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  "type": "article",
  "title": "त्योहारी हफ्ते में शेयर बाजार की जोरदार वापसी, सेंसेक्स 1,335 अंक चढ़ा और निफ्टी 23,050 के पार",
  "summary": "लगातार कई हफ्तों की बिकवाली के बाद घरेलू शेयर बाजार में तेजी लौटी और सेंसेक्स 1,335.70 अंक उछलकर बंद हुआ। फार्मा तथा आईटी शेयरों में आई लिवाली के दम पर निफ्टी भी 23,053.10 के स्तर पर पहुंच गया।",
  "content": "घरेलू इक्विटी बाजारों में हफ्तों से बने मंदी के माहौल के बीच त्योहारी सीजन से ठीक पहले निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। 26 से 30 अक्टूबर के कारोबारी सप्ताह में लिवाली के नए दौर ने प्रमुख सूचकांकों को निचले स्तरों से तेजी से ऊपर खींच लिया। पूरे सप्ताह के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,335.70 अंक की बढ़त दर्ज करते हुए 74,459.53 के स्तर पर बंद होने में सफल रहा। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 453.10 अंक चढ़कर 23,053.10 के स्तर पर पहुंच गया।\n\nनिचले स्तरों से आई 665 अंकों की शानदार रिकवरी\nसप्ताह का आगाज बाजार के लिए बेहद कमजोर रहा था, जब शुरुआती सत्र में भारी बिकवाली के चलते निफ्टी 50 लुढ़ककर 22,387.35 तक आ गया था। इस तेज गिरावट के बाद घरेलू संस्थागत निवेशकों और आम रिटेल खरीदारों ने मोर्चा संभाला और चुनिंदा शेयरों में आक्रामक खरीदारी की। इस चौतरफा समर्थन से सूचकांक अपने निचले स्तर से लगभग 665 अंक ऊपर चढ़कर बंद हुआ। चार्ट्स पर निफ्टी ने अपने 200-वीक एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) तथा लॉन्ग-टर्म अपट्रेंड लाइन के निकट मजबूत सपोर्ट बनाया है, जो तकनीकी आधार पर ट्रेंड रिवर्सल का ठोस संकेत देता है।\n\nफार्मा और आईटी सेक्टर ने संभाली तेजी की कमान\nबाजार की इस बढ़त में स्वास्थ्य सेवा और चुनिंदा तकनीकी कंपनियों के शेयरों ने सबसे अहम भूमिका निभाई। सेक्टोरल रुझानों को देखें तो निफ्टी फार्मा इंडेक्स पूरे सप्ताह में करीब 7.09 फीसदी उछलकर सबसे आगे रहा। इसके साथ ही मीडिया इंडेक्स में 4.34 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स में 3.77 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। मेटल, ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिसके चलते ये सेक्टर 2 से 3 फीसदी तक मजबूत होकर बंद हुए।\n\n23,200 की बाधा और 24,000 के स्तर का गणित\nचार्ट विश्लेषण के अनुसार, तेजी के इस सिलसिले को अगले मुकाम तक ले जाने के लिए निफ्टी के सामने 23,200 का स्तर एक बड़ी तात्कालिक रुकावट बना हुआ है। यदि सूचकांक आने वाले दिनों में 23,200 के पार स्थिर रहता है, तो शॉर्ट कवरिंग के सहारे बाजार पहले 23,700 और उसके बाद 24,000 की नई ऊंचाई की तरफ कदम बढ़ा सकता है। इसके विपरीत, यदि मुनाफावसूली हावी होती है तो नीचे की ओर 22,850 का स्तर पहला सुरक्षा कवच बनेगा। वहीं 22,600 से 22,400 का दायरा निर्णायक सपोर्ट क्षेत्र है, जहां 200-वीक ईएमए का आधार मौजूद है।\n\nकच्चा तेल और वैश्विक समीकरण तय करेंगे आगे की चाल\nबाजार की तकनीकी संरचना मजबूत होने के बावजूद वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां खड़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड हाल ही में 117 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर चुका है, जो घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। यदि कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे तो महंगाई दर और विदेशी संस्थागत पूंजी के प्रवाह पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके अलावा अमेरिका तथा ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका के आगामी मिड-टर्म चुनाव आने वाले हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों की दिशा निर्धारित करेंगे। इन अनिश्चितताओं के बीच बाजार सहभागियों के लिए गिरावट पर चुनिंदा खरीदारी करने की रणनीति ही सबसे सुरक्षित मानी जा रही है।\n\nइसका आप पर असर\nशेयर बाजार में आई इस हालिया तेजी से म्यूचुअल फंड निवेशकों और सीधे इक्विटी में निवेश करने वाले आम लोगों के पोर्टफोलियो को तात्कालिक सहारा मिला है।\n\n• पोर्टफोलियो मूल्य: कई हफ्तों की लगातार गिरावट के बाद म्यूचुअल फंड एनएवी और डीमैट खातों के घाटे में कुछ कमी आई है। त्योहारों के दौरान निवेशकों का सेंटिमेंट बेहतर होने की उम्मीद है।\n• नई खरीदारी की योजना: विश्लेषक मौजूदा दौर में एकमुश्त बड़ी पूंजी लगाने के बजाय गिरावट पर किस्तों में खरीदारी करने का सुझाव दे रहे हैं। 23,200 के स्तर पर निफ्टी के टिकने के बाद ही बाजार की अगली दिशा स्पष्ट होगी।\n• कच्चा तेल और खर्च: कच्चे तेल के 117 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से ईंधन और घरेलू सामानों की कीमतें बढ़ने का जोखिम बना हुआ है। यदि यह स्तर लंबा खिंचा तो खुदरा महंगाई दर पर सीधा असर पड़ सकता है।\n• सेक्टर आधारित चयन: फार्मा और आईटी शेयरों में हालिया मजबूती से हेल्थकेयर और टेक फंड्स में निवेश करने वालों को फायदा मिला है। रियल्टी और मीडिया जैसे क्षेत्रों में भी हलचल देखने को मिल रही है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nघरेलू शेयर बाजार में यह उछाल तकनीकी स्तरों पर मजबूत समर्थन और संस्थागत निवेशकों की ताजा लिवाली के चलते देखने को मिला है। लगातार गिरावट के बाद निचले स्तरों पर आकर्षक मूल्यांकन ने खरीदारों को बाजार में लौटने का मौका दिया।\n\n• तकनीकी सपोर्ट से वापसी: निफ्टी 50 ने अपने 200-वीक एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज और दीर्घकालिक ट्रेंडलाइन के पास मजबूत सहारा लिया। इस अहम तकनीकी स्तर ने गिरावट को रोककर शॉर्ट कवरिंग रैली को गति दी।\n• घरेलू संस्थागत और रिटेल लिवाली: जब शुरुआती सत्र में बिकवाली के कारण निफ्टी 22,387.35 तक फिसला, तो घरेलू निवेशकों ने निचले स्तरों पर आक्रामक खरीदारी शुरू कर दी। इसी खरीदारी के दम पर बाजार निचले स्तर से 665 अंक संभल सका।\n• सेक्टर आधारित नेतृत्व: फार्मा इंडेक्स में 7.09 फीसदी तथा आईटी, मीडिया और रियल्टी में हुई ठोस खरीदारी ने पूरे सूचकांक को ऊपर खींचने में मदद की। चुनिंदा क्षेत्रों में आए इस उछाल ने बाजार के बाकी हिस्सों का भी भरोसा बढ़ाया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 26 से 30 अक्टूबर के सप्ताह में सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी बढ़त दर्ज की गई?\nइस कारोबारी हफ्ते में बीएसई सेंसेक्स 1,335.70 अंक चढ़कर 74,459.53 पर और एनएसई निफ्टी 453.10 अंक बढ़कर 23,053.10 पर बंद हुआ।\n\n2. सप्ताह के दौरान निफ्टी ने अपना निचला स्तर कहां बनाया था?\nसप्ताह के पहले सत्र में बिकवाली के चलते निफ्टी 50 फिसलकर 22,387.35 के निचले स्तर तक पहुंच गया था।\n\n3. इस हफ्ते किस सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई?\nनिफ्टी फार्मा इंडेक्स इस हफ्ते का सबसे बड़ा विजेता रहा, जिसमें करीब 7.09 फीसदी की शानदार बढ़त दर्ज की गई।\n\n4. निफ्टी के लिए अगला बड़ा रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर क्या है?\nनिफ्टी के सामने 23,200 का स्तर तात्कालिक रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की तरफ 22,850 और 22,600 से 22,400 का दायरा मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।\n\n5. बाजार के सामने कच्चे तेल से जुड़ी क्या चिंता है?\nब्रेंट क्रूड हाल ही में 117 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है, जिससे महंगाई बढ़ने और विदेशी पूंजी प्रवाह प्रभावित होने का खतरा है।",
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