# थाईलैंड में ब्याज दरें 2026 तक 1 फीसदी पर टिकी रहने के आसार, जानें असली वजह

> बैंक ऑफ थाईलैंड लगातार दूसरी बार दरें स्थिर रखने के बाद 2026 तक पॉलिसी रेट को 1.00 फीसदी पर बनाए रख सकता है, ताकि कमजोर आर्थिक रिकवरी को सहारा मिलता रहे।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-06-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/thailand-men-byaja-daren-2026-taka-1-phisadi-para-tiki-rahane-ke-asara-janen-asali-vajaha-3035 · **Language:** Hindi
**Tags:** बैंक ऑफ थाईलैंड, थाईलैंड ब्याज दर, थाई बाहत, मौद्रिक नीति, डीबीएस रिसर्च, अमेरिकी फेड, महंगाई

थाईलैंड में ब्याज दरें फिलहाल लंबे समय तक जस की तस बनी रह सकती हैं। डीबीएस ग्रुप रिसर्च के अर्थशास्त्री चुआ हान टेंग का अनुमान है कि बैंक ऑफ थाईलैंड (BoT) अपनी पॉलिसी दर को 2026 तक 1.00 फीसदी पर ही टिकाए रखेगा। यह अनुमान केंद्रीय बैंक के लगातार दूसरी बार दरों में कोई बदलाव न करने के फैसले के बाद आया है।

## कमजोर रिकवरी को सहारा देने की कोशिश
दरें न बदलने के पीछे सोच साफ है। बैंक ऑफ थाईलैंड चाहता है कि अर्थव्यवस्था की लड़खड़ाती रिकवरी को सहारा मिलता रहे, और वह उस महंगाई को नजरअंदाज करने को तैयार है जिसे वह अस्थायी और सप्लाई से जुड़ी मानता है, न कि असली मांग से पैदा हुई। ग्रोथ के अनुमानों में मामूली बदलाव किया गया है, जबकि उम्मीद है कि आगे चलकर महंगाई दोबारा केंद्रीय बैंक के तय दायरे की ओर लौट आएगी।

चुआ के मुताबिक केंद्रीय बैंक इस समय दो दबावों के बीच फंसा है। उनका कहना है, "एक तरफ बैंक ऑफ थाईलैंड का आकलन है कि नरम मौद्रिक नीति आर्थिक रिकवरी को सहारा दे रही है, जिससे बढ़ती महंगाई के बीच ब्याज दरें और घटाने की कोई खास वजह नहीं दिखती। दूसरी तरफ नीति-निर्माता सप्लाई से जुड़े इस अस्थायी महंगाई के दबाव को नजरअंदाज करेंगे और ब्याज दरें बढ़ाने से बचेंगे।"

## थाई बाहत में गिरावट की असल वजह
केंद्रीय बैंक का मानना है कि हाल में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थाई बाहत में आई कमजोरी की असल वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति में आया बदलाव है, न कि थाईलैंड या उसके पड़ोसी देशों की मुद्राओं से जुड़ा कोई अलग कारण। चुआ ने आगे कहा, "यह कमजोरी काफी मजबूत स्तरों से आई है और बाहरी मोर्चे की स्थिति अब भी मजबूत बनी हुई है, जो पर्यटन को सहारा दे सकती है और छोटे निर्यातकों के लिए वित्तीय हालात आसान बना सकती है।"

## आगे क्या
कुल मिलाकर तस्वीर यही बनती है कि बैंक ऑफ थाईलैंड न तो दरें घटाने की जल्दी में है और न ही बढ़ाने की। उसका पूरा जोर अधूरी और असमान रिकवरी को थामे रखने पर है, और जब तक महंगाई का मौजूदा दबाव अस्थायी दिखता रहेगा, दरें इसी स्तर पर ठहरी रहने के आसार हैं।

## इसका आप पर असर
- **निवेशकों के लिए:** 2026 तक दरें 1.00 फीसदी पर स्थिर रहने का अनुमान है, यानी थाई बाजार में ब्याज दरों को लेकर बड़े झटके की गुंजाइश कम है।
- **घूमने वालों के लिए:** थाई बाहत में कमजोरी थाईलैंड घूमने जाने वालों के लिए सफर थोड़ा सस्ता बना सकती है।
- **कारोबारियों के लिए:** कमजोर बाहत और आसान वित्तीय हालात छोटे निर्यातकों को राहत दे सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. बैंक ऑफ थाईलैंड की पॉलिसी दर अभी कितनी है?
केंद्रीय बैंक ने इसे 1.00 फीसदी पर बरकरार रखा है और अनुमान है कि यह 2026 तक इसी स्तर पर रहेगी।

### 2. यह अनुमान किसने दिया है?
यह अनुमान डीबीएस ग्रुप रिसर्च के अर्थशास्त्री चुआ हान टेंग का है।

### 3. केंद्रीय बैंक दरें क्यों नहीं बदल रहा?
वह अर्थव्यवस्था की कमजोर और असमान रिकवरी को सहारा देना चाहता है और मौजूदा महंगाई को अस्थायी व सप्लाई से जुड़ी मानता है।

### 4. थाई बाहत में कमजोरी की वजह क्या बताई गई है?
केंद्रीय बैंक के मुताबिक इसकी असल वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति में आया बदलाव है, न कि थाईलैंड से जुड़ा कोई अलग कारण।

### 5. बाहत की कमजोरी से किसे फायदा हो सकता है?
इससे पर्यटन को सहारा मिल सकता है और छोटे निर्यातकों के लिए वित्तीय हालात आसान हो सकते हैं।

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