# ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से वॉल स्ट्रीट में लौटी हरियाली, फेड मिनट्स के सख्त रुख से सीमित रही बढ़त

> अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट के बाद डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीन दिनों की मंदी से उबरकर बढ़त के साथ बंद हुए, हालांकि फेड के सख्त रुख से तेजी सीमित रही।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/trejari-yilda-men-giravata-se-wall-street-men-lauti-hariyali-fed-minatsa-ke-sakhta-rukha-se-simita-rahi-barhata-18680 · **Language:** Hindi
**Tags:** वॉल स्ट्रीट, शेयर बाजार, डाउ जोंस, नैस्डैक, एसएंडपी 500, ट्रेजरी यील्ड, फेडरल रिजर्व, अमेरिकी बाजार

अमेरिकी शेयर बाजार तीन दिनों की लगातार गिरावट से उबरकर मजबूती के साथ बंद हुए। इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हाल के उच्च स्तरों से आई गिरावट रही। प्रमुख सूचकांकों में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज सबसे आगे रहा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट और एसएंडपी 500 में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, बांड यील्ड में राहत मिलने के बावजूद बाजार की तेजी पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स से मिले सख्त संकेतों का असर पड़ा, जिससे बढ़त सीमित रही। अब निवेशकों का पूरा ध्यान वॉलमार्ट और अलीबाबा जैसी दिग्गज खुदरा कंपनियों के आने वाले तिमाही परिणामों और नए अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर टिका हुआ है।

 

## तीन दिनों की गिरावट के बाद प्रमुख सूचकांकों में आई तेजी

अमेरिकी शेयर बाजार में कई प्रमुख क्षेत्रों में खरीदारी लौटने से सूचकांकों ने पिछले दिनों हुए नुकसान की भरपाई की। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (DJIA) 119.65 अंक या 0.22% की बढ़त के साथ 53,463.05 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले, 19 अगस्त को कारोबार के दौरान डाउ जोंस 53,710.06 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में इसने अपनी शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया।

 दूसरी ओर, टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव देखा गया, जिसकी वजह से नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक सीमित बढ़त ही बना सका। नैस्डैक कंपोजिट 41.38 अंक या 0.16% की तेजी के साथ 26,331.09 पर बंद हुआ। वहीं, व्यापक बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाला एसएंडपी 500 सूचकांक 16.22 अंक या 0.21% चढ़कर 7,707.98 के स्तर पर बंद हुआ।

 इस तेजी ने वॉल स्ट्रीट पर पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी बिकवाली के सिलसिले को तोड़ दिया। 14 अगस्त से 18 अगस्त के बीच अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। इस अवधि के दौरान डाउ जोंस में 496.59 अंकों की गिरावट आई थी, जबकि एसएंडपी 500 में 107.23 अंकों की कमी दर्ज की गई थी। इस मंदी का सबसे ज्यादा असर नैस्डैक कंपोजिट पर पड़ा था, जो 513.32 अंक तक टूट गया था।

 विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो कंज्यूमर डिस्क्रेशरी, मैटेरियल्स और कंज्यूमर स्टेपल्स सेक्टर ने व्यापक बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। इसके विपरीत, इंडस्ट्रियल, टेक्नोलॉजी और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयर पिछड़ गए, जिससे बाजार में और बड़ी तेजी नहीं बन सकी।

 

## शेयरों का व्यक्तिगत प्रदर्शन: टेक कंपनियों में उतार-चढ़ाव और कॉरपोरेट बढ़त

कारोबारी सत्र के दौरान विभिन्न कंपनियों के शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां कई टेक कंपनियों में भारी उछाल आया तो कुछ दिग्गजों को बिकवाली का सामना करना पड़ा। बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में मर्क के शेयर में 13% का जोरदार उछाल दर्ज किया गया। दक्षिण कोरियाई टेक कंपनी सैमसंग के शेयर भी 10.10% चढ़े।

 दवा निर्माता कंपनी एली लिली के शेयरों में 4.5% की मजबूती आई, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला के शेयर 4.23% चढ़ गए। एंटरटेनमेंट और स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स के शेयर 3.2% मजबूत हुए। प्रमुख टेक दिग्गजों में अमेज़न और एप्पल के शेयर क्रमशः 2.5% और 2.2% चढ़े। चीनी टेक दिग्गज टेंसेंट के शेयर में भी 2.4% की तेजी देखी गई।

 इसके उलट, सेमीकंडक्टर निर्माताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी टेक कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा। ब्रॉडकॉम के शेयर 4.6% गिरकर सबसे बड़े नुकसान में रहे। चिप निर्माता इंटेल के शेयर 4% और एएमडी के शेयर 3.7% टूटे। अंतरिक्ष अनुसंधान कंपनी स्पेसएक्स के शेयरों में 2.6% की गिरावट आई, जबकि बाजार दिग्गज एनवीडिया के शेयर 1% फिसलकर बंद हुए।

 

## ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और सरकारी बायबैक कार्यक्रम का विस्तार

शेयर बाजार में आई तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी रही, जो अपने कई वर्षों के उच्चतम स्तर से नीचे आ गई। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड पिछले सत्र के 4.75% के 20 महीने के उच्च स्तर से तेजी से घटकर 4.64% पर आ गई। इसी तरह, 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड भी 5.2% के स्तर से नीचे आ गई, जो इस सप्ताह की शुरुआत में 5.34% के 19 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।

 बांड यील्ड में यह गिरावट अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा बांड पुनर्खरीद (बायबैक) कार्यक्रम के विस्तार की घोषणा के बाद आई। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह आने वाले महीनों में 10 वर्ष, 20 वर्ष और 30 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाली प्रतिभूतियों के लिए अपनी तरलता सहायता बायबैक नीलामी का आकार कम से कम दोगुना करेगी।

 पूर्व अधिकारी स्कॉट बेसेंट ने पूर्व में बायबैक कार्यक्रम को बाजार के असंतुलन को दूर करने और सरकारी ऋण बाजार में तरलता सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बताया था। अगस्त के महीने में अमेरिकी ट्रेजरी बांड पर भारी दबाव देखा गया था। इसका मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कॉरपोरेट कर्ज में बढ़ोतरी, बढ़ता बजटीय घाटा और लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति की चिंताएं थीं, जिसने टर्म प्रीमियम के अनुमानों को बढ़ा दिया था।

 

## इक्विटी और बांड सह-संबंध चार दशकों के उच्चतम स्तर पर

वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि बांड यील्ड और शेयरों के कीमतों के बीच का संबंध एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया है। बांड यील्ड और शेयर कीमतों के बीच नकारात्मक सह-संबंध (नेगेटिव को-रिलेशन) 1997 के बाद से अपने सबसे मजबूत स्तर पर है, जो लगभग चार दशकों का सबसे चरम स्तर है। इसका सीधा अर्थ यह है कि जब बांड यील्ड बढ़ती है, तो शेयर बाजार में गिरावट आती है और जब यील्ड घटती है, तो शेयर बाजार चढ़ता है।

 श्वाब सेंटर फॉर फाइनेंशियल रिसर्च (SCFR) में मैक्रो रिसर्च और रणनीति के प्रमुख केविन गॉर्डन ने इस बदलाव पर कहा कि बांड बाजार वर्तमान में आर्थिक विकास के आंकड़ों की तुलना में मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर अधिक प्रतिक्रिया दे रहा है। इसके परिणामस्वरूप, शेयर बाजार के मूल्यांकन पर मुद्रास्फीति का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई दे रहा है।

 

## फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स से सख्त मौद्रिक नीति के संकेत

हालांकि बांड यील्ड में गिरावट से शेयर बाजार को राहत मिली, लेकिन जुलाई की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) नीति बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद बाजार की बढ़त थम गई। मिनट्स से संकेत मिला कि फेड अधिकारियों का रुख सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने की ओर है।

 जुलाई की नीति बैठक के दौरान समिति के तीन सदस्यों ने दरें स्थिर रखने के फैसले का विरोध किया था। बेथ हैमक, लोरी लोगन और नील काश्कारी ने ब्याज दरों में तुरंत 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया था। हालांकि, समिति के नौ अन्य सदस्यों ने बेंचमार्क फेड फंड्स दर को 3.5% से 3.75% की सीमा में स्थिर रखने के पक्ष में वोट दिया।

 वित्तीय संस्थान आईएनजी के विश्लेषकों ने मिनट्स का विश्लेषण करते हुए बताया कि कई प्रतिभागी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के पक्ष में थे और कई सदस्यों का आकलन था कि यदि मुद्रास्फीति में कमी नहीं आती है तो आगे ब्याज दरें बढ़ाना आवश्यक होगा। हालांकि, अंततः अधिकांश सदस्यों ने दरों को यथावत रखने का समर्थन किया।

 

## आगामी आर्थिक आंकड़े और कॉरपोरेट आय पर बाजार की नजर

निवेशक अब गुरुवार को जारी होने वाले महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इन आंकड़ों में इनिशियल क्लेम, कंटीन्यूइंग क्लेम, फिलाडेल्फिया फेड इंडेक्स, लीडिंग इकोनॉमिक इंडेक्स और EIA प्राकृतिक गैस भंडार के आंकड़े शामिल हैं। ये आंकड़े श्रम बाजार और आर्थिक गतिविधियों की स्थिति को स्पष्ट करेंगे।

 इसके अलावा, कॉरपोरेट आय रिपोर्ट भी बाजार की दिशा तय करेंगी। प्रमुख दिग्गज कंपनियों में वॉलमार्ट (WMT) और चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा (BABA) 20 अगस्त को अपने तिमाही नतीजे घोषित करने जा रही हैं। इनके अलावा एडवांस ऑटो पार्ट्स (AAP), अलौर लाइफस्टाइल होल्डिंग्स (ATAT), ऑटोहोम (ATHM), डियर एंड कंपनी (DE), फुतू होल्डिंग्स (FUTU), नेटईज़ (NTES), ओएसआई सिस्टम्स (OSIS) और रॉस स्टोर्स (ROST) के नतीजे भी ध्यान में रहेंगे।

 

## भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल के बाजार की स्थिति

वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए भू-राजनीतिक परिस्थितियां अनिश्चितता का बड़ा कारण बनी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध अभियान शुरू करने की घोषणा से तनाव बढ़ गया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रैट ऑफ होर्मुज) में व्यापारिक गतिविधियों को लेकर चिंता बनी हुई है।

 इन भू-राजनीतिक तनावों के बीच वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल 84 से 85 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है। एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पोनमुडी आर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कच्चे तेल की कीमतें इस स्तर पर रहने से मुद्रास्फीति और वैश्विक बाजार की धारणा प्रभावित हो रही है, जिससे निवेशकों को सतर्क रुख अपनाना पड़ रहा है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से भारतीय शेयर बाजारों (निफ्टी और सेंसेक्स) को राहत मिल सकती है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का दबाव कम होने की उम्मीद है।

**वैश्विक निवेशकों और बाजार पर:** बांड यील्ड घटने से इक्विटी शेयरों के लिए जोखिम-लाभ संतुलन सुधरा है, लेकिन फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के संकेतों से बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी का मुख्य कारण क्या था?
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई बड़ी गिरावट के कारण शेयर बाजार में तीन दिनों से जारी बिकवाली का सिलसिला रुक गया और डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।

### 2. 10-वर्षीय और 30-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का नया स्तर क्या है?
10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड घटकर 4.64% पर आ गई, जबकि 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.2% से नीचे गिरकर बंद हुई।

### 3. फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स में क्या सामने आया?
जुलाई एफओएमसी बैठक के मिनट्स में सामने आया कि बेथ हैमक, लोरी लोगन और नील काश्कारी ने दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का समर्थन किया था, हालांकि अधिकांश सदस्यों ने ब्याज दरों को 3.5% से 3.75% की सीमा में स्थिर रखने का फैसला लिया।

### 4. 20 अगस्त को किन प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे जारी होने वाले हैं?
खुदरा क्षेत्र की प्रमुख दिग्गज कंपनियों वॉलमार्ट (WMT) और अलीबाबा (BABA) के तिमाही नतीजे 20 अगस्त को जारी होने वाले हैं।

### 5. कच्चे तेल की कीमतों पर भू-राजनीतिक तनाव का क्या असर रहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध अभियान की घोषणा के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल 84 से 85 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में बना हुआ है।

### 6. इक्विटी और बांड यील्ड के बीच सह-संबंध की क्या स्थिति है?
बांड यील्ड और शेयरों के बीच 1997 के बाद से सबसे मजबूत नकारात्मक सह-संबंध देखा जा रहा है, जिसका अर्थ है कि बांड यील्ड में गिरावट से शेयर बाजार को समर्थन मिल रहा है।

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