यूके बजट से पहले ब्रिटिश पाउंड में गिरावट, अमेरिकी डॉलर की मजबूती से वैश्विक बाजारों में हलचल ब्रिटेन के नए बजट प्रस्तावों से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण ब्रिटिश पाउंड पर दबाव देखा जा रहा है। वहीं फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बाजार में इस सप्ताह बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ब्रिटेन के चांसलर हीली द्वारा आगामी बजट पेश किए जाने से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। इस वित्तीय घोषणा को लेकर निवेशकों के बीच बनी सतर्कता के कारण ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में आ गया है। वैश्विक स्तर पर व्यापारी केवल यूके के बजट पर ही नजर नहीं बनाए हुए हैं, बल्कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की मौद्रिक नीति बैठकों को लेकर भी सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी डॉलर सूचकांक में आई मजबूती ने पाउंड सहित अन्य प्रमुख मुद्राओं, सोने और क्रिप्टो संपत्तियों की चाल को प्रभावित किया है। ब्रिटेन के बजट से पहले पाउंड पर बढ़ा दबाव और तकनीकी स्तर यूके बजट की घोषणा से पहले निवेशकों द्वारा जोखिम घटाने की रणनीति अपनाने के कारण ब्रिटिश पाउंड में नरमी देखी जा रही है। मुद्रा बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नया बजट वित्तीय साख और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने में सफल रहता है, तो पाउंड पर इसका नकारात्मक असर सीमित रहेगा। हालांकि, अनिश्चितता के कारण विकल्प बाजार में जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) की रातों-रात की अस्थिरता बढ़ गई है। तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) की हाजिर दर 1.3350/55 के अल्पकालिक समर्थन स्तर से नीचे खिसक गई है। इस स्तर के टूटने के बाद 19 अक्टूबर के निचले स्तर 1.3300 पर फिर से परीक्षण होने का जोखिम बढ़ गया है। यदि बिकवाली का दबाव बना रहता है, तो पाउंड 1.3250 से 1.3275 के दायरे तक गिर सकता है, जिससे महीने के मध्य में दर्ज की गई रिकवरी का कुछ हिस्सा वापस छिन जाएगा। इसके बावजूद, विश्लेषकों का अनुमान है कि मामूली गिरावट पर निचले स्तरों पर खरीदार सक्रिय हो सकते हैं, जिससे पाउंड को निचले स्तरों पर सहारा मिल सकता है। ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार, जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) की विनिमय दर फिलहाल 1.33 के आसपास कारोबार कर रही है, जिसमें पिछले सत्र के मुकाबले 0.49 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 48 पर है, जो तटस्थ रुझान का संकेत देता है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.33 पर है, जबकि 50-दिवसीय और 200-दिवसीय EMA 1.34 पर स्थित हैं। 50-दिवसीय EMA के 200-दिवसीय EMA से नीचे होने के कारण लंबी अवधि में 'डेथ क्रॉस' का रुझान बना हुआ है। पाउंड के लिए निकटतम प्रतिरोध 1.34 और प्रमुख समर्थन 1.31 के स्तर पर देखा जा रहा है। अमेरिकी डॉलर सूचकांक में उछाल और फेडरल रिजर्व का रुख अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) ने पिछले तीन दिनों में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है और यह 102.00 के स्तर को पार करते हुए दो सप्ताह के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। डॉलर में इस मजबूती का मुख्य कारण फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति (FOMC) की बैठक से पहले निवेशकों की सुरक्षित निवेश वाली मुद्राओं की ओर आवाजाही है। बाजार में इस बात की व्यापक संभावना जताई जा रही है कि फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों को ऊंचे स्तरों पर बनाए रख सकता है और नीतिगत रुख में सख्ती बनाए रखने का संकेत दे सकता है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका और ईरान के बीच किसी तत्काल शांति समझौते की उम्मीदें धुंधली होने के कारण भी वैश्विक मुद्रा बाजार में सुरक्षित पनाहगाह के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ी है। निवेशक किसी भी बड़े भू-राजनीतिक जोखिम से बचने के लिए अमेरिकी मुद्रा में पूंजी लगा रहे हैं, जिससे अन्य विकसित और उभरते बाजारों की मुद्राओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन का हाल एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में सकारात्मक सुधार देखा गया और यह AUD/USD जोड़ी में बढ़कर 0.7030 के स्तर तक पहुंच गया। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा भविष्य में ब्याज दरें ऊंची रखे जाने की उम्मीदों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला है, जिससे पिछले दिन एक महीने के उच्चतम स्तर से आई गिरावट की भरपाई हो सकी। हालांकि, बुधवार को जारी होने वाले ऑस्ट्रेलिया के सितंबर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़ों और अमेरिकी फेड निर्णय से पहले यह मुद्रा 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर से नीचे बनी हुई है। दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) में लगातार तीसरे दिन तेजी का सिलसिला जारी रहा। यह जोड़ी एक महीने के निचले स्तर से उबरकर लगभग दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। शुक्रवार को होने वाली बैंक ऑफ जापान (BoJ) की नीतिगत समीक्षा से पहले यह धारणा मजबूत हो रही है कि BoJ आक्रामक रूप से ब्याज दरों में बढ़ोतरी से बच सकता है। बैंक ऑफ जापान की नरम नीतिगत उम्मीदों ने येन को कमजोर किया है, जिसका सीधा फायदा अमेरिकी डॉलर को मिला है। सोना, कच्चा तेल और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को अमेरिकी कारोबारी घंटों के दौरान सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि दिन के शुरुआती हिस्से में यह लाल निशान में कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में आई हल्की गिरावट ने सोने को कुछ राहत दी है, लेकिन अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण सोने की ऊपरी बढ़त सीमित बनी हुई है। व्यापारी बुधवार को फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति ऐलान का इंतजार कर रहे हैं ताकि सर्राफा बाजार की भावी दिशा स्पष्ट हो सके। डिजिटल एसेट बाजार में मंगलवार को व्यापक बिकवाली का रुख देखा गया। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (BTC) 80,000 डॉलर के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गई है। एथेरियम (ETH) में भी बिटकॉइन की तरह ही तटस्थ से मंदी का रुख बना हुआ है, जबकि रिपल (XRP) 1.30 डॉलर के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। क्रिप्टो निवेशक फेड के नीतिगत रुख और वैश्विक तरलता स्थितियों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल सतर्कता बरत रहे हैं। इसका आप पर असर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बाजार की इस हलचल का असर वैश्विक व्यापार, यात्रा और निवेश पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ता है। • भारत में: भारतीय रुपये पर अमेरिकी डॉलर की वैश्विक मजबूती का दबाव देखने को मिल सकता है, जिससे आयात लागत विशेषकर कच्चे तेल का बिल बढ़ सकता है। • ब्रिटेन में: यूके में रह रहे भारतीयों और वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए पाउंड की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव से ट्यूशन फीस और दैनिक खर्च का बजट प्रभावित हो सकता है। • मुद्रा व्यापारियों के लिए: जीबीपी/यूएसडी में 1.3300 और 1.3100 के समर्थन स्तर महत्वपूर्ण हैं, जहां सख्त स्टॉप-लॉस प्रबंधन की सलाह दी जाती है। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन के 80,000 डॉलर से नीचे आने के कारण अल्पावधि में बाजार में सतर्कता और बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में यह उतार-चढ़ाव आगामी राजकोषीय प्राथमिकताओं और केंद्रीय बैंकों की दर नीतियों के टकराव के कारण उत्पन्न हुआ है। • राजकोषीय अनिश्चितता: यूके के नए बजट प्रस्तावों को लेकर निवेशकों में इस बात की आशंका है कि कर और खर्च के फैसले देश के राजकोषीय घाटे को कैसे प्रभावित करेंगे। • फेड की सख्त मौद्रिक नीति: अमेरिकी मुद्रास्फीति और मजबूत आर्थिक आंकड़ों के बीच फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने की उम्मीद से डॉलर सूचकांक को मजबूती मिल रही है। • केंद्रीय बैंकों के रुख में अंतर: जहां RBA की दरें बढ़ाने की संभावना AUD को सहारा दे रही है, वहीं BoJ द्वारा दर वृद्धि टालने के संकेतों से येन कमजोर हुआ है। सवाल-जवाब 1. ब्रिटिश पाउंड में गिरावट की मुख्य वजह क्या है? यूके के आगामी बजट से पहले अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता के कारण ब्रिटिश पाउंड पर डॉलर के मुकाबले दबाव बना हुआ है। 2. जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) का वर्तमान स्तर और समर्थन स्तर क्या हैं? जीबीपी/यूएसडी की हाजिर दर 1.33 के आसपास है, जिसमें 1.3300 और 1.3100 प्रमुख समर्थन स्तर बने हुए हैं। 3. अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) में तेजी क्यों आ रही है? फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने की उम्मीद और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का सुरक्षित पनाहगाह डॉलर की ओर रुझान बढ़ा है। 4. क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर इसका क्या असर पड़ा है? डॉलर की मजबूती और तरलता की चिंता से बिटकॉइन गिरकर 80,000 डॉलर से नीचे आ गया है और अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भी गिरावट देखी जा रही है। https://trendkia.com/market/uk-budget-se-pahale-british-pound-men-giravata-us-dollar-ki-majabuti-se-vaishvika-bajaron-men-halachala-52308 TrendKia — Har trend, sabse pehle.