से कम की वृद्धि होना है।

स्विस नेशनल बैंक का गवर्निंग बोर्ड मूल्य स्थिरता के लक्ष्य के अनुरूप नीतिगत दरों का स्तर तय करता है। जब महंगाई दर निर्धारित लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है या निकट भविष्य में लक्ष्य से अधिक रहने का अंदेशा होता है, तब केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में इजाफा कर कीमतों को नियंत्रित करने का प्रयास करता है। आम तौर पर उच्च ब्याज दरें स्विस फ्रैंक के लिए अनुकूल होती हैं क्योंकि इससे मिलने वाला बेहतर रिटर्न निवेशकों को आकर्षित करता है, जबकि कम ब्याज दरें मुद्रा को कमजोर करती हैं।

स्विट्जरलैंड का निर्यात क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए स्विस फ्रैंक की अत्यधिक मजबूती यहां के निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को नुकसान पहुंचाती है। इसे रोकने के लिए स्विस नेशनल बैंक समय-समय पर विदेशी मुद्रा बाजार में सक्रिय हस्तक्षेप करता रहा है। वर्ष 2011 से 2015 के बीच केंद्रीय बैंक ने फ्रैंक की तेज बढ़त को थामने के लिए यूरो के साथ विनिमय दर की एक सीमा तय की थी। बैंक अपने विशाल विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल करके अमेरिकी डॉलर या यूरो जैसी विदेशी मुद्राएं खरीदता है। हालांकि, ऊर्जा संकट और तीव्र महंगाई के दौर में बैंक बाजार हस्तक्षेप से परहेज करता है, क्योंकि उस समय एक मजबूत फ्रैंक आयातित ऊर्जा लागत को कम रखकर स्विस परिवारों और व्यवसायों को मूल्य झटकों से सुरक्षा देता है। मार्टिन श्लेगल ने दोहराया कि विदेशी मुद्रा बाजार में जरूरत के अनुसार हस्तक्षेप करने की तत्परता अभी भी पूरी तरह कायम है।

## बैंक जमा पर ब्याज और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के जोखिम
स्विस नेशनल बैंक साल में चार बार मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में अपनी त्रैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा आयोजित करता है। इन बैठकों में नीतिगत फैसलों के साथ मध्यम अवधि के मुद्रास्फीति अनुमान सार्वजनिक किए जाते हैं। इस नवीनतम समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक बैंकों द्वारा स्विस नेशनल बैंक के पास रखी जाने वाली साइट डिपॉजिट पर एक तय सीमा तक नीतिगत दर के बराबर ब्याज दिया जाएगा। बैंक ने यह भी रेखांकित किया कि स्विट्जरलैंड के घरेलू आर्थिक परिदृश्य के लिए मुख्य जोखिम वैश्विक अर्थव्यवस्था के उतार-चढ़ाव से जुड़े हुए हैं।

## वैश्विक वित्तीय बाजारों और एशियाई सत्र का हाल
वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों और मुद्राओं में भी उल्लेखनीय हलचल देखने को मिल रही है। बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय 7 के मुकाबले 2 मतों के बहुमत से लिया गया, जो व्यापक बाजार अपेक्षाओं के अनुकूल रहा। जापानी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी और संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों के बीच एशियाई कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले जापानी येन में मजबूती आई, जिससे यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के करीब आ गया। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती के चलते अमेरिकी डॉलर दो महीने के उच्च स्तर के आसपास टिका रहा।

ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 के स्तर की ओर फिसल गया। इसका कारण ऑस्ट्रेलिया के अगस्त माह के रोजगार आंकड़े रहे, जिनमें बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि इसके 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान था। हालांकि इस दौरान रोजगार संख्या में 39,500 की बढ़ोतरी दर्ज की गई जो बाजार अनुमानों से बेहतर थी।

कमोडिटी बाजार में सोने के भाव एशियाई सत्र के दौरान एक सप्ताह के निचले स्तर के पास सीमित दायरे में कारोबार करते दिखे। निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इस द्विपक्षीय बातचीत से किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद कम आंकी जा रही है, फिर भी बाजार की नजर दुर्लभ मृदा खनिजों, प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों और मौजूदा व्यापार समझौते के विस्तार से जुड़े घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।

## इसका आप पर असर
स्विस नेशनल बैंक के दरें स्थिर रखने और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के कदमों से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों और विदेशी निवेश प्रवाह पर सीधा असर पड़ेगा।

- **विदेशी मुद्रा विनिमय:** स्विस फ्रैंक के अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में नरम बने रहने से स्विट्जरलैंड की यात्रा या वहां से आयात करने वालों पर लागत का दबाव सीमित रहेगा। अगर केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप करता है, तो यूरो और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले विनिमय दरों में त्वरित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
- **वैश्विक बॉन्ड यील्ड और कर्ज:** बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने और अमेरिका में ऊंची यील्ड बने रहने से वैश्विक पूंजी लागत बढ़ रही है। इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कॉर्पोरेट और सॉवरेन ऋण जुटाने वाले संस्थानों को अधिक ब्याज चुकाना होगा।
- **निर्यातकों के लिए स्थितियां:** कमजोर या स्थिर स्विस फ्रैंक से स्विस विनिर्माताओं और वैश्विक निर्यातकों की प्रतिस्पर्धी क्षमता को सहारा मिलता है। इसके विपरीत मजबूत अमेरिकी डॉलर एशियाई और उभरते बाजारों की मुद्राओं पर लगातार दबाव बनाए रख सकता है।
- **जिंस और सर्राफा बाजार:** वैश्विक भू-राजनीतिक वार्ताओं और ब्याज दरों के ऊंचे स्तर के चलते सोने की कीमतें सीमित दायरे में बंधी रह सकती हैं। सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर की मजबूती के रुख पर नजर बनाए रखनी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
स्विस नेशनल बैंक ने घरेलू मुद्रास्फीति को नियंत्रण में पाते हुए और विनिमय दर के समीकरणों को संतुलित रखने के उद्देश्य से अपनी नीतिगत ब्याज दर को 0 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है।

- **नियंत्रित घरेलू मुद्रास्फीति:** स्विट्जरलैंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई 0.8 प्रतिशत के निचले स्तर पर बनी हुई है जो केंद्रीय बैंक के 0 से 2 प्रतिशत के लक्ष्य के अनुकूल है। हालांकि तेल की कीमतों से वस्तुओं की महंगाई में थोड़ा उछाल आया है, लेकिन ऊर्जा लागतों में आगे गिरावट आने का अनुमान है।
- **ब्याज दरों का बढ़ता अंतर:** अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरें ऊंची होने के कारण स्विस फ्रैंक पर दबाव बना है और इसमें कमजोरी देखी गई है। इस मुद्रा अवमूल्यन के कारण मध्यम अवधि में आयातित वस्तुओं के दाम बढ़ने का हल्का जोखिम बना हुआ है।
- **निर्यात क्षेत्र की संवेदनशीलता:** एक बहुत मजबूत स्विस फ्रैंक देश के विशाल निर्यात उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धी क्षमता को नुकसान पहुंचाता है। यही कारण है कि केंद्रीय बैंक जरूरत पड़ने पर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने का विकल्प खुला रखता है ताकि फ्रैंक की चाल को नियंत्रित किया जा सके।
- **वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं:** स्विट्जरलैंड के आर्थिक परिदृश्य के लिए सबसे बड़ा खतरा वैश्विक अर्थव्यवस्था में होने वाले घटनाक्रमों से जुड़ा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और अन्य केंद्रीय बैंकों के कड़े कदमों को देखते हुए नीतिगत स्थिरता बनाए रखना अधिक सुरक्षित माना गया।

## सवाल-जवाब

### 1. स्विस नेशनल बैंक ने अपनी प्रमुख ब्याज दर को किस स्तर पर रखा है?
स्विस नेशनल बैंक ने जून की मौद्रिक नीति समीक्षा में अपनी नीतिगत ब्याज दर को 0 प्रतिशत पर अपरिवर्तित बनाए रखा है।

### 2. स्विट्जरलैंड में मौजूदा मुद्रास्फीति दर कितनी दर्ज की गई है?
स्विट्जरलैंड में मौजूदा मुद्रास्फीति दर 0.8 प्रतिशत है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के लिहाज से काफी कम माना गया है।

### 3. स्विस नेशनल बैंक के अनुसार मूल्य स्थिरता की क्या परिभाषा है?
स्विस नेशनल बैंक के अनुसार मूल्य स्थिरता का अर्थ स्विस उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में वार्षिक आधार पर 2 प्रतिशत से कम की वृद्धि होना है।

### 4. केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2026 के लिए महंगाई का क्या अनुमान लगाया है?
केंद्रीय बैंक ने 2026 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को पिछले 0.6 प्रतिशत से संशोधित कर 0.7 प्रतिशत कर दिया है।

### 5. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।

### 6. ऑस्ट्रेलियाई रोजगार बाजार के नवीनतम आंकड़े क्या दर्शाते हैं?
ऑस्ट्रेलिया में अगस्त के दौरान बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई, जबकि रोजगार संख्या में 39,500 का इजाफा हुआ।

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