टेक कंपनियों की कमाई और फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले वैश्विक बाजारों में सुस्ती, एशियाई शेयर मिले-जुले रहे अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न की आगामी आय रिपोर्ट और पूंजीगत खर्च योजनाओं से पहले शेयर बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और नीतिगत फैसलों के इंतजार के बीच करेंसी, सोना और क्रिप्टो बाजार सतर्क रुख दिखा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में कारोबारी हफ्ते की शुरुआत सतर्कता और दबाव के साथ देखने को मिली है। तकनीकी कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े हालिया उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के उत्साह को कुछ हद तक सीमित कर दिया है। इसके साथ ही कॉरपोरेट साख से जुड़े क्रेडिट स्प्रेड में फैलाव दर्ज होने से वित्तीय जोखिम को लेकर नई चिंताएं पैदा हुई हैं। दूसरी तरफ यूरोप और एशिया के प्रमुख बाजारों में कारोबारी रुख मिला-जुला बना हुआ है। अब पूरी दुनिया के निवेशकों की नजरें अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न के वित्तीय नतीजों पर टिक गई हैं। इन दिग्गज टेक फर्मों के पूंजीगत व्यय यानी कैपेक्स के एलान आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC के नीतिगत फैसले जितनी ही अहम भूमिका निभा सकते हैं। तकनीकी शेयरों पर दबाव और क्रेडिट बाजार के संकेत अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र में हाल के दिनों में चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कोरवीव के शेयरों में 11.65 प्रतिशत की तेज गिरावट आई, जिसमें शुक्रवार को दर्ज की गई 2.46 प्रतिशत की कमजोरी भी शामिल रही। इसके साथ ही कंपनी का 5-वर्षीय क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप यानी 5yr CDS पिछले सप्ताह 19 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 1146 बीपीएस के स्तर पर पहुंच गया। यह स्थिति कंपनी के क्रेडिट जोखिम को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शाती है। इसी तरह मेटा प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में भी अपनी पिछली आय रिपोर्ट के बाद भारी बिकवाली देखी गई। मेटा के शेयर बीते सप्ताह 9.40 प्रतिशत लुढ़क गए, जिसमें शुक्रवार को 0.96 प्रतिशत की फिसलन शामिल थी। इस गिरावट के साथ कंपनी के 5-वर्षीय सीडीएस में 22 बीपीएस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह बढ़कर 127 बीपीएस के आंकड़े पर आ गया। तकनीकी कंपनियों में बढ़ता पूंजीगत खर्च और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर बाजार में गहरा मूल्यांकन चल रहा है। यूरोपीय बाजारों में गिरावट और बैंकिंग सेक्टर का हाल यूरोपीय शेयर बाजारों में भी सुस्ती का असर स्पष्ट रूप से देखा गया। फ्रांस का प्रमुख सूचकांक CAC 40 हाल के सत्रों में 2.19 प्रतिशत गिरकर मार्च के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह यूरोपीय बैंकिंग क्षेत्र को दर्शाने वाला स्टॉक्स बैंक्स इंडेक्स 5.10 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ जून के बाद के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया। व्यापक बाजार के लिहाज से देखें तो स्टॉक्स 600 इंडेक्स में तुलनात्मक रूप से कुछ सीमित गिरावट आई। यह सूचकांक 1.39 प्रतिशत टूटा, जिसमें शुक्रवार का 0.31 प्रतिशत का नुकसान शामिल रहा। यूरोपीय इक्विटी में यह दबाव बैंकिंग क्षेत्र की कमजोरी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के मिले-जुले प्रभाव के चलते बना हुआ है। एशियाई इक्विटी और अमेरिकी वायदा कारोबार का रुख एशिया के शेयर बाजारों में मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ कमजोरी की अगुवाई करता दिखा, जहां तकनीकी शेयरों में नरमी का असर पूरे बाजार के सेंटिमेंट पर भारी पड़ा। जापान का निक्केई 0.34 प्रतिशत फिसला, जबकि चीन के बाजारों में सीएसआई 300 0.47 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.09 प्रतिशत की मामूली नरमी के साथ कारोबार करते देखे गए। इसके विपरीत कुछ एशियाई सूचकांकों ने क्षेत्रीय कमजोरी के रुख को दरकिनार करते हुए मजबूती दिखाई। हांगकांग का हैंग सेंग 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.17 प्रतिशत ऊपर चढ़ने में कामयाब रहा। इस बीच अमेरिकी वायदा बाजारों में स्थिरता नजर आई, जहां एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.20 प्रतिशत और नैस्डैक फ्यूचर्स में 0.24 प्रतिशत की हल्की तेजी देखी गई। प्रमुख टेक कंपनियों की आय और नीतिगत फैसलों पर नजर वित्तीय बाजारों के लिए यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बुधवार के दिन अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट अपनी तिमाही आय की घोषणा करने वाले हैं, जबकि इसके अगले दिन गुरुवार को अमेज़न अपने वित्तीय आंकड़े पेश करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि इन कंपनियों के परिणाम और विशेष रूप से भविष्य के कैपेक्स से जुड़ी घोषणाओं का असर बुधवार को आने वाले FOMC के ब्याज दर फैसले के प्रभाव के बराबर हो सकता है। निवेशक यह समझना चाहते हैं कि टेक दिग्गज इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर कितना खर्च जारी रखने वाले हैं। मुद्रा बाजार: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन में हलचल करेंसी बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) एशियाई सत्र के दौरान 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना रहा और सोमवार की सुबह एक महीने के उच्चतम स्तर के करीब कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में आई हल्की गिरावट ने डॉलर की तीन सप्ताह के निचले स्तर से उबरने की कोशिशों को थाम दिया। इसके अतिरिक्त रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA द्वारा नवंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को समर्थन मिला, हालांकि मंगलवार से शुरू हो रही दो-दिवसीय FOMC बैठक से पहले तेजी सीमित रही। दूसरी ओर जापानी येन के मुकाबले डॉलर (USD/JPY) में सोमवार के एशियाई कारोबार के दौरान नए सिरे से बिकवाली देखने को मिली। शुक्रवार को 18 सितंबर के बाद के सबसे निचले स्तर को छूने के बाद यह रिकवरी के प्रयास में रुकावट का सामना कर रहा है। बैंक ऑफ जापान यानी BoJ के सख्त नीतिगत रुख ने येन को मजबूती दी है। इसके बावजूद फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की आगामी बैठकों के मद्देनजर ट्रेडर्स बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं। सोने में सुधार, कार्डानो पर दबाव और अमेरिकी राजनीतिक पृष्ठभूमि कमोडिटी बाजार में सोने ने तीन महीने के निचले स्तर के पास से वापसी के संकेत दिए हैं। अमेरिकी डॉलर के नरम पड़ने से एशियाई सत्र में सोना 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ तत्काल सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज किए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। साथ ही फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने तुरंत ब्याज दरें बढ़ाने की किसी जल्दीबाजी का संकेत नहीं दिया है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में कार्डानो पर मंदी का दबाव लगातार गहराता जा रहा है। अक्टूबर की शुरुआत से लगातार तीन हफ्तों तक 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट झेलने के बाद यह 0.202 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है। डेरिवेटिव्स संकेतकों की कमजोरी, घटते ऑन-चेन आंकड़े और तकनीकी चार्ट्स में खराबी के चलते कार्डानो में बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीति के नजरिए से अमेरिकी डॉलर 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। बाजार दिसंबर में फेड द्वारा एक और दर वृद्धि की संभावना देख रहे हैं, लेकिन अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस पर नियंत्रण की राजनीतिक लड़ाई आने वाले समय में वित्तीय नीति की प्राथमिकताओं को बदल सकती है, जिसका असर 2027 में अमेरिकी मौद्रिक नीति की रूपरेखा पर भी पड़ सकता है। इसका आप पर असर वैश्विक टेक आय, बॉन्ड यील्ड में बदलाव और नीतिगत बैठकों से निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय फंड्स में पैसा लगाने वाले भारतीय पाठकों के पोर्टफोलियो प्रभावित हो सकते हैं। • भारतीय निवेशकों पर प्रभाव: अमेरिकी टेक कंपनियों में हालिया अस्थिरता और विदेशी बाजारों के रुख से भारतीय आईटी शेयरों और घरेलू म्यूचुअल फंड्स की वैल्यूएशन में उतार-चढ़ाव आ सकता है। अमेरिकी और वैश्विक इक्विटी फंड्स में निवेश करने वाले निवेशकों को इस हफ्ते टेक नतीजों और नीतिगत फैसलों के आधार पर जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए। • करेंसी और आयात लागत: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर में नरमी और कच्चे तेल के दामों में ठहराव से भारतीय आयातकों के लिए मुद्रा जोखिम कुछ हद तक नियंत्रित रहता है। डॉलर के कमजोर रहने पर रुपये को बाहरी झटकों से राहत मिलती है, जिसका सीधा असर ईंधन और कच्चे माल की कीमतों पर पड़ सकता है। • सोने के खरीदारों के लिए: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिके रहने से घरेलू स्तर पर भी सर्राफा कीमतों में स्थिरता आ सकती है। खुदरा खरीदारों और गहने खरीदने वालों को वैश्विक ब्याज दर फैसलों के बाद सोने के दामों में तेज हलचल के लिए तैयार रहना चाहिए। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए चेतावनी: कार्डानो में लगातार तीन हफ्तों से 20 प्रतिशत से ज्यादा की साप्ताहिक गिरावट और 0.202 डॉलर से नीचे कारोबार जोखिम को उजागर करता है। कमजोर डेरिवेटिव्स और ऑन-चेन डाटा के बीच रिटेल ट्रेडर्स को अत्यधिक लीवरेज वाले दांव से बचना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक बाजारों में यह सुस्ती तकनीकी कंपनियों की भारी पूंजीगत योजनाओं, क्रेडिट जोखिम की बढ़ती लागत और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की आगामी बैठकों के मिले-जुले दबाव से पैदा हुई है। • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कैपेक्स की चिंता: कोरवीव और मेटा जैसी कंपनियों में भारी बिकवाली और उनके क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप का बढ़ना यह दर्शाता है कि निवेशक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे भारी खर्च और उससे होने वाली वास्तविक कमाई की गति को लेकर सशंकित हैं। अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न की नई निवेश योजनाएं आने से पहले बाजार पूरी तरह सतर्क रुख अपना रहा है। • केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसले: फेडरल रिजर्व की दो-दिवसीय एफओएमसी बैठक, बैंक ऑफ जापान का सख्त रुख और ऑस्ट्रेलिया में संभावित दर वृद्धि ने निवेशकों को बड़े सौदे करने से रोक रखा है। बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट और फेड अधिकारियों द्वारा दरें बढ़ाने में जल्दबाजी न दिखाने के संकेतों ने मुद्राओं और सोने को प्रभावित किया है। • भू-राजनीतिक और आर्थिक पृष्ठभूमि: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर तत्काल सैन्य कार्रवाई से इनकार करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी आई है। इसके साथ ही 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों से जुड़ी अनिश्चितताएं और दिसंबर में संभावित दर वृद्धि की उम्मीदें भी डॉलर और वित्तीय बाजारों की चाल तय कर रही हैं। सवाल-जवाब 1. इस सप्ताह किन प्रमुख टेक कंपनियों के वित्तीय नतीजे आने वाले हैं? इस हफ्ते बुधवार को अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट अपने नतीजे पेश करेंगे, जिसके बाद गुरुवार को अमेज़न की आय रिपोर्ट जारी होगी। 2. कोरवीव और मेटा के शेयरों में कितनी गिरावट दर्ज की गई? कोरवीव के शेयर में 11.65 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट आई, जबकि मेटा के शेयर नतीजों के बाद 9.40 प्रतिशत टूट गए। 3. यूरोपीय बाजारों में कौन से इंडेक्स सबसे ज्यादा टूटे? फ्रांस का सीएसी 40 इंडेक्स 2.19 प्रतिशत गिरकर मार्च के बाद के निचले स्तर पर आ गया, जबकि स्टॉक्स बैंक्स इंडेक्स 5.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ जून के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा। 4. एशियाई शेयर बाजारों में किन सूचकांकों ने बढ़त दिखाई? एशियाई बाजारों में क्षेत्रीय गिरावट के विपरीत हांगकांग का हैंग सेंग 0.51 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.17 प्रतिशत ऊपर चढ़ने में सफल रहे। 5. सोने की कीमतों में क्या रुख देखने को मिला है? सोने ने तीन महीने के निचले स्तर के करीब से वापसी की है और एशियाई सत्र में यह 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है। 6. कार्डानो क्रिप्टोकरेंसी की ताजा स्थिति क्या है? कार्डानो लगातार तीन हफ्तों से 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद 0.202 डॉलर से नीचे फिसल गया है और इस पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है। 7. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी की क्या वजह रही? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर तत्काल सैन्य कार्रवाई से इनकार किए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट आई। https://trendkia.com/market/tech-knpaniyon-ki-kamai-aura-federal-reserve-ke-phaisale-se-pahale-vaishvika-bajaron-men-susti-eshiyai-sheyara-mile-jule-rahe-51858 TrendKia — Har trend, sabse pehle.