अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अप्रत्याशित तेजी से लुढ़का न्यूजीलैंड डॉलर, दर वृद्धि की आशंका ने बढ़ाई डॉलर की ताकत अमेरिका में निजी क्षेत्र के कारोबारी आंकड़ों में रिकॉर्ड उछाल के बाद अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिसके चलते न्यूजीलैंड डॉलर में भारी गिरावट दर्ज की गई। फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान न्यूजीलैंड डॉलर पर भारी दबाव देखा गया, जहां अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों ने ग्रीनबैक में नई जान फूंक दी। निजी क्षेत्र के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में जोरदार विस्तार दर्ज किए जाने से निवेशकों का रुझान अमेरिकी मुद्रा की ओर तेजी से बढ़ा। इसके सीधे असर के तौर पर कीवी मुद्रा बिकवाली के चक्रव्यूह में फंस गई और इसमें लगभग 1.00% की भारी गिरावट आई, जिससे यह फिसलकर 0.5670 के आसपास पहुंच गई। फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीतियों को और कड़ा किए जाने की नई अटकलों ने इस मुद्रा जोड़ी के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। निजी क्षेत्र के आंकड़ों ने दी अमेरिकी अर्थव्यवस्था को रफ्तार एसएंडपी ग्लोबल द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका में व्यापारिक गतिविधियों की रफ्तार उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज रही है। सितंबर के दौरान समग्र क्रय प्रबंधक सूचकांक (कंपोजिट पीएमआई) बढ़कर 58.4 के स्तर पर पहुंच गया, जो ठीक पिछले महीने अगस्त में 56 के स्तर पर दर्ज किया गया था। इस सूचकांक में इतनी बड़ी बढ़ोतरी निजी क्षेत्र के दोनों प्रमुख हिस्सों यानी मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज में आए जबर्दस्त उछाल की गवाही देती है। एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में मुख्य व्यापार अर्थशास्त्री क्रिस विलियमसन ने स्थिति का विश्लेषण करते हुए बताया कि अमेरिकी कारोबारी गतिविधियों का विस्तार पांच वर्षों से अधिक समय में अपनी सबसे तेज रफ्तार से हो रहा है। आर्थिक आंकड़ों में इस अप्रत्याशित मजबूती ने वित्तीय बाजारों में यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था उच्च ब्याज दरों के दबाव के बावजूद सुस्ती के संकेत नहीं दिखा रही है, बल्कि इसके उलट नई गति पकड़ रही है। फेडरल रिजर्व की सख्ती की आशंका और बढ़ता डॉलर इंडेक्स व्यापारिक गतिविधियों में आई इस अचानक तेजी ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व के रुख को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं। ब्याज दरों के भविष्य का आकलन करने वाले सीएमई फेडवॉच टूल के आंकड़े दर्शाते हैं कि अक्टूबर की आगामी बैठक में केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने की संभावना अब बढ़कर लगभग 68% हो गई है। यह आंकड़ा महज एक दिन पहले के 55% के अनुमान से काफी ज्यादा है। ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के इस बदले समीकरण ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स को भी नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। दस वर्ष की अवधि वाले अमेरिकी ट्रेजरी नोट की यील्ड 5.06% के आसपास मंडराती नजर आई। इस पूरे घटनाक्रम का सीधा लाभ अमेरिकी डॉलर को मिला। दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के प्रदर्शन को मापने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स (डीएक्सवाई) 0.54% चढ़कर 101.10 के करीब जा पहुंचा, जो इसका पिछले दो महीनों का नया उच्चतम स्तर है। जब भी डॉलर इंडेक्स इस तरह की छलांग लगाता है, तो एनजेडडी/यूएसडी जैसी जोखिम-संवेदनशील जोड़ियों में स्वतः तेज बिकवाली शुरू हो जाती है। तकनीकी चार्ट पर क्या कहते हैं संकेत एक घंटे के तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो एनजेडडी/यूएसडी 0.5671 के आसपास कारोबार करता दिख रहा है, जो अल्पकालिक अवधि के लिए मंदी के साफ संकेत दे रहा है। कारोबारी दिन की शुरुआत 0.5718 के स्तर पर हुई थी, जहां से लगातार बिकवाली ने कीमत को दिन के निचले स्तरों की ओर धकेल दिया। फिलहाल यह जोड़ी अपने 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) 0.5720 और 200-अवधि के एसएमए 0.5743 से काफी नीचे बनी हुई है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि मंदड़ियों का पलड़ा भारी है। हालांकि, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई (14) का स्तर गिरकर 29.15 पर पहुंच चुका है। आरएसआई का 30 से नीचे जाना यह दर्शाता है कि यह जोड़ी अब ओवरसोल्ड यानी अत्यधिक बिकवाली के दायरे में प्रवेश कर रही है। जब कोई परिसंपत्ति इस स्तर पर आती है, तो भले ही गिरावट का रुख हावी रहे, लेकिन तकनीकी तौर पर एक सुधारात्मक उछाल या शॉर्ट-कवरिंग रैली की गुंजाइश से इनकार नहीं किया जा सकता। लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा समय में एनजेडडी/यूएसडी 0.5669 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.5712 से 0.74% कम है। 52 हफ्तों के दौरान इसका दायरा 0.5584 से 0.6093 रहा है, जबकि लाइव दैनिक आरएसआई 24 के स्तर पर अत्यधिक बिकवाली दर्शा रहा है और एमएसीडी भी नकारात्मक बना हुआ है। प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर व्यापारियों के लिए ऊपर की ओर पहला महत्वपूर्ण प्रतिरोध 0.5695 पर दिखाई दे रहा है। यदि खरीदार इसे पार करने में सफल होते हैं, तो अगला कड़ा मुकाबला 0.5720 के पास होगा जहां 100-पीरियड एसएमए स्थित है। इसके बाद 0.5735 का क्षैतिज अवरोध और 0.5743 पर 200-पीरियड एसएमए का स्तर आता है, जो किसी भी बड़ी तेजी को सीमित करने वाली मजबूत छत का काम कर रहे हैं। दूसरी ओर, नीचे की तरफ immediate support यानी फौरी सहारा 0.5670 के स्तर पर है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है और यह स्तर टूटता है, तो अगला संभावित लक्ष्य 0.5626 का होगा, जहां खरीदार गिरावट को रोकने और कीमतें संभालने की कोशिश कर सकते हैं। इसके अलावा पिवट स्तर 0.5691 पर आंका गया है, जबकि लाइव तकनीकी गणना में पहला सपोर्ट 0.5648 और दूसरा सपोर्ट 0.5627 पर देखा जा रहा है। अन्य एशियाई मुद्राओं और परिसंपत्तियों की स्थिति बुधवार को केवल न्यूजीलैंड की मुद्रा ही दबाव में नहीं रही, बल्कि अन्य प्रमुख एशियाई और वैश्विक संपत्तियों में भी अमेरिकी डॉलर की ताकत का असर देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (एयूडी/यूएसडी) भी नए सिरे से बिकवाली का शिकार हुई और एशियाई सत्र में 0.7100 के स्तर का परीक्षण करती नजर आई। ऑस्ट्रेलिया के ताजा पीएमआई आंकड़ों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर संकुचन के दायरे में फिसल गया, जबकि सेवा क्षेत्र लगातार दूसरे महीने धीमी गति से बढ़ा। इसके अलावा बाजार के प्रतिभागी ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच गुरुवार को होने वाली महत्वपूर्ण शिखर बैठक का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसके चलते व्यापारियों ने अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं को नजरअंदाज कर दिया। उधर यूएसडी/जेपीवाई की जोड़ी एशियाई सत्र में 157.00 के मध्य स्तर के आसपास बनी रही, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया गया। हालांकि, यह कदम बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप था और इसके साथ आए उदार बयानों ने जापानी येन पर दबाव बनाए रखा। दूसरी तरफ फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख ने डॉलर को मजबूत रखा, यद्यपि जापानी अधिकारियों द्वारा येन में संभावित हस्तक्षेप का डर किसी भी बड़े उछाल को सीमित कर रहा है। कमोडिटी बाजार में सोने (एक्सएयू/यूएसडी) की कीमतों में भी बुधवार को नरमी देखी गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाओं ने डॉलर को जो बढ़त दिलाई, उससे बिना ब्याज वाली इस पीली धातु पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसका आप पर असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आई अप्रत्याशित तेजी और मजबूत होते डॉलर से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय और आयात लागत पर सीधा असर पड़ेगा। • भारत में प्रभाव: मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे विदेशों से होने वाले आयात विशेष रूप से कच्चे तेल की खरीद महंगी हो सकती है। आम उपभोक्ताओं के लिए आने वाले दिनों में ईंधन और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की कीमतों में वृद्धि का जोखिम बना रहेगा। • अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और छात्रों के लिए: डॉलर के मजबूत होने से अमेरिका या डॉलर-आधारित देशों में पढ़ाई करने वाले छात्रों की ट्यूशन फीस और रहने का खर्च बढ़ जाएगा। विदेशी यात्रा की योजना बना रहे लोगों को मुद्रा विनिमय पर अधिक खर्च करना पड़ेगा। • विदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए: एनजेडडी/यूएसडी जैसी जोखिम वाली मुद्राओं में मंदी का रुख बना हुआ है, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करना चाहिए। 0.5670 के स्तर के नीचे जाने पर और गहरी गिरावट देखने को मिल सकती है। • सोना और निवेश बाजार: डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ेगा। कमोडिटी निवेशकों को सोने में नई खरीदारी करने से पहले कीमतों के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ न्यूजीलैंड डॉलर में आई भारी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में उम्मीद से कहीं बेहतर विस्तार दर्ज होना है। मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने यह संभावना बढ़ा दी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करेगा। • मजबूत पीएमआई आंकड़े: अमेरिका का कंपोजिट पीएमआई सितंबर में बढ़कर 58.4 हो गया, जिसने पिछले पांच वर्षों से अधिक समय में सबसे तेज कारोबारी विस्तार का संकेत दिया। इस असाधारण गति ने दुनिया भर के निवेशकों को डॉलर की ओर आकर्षित किया। • ब्याज दर वृद्धि की बढ़ी संभावनाएं: सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, अक्टूबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना 55% से बढ़कर 68% हो गई। उच्च ब्याज दरों की उम्मीद ने अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड को 5.06% तक धकेल दिया। • तकनीकी स्तरों का टूटना: एनजेडडी/यूएसडी 100-पीरियड और 200-पीरियड एसएमए जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों से नीचे फिसल गया। इस तकनीकी कमजोरी के कारण स्वचालित स्टॉप-लॉस ट्रिगर हुए, जिससे गिरावट और तेज हो गई। सवाल-जवाब 1. न्यूजीलैंड डॉलर में अचानक गिरावट क्यों आई? अमेरिका में निजी क्षेत्र के मजबूत कारोबारी आंकड़ों और पीएमआई में आए उछाल के कारण अमेरिकी डॉलर काफी मजबूत हुआ, जिसके चलते न्यूजीलैंड डॉलर में गिरावट आई। 2. सितंबर में अमेरिकी कंपोजिट पीएमआई कितना दर्ज किया गया? सितंबर महीने में एसएंडपी ग्लोबल यूएस कंपोजिट पीएमआई बढ़कर 58.4 पर पहुंच गया, जो अगस्त में 56 के स्तर पर था। 3. फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की कितनी संभावना है? सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, बाजारों में अक्टूबर में ब्याज दर में एक और बढ़ोतरी की संभावना लगभग 68% आंकी जा रही है। 4. एनजेडडी/यूएसडी के लिए अगला अहम सपोर्ट स्तर क्या है? तत्काल सहारा 0.5670 के स्तर पर है, और यदि यह स्तर टूटता है तो अगला प्रमुख सपोर्ट 0.5626 पर देखा जा रहा है। 5. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला लिया? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। https://trendkia.com/market/us-arthavyavastha-men-apratyashita-teji-se-lurhaka-new-zealand-dollar-dara-vriddhi-ki-ashnka-ne-barhai-dollar-ki-takata-37304 TrendKia — Har trend, sabse pehle.