टोक्यो में महंगाई दर बढ़कर 2.7 प्रतिशत हुई, फिर भी जापानी येन में लौटी सुस्ती टोक्यो की कोर महंगाई दर सितंबर में बढ़कर 2.7 प्रतिशत तक पहुंच गई, लेकिन अत्यधिक सट्टेबाजी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण जापानी येन को बढ़त नहीं मिल सकी। जापान की राजधानी टोक्यो में मुद्रास्फीति के आंकड़ों में तेज उछाल दर्ज किए जाने के बाद भी विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन को कोई खास मजबूती नहीं मिल सकी। टोक्यो के ताजा आंकड़ों के जारी होने के तुरंत बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन थोड़ा सुधरा और यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) विनिमय दर फिसलकर 158.00 के स्तर से नीचे आ गई, मगर पूरे सप्ताह के रुझान को देखें तो यह जोड़ी अब भी बढ़त के दायरे में बनी हुई है। जापानी केंद्रीय बैंक यानी बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा 18 सितंबर को ब्याज दरों में की गई बढ़ोतरी से ठीक पहले सट्टेबाजों ने रिकॉर्ड स्तर पर येन की खरीदारी की थी, लेकिन उस दर वृद्धि के बाद से मुद्रा लगातार कमजोरी का सामना कर रही है। टोक्यो में कीमतों की रफ्तार और बेरोजगारी के आंकड़े टोक्यो के 23 वार्डों को कवर करने वाले सितंबर महीने के मूल्य सूचकांक में कोर मुद्रास्फीति, जिसमें ताजे खाद्य पदार्थों को शामिल नहीं किया जाता, बढ़कर 2.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। अगस्त के महीने में यह दर 1.8 प्रतिशत थी। यह गति नवंबर 2025 के बाद से कीमतों में आया सबसे तेज उछाल है। बाजार के विश्लेषक इसके 2.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगा रहे थे, जिसके मुकाबले वास्तविक आंकड़ा कहीं अधिक मजबूत रहा है। सामान्य हेडलाइन मुद्रास्फीति भी पिछले महीने के 1.9 प्रतिशत से उछलकर 2.7 प्रतिशत दर्ज की गई। ताजे भोजन के साथ-साथ जब ऊर्जा और बिजली की कीमतों को भी गणना से बाहर निकाल दिया जाता है, तब मुद्रास्फीति का आंकड़ा 2 प्रतिशत से सीधे बढ़कर 3 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। कीमतों में आया यह 1 प्रतिशत का भारी मासिक उछाल स्पष्ट करता है कि महंगाई का दबाव केवल महंगे ईंधन या बिजली बिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में भी फैल रहा है। इन आंकड़ों के साथ ही जापान में अगस्त महीने के बेरोजगारी आंकड़े भी सामने आए, जो 2.4 प्रतिशत के अनुमान के मुकाबले थोड़े बढ़कर 2.5 प्रतिशत पर दर्ज किए गए। राष्ट्रीय स्तर पर तस्वीर और बैंक ऑफ जापान की नीति जापान के राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो अगस्त में कोर मुद्रास्फीति 1.7 प्रतिशत दर्ज की गई थी। बिजली और उपयोगिता बिलों पर सरकारी सब्सिडी जारी रहने के चलते यह आंकड़ा लगातार आठवें महीने बैंक ऑफ जापान के 2 प्रतिशत के आधिकारिक लक्ष्य से नीचे बना रहा। पिछले दो महीनों के दौरान राष्ट्रीय कोर मुद्रास्फीति की दर टोक्यो के मुकाबले 0.1 प्रतिशत कम रही है। अब पूरे जापान के लिए सितंबर महीने के मुद्रास्फीति आंकड़े 22 अक्टूबर को जारी होने हैं, जिसके तुरंत बाद महीने के अंत में बैंक ऑफ जापान अपनी अगली मौद्रिक नीति बैठक आयोजित करेगा। दिलचस्प बात यह है कि पिछले आठ महीनों के दौरान केंद्रीय बैंक ने दो मौकों पर ब्याज दरों में वृद्धि की है, जिसमें पहली बढ़ोतरी जून में और दूसरी हाल ही में 18 सितंबर को की गई थी। इसके बावजूद मुद्रा बाजार में येन को मिलने वाला समर्थन टिकाऊ साबित नहीं हो पा रहा है। वायदा बाजार में सट्टेबाजी और फंड्स का रुख कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के आंकड़ों के मुताबिक 15 सितंबर को समाप्त हुए पखवाड़े में सट्टेबाजों ने शुद्ध रूप से रिकॉर्ड 216 हजार (216K) येन फ्यूचर्स अनुबंध खरीदे थे। किसी भी दो सप्ताह की अवधि में यह येन अनुबंधों की ऐतिहासिक खरीदारी थी, जिसका कुल मूल्य लगभग 17.3 अरब डॉलर बैठता है। इस बड़े सौदेबाजी के चलते उनका कुल शुद्ध लॉन्ग पोजीशन बढ़कर लगभग 120 हजार अनुबंधों तक जा पहुंचा, जो 14 महीनों में सबसे अधिक था। हालांकि, 18 सितंबर की दर वृद्धि के बाद जब येन की चाल सुस्त पड़ने लगी, तो 22 सितंबर को समाप्त सप्ताह तक सट्टेबाजों ने अपनी लॉन्ग पोजीशन घटाकर लगभग 72 हजार अनुबंधों पर ला दी। इसके बाद भी बची हुई नेट लॉन्ग पोजीशन पिछले पांच वर्षों के 88वें पर्सेंटाइल के आसपास टिकी हुई है। इसका सीधा मतलब यह है कि जो संस्थागत फंड मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़ों को देखकर येन में खरीदारी कर सकते थे, उनके पास पहले से ही भारी मात्रा में येन मौजूद था। सीएफटीसी (CFTC) की ताजा रिपोर्ट मंगलवार तक की बाजार स्थिति को दर्शाती है, जिस समय तक ट्रेडर्स के सामने न तो टोक्यो के नए आंकड़े आए थे और न ही बैंक ऑफ जापान की बैठक का विस्तृत सार उपलब्ध था। तकनीकी स्तर और आगामी वैश्विक आंकड़े चार्ट के लिहाज से 158.00 का स्तर मुद्रा बाजार में मजबूत प्रतिरोध बना हुआ है, क्योंकि टोक्यो के आंकड़े आते ही यूएसडी/जेपीवाई लुढ़ककर इस आंकड़े के नीचे आ गया था। इसी बिंदु पर 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) भी मौजूद है। इसके ऊपर अगला कड़ा अवरोध गुरुवार का उच्चतम स्तर है, जो 158.50 से ठीक नीचे दर्ज हुआ था। नीचे की ओर 157.50 का स्तर मजबूत सपोर्ट बनकर उभरा है, जिसे आंकड़े आने के दौरान टूटने नहीं दिया गया। उससे नीचे गुरुवार का निचला स्तर 157.00 से थोड़ा ऊपर स्थित है, जबकि 156.50 का स्तर 28 सितंबर और 30 सितंबर के निचले स्तरों के पास समर्थन प्रदान करता है। दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) लगभग 82 के ऊंचे दायरे में चल रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि तेजी के रुझान को तोड़े बिना मामूली गिरावट आ सकती है। दैनिक क्लोजिंग आधार पर 157.50 से ऊपर लॉन्ग पोजीशन का रुख अनुकूल माना जा रहा है, जिसका पहला लक्ष्य 158.50 और दूसरा 159.00 है, जबकि 157.00 से नीचे दैनिक क्लोजिंग होने पर यह रणनीति खारिज हो जाएगी। आगे चलकर अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल (NFP) के सितंबर आंकड़े शुक्रवार को 12:30 GMT पर घोषित किए जाएंगे, जिसमें पिछले 162 हजार के मुकाबले केवल 90 हजार नई नौकरियों का अनुमान है, साथ ही औसत प्रति घंटा आय में सालाना आधार पर 3.2 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। वहीं जापान के वेतन आंकड़े मंगलवार को 23:30 GMT पर पेश किए जाएंगे। अन्य बाजारों का मिजाज और भू-राजनीतिक असर वैश्विक बाजार में व्यापक अमेरिकी डॉलर की मजबूती जापानी केंद्रीय बैंक के आक्रामक रुख और मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिमों को पीछे धकेल रही है। यूएस-ईरान तनाव के चलते सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ी है, जिससे यूएसडी/जेपीवाई को सहारा मिला। अमेरिकी पीसीई (PCE) आंकड़ों में नरमी के बावजूद तेल की कीमतों से जुड़े मुद्रास्फीति जोखिमों ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्च स्तर के करीब बनाए रखा है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) दबाव में है और एशियाई बाजार में शुक्रवार की शुरुआत से पहले 0.6900 के तीन महीने के निचले स्तर से थोड़ा संभला है। सोने की कीमतें बिना किसी स्पष्ट दिशा के कारोबार कर रही हैं और गुरुवार को प्रति ट्रॉय औंस 4,200 डॉलर के प्रमुख स्तर से नीचे बनी रहीं। पश्चिम एशिया के संघर्ष और डॉलर के मजबूत रुख के बीच सोने में यह उतार-चढ़ाव देखा गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व को लेकर भी धारणा तेजी से बदली है, जहां पिछले हफ्ते तक अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही थी, वहीं अब नरमी और अधिकारियों की सतर्क टिप्पणियों के बाद दरों के स्थिर रहने की संभावना सबसे प्रबल हो चुकी है। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार में येन की सीमित प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि केवल महंगाई के आंकड़े विनिमय दरों को तय नहीं करते, बल्कि वैश्विक बॉन्ड यील्ड और बाजार की पोजिशनिंग का सीधा असर पड़ता है। • मुद्रा कारोबारियों के लिए: यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी में 157.50 और 158.50 के स्तर बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। कारोबारी इन तकनीकी स्तरों पर स्टॉप लॉस और लक्ष्य निर्धारित करके अपनी जोखिम रणनीति तय कर सकते हैं। • जापान यात्रा और शिक्षा पर: येन में बड़ी मजबूती न आने से विदेश जाने वाले छात्रों और यात्रियों को तुरंत अतिरिक्त मुद्रा विनिमय लागत का झटका नहीं लगा है। वे मौजूदा विनिमय दरों पर करेंसी एक्सचेंज का फायदा उठा सकते हैं। • वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिकी और जापानी बॉन्ड यील्ड के बीच का अंतर डॉलर को मजबूत बनाए हुए है। जब तक अमेरिकी पेरोल आंकड़े स्पष्ट संकेत नहीं देते, तब तक वैश्विक संपत्तियों में सावधानी बरतना जरूरी है। • कमोडिटी और सोने के खरीदारों के लिए: डॉलर की मजबूती के कारण सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे सीमित दायरे में फंसा हुआ है। निवेशकों को भू-राजनीतिक तनाव और दरों के रुख को देखकर ही नई खरीदारी करनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ टोक्यो में महंगाई दर उम्मीद से अधिक आने के बावजूद येन में अपेक्षित उछाल न आने के पीछे बाजार की पहले से बनी भारी पोजीशन और डॉलर की वैश्विक मजबूती मुख्य कारण रही है। • अत्यधिक सट्टेबाजी का दबाव: बैंक ऑफ जापान के 18 सितंबर के फैसले से पहले सट्टेबाजों ने 216 हजार वायदा अनुबंधों की रिकॉर्ड खरीदारी कर ली थी। जब अधिकांश फंड्स पहले से ही येन खरीद चुके थे, तब नए आंकड़ों पर अतिरिक्त खरीदारी के लिए बाजार में खरीदार उपलब्ध नहीं थे। • अमेरिकी डॉलर का यील्ड दबदबा: कच्चे तेल की कीमतों और सुरक्षित निवेश की मांग के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों पर बनी हुई है। इस ब्याज दर अंतर ने जापानी दर बढ़ोतरी के प्रभाव को काफी हद तक बेअसर कर दिया। • भू-राजनीतिक तनाव और जोखिम धारणा: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक निवेशकों ने सुरक्षित ठिकाने के रूप में अमेरिकी डॉलर को प्राथमिकता दी। इसके चलते जोखिम वाली संपत्तियों के साथ-साथ येन की मांग भी सीमित रही। सवाल-जवाब 1. सितंबर में टोक्यो की कोर मुद्रास्फीति कितनी दर्ज की गई? सितंबर में टोक्यो की कोर मुद्रास्फीति 2.7 प्रतिशत रही, जो विश्लेषकों के 2.4 प्रतिशत के अनुमान और अगस्त के 1.8 प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है। 2. खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर टोक्यो की मुद्रास्फीति में क्या बदलाव आया? ताजे भोजन और ऊर्जा दोनों को हटाने के बाद मुद्रास्फीति की दर 2 प्रतिशत से बढ़कर 3 प्रतिशत पर पहुंच गई। 3. मुद्रास्फीति बढ़ने के बाद भी येन मजबूत क्यों नहीं हुआ? सट्टेबाजों ने नीतिगत बैठक से पहले रिकॉर्ड स्तर पर येन खरीद लिया था, जिससे नए आंकड़ों के बाद अतिरिक्त खरीदारी सीमित रही और डॉलर मजबूत बना रहा। 4. बैंक ऑफ जापान ने हाल के महीनों में ब्याज दरें कब बढ़ाईं? बैंक ऑफ जापान ने पिछले आठ महीनों के दौरान दो बार ब्याज दरों में वृद्धि की, जिसमें पहली बार जून में और दूसरी बार 18 सितंबर को बढ़ोतरी की गई। 5. जापान के राष्ट्रीय मुद्रास्फीति आंकड़े कब जारी होंगे? जापान के पूरे देश के लिए सितंबर महीने के मुद्रास्फीति आंकड़े 22 अक्टूबर को जारी किए जाएंगे। 6. यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी के लिए मुख्य तकनीकी स्तर कौन से हैं? इस जोड़ी के लिए 158.00 और 158.50 मुख्य रेजिस्टेंस स्तर हैं, जबकि 157.50 और 157.00 महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर बने हुए हैं। https://trendkia.com/market/tokyo-men-mahngai-dara-barhakara-2-7-pratishata-hui-phira-bhi-japani-yen-men-lauti-susti-41543 TrendKia — Har trend, sabse pehle.