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  "type": "article",
  "title": "अमेरिका और जापान का संयुक्त हस्तक्षेप बेअसर, जापानी येन पर फिर बढ़ा गिरावट का दबाव",
  "summary": "जुलाई के अंत में अमेरिका और जापान द्वारा 85 अरब डॉलर के ऐतिहासिक संयुक्त हस्तक्षेप के बावजूद जापानी येन में आई रिकवरी तीन हफ्ते के भीतर कमजोर पड़ने लगी है। विशाल सार्वजनिक कर्ज और ब्याज दरों के अंतर के कारण येन पर दबाव बना हुआ है।",
  "content": "जापानी येन में जुलाई के अंत में आए ऐतिहासिक 900-पिप के उछाल की चमक तीन हफ्ते के भीतर ही फीकी पड़ती दिखाई दे रही है। अमेरिका और जापान के वित्तीय अधिकारियों द्वारा किए गए संयुक्त हस्तक्षेप के बाद येन में शानदार तेजी आई थी, लेकिन अब यह बढ़त हाथ से फिसल रही है। हालांकि अमेरिकी डॉलर की हालिया नरमी से जापानी मुद्रा को थोड़ा सहारा मिला है, लेकिन बुनियादी आर्थिक दबाव और राजकोषीय चुनौतियां बरकरार रहने के कारण येन में गिरावट का रुख दोबारा शुरू होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY जोड़ी फिलहाल 158.89 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 158.28 से 0.39 प्रतिशत ऊपर है।\n\nऐतिहासिक संयुक्त हस्तक्षेप और उसकी सीमाएं\nजापानी येन को बचाने के लिए 30 और 31 जुलाई को अमेरिका और जापान के केंद्रीय बैंकों तथा वित्त मंत्रालयों ने एक बड़ा कदम उठाया था। दोनों देशों ने मिलकर मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया, जिसके चलते जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 साल के निचले स्तर 164.00 से उछलकर 155.00 के स्तर पर पहुंच गया था। साल 1998 के बाद यह पहला मौका था जब अमेरिका और जापान ने विशेष रूप से येन को खरीदने और उसे मजबूत करने के लिए एक साथ मिलकर कोई कदम उठाया।\n\nइस संयुक्त अभियान का दायरा काफी बड़ा था। अनुमानों के मुताबिक इसमें 85 अरब डॉलर तक की रकम झोंकी गई, जो अक्टूबर 2011 के बाद दो दिनों में किया गया अब तक का सबसे बड़ा मुद्रा हस्तक्षेप था। इसके बावजूद, यह कदम लंबे समय तक येन को मजबूती देने में नाकाम साबित हो रहा है। अतीत में किए गए एकल हस्तक्षेपों की तरह ही इस बार भी बाजार की ढांचागत ताकतों ने केंद्रीय बैंकों के प्रयासों पर पानी फेर दिया है। जापान के भारी-भरकम सार्वजनिक कर्ज और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ ब्याज दरों के बड़े अंतर ने येन की शुरुआती रिकवरी को काफी हद तक समाप्त कर दिया है।\n\nराजकोषीय स्थिति और बढ़ते सार्वजनिक कर्ज की चिंताएं\nजापान की राजकोषीय स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद नाजुक बनी हुई है। देश का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 200 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, जो दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है। इतनी बड़ी देनदारी के बीच सरकार की नई राजकोषीय योजनाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।\n\nप्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के नेतृत्व में हाल ही में कुछ नए वित्तीय प्रस्ताव सामने रखे गए हैं। इनके तहत अप्रैल 2027 से शुरू होने वाली दो साल की अवधि के लिए भोजन पर लगने वाले कंजम्पशन टैक्स को 8 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत करने की योजना है। इसके साथ ही लक्षित नकद सहायता देने का भी प्रस्ताव है। हालांकि इन उपायों से आम जनता को राहत मिल सकती है, लेकिन इससे सरकारी खजाने पर दहाई अरबों डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस वित्तीय पैकेज के लिए धनराशि जुटाने का कोई पक्का जरिया तय नहीं किया गया है, जिससे जापान के बढ़ते घाटे और सार्वजनिक कर्ज की वहनीयता को लेकर बाजार में गंभीर आशंकाएं पैदा हो गई हैं।\n\nबैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति और बॉन्ड बाजार में उछाल\nबैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावनाओं पर भी वित्तीय विशेषज्ञ संशय जता रहे हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि बैंक ऑफ जापान दरें तेजी से बढ़ाता है, तो सरकार के लिए अपने भारी कर्ज पर ब्याज चुकाना बेहद मुश्किल हो जाएगा, जिससे वैश्विक फिक्स्ड-इनकम बाजार में अस्थिरता आ सकती है।\n\nमध्य पूर्व में जारी संघर्षों के कारण वैश्विक स्तर पर महंगाई की आशंकाएं फिर बढ़ गई हैं। इसका सीधा असर जापान के बॉन्ड बाजार पर देखा गया, जहां 10 साल वाले जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड बढ़कर सितंबर 1996 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। बॉन्ड यील्ड में इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी से सरकार का कर्ज चुकाने का खर्च उसके बजट अनुमानों से ऊपर जाने का खतरा पैदा हो गया है। यही वजह है कि बैंक ऑफ जापान के पास मौद्रिक नीति को कड़ा करने और दरें बढ़ाने की क्षमता सीमित हो गई है। विश्लेषकों का अनुमान है कि बैंक ऑफ जापान का रेट-हाईक चक्र मध्य 2027 तक 1.50 प्रतिशत से 2.00 प्रतिशत के बीच जाकर थम सकता है।\n\nतकनीकी विश्लेषण और प्रमुख सपोर्ट व रेजिस्टेंस स्तर\nचार्ट और तकनीकी संकेतकों के दृष्टिकोण से भी जापानी येन की स्थिति कमजोर बनी हुई है। जुलाई के हस्तक्षेप के चलते USD/JPY जोड़ी अप्रैल 2025 के निचले स्तर से बने असेंडिंग चैनल के निचले दायरे को तोड़कर नीचे आई थी। हालांकि, पिछले दो हफ्तों में हुई रिकवरी इस सपोर्ट ब्रेकपॉइंट के पास आकर थम गई। इससे यह संकेत मिलता है कि हालिया उछाल के बावजूद USD/JPY जोड़ी का व्यापक रुझान अभी भी बुलिश बना हुआ है, जिसका अर्थ येन के लिए मंदी का रुख है।\n\nतकनीकी इंडिकेटर MACD नकारात्मक क्षेत्र में बना हुआ है, जहां इसकी लाइन सिग्नल लाइन के नीचे है और हिस्टोग्राम भी नकारात्मक रुख दिखा रहा है। वहीं 14-दिवसीय RSI 42 के आसपास बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि तेजी का रुझान खत्म हो रहा है, न कि ओवरसोल्ड स्थिति बनी है। अगर USD/JPY ऊपर जाने की कोशिश करता है, तो उसे 160.00 के स्तर पर पहला कड़ा प्रतिरोध मिलेगा, जो पहले चैनल का निचला स्तर था। दूसरी तरफ नीचे की ओर 155.25 का शुरुआती अगस्त का निचला स्तर तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। यदि यह स्तर नीचे की तरफ टूटता है, तभी येन में किसी बड़ी मजबूती की उम्मीद की जा सकती है। 52 हफ्तों के दौरान USD/JPY 146.22 से 163.98 के दायरे में रहा है।\n\nवैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार: GBP/USD और EUR/USD का हाल\nजापानी येन के अलावा अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में भी हलचल देखी जा रही है। शुक्रवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान GBP/USD जोड़ी 1.3650 के आसपास सकारात्मक दायरे में कारोबार करती नजर आई। ब्रिटेन से आए खुदरा बिक्री के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बावजूद पाउंड अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा लंबी अवधि के बॉन्ड की खरीद बढ़ाने के फैसले के बाद डॉलर में आई कमजोरी रही।\n\nदूसरी ओर, EUR/USD जोड़ी शुक्रवार को यूरोपीय सत्र में 1.1700 के स्तर पर समेकित होती दिखी। निवेशक जर्मनी, यूरोजोन और अमेरिका से आने वाले शुरुआती अगस्त PMI आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी डॉलर की व्यापक नरमी ने यूरो को भी अपने साप्ताहिक लाभ को बनाए रखने में मदद की है।\n\nकीमती धातुओं में तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा फैसला\nकमोडिटी बाजार में सोने ने जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब मामूली बढ़त बनाए रखी। शुक्रवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत में सोना 4,550 डॉलर प्रति औंस से ठीक ऊपर कारोबार कर रहा था। कमजोर होते अमेरिकी डॉलर के बीच सोने का भाव अपने तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है। हालिया अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों से महंगाई दर में नरमी के संकेत मिलने के बाद व्यापारियों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा तुरंत ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को कम कर दिया है।\n\nइस समय वित्तीय बाजारों में सबसे बड़ा मोड़ सरकारी बॉन्ड बाजार में देखने को मिल रहा है। अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल आया है, जिससे कई मानक बॉन्ड यील्ड एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। स्थिति को संभालने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को एक गैर-निर्धारित घोषणा की। ट्रेजरी ने बताया कि वह 9 सितंबर से 4 नवंबर तक 10 से 20 साल और 20 से 30 साल की परिपक्वता वाले बॉन्ड की तरलता सहायता बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन करेगा। इसके बावजूद, जापानी येन के लिए ढांचागत चुनौतियां इतनी गहरी हैं कि केवल बाजार हस्तक्षेप के दम पर इसमें टिकाऊ सुधार आना मुश्किल नजर आ रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: यदि आप विदेश यात्रा या अंतरराष्ट्रीय पढ़ाई की योजना बना रहे हैं, तो जापानी येन में आ रही कमजोरी से जापान की यात्रा या वहां शिक्षा प्राप्त करना भारतीय यात्रियों और छात्रों के लिए तुलनात्मक रूप से किफायती साबित हो सकता है।\n\nनिवेशकों और ट्रेडर्स के लिए: वैश्विक विदेशी मुद्रा (Forex) और बॉन्ड बाजारों में अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय फंडों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमेरिका और जापान ने येन के लिए क्या संयुक्त कदम उठाया था?\n30 और 31 जुलाई को अमेरिका और जापान के वित्तीय अधिकारियों ने लगभग 85 अरब डॉलर का संयुक्त हस्तक्षेप करके जापानी येन को 164.00 से मजबूत करके 155.00 प्रति डॉलर तक पहुंचाया था।\n\n2. जापानी येन में रिकवरी की रफ्तार क्यों सुस्त पड़ रही है?\nजापान का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 200% से अधिक होना, खाद्य पदार्थों पर कर कटौती की नई योजनाएं और अमेरिका व जापान के बीच ब्याज दरों का बड़ा अंतर येन की रिकवरी को रोक रहा है।\n\n3. जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड पर क्या असर पड़ा है?\nमध्य पूर्व तनाव के कारण बढ़ी महंगाई की आशंकाओं से 10 साल वाले जापानी सरकारी बॉन्ड की यील्ड सितंबर 1996 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।\n\n4. USD/JPY जोड़ी के लिए मुख्य तकनीकी स्तर क्या हैं?\nUSD/JPY के लिए 160.00 का स्तर पहला कड़ा प्रतिरोध (Resistance) है, जबकि 155.25 का स्तर तत्काल सपोर्ट (Support) के रूप में कार्य कर रहा है।\n\n5. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बॉन्ड बाजार के लिए क्या घोषणा की है?\nअमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 9 सितंबर से 4 नवंबर के बीच लंबी अवधि वाले बॉन्ड के लिए अपनी बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन कर दिया है।",
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  "publishedAt": "2026-08-21",
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