# ब्रिटेन के रोजगार आंकड़ों के बाद जापानी येन के मुकाबले कमजोर पड़ा ब्रिटिश पाउंड

> जुलाई में समाप्त तिमाही के श्रम बाजार आंकड़े आने के बाद जीबीपी/जेपीवाई गिरकर लगभग 208.60 के स्तर पर आ गया, जहां बेरोजगारी दर 4.9 प्रतिशत पर स्थिर दर्ज की गई।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/uk-ke-rojagara-ankaron-ke-bada-japanese-yen-ke-mukabale-kamajora-para-british-pound-33975 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन, बैंक ऑफ इंग्लैंड, बैंक ऑफ जापान, विदेशी मुद्रा बाजार, बेरोजगारी दर

ब्रिटेन के श्रम बाजार से जुड़े नए आंकड़े सार्वजनिक होने के बाद मुद्रा विनिमय बाजार में ब्रिटिश पाउंड जापानी येन के मुकाबले थोड़ा फिसलकर 208.60 के आसपास पहुंच गया। जुलाई में समाप्त हुई तीन महीने की अवधि के दौरान ब्रिटेन की बेरोजगारी दर और बोनस को छोड़कर औसत कमाई की वृद्धि दर क्रमशः 4.9 प्रतिशत और 3.5 प्रतिशत पर स्थिर बनी रही। इस कारोबारी हफ्ते में वैश्विक निवेशकों का मुख्य ध्यान बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति संबंधी घोषणाओं पर टिका हुआ है।

## श्रम बाजार के आंकड़े और रोजगार सृजन की रफ्तार
ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स (ओएनएस) की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, आईएलओ बेरोजगारी दर 4.9 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही, जबकि विश्लेषकों का अनुमान था कि यह बढ़कर 5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। जुलाई तक की तीन महीने की अवधि में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था ने 67 हजार नए रोजगार सृजित किए। यह संख्या जून में समाप्त हुई पिछली तिमाही में जोड़े गए 83 हजार नए रोजगारों की तुलना में कम रही है, जो नौकरी सृजन की गति में नरमी की ओर संकेत करती है।

## वेतन वृद्धि के आंकड़े और बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीति
वेतन वृद्धि का एक प्रमुख पैमाना माने जाने वाली बोनस के बिना औसत कमाई में सालाना आधार पर 3.5 प्रतिशत की स्थिर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप रही। वहीं दूसरी तरफ, बोनस सहित वेतन वृद्धि का आंकड़ा 3.9 प्रतिशत पर रहा, जो विश्लेषकों की अपेक्षाओं के समान था। हालांकि यह आंकड़ा पिछली तिमाही की संशोधित 4.2 प्रतिशत वृद्धि (जिसे पहले 4.1 प्रतिशत बताया गया था) से धीमा रहा है। वेतन वृद्धि के इन आंकड़ों के स्थिर बने रहने से बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में कटौती या बदलाव की तात्कालिक संभावनाओं पर किसी बड़े प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं दिख रही है।

## टोक्यो बाजार का रुख और नीतिगत फैसले का इंतजार
टोक्यो के कारोबारी मोर्चे पर निवेशक शुक्रवार को आने वाले बैंक ऑफ जापान के मौद्रिक नीतिगत फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी नीतिगत दिशा को सामान्य बनाने के संभावित कदमों पर बाजार की बारीक नजर बनी हुई है, जिससे जापानी येन में उतार-चढ़ाव की गति तय होगी।

## ब्रिटिश पाउंड का ऐतिहासिक महत्व और प्रमुख कारोबारी जोड़ियां
ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग (जीबीपी) 886 ईस्वी से अस्तित्व में रहने वाली दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है और यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा (एफएक्स) बाजार में यह दुनिया की चौथी सबसे अधिक ट्रेड होने वाली मुद्रा इकाई है, जिसकी कुल वैश्विक लेनदेन में 12 प्रतिशत हिस्सेदारी है और यहां रोजाना औसतन 630 अरब डॉलर का कारोबार होता है।

ब्रिटिश पाउंड की सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी जोड़ियों में जीबीपी/यूएसडी शामिल है, जिसे मुद्रा कारोबारियों के बीच 'केबल' के नाम से भी जाना जाता है और यह कुल एफएक्स कारोबार का 11 प्रतिशत हिस्सा रखती है। इसके अलावा जीबीपी/जेपीवाई, जिसे ट्रेडर्स 'ड्रैगन' के नाम से पुकारते हैं, की हिस्सेदारी 3 प्रतिशत है, जबकि ईयूआर/जीबीपी जोड़ी 2 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती है। पाउंड स्टर्लिंग को जारी करने और उसका नियमन करने की जिम्मेदारी बैंक ऑफ इंग्लैंड की है।

## बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति और मुद्रा का मूल्य
पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा निर्धारित मौद्रिक नीति है। केंद्रीय बैंक अपने सभी नीतिगत निर्णय लगभग 2 प्रतिशत की स्थिर मुद्रास्फीति दर के साथ मूल्य स्थिरता बनाए रखने के अपने प्राथमिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर लेता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंक का सबसे प्रमुख हथियार ब्याज दरों में समायोजन करना है।

जब अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति बहुत अधिक बढ़ जाती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में वृद्धि करके इसे नियंत्रित करने का प्रयास करता है। ब्याज दरें बढ़ने से लोगों और व्यवसायों के लिए ऋण लेना महंगा हो जाता है, जिससे खर्च में कमी आती है। यह कदम आमतौर पर पाउंड स्टर्लिंग के लिए सकारात्मक माना जाता है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें ब्रिटेन को वैश्विक निवेशकों के लिए अपनी पूंजी लगाने के वास्ते एक आकर्षक स्थान बनाती हैं। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति अत्यधिक नीचे गिर जाती है, तो यह आर्थिक विकास में सुस्ती का संकेत होता है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को घटाने पर विचार करता है ताकि कर्ज सस्ता हो सके और कंपनियां विकास कार्यों तथा नई परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने के लिए अधिक उधार ले सकें।

## आर्थिक संकेतक और व्यापार संतुलन का प्रभाव
अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का आकलन करने वाले विभिन्न आंकड़े पाउंड स्टर्लिंग की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े, तथा रोजगार से जुड़े संकेतक पाउंड के रुझान को दिशा देते हैं। एक मजबूत और विस्तार करती अर्थव्यवस्था पाउंड स्टर्लिंग को सहारा देती है, क्योंकि यह न केवल विदेशी निवेश को आकर्षित करती है बल्कि बैंक ऑफ इंग्लैंड को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित करती है, जिससे मुद्रा में सीधे मजबूती आती है। यदि आर्थिक आंकड़े कमजोर रहते हैं, तो पाउंड में गिरावट की संभावना बढ़ जाती है।

इसके अलावा व्यापार संतुलन भी पाउंड स्टर्लिंग के लिए एक बेहद अहम संकेतक है। यह पैमाना किसी निर्धारित अवधि के दौरान देश द्वारा निर्यात से की गई कमाई और आयात पर किए गए खर्च के बीच के अंतर को मापता है। यदि कोई देश ऐसी वस्तुओं का उत्पादन करता है जिनकी वैश्विक बाजार में भारी मांग है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा उन वस्तुओं को खरीदने के कारण घरेलू मुद्रा की अतिरिक्त मांग पैदा होती है। परिणामस्वरूप, एक सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को मजबूती प्रदान करता है, जबकि नकारात्मक व्यापार संतुलन उसे कमजोर करता है।

## वैश्विक बाजारों में अन्य मुद्राओं और परिसंपत्तियों की स्थिति
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी हलचल देखी जा रही है। मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान एयूडी/यूएसडी 0.7150 के नीचे दबाव में रहा, जो पिछले कारोबारी सत्र में छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के करीब है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक से पहले और कच्चे तेल के कारण उत्पन्न मुद्रास्फीति के जोखिमों के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर के करीब टिकी हुई है, जिससे अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल रही है और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही चीन के अगस्त महीने के मिले-जुले कारोबारी आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं दे सके।

उधर यूएसडी/जेपीवाई मंगलवार की शुरुआत में बढ़त बनाए रखते हुए 155.00 के स्तर की ओर बढ़ रहा है। व्यापारी इस सप्ताह एफओएमसी और बैंक ऑफ जापान की बैठकों के परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में संभावित बढ़ोतरी के अनुमान और तेल प्रेरित महंगाई के जोखिम अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को ऊंचा रखे हुए हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर और इस जोड़ी को बल मिल रहा है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत सामान्यीकरण के प्रति आक्रामक रुख येन को समर्थन दे सकता है, जिससे यूएसडी/जेपीवाई की तेजी सीमित हो सकती है। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में एशियाई सत्र की हल्की तेजी टिक नहीं पाई और यह पिछले दिन छुए गए एक महीने के निचले स्तर के करीब बनी रही। पीली धातु वर्तमान में 4,300 डॉलर के स्तर से ठीक नीचे कारोबार कर रही है, क्योंकि निवेशक एफओएमसी की दो दिवसीय महत्वपूर्ण नीतिगत बैठक शुरू होने से पहले सतर्कता बरतते हुए किनारे बैठना पसंद कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजार में होने वाले इस बदलाव का सीधा असर विदेशी मुद्रा कारोबारियों, आयातकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन भेजने वाले लोगों पर पड़ेगा।

- **मुद्रा कारोबारियों पर प्रभाव:** विनिमय दरों में अस्थिरता के कारण विभिन्न मुद्राओं के क्रॉस-ट्रेडिंग सौदों पर सतर्कता बरतनी होगी। निवेशकों को आगामी केंद्रीय बैंकों की बैठकों से पहले अपने स्टॉप-लॉस और मार्जिन स्तरों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
- **यूके यात्रा और शिक्षा खर्च:** जापानी येन और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाउंड में नरमी से अंतरराष्ट्रीय खर्च पर मामूली असर दिख सकता है। विदेशों में अध्ययनरत छात्रों को ट्यूशन फीस के विनिमय समय का ध्यान रखना होगा।
- **अंतरराष्ट्रीय आयात और लागत:** विनिमय दर में उतार-चढ़ाव से विदेशी बाजारों से सामान आयात करने वाले व्यवसायों की लागत संरचना प्रभावित होती है। कंपनियों को मुद्रा के संभावित उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए फॉरवर्ड अनुबंधों का उपयोग करना पड़ सकता है।
- **सोने और सुरक्षित संपत्तियों में निवेश:** 4,300 डॉलर के नीचे सोने का संघर्ष और बॉन्ड यील्ड की मजबूती निवेशकों को जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देने के लिए प्रेरित कर रही है। केंद्रीय बैंकों के निर्णयों के आने तक बड़ी नई पोजीशन लेने से बचना समझदारी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
ब्रिटेन के श्रम बाजार में रोजगार सृजन की सुस्त रफ्तार और आने वाले प्रमुख केंद्रीय बैंकों के नीतिगत निर्णयों के कारण पाउंड पर दबाव देखा गया।

- **रोजगार वृद्धि में कमी:** जुलाई में समाप्त तिमाही में केवल 67 हजार नए रोजगार सृजित हुए, जो पिछली तिमाही के 83 हजार से काफी कम हैं। इस गिरावट ने श्रम बाजार के कुछ हिस्सों में शिथिलता के संकेत दिए हैं।
- **स्थिर वेतन आंकड़े:** बोनस को छोड़कर औसत वेतन वृद्धि 3.5 प्रतिशत पर स्थिर रही और बोनस सहित आंकड़ा धीमा होकर 3.9 प्रतिशत पर आ गया। इन आंकड़ों ने बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा जल्द आक्रामक मौद्रिक सख्ती की उम्मीदों को सीमित कर दिया।
- **केंद्रीय बैंकों की बैठकों की अनिश्चितता:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की आगामी नीतिगत बैठकों के मद्देनजर निवेशक नई पोजीशन लेने में सावधानी बरत रहे हैं। नीतिगत सामान्यीकरण के संभावित कदमों ने जापानी येन को कुछ लचीलापन प्रदान किया है।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्रिटेन के रोजगार आंकड़ों के बाद जीबीपी/जेपीवाई किस स्तर पर पहुंचा?
जुलाई में समाप्त तिमाही के श्रम बाजार आंकड़े जारी होने के बाद जीबीपी/जेपीवाई गिरकर लगभग 208.60 के स्तर पर आ गया।

### 2. जुलाई में समाप्त तिमाही के लिए ब्रिटेन की बेरोजगारी दर क्या रही?
ब्रिटेन की आईएलओ बेरोजगारी दर 4.9 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि बाजार का अनुमान 5 प्रतिशत तक जाने का था।

### 3. इस अवधि में ब्रिटेन में कितने नए रोजगार सृजित किए गए?
जुलाई में समाप्त तीन महीनों की अवधि में ब्रिटेन में 67 हजार नए रोजगार सृजित किए गए, जो जून में समाप्त तिमाही के 83 हजार से कम हैं।

### 4. बोनस को छोड़कर औसत वेतन वृद्धि दर कितनी दर्ज की गई?
बोनस को छोड़कर औसत वेतन वृद्धि सालाना आधार पर 3.5 प्रतिशत दर्ज की गई, जो बाजार अनुमानों के अनुसार स्थिर रही।

### 5. विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड स्टर्लिंग का कुल लेनदेन में कितना हिस्सा है?
वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार में पाउंड स्टर्लिंग की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत है और यह प्रतिदिन औसतन 630 अरब डॉलर का कारोबार करता है।

### 6. सोना किस स्तर के करीब कारोबार कर रहा है?
सोना एफओएमसी की आगामी नीतिगत बैठक से पहले 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ठीक नीचे कारोबार कर रहा है।

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