# ब्रिटेन की सुस्त खुदरा बिक्री से पाउंड पस्त, यूरोपीय सेंट्रल बैंक के कड़े रुख से यूरो को मिली बढ़त

> ब्रिटेन की खुदरा बिक्री में जुलाई के दौरान गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ब्रिटिश पाउंड पर दबाव बढ़ा है और यूरो के मुकाबले इसमें गिरावट देखने को मिली है। वहीं यूरोपीय सेंट्रल बैंक की नीति में सख्ती की संभावना से यूरो को मजबूती मिल रही है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/uk-retail-sales-drop-weakens-pound-as-ecb-policy-tightening-supports-euro-19578 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरोपीय सेंट्रल बैंक, पाउंड स्टर्लिंग, विदेशी मुद्रा बाजार, ब्रिटेन अर्थव्यवस्था, खुदरा बिक्री, बैंक ऑफ इंग्लैंड, बॉन्ड मार्केट, finance

ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता खर्च सुस्त पड़ने के संकेत मिलने के बाद विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो को ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले बढ़त मिली है। शुक्रवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान EUR/GBP करेंसी पेयर 0.8570 के स्तर के करीब कारोबार कर रहा था। ब्रिटेन के ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में खुदरा बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पाउंड स्टर्लिंग पर बिकवाली का दबाव बना। इसके विपरीत, यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों में सख्ती बनाए रखने की उम्मीदों ने यूरो को समर्थन दिया है, जिसके कारण यह पाउंड के मुकाबले मजबूत स्थिति में बना हुआ है।

## ब्रिटेन खुदरा बिक्री के आंकड़े: अप्रैल के बाद पहली बार दर्ज हुई गिरावट
यूके ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स (ONS) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में ब्रिटेन की खुदरा बिक्री में मासिक आधार पर 0.5% की गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल के बाद यह पहला मौका है जब देश के स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कुल बिक्री की मात्रा घटी है। इससे पहले जून महीने में खुदरा बिक्री में 0.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसे पहले 1.0% बताया गया था। बाजार के विश्लेषक जुलाई में 0.5% की गिरावट का ही अनुमान लगा रहे थे, जिसके आंकड़े सटीक साबित हुए हैं।

वार्षिक आधार पर देखा जाए तो ब्रिटेन की रिटेल सेल्स जुलाई में 1.6% की दर से बढ़ी। हालांकि यह आंकड़ा पिछले महीने के 3.8% (संशोधित 4.2%) के मुकाबले काफी कम है और बाजार के 2.2% के अनुमान से भी कमजोर रहा है। ऑटोमोटिव फ्यूल को हटाकर देखी जाने वाली कोर खुदरा बिक्री में जुलाई में 0.9% की मासिक गिरावट आई। इससे पहले जून में इसमें 0.9% की वृद्धि हुई थी (संशोधित 1.1%), जबकि विश्लेषकों ने कोर बिक्री में 0.5% की गिरावट का अनुमान जताया था। इन सुस्त आंकड़ों ने ब्रिटेन के आर्थिक सुधार की गति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

## EUR/GBP का तकनीकी विश्लेषण: प्रतिरोध और समर्थन के प्रमुख स्तर
तकनीकी चार्ट पर EUR/GBP करेंसी पेयर के लिए पहला प्रतिरोध स्तर अपर बॉलिंगर बैंड के पास 0.8585 पर स्थित है। यदि करेंसी पेयर इस स्तर से ऊपर जाने में सफल होता है, तो 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 0.8615 के स्तर पर स्थित है, जो किसी भी लंबी तेजी के रास्ते में एक मजबूत रुकावट का काम कर सकता है। जब तक यह स्तर पार नहीं होता, तब तक तेजी की गुंजाइश सीमित रह सकती है।

दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में पहला समर्थन स्तर मिडिल बॉलिंगर बैंड के पास 0.8560 पर देखा जा रहा है। इसके नीचे निचला बॉलिंगर बैंड 0.8535 के आसपास बना हुआ है। यदि EUR/GBP इस 0.8535 के समर्थन स्तर को तोड़ता है, तो बाजार में बिकवाली का दौर गहरा सकता है और यह पेयर निचले स्तरों की ओर खिसक सकता है।

## पाउंड स्टर्लिंग का इतिहास और वैश्विक मुद्रा बाजार में इसकी भूमिका
पाउंड स्टर्लिंग (GBP) दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है, जिसका इतिहास 886 ईस्वी से जुड़ा हुआ है। यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है और वैश्विक विदेशी मुद्रा (FX) बाजार में चौथी सबसे अधिक ट्रेड की जाने वाली करेंसी है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक विदेशी मुद्रा लेनदेन में पाउंड स्टर्लिंग की हिस्सेदारी लगभग 12% थी, जहां रोजाना औसतन 630 अरब डॉलर का कारोबार होता था।

वैश्विक करेंसी ट्रेडिंग में इसके मुख्य ट्रेडिंग पेयर्स में GBP/USD शामिल है, जिसे ट्रेडर्स 'केबल' कहते हैं और यह वैश्विक FX का 11% हिस्सा रखता है। दूसरा प्रमुख पेयर GBP/JPY है, जिसे 'ड्रैगन' के नाम से जाना जाता है और इसकी हिस्सेदारी 3% है। वहीं EUR/GBP पेयर वैश्विक ट्रेडिंग में 2% का योगदान देता है। पाउंड स्टर्लिंग को जारी करने का अधिकार बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के पास है।

## बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति और आर्थिक संकेतकों का असर
ब्रिटिश पाउंड के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति है। बैंक ऑफ इंग्लैंड का प्राथमिक लक्ष्य लगभग 2% की वार्षिक मुद्रास्फीति दर को बनाए रखकर मूल्य स्थिरता हासिल करना है। इस लक्ष्य को पाने के लिए केंद्रीय बैंक का मुख्य हथियार ब्याज दरों में बदलाव करना है। जब ब्रिटेन में महंगाई बहुत अधिक हो जाती है, तो BoE ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है। इससे कर्ज महंगा होता है और अर्थव्यवस्था में मांग सुस्त होती है। ऊंची ब्याज दरें विदेशी निवेशकों को आकर्षित करती हैं, जिससे पाउंड स्टर्लिंग को मजबूती मिलती है।

इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति अत्यधिक नीचे गिर जाती है, तो यह आर्थिक सुस्ती का संकेत होता है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करता है ताकि कंपनियां आसानी से कर्ज लेकर निवेश बढ़ा सकें। इसके अलावा जीडीपी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI तथा रोजगार के आंकड़े भी पाउंड की दिशा तय करते हैं। यदि आर्थिक आंकड़े मजबूत आते हैं, तो मुद्रा मजबूत होती है, जबकि कमजोर आंकड़ों से पाउंड में गिरावट आती है। ट्रेड बैलेंस भी एक अहम कारक है; यदि निर्यात अधिक हो तो मुद्रा को समर्थन मिलता है, जबकि व्यापार घाटा मुद्रा पर दबाव डालता है।

## वैश्विक मुद्रा बाजार का हाल: GBP/USD और EUR/USD की चाल
ब्रिटेन से सुस्त खुदरा बिक्री के आंकड़े आने के बावजूद GBP/USD पेयर शुक्रवार को यूरोपीय सत्र में 1.3650 के आसपास बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। पाउंड को अमेरिकी डॉलर (USD) में आई कमजोरी का सहारा मिला। सप्ताह के मध्य में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा दीर्घकालिक बॉन्ड खरीद बढ़ाने के फैसले के बाद डॉलर दबाव में रहा, जिससे GBP/USD को समर्थन मिला।

दूसरी ओर, EUR/USD पेयर शुक्रवार को 1.1700 के आसपास अपनी साप्ताहिक बढ़त को संभालता हुआ नजर आया। निवेशक जर्मनी, यूरोज़ोन और अमेरिका के शुरुआती अगस्त PMI आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी डॉलर में जारी कमजोरी के कारण यूरो डॉलर के मुकाबले मजबूत बना हुआ है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, EUR/USD 1.17 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिसमें 0.24% की दैनिक तेजी है।

## बॉन्ड मार्केट और सोने की कीमतें: अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा कदम
वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय सबसे बड़ा बदलाव सरकारी बॉन्ड मार्केट में देखा जा रहा है। अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में दीर्घकालिक बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल आया है, जहां कई बेंचमार्क यील्ड एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपनी तरलता सहायता बायबैक योजनाओं के तहत 10 से 20 साल और 20 से 30 साल के बॉन्ड सेक्टर में बायबैक की सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन कर दिया है। यह नया ढांचा 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक चलेगा।

कमजोर डॉलर के कारण सोने की कीमतों में भी बढ़त देखी जा रही है। सोना 4,550 डॉलर प्रति औंस से ऊपर बना हुआ है, जो जून के बाद का उच्चतम स्तर है। तकनीकी रूप से सोने ने 200-दिवसीय SMA से ऊपर ब्रेकआउट दिया है। अमेरिका में मुद्रास्फीति के सुस्त पड़ने के संकेतों के बाद व्यापारियों ने फेडरल रिजर्व द्वारा त्वरित ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया है, जिससे सराफा बाजार को सहारा मिला है।

## EUR/USD के लाइव तकनीकी संकेतक और बाजार आउटलुक
लाइव तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, EUR/USD में 1.14 से 1.20 के 52-सप्ताह के दायरे के भीतर मजबूती बनी हुई है। 14-दिवसीय RSI संकेतक 74 पर है, जो ओवरबॉट स्थिति का संकेत देता है, जबकि MACD बुलिश रुझान दिखा रहा है। 20-दिवसीय EMA 1.16 और 50-दिवसीय EMA 1.15 पर है। बॉलिंगर बैंड्स की सीमा 1.14 से 1.17 बनी हुई है, जहां मौजूदा कीमत ऊपरी बैंड के पास है। 34 का ADX मान एक मजबूत ट्रेंडिंग मूवमेंट को दर्शाता है। FXStreet के अनुसार, वैश्विक तनाव या युद्ध में बढ़ोतरी की स्थिति में अमेरिकी डॉलर की मांग फिर से लौट सकती है, जो आगे FX बाजारों की चाल तय करेगी।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो और पाउंड की हलचल से भारतीय आयातकों और निर्यातकों की हेजिंग लागत प्रभावित हो सकती है।
- **अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और छात्रों के लिए:** ब्रिटेन और यूरोप यात्रा या पढ़ाई के लिए जाने वाले लोगों को पाउंड और यूरो की विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. जुलाई में ब्रिटेन की खुदरा बिक्री में कितनी गिरावट आई?
यूके ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, जुलाई में ब्रिटेन की खुदरा बिक्री में मासिक आधार पर 0.5% की गिरावट दर्ज की गई, जो अप्रैल के बाद पहली गिरावट है।

### 2. EUR/GBP के लिए कौन से मुख्य तकनीकी स्तर हैं?
EUR/GBP के लिए पहला प्रतिरोध स्तर 0.8585 पर और 100-दिवसीय SMA 0.8615 पर है। नीचे की तरफ समर्थन 0.8560 और 0.8535 के स्तर पर मौजूद है।

### 3. बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतियां पाउंड स्टर्लिंग को कैसे प्रभावित करती हैं?
बैंक ऑफ इंग्लैंड महंगाई पर नियंत्रण के लिए ब्याज दरें बढ़ाता है, जिससे विदेशी निवेश आकर्षित होता है और पाउंड मजबूत होता है। सुस्ती के दौरान दरें घटाने से पाउंड पर दबाव आ सकता है।

### 4. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड मार्केट के लिए क्या घोषणा की है?
अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 से 30 साल के बॉन्ड सेक्टर में अपनी तरलता सहायता बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन करने का ऐलान किया है।

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