तकनीक की मजबूती से चमकी एशियाई मुद्राएं, दक्षिण कोरियाई वॉन ने बनाई बढ़त सेमीकंडक्टर और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में भारी निवेश के दम पर दक्षिण कोरियाई वॉन ने एशियाई मुद्राओं में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जबकि अमेरिकी बॉन्ड बायबैक और क्रिप्टो में तेज़ी से वैश्विक बाज़ार गुलज़ार हैं। वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में गुरुवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब तकनीकी क्षेत्र में भारी निवेश के चलते एशियाई मुद्राओं में ज़बरदस्त तेज़ी दर्ज की गई। इस तेज़ी की अगुवाई दक्षिण कोरियाई वॉन ने की। विदेशी मुद्रा बाज़ार का यह नया रुझान अमेरिकी डॉलर की नरमी, वॉशिंगटन द्वारा बॉन्ड बाज़ार में तरलता बढ़ाने के लिए अचानक की गई घोषणा, और कमोडिटी व क्रिप्टो एसेट में बदलते रुझान का नतीजा रहा। केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक व्यापार पैटर्न में आ रहे बदलावों के बीच बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-टेक सप्लाई चेन में बढ़ता पूंजी प्रवाह चुनिंदा क्षेत्रीय मुद्राओं को वैश्विक स्तर पर बढ़त दिला रहा है। सेमीकंडक्टर मांग से दक्षिण कोरियाई वॉन को मिली नई ताक़त वैश्विक टेक्नोलॉजी क्षेत्र में चल रहे ढांचागत सुधारों का सबसे बड़ा फायदा दक्षिण कोरियाई वॉन को मिला है, जिससे यह इस महीने एशियाई मुद्राओं में शीर्ष प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गई है। एमयूएफजी में विश्लेषक लॉयड चान के अनुसार, कमजोर डॉलर के माहौल के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस में बने मजबूत निवेश चक्र ने वॉन को बड़ी ताकत दी है। हाई-टेक सप्लाई चेन में इस लगातार विस्तार से दक्षिण कोरिया के निर्यात क्षेत्र को बल मिला है, कॉर्पोरेट आय में बढ़ोतरी हुई है और घरेलू बाज़ारों में विदेशी पोर्टफोलियो का भारी प्रवाह देखा जा रहा है। एमयूएफजी के वित्तीय विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों के कमजोर प्रदर्शन के बाद दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय मुद्रा अब एक मजबूत राह पर लौट चुकी है। लॉयड चान ने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में आई तेज़ बढ़त के बावजूद, लंबे समय के वित्तीय पैमानों की तुलना में वॉन अभी भी अंडरवैल्यूएड बना हुआ है। हालांकि, अल्पकालिक विदेशी मुद्रा रणनीतियों के नज़रिए से देखें तो USD/KRW करेंसी पेयर तकनीकी रूप से ओवरसोल्ड स्थिति में पहुंच गया है। इस वजह से निकट भविष्य में विनिमय दर में थोड़ा कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है क्योंकि ट्रेडर अपने सौदों में बदलाव कर रहे हैं। समग्र एशियाई मुद्रा बाज़ार के लिए यह रुझान बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। विश्लेषकों का जोर है कि अमेरिकी डॉलर के कम सहायक रुख से एशियाई विदेशी मुद्रा बाज़ारों में चुनिंदा प्रदर्शन के बेहतरीन अवसर बन रहे हैं। इस रणनीतिक परिदृश्य में, वैश्विक तकनीक मांग से जुड़े विकास का फायदा उठाने वाले निवेशकों के लिए दक्षिण कोरियाई वॉन सबसे पसंदीदा विकल्प बनकर उभरा है। डॉलर की वापसी से प्रमुख यूरोपीय मुद्राओं पर दिखा दबाव दूसरी ओर, पश्चिमी विदेशी मुद्रा बाज़ारों में गुरुवार को अमेरिकी डॉलर की मामूली वापसी के कारण प्रमुख मुद्रा जोड़ों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रिटिश पाउंड डॉलर के मुकाबले फिसल गया, जिससे GBP/USD की विनिमय दर घटकर 1.3630 के स्तर के पास आ गई। पिछले कारोबारी सत्र में डॉलर में आई बड़ी गिरावट के बाद इस सत्र में ग्रीनबैक ने खुद को संभाला, जिससे पाउंड की शुरुआती बढ़त थम गई। इसी तरह, यूरो में भी गिरावट देखी गई और EUR/USD पेयर मामूली नुकसान के साथ 1.1670 के आसपास कारोबार करता नज़र आया। यूरोपीय सांझा मुद्रा 1.1700 के ऊपरी स्तर को छूने के बाद नीचे आई। बाज़ार सहभागियों ने यूरो की इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर में सुधार और अमेरिकी मनी मार्केट में तरलता की स्थितियों को बताया, जिस पर निवेशक लगातार नज़र बनाए हुए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बाज़ार में स्थिरता और बायबैक योजना फिक्स्ड इनकम बाज़ार में गुरुवार को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में स्थिरता देखी गई, जो बुधवार की भारी गिरावट के बाद थमी। बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.672% पर पहुंच गई। बाज़ार में आई यह स्थिरता अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा अचानक उठाए गए उस कदम का परिणाम है, जिसका उद्देश्य उधारी लागत में आ रही भारी तेज़ी को नियंत्रित करना था। अपने पूर्व निर्धारित कैलेंडर से हटकर, अमेरिकी ट्रेजरी ने बुधवार को GMT 12:32 बजे एक अप्रत्याशित बाज़ार अपडेट जारी किया। विभाग ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड के लिए अपनी बायबैक योजना के आकार को दोगुना करने का निर्णय लिया। इस नए ढांचे के तहत, 10-वर्ष से 20-वर्ष की अवधि और 20-वर्ष से 30-वर्ष की अवधि वाले दोनों क्षेत्रों में प्रति ऑपरेशन बायबैक की अधिकतम सीमा $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दी गई है। तरलता सहायता का यह बड़ा कार्यक्रम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक चलेगा। लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक को दोगुना करने के इस फैसले ने बॉन्ड बाज़ार के निवेशकों को चौंका दिया और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रही तेज़ी को रोकने में मदद की। सोने की कीमतों में सुधार, क्रिप्टो बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी कमोडिटी बाज़ार में गुरुवार को कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला, क्योंकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज़ी और मजबूत डॉलर ने सोने की मांग को प्रभावित किया। सोना तकनीकी सुधार के दौर से गुजरते हुए प्रति ट्रॉय औंस $4,500 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। बाज़ार के विश्लेषकों का मानना है कि बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर की मजबूती ने गैर-ब्याज देने वाली धातुओं के लिए अल्पकालिक चुनौतियां खड़ी की हैं। इसके ठीक विपरीत, डिजिटल एसेट बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी बनी रही, जहां प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी ने अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा। बिटकॉइन (BTC) प्रमुख एक्सचेंजों पर खरीदारी बढ़ने से $70,000 के पार निकल गया। एथेरियम (ETH) में भी मजबूत तेज़ी देखी गई और यह $2,200 के स्तर से ऊपर मजबूती से टिका रहा। वहीं, रिपल (XRP) $1.15 से ऊपर उबरने में सफल रहा, क्योंकि क्रिप्टो बाज़ार में बुलिश सेंटिमेंट का दबदबा देखने को मिला। इसका आप पर असर ग्लोबल इन्वेस्टर और ट्रेडर्स के लिए: टेक सेक्टर में जारी मजबूत मांग के कारण एशियाई मुद्राओं और क्रिप्टोकरेंसी में तेजी का रुख बना हुआ है, जिससे अल्पकालिक निवेश के अच्छे संकेत मिल रहे हैं। भारतीय बाज़ार और आयातकों के लिए: अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल/सोने की कीमतों में जारी फेरबदल से भारतीय रुपये की विनिमय दर पर असर पड़ सकता है, जिससे आयात लागत प्रभावित हो सकती है। सवाल-जवाब 1. दक्षिण कोरियाई वॉन ने अन्य एशियाई मुद्राओं से बेहतर प्रदर्शन क्यों किया? सेमीकंडक्टर और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में भारी निवेश के चलते दक्षिण कोरिया के निर्यात, कॉर्पोरेट आय और विदेशी पूंजी प्रवाह में तेज़ बढ़ोतरी हुई। 2. अमेरिकी ट्रेजरी ने कर्ज बायबैक को लेकर क्या फैसला लिया? अमेरिकी ट्रेजरी ने 9 सितंबर से लागू होने वाले 10-से-20 वर्ष और 20-से-30 वर्ष के बॉन्ड क्षेत्रों के लिए बायबैक सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन करने की अचानक घोषणा की। 3. गुरुवार को सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार की क्या चाल रही? अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोना गिरकर $4,500 प्रति ट्रॉय औंस से नीचे आ गया, जबकि बिटकॉइन $70,000 के पार, एथेरियम $2,200 से ऊपर और रिपल $1.15 से ऊपर पहुंच गया। 4. USD/KRW करेंसी पेयर का अल्पकालिक अनुमान क्या है? बाज़ार संकेतों के अनुसार निकट भविष्य में USD/KRW ओवरसोल्ड स्थिति में है, जिससे दीर्घकालिक अंडरवैल्यूएशन के बावजूद अल्पकालिक स्थिरता या कंसोलिडेशन देखा जा सकता है। https://trendkia.com/market/takanika-ki-majabuti-se-chamaki-eshiyai-mudraen-south-korea-vona-ne-banai-barhata-19176 TrendKia — Har trend, sabse pehle.