ऊर्जा बिल में बढ़ोतरी के बीच ब्रिटिश पाउंड 1.3650 के पास 4 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा यूके में मुद्रास्फीति दर बढ़कर 2.9% हो गई है, जिसका मुख्य कारण घरेलू ऊर्जा मूल्य सीमा में वृद्धि है। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के कारण GBP/USD 1.3650 के पास 4 महीने के उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड (GBP) अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले मजबूत बढ़त दर्ज करते हुए 1.3650 के स्तर के ठीक नीचे कारोबार कर रहा है, जो पिछले चार महीनों से अधिक समय का इसका उच्चतम स्तर है। हालांकि, मुद्रा की इस तेजी के पीछे यूके के घरेलू आर्थिक संकेतकों से ज्यादा अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक बिकवाली का हाथ माना जा रहा है। यूके में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित हेडलाइन मुद्रास्फीति जुलाई महीने में बढ़कर 2.9% वार्षिक (YoY) पर पहुंच गई है, जो जून में 2.6% दर्ज की गई थी। बाजार के विश्लेषक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मुद्रास्फीति में यह तेजी अर्थव्यवस्था में किसी संरचनात्मक दबाव के कारण नहीं, बल्कि जुलाई की शुरुआत में घरेलू ऊर्जा मूल्य सीमा (एनर्जी प्राइस कैप) में की गई 13% की बढ़ोतरी का सीधा परिणाम है। मुद्रास्फीति का आंकड़ा और ऊर्जा बिल का प्रभाव यूके के जुलाई मुद्रास्फीति आंकड़ों के गहन विश्लेषण से पता चलता है कि हेडलाइन मुद्रास्फीति 2.9% YoY के सर्वसम्मति अनुमान के बिल्कुल अनुरूप रही है। मासिक आधार पर मुद्रास्फीति दर 0.3% दर्ज की गई, जबकि मुख्य (कोर) मुद्रास्फीति दर 2.5% के पूर्वानुमान के मुकाबले 2.6% पर स्थिर रही। जुलाई की शुरुआत में लागू हुई 13% की ऊर्जा कैप वृद्धि के बाद अक्टूबर महीने में दूसरी वृद्धि भी पहले से निर्धारित है। बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) जिस सेवा मुद्रास्फीति (सर्विस इन्फ्लेशन) को घरेलू मुद्रास्फीति दबाव के मुख्य पैमाने के रूप में देखती है, वह वास्तव में 3.6% से घटकर 3.4% पर आ गई है। इस आंकड़े को सख्त मौद्रिक नीति के दबाव के रूप में देखना गलत व्याख्या होगी। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने पहले ही वित्तीय बाजारों को सूचित कर दिया था कि उसकी प्रत्याशा के अनुसार हेडलाइन मुद्रास्फीति चौथी तिमाही में 3.2% के आसपास शीर्ष पर पहुंचेगी। ऐसे में नियंत्रित ऊर्जा बिलों में वृद्धि एक अनुसूचित प्रक्रिया है, जो उन वेतन और सेवा क्षेत्रों की गतिशीलता को प्रभावित नहीं करती है जिनके आधार पर ब्याज दरों के फैसले लिए जाते हैं। पाइपलाइन के आंकड़ों में कोर आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइसेज 2.6% से बढ़कर 2.8% YoY हो गए, जबकि हेडलाइन प्रोड्यूसर प्राइस 3.5% से घटकर 3.1% पर आ गए। बैंक ऑफ इंग्लैंड की दर नीति और गोल्डमैन सैक्स का दृष्टिकोण मौद्रिक नीति समिति ने 30 जुलाई की अपनी बैठक में नीतिगत ब्याज दर को 3.75% पर बनाए रखने का निर्णय लिया था। यह फैसला 6-3 के बहुमत से हुआ था, जिसमें तीन सदस्यों ने 0.25% (पॉइंट) की कटौती के पक्ष में मतदान किया था। समिति की अगली महत्वपूर्ण बैठक 17 सितंबर को होनी है। वर्तमान में वायदा बाजार इस साल के अंत से पहले ब्याज दर में एक और बढ़ोतरी की केवल 30% संभावना जता रहा है, जबकि अधिकांश सर्वेक्षण किए गए अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस पूरे वर्ष ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) का अनुमान है कि वर्ष 2026 में भी बैंक ऑफ इंग्लैंड की ओर से दरों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। संस्था ने स्पष्ट किया है कि बाजार की वर्तमान मूल्य निर्धारण अपेक्षाओं और उसके स्वयं के दर पूर्वानुमान के बीच का अंतर आने वाले महीनों में ब्रिटिश पाउंड पर नीचे की ओर दबाव (डाउनसाइड प्रेशर) बना सकता है। इसके लिए किसी बड़े आर्थिक झटके की आवश्यकता नहीं है; जब केंद्रीय बैंक दरों में वृद्धि नहीं करता, तो बाजार में मौजूद अतिरिक्त प्रीमियम धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है। अमेरिकी डॉलर की गिरावट और ट्रेजरी बायबैक का असर ब्रिटिश पाउंड में आई हालिया मजबूती का एक प्रमुख कारण अमेरिकी डॉलर में दर्ज की गई व्यापक गिरावट है। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के बॉन्ड बाजार में किए गए ऑपरेशंस के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई, जिससे डॉलर अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले कई महीनों के निचले स्तर पर चला गया। इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि GBP/USD की इस रैली की शुरुआत लंदन से नहीं, बल्कि वॉशिंगटन से हुई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को 12:32 GMT पर घोषणा की थी कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष के बॉन्ड क्षेत्रों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस के आकार को दोगुना से अधिक करेगा। प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन कर दिया गया है। यह नया ढांचा 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक लागू रहेगा। इस कदम ने बॉन्ड यील्ड्स पर दबाव डाला और डॉलर सूचकांक को कमजोर किया। आगामी आर्थिक आंकड़े और पीएमआई पूर्वानुमान बाजार की निगाहें अब यूके और अमेरिका के आगामी आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं। यूके का अगस्त उपभोक्ता विश्वास आंकड़ा -17 से गिरकर -18 रहने का अनुमान है। वहीं, जुलाई के खुदरा बिक्री (रिटेल सेल्स) आंकड़े 0.6:00 GMT पर जारी होंगे, जहां जून की 1% वृद्धि के मुकाबले मासिक आधार पर -0.5% संकुचन की आशंका है। वार्षिक आधार पर खुदरा बिक्री की वृद्धि दर 4.2% से घटकर 2.2% रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि ईधन-रहित (एक्स-फ्यूल) बिक्री -0.5% रहने की उम्मीद है। इसके बाद 08:30 GMT पर अगस्त के फ्लैश परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) आंकड़े सामने आएंगे। कंपोजिट PMI 52.2 से घटकर 51.5, मैन्युफैक्चरिंग PMI 51.9 से घटकर 51.5 और सर्विस PMI 52.1 से घटकर 51.8 रहने का अनुमान है। जुलाई में कारखानों में देखी गई मजबूती मुख्य रूप से मध्य पूर्व में आपूर्ति व्यवधानों के कारण की गई एहतियाती स्टॉक-बिल्डिंग का परिणाम थी। इसलिए अगस्त के PMI में गिरावट किसी मांग के टूटने का संकेत नहीं, बल्कि एक इन्वेंट्री चक्र का बदलाव है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी फ्लैश PMI आंकड़े 13:45 GMT पर आएंगे, जहां मैन्युफैक्चरिंग 53.8 और सर्विसेज 54.0 रहने का अनुमान है। इसके बाद 27 अगस्त से शुरू होने वाले जैक्सन होल सम्मेलन तक कैलेंडर अपेक्षाकृत शांत रहेगा। तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर तकनीकी मोर्चे पर, GBP/USD जोड़ी 1.3600 के स्तर से ऊपर बने रहने तक बुलिश रुझान में नजर आ रही है। दैनिक Stochastic Relative Strength Index (Stoch RSI) 90 से ऊपर बना हुआ है, जो दर्शाता है कि यह चाल काफी खिंची हुई (ओवरबॉट) स्थिति में है। 1.3600 के नीचे दैनिक समापन शुक्रवार के सत्र को रिवर्सल में बदल सकता है, जिससे 1.3550 और 1.3500 के स्तर खुल जाएंगे। • प्रतिरोध स्तर (Resistance): 1.3650 का हालिया सत्र उच्च स्तर निकटतम रुकावट है। यदि यह पार होता है, तो अगला मुख्य लक्ष्य 1.3700 का राउंड स्तर होगा। • समर्थन स्तर (Support): 1.3600 का सत्र निचला स्तर पहला समर्थन है। इसके नीचे 1.3550 का shelf और 1.3450 के पास स्थित 50-दिवसीय EMA महत्वपूर्ण समर्थन रेखाएं हैं। • तकनीकी संकेतक: RSI(14) 69 पर है, जबकि MACD 0.01 पर सिग्नल लाइन 0.00 से ऊपर बुलिश क्रॉसओवर प्रदर्शित कर रहा है। 50-दिवसीय EMA (1.34) और 200-दिवसीय EMA (1.34) के बीच गोल्ड क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। वैश्विक विदेशी मुद्रा और एसेट बाजार का हाल अन्य प्रमुख संपत्तियों में, EUR/USD अपनी शुरुआती बढ़त गंवाकर 1.1700 के स्तर से नीचे आ गया है। अमेरिकी डॉलर में देर से आए सुधार ने इस जोड़ी को प्रभावित किया। दूसरी ओर, हाजिर सोना (Gold) अपनी गिरावट से उबरते हुए $4,500 प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण आंकड़े के पार निकलने में सफल रहा है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में, रिपल (XRP) $1.16 से ऊपर अपनी तेजी को कायम रखे हुए है, जिसने सोमवार से अब तक 20% से अधिक की वृद्धि दर्ज की है। क्रिप्टो बाजार का Fear & Greed Index पिछले दिन के 46 से सुधरकर 62 (Greed क्षेत्र) पर पहुंच गया है, जो निवेशकों के बढ़ते जोखिम-लेने के रुझान (रिस्क-ऑन सेंटिमेंट) को दर्शाता है। ब्रिटिश पाउंड का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और बाजार तंत्र ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग (GBP) दुनिया की सबसे पुरानी चालू मुद्रा है, जिसकी शुरुआत 886 AD में हुई थी। यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है और वैश्विक विदेशी मुद्रा (FX) बाजार में चौथी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, यह कुल दैनिक FX लेनदेन का 12% हिस्सा कवर करती है, जिसका औसत दैनिक कारोबार $630 बिलियन है। पाउंड के प्रमुख ट्रेडिंग जोड़ों में GBP/USD (जिसे 'केबल' कहा जाता है, 11% शेयर), GBP/JPY ('ड्रैगन', 3%) और EUR/GBP (2%) शामिल हैं। पाउंड का निर्गमन बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा किया जाता है। पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति है। बैंक का प्राथमिक लक्ष्य 2% के आसपास मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। जब मुद्रास्फीति अत्यधिक बढ़ जाती है, तो बैंक दरों में वृद्धि करता है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए ब्रिटेन में पूंजी लगाना आकर्षक बनता है और GBP मजबूत होता है। इसके विपरीत, जब आर्थिक वृद्धि धीमी होती है, तो दरों में कटौती की जाती है। इसके अलावा, व्यापार संतुलन (Trade Balance) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है; यदि यूके के निर्यात की मांग अधिक होती है, तो पाउंड की मांग अपने आप बढ़ जाती है। इसका आप पर असर भारत में: ब्रिटिश पाउंड और डॉलर की विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से यूके में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की फीस और खर्चों की लागत पर असर पड़ सकता है। वैश्विक बाजार में: यूके मुद्रास्फीति और बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत दरों से अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा व्यापार और वैश्विक बॉन्ड यील्ड्स में अनिश्चितता बनी रहेगी। सवाल-जवाब 1. GBP/USD में हालिया तेजी का मुख्य कारण क्या है? यह तेजी यूके के घरेलू आंकड़ों से ज्यादा अमेरिकी ट्रेजरी बायबैक ऑपरेशंस के बाद अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक बिकवाली के कारण हुई है। 2. यूके की मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर कितनी हो गई? यूके की हेडलाइन मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 2.9% वार्षिक हो गई, जो जून में 2.6% दर्ज की गई थी। 3. जुलाई में मुद्रास्फीति बढ़ने की मुख्य वजह क्या थी? जुलाई की शुरुआत में घरेलू ऊर्जा मूल्य सीमा (एनर्जी प्राइस कैप) में 13% की वृद्धि होना इसका मुख्य कारण था। 4. बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक कब है? मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अगली ब्याज दर निर्धारण बैठक 17 सितंबर को आयोजित होगी। 5. गोल्डमैन सैक्स का बैंक ऑफ इंग्लैंड की दरों पर क्या अनुमान है? गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि वर्ष 2026 में भी बैंक ऑफ इंग्लैंड की ओर से दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। 6. GBP/USD के लिए कौन से मुख्य तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं? तत्काल प्रतिरोध 1.3650 और 1.3700 पर है, जबकि प्राथमिक समर्थन 1.3600 और 1.3550 के स्तर पर बना हुआ है। https://trendkia.com/market/urja-bila-men-barhotari-ke-bicha-british-pound-1-3650-ke-pasa-4-mahine-ke-uchcha-stara-para-pahuncha-19299 TrendKia — Har trend, sabse pehle.