तुर्की लीरा डॉलर के मुकाबले 49 के पार फिसली, मुद्रास्फीति और ब्याज दर कटौती की संभावनाओं से बढ़ा दबाव डॉलर के मुकाबले तुर्की की मुद्रा लीरा 49 के स्तर से नीचे चली गई है, जहां बढ़ते ईंधन दामों और संभावित ब्याज दर कटौती ने मुद्रा पर दबाव काफी बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में तुर्की की मुद्रा लीरा भारी दबाव का सामना कर रही है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 49.0 के स्तर को पार करते हुए कमजोर पड़ गई है। देश में बढ़ती महंगाई और संभावित नीतिगत ढील को लेकर सामने आ रहे अनुमानों ने निवेशकों की चिंताओं को गहरा कर दिया है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक सितंबर के दौरान तुर्की में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में महीने-दर-महीने आधार पर 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इस तेजी में ईंधन की बढ़ती लागत का सबसे बड़ा हाथ माना जा रहा है, क्योंकि 24 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार डीजल की कीमतों में 12.2 प्रतिशत और पेट्रोल की कीमतों में 8.1 प्रतिशत की जोरदार तेजी देखी गई है। ईंधन कर राहत हटने से और भड़क सकती है महंगाई तुर्की में रहने वाले उपभोक्ताओं और वहां के वित्तीय बाजारों के लिए आने वाले दिन और कठिन साबित हो सकते हैं। अक्टूबर के महीने में महंगाई का यह दबाव और अधिक तेज होने के आसार हैं, क्योंकि सरकार ईंधन पर लागू बची हुई स्लाइडिंग-स्केल कर राहत यानी टैक्स कुशन को समाप्त करने की तैयारी में है। इस टैक्स राहत के हटने से सीधे तौर पर खुदरा ईंधन की कीमतें और बढ़ेंगी, जिसका सीधा असर परिवहन, रसद और आम उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर पड़ना तय है। मुद्रास्फीति की इस नई लहर से देश की घरेलू अर्थव्यवस्था पर चौतरफा दबाव बनने की आशंका है। 2028 चुनावों का साया और मौद्रिक ढील का सबसे बड़ा खतरा दुनिया में मुद्रास्फीति के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील अर्थव्यवस्थाओं में गिने जाने के बावजूद तुर्की अब मौद्रिक ढील यानी ब्याज दरों में कटौती का नया चक्र शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है। नीति निर्माताओं पर यह दबाव काफी हद तक वर्ष 2028 में होने वाले आगामी चुनावों की वजह से बनता नजर आ रहा है। वित्तीय विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि वास्तविक जोखिम कारक यही नीतिगत मोड़ है। उच्च मुद्रास्फीति के माहौल में ब्याज दरों को कम करना लीरा की विनिमय दर के लिए अत्यधिक खतरनाक साबित हो सकता है और मुद्रा अवमूल्यन के एक नए दौर को जन्म दे सकता है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन का हाल बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) दो महीने के निचले स्तर लगभग 0.6950 के आसपास कारोबार करता दिखा। अगस्त महीने के लिए आए ऑस्ट्रेलिया के अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिसने रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं पर पूरी तरह पानी फेर दिया। इसके अलावा, चीन के कमजोर पीएमआई (PMI) आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई सहारा नहीं दिया, भले ही अमेरिकी डॉलर की बढ़त पर अस्थायी ठहराव देखा गया हो। दूसरी ओर, एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) 157.00 के नीचे अपनी गिरावट बनाए रखने में सफल रहा। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ओर से सख्त मौद्रिक रुख बनाए रखे जाने की उम्मीदों और बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को मजबूत सहारा दिया। इसने जापान के कमजोर घरेलू औद्योगिक उत्पादन और खुदरा बिक्री के निराशाजनक आंकड़ों के असर को काफी हद तक सीमित कर दिया। साथ ही, व्यापक स्तर पर अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने भी इस करेंसी जोड़ी को नीचे बनाए रखने में योगदान दिया। सोने में सीमित दायरे का कारोबार और एवे टोकन में मुनाफावसूली यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मिले-जुले बुनियादी संकेतों के बीच 4,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे सीमित दायरे में अपनी मजबूती दर्ज करता रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने डॉलर को उसके दो महीने के उच्च स्तर से नीचे खींचा, जिसने गैर-उपज वाले इस कीमती धातु को सहारा प्रदान किया। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त ब्याज दर नीतियों की उम्मीदों ने सोने की बढ़त को सीमित रखा, जबकि व्यापारी नए दांव लगाने से पहले आगामी अमेरिकी वृहद आर्थिक आंकड़ों का इंतजार करते दिखे। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में, एवे (Aave) का टोकन बुधवार को गिरकर 161 डॉलर के नीचे आ गया, जबकि पिछले दिन इसमें 10 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखने को मिला था। ऑन-चेन डेटा से स्पष्ट संकेत मिले हैं कि कीमतों में उछाल के बाद निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की गई है। इस बीच, एवे के संस्थापक स्टानी कुलेचोव आवेनॉमिक्स 3.0 योजना के तहत एक एएवीई (AAVE) टोकन-बर्न तंत्र लाने पर विचार कर रहे हैं, जिसे टोकन के लिए भविष्य का संभावित सकारात्मक कारक माना जा रहा है। वैश्विक वित्तीय बाजारों की निगाहें अब 12:30 जीएमटी पर आने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) मूल्य सूचकांक पर टिकी हैं, जो फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना है। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और कमोडिटी में हो रहे इस व्यापक उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, आयातकों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। • मुद्रा विनिमय और यात्रा: तुर्की की यात्रा करने वाले पर्यटकों या वहां व्यापार करने वालों के लिए लीरा में आई कमजोरी विनिमय दरों को सस्ता बनाएगी। हालांकि स्थानीय स्तर पर ईंधन और रोजमर्रा की चीजें 12 प्रतिशत तक महंगी होने से जमीनी खर्च बढ़ सकता है। • सोना खरीदार और निवेशक: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे सीमित दायरे में रहने से घरेलू बाजार में आभूषण खरीदारों को तात्कालिक राहत मिलेगी। अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े आने तक कीमतों में किसी बड़े एकतरफा उछाल की संभावना सीमित है। • क्रिप्टोकरेंसी निवेशक: एवे जैसे प्रमुख टोकनों में निवेश करने वालों को मुनाफावसूली के दौर में सतर्क रहने की जरूरत है। 161 डॉलर से नीचे फिसलन के बाद प्रस्तावित टोकन-बर्न तंत्र लंबी अवधि के मूल्य निर्धारण में अहम भूमिका निभाएगा। • वैश्विक बाजार और ब्याज दरें: अमेरिकी पीसीई (PCE) मुद्रास्फीति आंकड़े वैश्विक ब्याज दरों और डॉलर की दिशा तय करेंगे। यदि महंगाई के आंकड़े सख्त रहे तो उभरते बाजारों की मुद्राओं पर डॉलर का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ तुर्की की मुद्रा लीरा का गिरना और वैश्विक स्तर पर विदेशी विनिमय दरों में अस्थिरता कई परस्पर जुड़े आर्थिक और नीतिगत कारकों का नतीजा है। • ईंधन की कीमतों में तीव्र उछाल: 24 सितंबर तक डीजल में 12.2% और पेट्रोल में 8.1% की तेज वृद्धि ने सितंबर महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को 2.2% तक बढ़ाने की जमीन तैयार की। ऊर्जा लागतों में यह इजाफा सीधे तौर पर उत्पादन और परिवहन को महंगा बना रहा है। • टैक्स कुशन हटाने की तैयारी: सरकार द्वारा अक्टूबर में ईंधन पर लागू स्लाइडिंग-स्केल कर राहत को पूरी तरह हटाने का निर्णय मुद्रास्फीति को और भड़काएगा। इससे पहले यह कर प्रणाली आम जनता को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की तेजी से बचाने में ढाल का काम कर रही थी। • 2028 चुनावों का राजनीतिक दबाव: अत्यधिक संवेदनशील अर्थव्यवस्था होने के बावजूद आगामी 2028 के आम चुनावों को देखते हुए नीति निर्माताओं द्वारा ब्याज दरों में कटौती का चक्र शुरू करने के संकेत मिले हैं। आर्थिक विश्लेषक उच्च महंगाई के बीच दरों में समय से पहले कटौती को विनिमय दर के लिए सबसे बड़ा खतरा बता रहे हैं। • वैश्विक केंद्रीय बैंकों की विपरीत नीतियां: ऑस्ट्रेलिया में कमजोर मुद्रास्फीति ने ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को ठंडा किया है, जबकि बैंक ऑफ जापान द्वारा सख्त रुख अपनाए जाने से येन मजबूत हुआ है। इन भिन्न मौद्रिक कदमों ने वैश्विक परिसंपत्तियों में असंतुलन पैदा किया है। सवाल-जवाब 1. तुर्की लीरा डॉलर के मुकाबले किस स्तर पर पहुंची है? तुर्की लीरा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 49.0 के स्तर के पार फिसल गई है। 2. सितंबर महीने में तुर्की की महंगाई दर को लेकर क्या अनुमान है? प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार सितंबर में तुर्की का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महीने-दर-महीने 2.2% बढ़ सकता है। 3. सितंबर में तुर्की में पेट्रोल और डीजल के दामों में कितनी बढ़ोतरी हुई? 24 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक डीजल की कीमतों में 12.2% और पेट्रोल की कीमतों में 8.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 4. अक्टूबर महीने में महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण क्या बताया गया है? सरकार द्वारा ईंधन पर लागू बची हुई स्लाइडिंग-स्केल कर राहत यानी टैक्स कुशन को समाप्त करने की तैयारी है, जिससे कीमतें और बढ़ेंगी। 5. लीरा के लिए सबसे बड़ा जोखिम कारक क्या माना जा रहा है? वर्ष 2028 के चुनावों के दबाव में उच्च मुद्रास्फीति के बावजूद ब्याज दरों में कटौती का मौद्रिक ढील चक्र शुरू होने की संभावना सबसे बड़ा जोखिम है। 6. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट क्यों देखी गई? अगस्त के अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के कारण ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदें खत्म हो गईं। 7. क्रिप्टोकरेंसी एवे की कीमत में बुधवार को क्या बदलाव आया? पिछले दिन 10% से अधिक उछलने के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से एवे गिरकर 161 डॉलर के नीचे आ गया। 8. अमेरिकी पीसीई (PCE) मूल्य सूचकांक डेटा कब जारी होना तय है? अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा अगस्त का पीसीई मूल्य सूचकांक डेटा बुधवार को 12:30 जीएमटी पर जारी किया जाना तय है। https://trendkia.com/market/turkish-lira-men-bari-giravata-dollar-ke-mukabale-49-ke-para-phisali-40580 TrendKia — Har trend, sabse pehle.