टोक्यो ने दिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के संकेत, डॉलर के मुकाबले 157 के नीचे मजबूत हुआ येन जापान के वरिष्ठ मुद्रा कूटनीतिज्ञ अत्सुशी मिमुरा ने चेतावनी दी है कि अधिकारी विदेशी मुद्रा बाजार में कार्रवाई के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही अमेरिकी रोजगार आंकड़ों में कमजोरी से USD/JPY में गिरावट आई है। जापानी अधिकारियों ने विदेशी मुद्रा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रखी है और आवश्यकता पड़ने पर सीधे हस्तक्षेप करने का विकल्प खुला रखा है। जापानी मुद्रा मामलों के प्रमुख अत्सुशी मिमुरा ने स्पष्ट किया है कि टोक्यो बाजार की गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या अधिकारियों ने हाल ही में बाजार सहभागियों के साथ रेट चेक की प्रक्रिया को अंजाम दिया है, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। आमतौर पर रेट चेक को किसी भी प्रत्यक्ष बाजार हस्तक्षेप से ठीक पहले का कदम माना जाता है। जापानी अधिकारियों का सतर्क रुख और बाजार की प्रतिक्रिया विदेशी मुद्रा बाजार की मौजूदा स्थितियों पर बात करते हुए अत्सुशी मिमुरा ने काफी सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह वर्तमान बाजार परिस्थितियों से न तो संतुष्ट हैं और न ही सहज महसूस कर रहे हैं। उनके इस वक्तव्य से वैश्विक निवेशकों के बीच यह संदेश गया है कि जापानी वित्त मंत्रालय निकट भविष्य में येन की विनिमय दर को संभालने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है। इस मौखिक चेतावनी के बावजूद जापानी येन में तत्काल कोई बहुत तीव्र उछाल देखने को नहीं मिला। USD/JPY की विनिमय दर 156.55 के आसपास दर्ज की गई, जिसमें 1.36 प्रतिशत की दैनिक गिरावट देखी गई। लाइव तकनीकी आंकड़े और तकनीकी स्तर लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार USD/JPY जोड़ी 156.57 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो अपने पिछले बंद स्तर 160.20 से 2.26 प्रतिशत नीचे है। बीते 52 हफ्तों के दौरान इस मुद्रा जोड़ी का दायरा 146.22 से 163.98 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय RSI वर्तमान में 32 के स्तर पर है, जो अत्यधिक बिकवाली वाले क्षेत्र के करीब है। MACD सूचकांक -0.43 पर है जबकि इसकी सिग्नल लाइन -0.44 पर बनी हुई है, जिससे 0.01 का तेजी का हिस्टोग्राम दिखाई देता है। मूविंग एवरेज विश्लेषण से पता चलता है कि 20-दिवसीय EMA 159.32, 50-दिवसीय EMA 159.91 और 200-दिवसीय EMA 157.83 पर है। 50-दिवसीय SMA 160.71 और 200-दिवसीय SMA 158.45 पर बना हुआ है। 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस का संकेत देता है, यद्यपि मूल्य वर्तमान में दीर्घकालिक मंदी के रुझान में है और बोलिंगर बैंड की निचली सीमा 157.49 से नीचे बना हुआ है। ADX 40 पर है, जो एक मजबूत ट्रेंडिंग स्थिति को प्रदर्शित करता है। दैनिक अस्थिरता को मापने वाला ATR 1.22 पर है। आगामी सत्रों के लिए मुख्य पिवट बिंदु 157.29 पर है, जिसमें पहला प्रतिरोध R1 158.25 तथा दूसरा प्रतिरोध R2 159.92 पर है। नीचे की तरफ पहला समर्थन S1 155.62 और दूसरा समर्थन S2 154.67 पर मौजूद है, जबकि 20-दिवसीय प्रमुख समर्थन 156.34 और प्रतिरोध 160.38 के आसपास है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक मुद्राओं पर प्रभाव यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान USD/JPY में बिकवाली का दबाव बढ़ा और यह 157.00 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया। इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका का कमजोर ADP रोजगार डेटा रहा, जिसने अमेरिकी डॉलर को चौतरफा नुकसान पहुंचाया। इसके साथ ही बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं और टोक्यो द्वारा संभावित हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को अतिरिक्त मजबूती प्रदान की। वैश्विक मुद्रा तालिका के अनुसार, प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले जापानी येन में सबसे मजबूत बढ़त अमेरिकी डॉलर के खिलाफ ही देखी गई है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर डॉलर के मुकाबले संघर्ष करता नजर आया। AUD/USD की जोड़ी एशिया सत्र में 0.7150 के ऊपर कारोबार करती रही। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापारिक आंकड़ों ने चीन के सकारात्मक रेटिंगडॉग सर्विसेज PMI आंकड़ों के असर को बेअसर कर दिया। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती या वृद्धि की अनिश्चितताओं ने डॉलर की गिरावट पर कुछ हद तक ब्रेक लगाया, जिससे AUD/USD की बढ़त सीमित रही। कीमती धातुओं, क्रिप्टो और ईंधन बाजार की स्थिति सोने के बाजार में यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक तेजी का रुझान बना रहा, हालांकि कीमत $4,450 प्रति औंस के स्तर से नीचे ही रही। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में आई कमी और कमजोर ADP रिपोर्ट ने डॉलर पर दबाव बनाए रखा, जिससे सोने को चार सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली। हालांकि, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से उत्पन्न मुद्रास्फीति के जोखिम और अमेरिकी केंद्रीय बैंक से जुड़ी अपेक्षाएं बॉन्ड यील्ड को समर्थन दे सकती हैं। डिजिटल एसेट बाजार में रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) का प्रदर्शन अलग-अलग दिशाओं में जाता हुआ दिखा। XRP ने एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बनाकर अपनी कीमत को स्थिर करने का प्रयास किया, जबकि XLM की कीमत प्रमुख मूविंग एवरेज (EMA) के क्लस्टर से नीचे फिसल गई। उधर, ऊर्जा बाजार में भले ही कच्चे तेल की कीमतें ऊपर से शांत दिख रही हों, लेकिन डीजल का स्प्रेड अलग कहानी बयां कर रहा है। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI के बीच का अंतर यानी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया और $102.00 प्रति बैरल का सर्वकालिक उच्च स्तर छू गया। इसका आप पर असर विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन की मजबूती और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, यात्रा और आयात-निर्यात से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। • भारत में: डॉलर के मुकाबले येन की मजबूती से जापान से आयात होने वाली गाड़ियां, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मशीनरी महंगी हो सकती हैं। जो भारतीय कंपनियां जापानी येन में व्यापार करती हैं, उन्हें विनिमय दरों में बदलाव के कारण अपनी लागत का पुनर्मूल्यांकन करना होगा। • वैश्विक यात्रियों और छात्रों के लिए: जापान यात्रा करने वाले पर्यटकों और वहां पढ़ने जाने वाले छात्रों के लिए स्थानीय खर्च थोड़े महंगे हो सकते हैं। डॉलर में कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय दरों पर असर पड़ेगा। • ईंधन और उपभोक्ता वस्तुओं पर: डीजल क्रैक स्प्रेड का रिकॉर्ड $102.00 प्रति बैरल पर पहुंचना यह दर्शाता है कि रिफाइनिंग लागत बढ़ रही है। इससे भविष्य में माल ढुलाई और परिवहन लागत बढ़ सकती है। • निवेशकों के लिए: USD/JPY में 156.55 तक की गिरावट और 32 के RSI स्तर से पता चलता है कि बाजार में अत्यधिक बिकवाली हुई है। निवेशकों को केंद्रीय बैंकों के हस्तक्षेप संबंधी बयानों पर नजर रखनी चाहिए। सवाल-जवाब 1. क्या जापानी अधिकारियों ने मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप की पुष्टि की है? नहीं, अत्सुशी मिमुरा ने केवल यह दोहराया कि अधिकारी कार्रवाई के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने यह पुष्टि नहीं की कि हाल ही में कोई प्रत्यक्ष कदम या रेट चेक उठाया गया है। 2. USD/JPY की मौजूदा दर क्या दर्ज की गई? रिपोर्ट के अनुसार USD/JPY 1.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 156.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि लाइव आंकड़े इसे 156.57 पर दर्शाते हैं। 3. अमेरिकी डॉलर में गिरावट का मुख्य कारण क्या था? अमेरिका के कमजोर ADP रोजगार आंकड़ों के कारण डॉलर में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। 4. डीजल क्रैक स्प्रेड का क्या रिकॉर्ड रहा? अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर निकलकर $102.00 के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। https://trendkia.com/market/tokyo-ne-die-videshi-mudra-bajara-men-hastakshepa-ke-snketa-dollar-ke-mukabale-157-ke-niche-majabuta-hua-yen-27049 TrendKia — Har trend, sabse pehle.