# मेघा इंजीनियरिंग से मिला बड़ा आर्डर, ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स के शेयर पर रहेगी निवेशकों की नजर

> ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (इंडिया) लिमिटेड को मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से ट्रांसफॉर्मर निर्माण और संबंधित कार्यों के लिए एक बड़ा ऑर्डर मिला है। इस नए ऑर्डर के बाद आगामी कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयरों पर बाजार की विशेष नजर रहने की उम्मीद है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/transformers-and-rectifiers-bags-fresh-large-order-from-megha-engineering-24195 · **Language:** Hindi
**Tags:** ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स, मेघा इंजीनियरिंग, शेयर बाजार, स्टॉक न्यूज, बिजनेस न्यूज, क्वार्टर रिजल्ट

हफ्ते के अगले कारोबारी सत्र के दौरान ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स के शेयरों पर निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की पैनी निगाह रहने वाली है। कंपनी की ओर से शेयर बाजारों को दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उसे मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से पावर ट्रांसफॉर्मर और उससे जुड़े अन्य कामों को पूरा करने का नया अनुबंध प्राप्त हुआ है। यह बड़ी व्यावसायिक उपलब्धि कंपनी के पोर्टफोलियो को और मजबूत करने का काम करेगी।

नियामकीय फाइलिंग के अनुसार ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (इंडिया) लिमिटेड को यह महत्वपूर्ण ठेका एक घरेलू इकाई की ओर से सौंपा गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को अनुबंध में तय की गई तमाम शर्तों और नियमों के दायरे में रहकर पूरा किया जाना है, जिसकी आपूर्ति की कुल समयसीमा आगामी 35 महीनों के भीतर तय की गई है। कंपनी ने इस व्यापारिक सौदे को अपनी वृहद ऑर्डर श्रेणी में रखा है, जिसके तहत कंपनी के आंतरिक वर्गीकरण के मुताबिक 100 करोड़ रुपये से लेकर 500 करोड़ रुपये तक के मूल्य वाले अनुबंध आते हैं।

गत 28 अगस्त के कारोबारी सत्र के समापन पर इस कंपनी के शेयर मामूली गिरावट के साथ लगभग 303.60 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस आधार पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 9,100 करोड़ रुपये आंका गया है और इसका मूल्य-से-आय अनुपात यानी पीई रेशियो 30 के दशक के मध्य में चल रहा है। साल 2026 के दौरान इस शेयर की चाल काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। यह स्टॉक अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर करीब 552 रुपये तक पहुंचने के बाद काफी टूट चुका है और निचले स्तरों पर फिसलते हुए 224 रुपये के आसपास अपना 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर भी छू चुका है।

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने अपने परिचालन से कुल 572.34 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया, जो कि बीते वित्त वर्ष 2026 की समान तिमाही के 529.33 करोड़ रुपये की तुलना में 8 प्रतिशत की सालाना बढ़त को दर्शाता है। हालांकि यदि तिमाही आधार पर तुलना की जाए तो मार्च 2026 को समाप्त हुई पिछली तिमाही के 782.67 करोड़ रुपये के राजस्व के मुकाबले इसमें लगभग 27 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

इस तिमाही के लिए कंपनी का परिचालन मुनाफा यानी एबिटा 109.65 करोड़ रुपये दर्ज किया गया और इसका एबिटा मार्जिन 19.16 प्रतिशत रहा। कंपनी द्वारा जारी अपने वित्तीय आंकड़ों के अनुसार कर पश्चात लाभ यानी पैट 64.34 करोड़ रुपये पर सिमट गया। मार्च तिमाही के दौरान दर्ज किए गए 89 से 91 करोड़ रुपये के मुनाफे के मुकाबले इसमें भी एक तीखी तिमाही गिरावट देखने को मिली है।

वित्त वर्ष 2027 की इस तिमाही रिपोर्ट में सबसे खास और चमकदार आंकड़ा कंपनी की ऑर्डर बुक का रहा, जो बढ़कर रिकॉर्ड 6,630 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26 प्रतिशत अधिक है और कंपनी को अगले 18 से 24 महीनों के लिए राजस्व की मजबूत दृश्यता प्रदान करता है। इसके अलावा समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी को कुल 2,114 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर प्राप्त हुए, जो सालाना आधार पर 218 प्रतिशत की भारी-भरकम छलांग को दर्शाता है।

गुजरात स्थित पावर और स्पेशल ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली इस दिग्गज कंपनी का इतिहास चार दशकों से अधिक पुराना है। कंपनी का कहना है कि वह अपने ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह संकल्पित है और देश के प्रमुख ट्रांसफॉर्मर निर्माताओं में अपनी अग्रणी स्थिति को लगातार मजबूत कर रही है।

## इसका आप पर असर
इस बड़े ऑर्डर मिलने से कंपनी के भविष्य के कारोबार और राजस्व पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हो सकता है।

- **भारत में:** बिजली और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर नजर रखने वाले खुदरा निवेशकों को इस तरह के बड़े आर्डरों से मिलने वाले गतिरोध और वित्तीय सेहत का आकलन करने में मदद मिलती है।
- **गुजरात में:** इस राज्य में स्थित विनिर्माण इकाइयों और स्थानीय औद्योगिक रोजगार से जुड़े लोगों के लिए बड़े विनिर्माण अनुबंधों का आना क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है।

## सवाल-जवाब

### 1. ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स को यह नया ऑर्डर किसने दिया है?
कंपनी को यह नया परचेस ऑर्डर मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड यानी MEIL से मिला है।

### 2. इस आर्डर के तहत किस चीज का निर्माण किया जाएगा?
इस अनुबंध के तहत ट्रांसफॉर्मर और उससे जुड़े संबंधित कार्यों का निर्माण किया जाएगा।

### 3. इस ऑर्डर की आपूर्ति के लिए कितना समय तय किया गया है?
इस पूरे प्रोजेक्ट की आपूर्ति आगामी 35 महीनों के भीतर पूरी की जानी है।

### 4. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व कितना रहा?
कंपनी ने समीक्षाधीन तिमाही में परिचालन से 572.34 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया।

### 5. Q1FY27 में कंपनी की कुल ऑर्डर बुक कितने पर पहुंच गई?
कंपनी की ऑर्डर बुक बढ़कर रिकॉर्ड 6,630 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है।

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