अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता के संकेतों के बीच डॉलर मजबूत, सोने और प्रमुख मुद्राओं पर बढ़ा दबाव एसएंडपी ग्लोबल के शुरुआती पीएमआई आंकड़ों से पहले अमेरिकी डॉलर में मजबूती देखी जा रही है। फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और आगामी ट्रंप-शी जिनपिंग वार्ता के बीच सोना, यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है। अमेरिकी कारोबारी गतिविधियों के शुरुआती आंकड़े जारी होने से ठीक पहले वैश्विक वित्तीय बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। एसएंडपी ग्लोबल की ओर से सितंबर महीने के लिए जारी किए जाने वाले प्रारंभिक परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई से अर्थव्यवस्था में निरंतर मजबूती बने रहने के संकेत मिलने की उम्मीद की जा रही है। इस बीच डॉलर में लगातार खरीदारी देखी जा रही है, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के साथ-साथ कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी दर्ज की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि निजी क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों के सर्वेक्षण पर आधारित यह रिपोर्ट आर्थिक विकास की प्राथमिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पीएमआई आंकड़ों की रूपरेखा और कारोबारी गतिविधियों का दायरा एसएंडपी ग्लोबल की प्रारंभिक रिपोर्ट में तीन प्रमुख सूचकांक शामिल होते हैं, जिनमें मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई, सर्विसेज पीएमआई और दोनों का भारित औसत कंपोजिट पीएमआई शामिल है। इन सभी सूचकांकों में 50 अंक का स्तर विकास और संकुचन के बीच विभाजन रेखा माना जाता है। यदि रीडिंग 50 से ऊपर रहती है तो यह कारोबारी विस्तार का संकेत देती है, जबकि 50 से नीचे की संख्या आर्थिक गिरावट को दर्शाती है। सितंबर महीने के फ्लैश आंकड़ों में मामूली सुस्ती की संभावना के बावजूद अमेरिकी कारोबारी गतिविधियां स्पष्ट रूप से विस्तार के दायरे में बनी हुई हैं। यह रुझान वैश्विक स्तर पर अमेरिकी आर्थिक लचीलेपन की धारणा को और मजबूत करता है। आधिकारिक आर्थिक आंकड़ों की तुलना में काफी पहले सामने आने वाले ये मासिक सर्वेक्षण उत्पादन, निर्यात के पैटर्न, क्षमता उपयोग, रोजगार के स्तर और इन्वेंट्री की स्थिति का व्यापक विश्लेषण पेश करते हैं। यदि इन आंकड़ों में उम्मीद से अधिक सकारात्मक उछाल दर्ज होता है, तो यह डॉलर को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करेगा। ऐसी स्थिति में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से नीतिगत दरों पर सतर्क और सख्त रुख बरकरार रखने की संभावना भी बढ़ जाएगी। वित्तीय कैलेंडर के अनुसार यह रिपोर्ट बुधवार को 13:45 GMT पर जारी होने वाली है, जिस पर दुनिया भर के निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख जोड़ों की चाल और तकनीकी स्तर अमेरिकी डॉलर के बढ़ते प्रभाव के चलते यूरो बनाम डॉलर यानी EUR/USD में सुस्ती छाई हुई है और यह 1.1500 के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी नीचे बना हुआ है। तकनीकी मोर्चे पर यदि खरीदार बढ़त बनाने की कोशिश करते हैं, तो 1.1526 पर स्थित अनंतिम 55-दिवसीय और 1.1542 पर मौजूद 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA शुरुआती प्रतिरोध स्तर के रूप में कार्य कर सकते हैं। इसके बाद अधिक महत्वपूर्ण 200-दिवसीय SMA सामने आएगा। यदि यह जोड़ी 200-दिवसीय औसत को पार करने में सफल रहती है, तो अगला लक्ष्य 21 अगस्त को दर्ज किया गया 1.1711 का शीर्ष स्तर बन सकता है। दूसरी ओर, बाजार विश्लेषक पियोवानो के अनुसार यदि बिकवाली का दबाव लगातार बना रहता है, तो नीचे की तरफ पहला प्रमुख समर्थन 28 जुलाई के मासिक निचले स्तर 1.1353 पर मिलेगा। इसके टूटने के बाद 24 जून को बने 2026 के निचले स्तर 1.1324 पर समर्थन की संभावना है। पियोवानो ने तकनीकी संकेतकों का हवाला देते हुए बताया कि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI लगभग 31 के स्तर पर पहुंच रहा है और एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स यानी ADX लगभग 29 के आसपास दर्ज हुआ है, जो बाजार में मंदी के रुझान की मजबूती का संकेत देता है। अन्य मुद्राओं में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर यानी AUD/USD बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान नए सिरे से बिकवाली के दबाव में आकर 0.7100 के स्तर का परीक्षण करता दिखा। ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती पीएमआई आंकड़ों में विनिर्माण क्षेत्र संकुचन के दायरे में फिसल गया, जबकि सेवा क्षेत्र में लगातार दूसरे महीने धीमी गति से विस्तार दर्ज हुआ। इसके अतिरिक्त अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की गिरावट को और गहरा किया है। दूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी 157.00 के मध्य स्तर के करीब कारोबार कर रही है, जो पिछले शुक्रवार को देखे गए दो सप्ताह के उच्च स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति सामान्यीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% किए जाने के बावजूद, नीतिगत रुख में नरमी के चलते जापानी येन पर दबाव बना रहा। हालांकि जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंका ने डॉलर की तेजी पर कुछ हद तक नियंत्रण बनाए रखा। जीडीपी का महत्व, मुद्रास्फीति और सोने की दिशा किसी भी अर्थव्यवस्था में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी एक निश्चित समय सीमा, आमतौर पर एक तिमाही के दौरान विकास दर का मापन करता है। सबसे विश्वसनीय आंकड़ों में तिमाही दर तिमाही तुलना या पिछले वर्ष की समान अवधि से तुलना शामिल होती है। वार्षिक आधार पर आकलित तिमाही जीडीपी दर कभी-कभी भ्रामक साबित हो सकती है, विशेषकर तब जब किसी एक तिमाही में अप्रत्याशित झटके लगे हों जो पूरे वर्ष नहीं टिकते, जैसा कि वर्ष 2020 की पहली तिमाही में महामारी के दौरान देखने को मिला था। सामान्य परिस्थितियों में उच्च जीडीपी आंकड़े राष्ट्रीय मुद्रा के लिए सकारात्मक होते हैं क्योंकि मजबूत अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन बढ़ता है, निर्यात में इजाफा होता है और विदेशी निवेश आकर्षित होता है। जब अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है और जीडीपी ऊपर चढ़ती है, तो लोगों का खर्च बढ़ता है जिससे मुद्रास्फीति में वृद्धि होती है। मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में बढ़ोतरी करनी पड़ती है। बढ़ती ब्याज दरें वैश्विक पूंजी प्रवाह को आकर्षित कर स्थानीय मुद्रा को मजबूत करती हैं, लेकिन यह स्थिति सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों के लिए प्रतिकूल मानी जाती है। अधिक ब्याज दरों के कारण नकदी जमा या बांड की तुलना में सोना रखने की अवसर लागत बढ़ जाती है, जिससे सोने में मंदी का माहौल बनता है। लाइव मार्केट डेटा और सोने के तकनीकी संकेत बुधवार के कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से तक लगातार गिरावट जारी रही, जिससे पिछले दिन उप-$4,300 के स्तर से हुई आंशिक रिकवरी पलट गई। फेडरल रिजर्व के सख्त दृष्टिकोण के कारण डॉलर में खरीदारी का सिलसिला जारी रहा, जिससे पूंजी प्रवाह सोने से दूर होता देखा गया। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, कमोडिटी वर्ग में सोना वर्तमान में $4,355 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव $4,376 की तुलना में 0.49% की गिरावट दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा $3,750 से $5,586 के बीच रहा है, जबकि कारोबारी मात्रा 20-दिवसीय औसत का 0.24 गुना दर्ज की गई है। सोने के तकनीकी विश्लेषण में 14-दिवसीय RSI 45 पर स्थित है। एमएसीडी -10.93 पर है जबकि इसका सिग्नल 6.09 पर दर्ज हुआ है, जिसका हिस्टोग्राम -17.03 के साथ मंदी का स्पष्ट संकेत दे रहा है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में, 20-दिवसीय ईएमए $4,414, 50-दिवसीय ईएमए $4,390 और 200-दिवसीय ईएमए $4,431 पर है, जबकि 50-दिवसीय एसएमए $4,344 और 200-दिवसीय एसएमए $4,555 पर बना हुआ है। इसमें 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे जाना यानी डेथ क्रॉस दीर्घकालिक गिरावट के रुझान की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड $4,265 से $4,623 के बीच फैला है, जिसका मध्य स्तर $4,444 पर है। 14-दिवसीय एडीएक्स 15 पर कमजोर दायरे का संकेत देता है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर में फास्ट लाइन 29 और सिग्नल लाइन 35 पर है। दैनिक अस्थिरता को मापने वाला एटीआर 100.68 पर है। तकनीकी स्तरों के लिहाज से पिवट स्तर $4,372 पर है, जिसके ऊपर रेजिस्टेंस R1 $4,391 और R2 $4,427 पर मौजूद है, जबकि नीचे की ओर सपोर्ट S1 $4,336 और S2 $4,316 पर स्थित है। इसके अलावा 20-दिवसीय स्तरों पर समर्थन लगभग $4,273 और प्रतिरोध लगभग $4,731 के आसपास आंका गया है। वाशिंगटन शिखर सम्मेलन और भू-राजनीतिक परिदृश्य वित्तीय आंकड़ों के अलावा बाजार की निगाहें वैश्विक कूटनीति पर भी केंद्रित हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को वाशिंगटन में एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले हैं। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव में कुछ महीनों की नरमी के बाद, यह बैठक इस बात का फैसला कर सकती है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपने कारोबारी समझौते को आगे बढ़ाएंगी या अनिश्चितता के एक नए दौर में प्रवेश करेंगी। इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले बाजार सहभागी अत्यधिक सतर्क रुख अपना रहे हैं। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता का दौर संपन्न होने के बावजूद बाजारों ने इस घटनाक्रम पर अधिक ध्यान नहीं दिया है और संपूर्ण ध्यान वाशिंगटन बैठक और आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर केंद्रित बना हुआ है। इसका आप पर असर अमेरिकी कारोबारी आंकड़ों और डॉलर में मजबूती से वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों और विदेशी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। • सोने के खरीदार और निवेशक: मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरों के कारण सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। मौजूदा समय में सोना $4,355 के आसपास है, जिससे आभूषण या निवेश के लिए खरीदारी करने वालों को सतर्क रहकर गिरावट पर नजर रखनी चाहिए। • मुद्रा व्यापारी और विदेशी मुद्रा निवेशक: डॉलर की मजबूती के चलते यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी प्रमुख मुद्राएं दबाव में हैं। यदि आगामी अमेरिकी पीएमआई आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो डॉलर में और तेजी आ सकती है जिससे अन्य मुद्राओं में अतिरिक्त गिरावट की संभावना रहेगी। • आयात-निर्यात और विदेशी यात्रा: डॉलर में मजबूती से आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है। जो लोग विदेश यात्रा या अंतरराष्ट्रीय भुगतान की योजना बना रहे हैं, उन्हें विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर बजट तय करना चाहिए। • फिक्स्ड डिपॉजिट और बॉन्ड निवेशक: केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने के संकेतों से तय आय वाले साधनों पर बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बनी हुई है। निवेशक सोने के बजाय सुरक्षित और निश्चित ब्याज वाले विकल्पों में पूंजी लगाने पर विचार कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी अर्थव्यवस्था में लगातार मजबूती के रुझान और केंद्रीय बैंक द्वारा सख्त ब्याज दर नीति बनाए रखने की उम्मीदों के कारण वैश्विक बाजारों में डॉलर की मांग बढ़ी है और अन्य संपत्तियों पर दबाव बना है। • कारोबारी गतिविधियों में विस्तार: एसएंडपी ग्लोबल के आगामी आंकड़ों से संकेत मिलता है कि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज क्षेत्र 50 के स्तर से ऊपर रहकर विस्तार के दायरे में बने हुए हैं। अमेरिकी कारोबारी माहौल में इस निरंतर विकास ने निवेशकों का भरोसा डॉलर पर बनाए रखा है। • फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: उच्च जीडीपी और निरंतर आर्थिक गतिविधियों के कारण मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका रहती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखे जाने की उम्मीद है। ऊंची ब्याज दरें डॉलर को समर्थन देती हैं और सोने की मांग को घटाती हैं। • वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक कारक: ऑस्ट्रेलिया में विनिर्माण क्षेत्र में संकुचन और जापान में दर वृद्धि के बावजूद येन की कमजोरी ने डॉलर को सापेक्षिक बढ़त दिलाई है। साथ ही वाशिंगटन में ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाले महत्वपूर्ण सम्मेलन से पहले निवेशक जोखिम से बचते हुए सुरक्षित डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. एसएंडपी ग्लोबल पीएमआई रिपोर्ट कब जारी होगी? यह रिपोर्ट बुधवार को 13:45 GMT पर जारी की जाएगी। 2. पीएमआई में 50 अंक का क्या महत्व होता है? पीएमआई सूचकांक में 50 से ऊपर का स्तर कारोबारी विस्तार को और 50 से नीचे का स्तर आर्थिक संकुचन को दर्शाता है। 3. वर्तमान में सोने की कीमत क्या चल रही है? लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार सोना वर्तमान में $4,355 पर कारोबार कर रहा है। 4. फेडरल रिजर्व के सख्त रुख का सोने पर क्या असर पड़ता है? ऊंची ब्याज दरों से सोने की अवसर लागत बढ़ जाती है, जिससे निवेशक सोने के बजाय ब्याज देने वाली संपत्तियों को प्राथमिकता देते हैं और सोने की कीमतें गिरती हैं। 5. EUR/USD के लिए तत्काल तकनीकी स्तर कौन से हैं? ऊपर की तरफ शुरुआती प्रतिरोध 1.1526 और 1.1542 पर है, जबकि नीचे की ओर समर्थन 1.1353 और 1.1324 पर स्थित है। 6. बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। 7. वाशिंगटन में कौन सा महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन होने वाला है? गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वाशिंगटन में एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। https://trendkia.com/market/us-arthavyavastha-men-sthirata-ke-snketon-ke-bicha-dollar-majabuta-sone-aura-pramukha-mudraon-para-barha-dabava-37012 TrendKia — Har trend, sabse pehle.