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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी बॉन्ड बायबैक से दबाव में डॉलर, ब्रिटिश पाउंड 1.3630 के करीब पहुंचा",
  "summary": "अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा बॉन्ड बायबैक का आकार दोगुना करने के बाद अमेरिकी डॉलर में नरमी आई है, जिससे ब्रिटिश पाउंड में लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज की गई और मुद्रा जोड़ा 1.3630 के स्तर पर पहुंच गया।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त को लगातार दूसरे दिन भी जारी रखा है। गुरुवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान GBP/USD मुद्रा जोड़ा 1.3630 के आसपास कारोबार करता हुआ देखा गया। अमेरिकी डॉलर में आई इस नरमी का मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा घरेलू बॉन्ड बाजारों को स्थिरता प्रदान करने के लिए उठाया गया बड़ा कदम है। अमेरिकी सरकार के इस हस्तक्षेप के कारण सरकारी बॉन्ड यील्ड पर दबाव बना है, जिससे डॉलर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई और पाउंड को मजबूती मिली।\n\nबाजार में आए इस नए मोड़ के बीच ब्रिटेन के आर्थिक आंकड़े और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी विदेशी मुद्रा व्यापारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जहां एक ओर ब्रिटेन में मुद्रास्फीति के आंकड़े अनुमान के मुताबिक आए हैं, वहीं दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक बाजारों के रुख को प्रभावित कर रहा है।\n\nअमेरिकी ट्रेजरी का ऐतिहासिक हस्तक्षेप और डॉलर पर प्रभाव\nअमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर एक अप्रत्याशित निर्णय लिया है। ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की है कि वह 10 वर्ष से 20 वर्ष और 20 वर्ष से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले क्षेत्रों में अपनी तरलता सहायता बायबैक (खरीद) संचालन का आकार कम से कम दोगुना कर देगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी।\n\nवित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी ट्रेजरी का यह नीतिगत बदलाव घरेलू आर्थिक और राजनीतिक चिंताओं से प्रेरित है। बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रही वृद्धि से अमेरिका में ऋण सेवा लागत बढ़ रही थी और आम लोगों के लिए वहनीयता का संकट गहरा रहा था। बढ़ते उधार खर्च अब राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में आ गए हैं।\n\nयूबीएस के विश्लेषकों का आकलन है कि ट्रेजरी के इन नए उपायों का मुख्य उद्देश्य खाड़ी में जारी सैन्य तनाव और नए टैरिफ जैसे अन्य फैसलों के कारण बॉन्ड बाजार में उत्पन्न अनपेक्षित प्रतिकूल प्रभावों को बेअसर करना है। सरकारी अधिकारियों की यह पहल दीर्घकालिक यील्ड कर्व पर बने दबाव को कम करने और वित्तीय प्रणाली में नकदी प्रवाह को सुचारू बनाए रखने की एक स्पष्ट कोशिश मानी जा रही है।\n\nब्रिटेन की मुद्रास्फीति और बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीति\nब्रिटेन के आर्थिक परिदृश्य की बात करें तो हाल ही में जारी आर्थिक आंकड़ों को बाजार के प्रतिभागियों ने बारीकी से समझा है। ब्रिटेन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति दर जुलाई में बढ़कर 2.9% पर पहुंच गई, जो जून में 2.6% दर्ज की गई थी। यह आंकड़ा बाजार के आम सर्वसम्मति अनुमानों के बिल्कुल सटीक अनुरूप रहा। इस बीच, अस्थिर वस्तुओं को छोड़कर मापी जाने वाली कोर मुद्रास्फीति स्थिर बनी रही और 2.6% के स्तर पर टिकी रही।\n\nडैनस्के बैंक के विश्लेषकों का कहना है कि जुलाई में ब्रिटेन में मूल्य दबाव में वृद्धि मुख्य रूप से 1 जुलाई से लागू हुई ऑफगेम (Ofgem) ऊर्जा मूल्य सीमा में 13% की बढ़ोतरी के कारण हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, मुद्रास्फीति के यह परिणाम व्यापक रूप से प्रत्याशित थे और इससे यह साफ होता है कि विनियमित ऊर्जा लागतों ने इस उछाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।\n\nमुद्रास्फीति में इस बढ़ोतरी के साथ-साथ ब्रिटेन के श्रम बाजार में सुस्ती के संकेत भी देखने को मिल रहे हैं। रोजगार क्षेत्र में आई इस नरमी और सटीक अनुमानों के अनुसार आई मुद्रास्फीति के संतुलन ने बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा आगामी बैठकों में ब्याज दरों में एक और आक्रामक बढ़ोतरी किए जाने की बाजार उम्मीदों को थोड़ा कम कर दिया है।\n\nतकनीकी विश्लेषण और लाइव मार्केट रुझान\nदैनिक चार्ट पर नजर डालें तो GBP/USD मुद्रा जोड़ा 1.3630 के आसपास स्थिर बना हुआ है। यह जोड़ी अपने 9-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.3546 और 50-दिवसीय EMA 1.3437 दोनों से ऊपर कारोबार कर रही है, जो निकट अवधि में एक स्पष्ट तेजी (बुलिश) के रुझान को दर्शाती है।\n\nतकनीकी संकेतकों में, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 69.8 पर मंडरा रहा है, जो ओवरबॉट क्षेत्र के बेहद करीब है। वहीं लाइव मार्केट आंकड़ों में RSI 68 के आसपास दर्ज हुआ है, जो मजबूत खरीद गति को दर्शाता है लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी देता है कि इस स्तर पर बाजार थोड़ा अत्यधिक खिंचाव में हो सकता है। इसके अलावा, FXS फेड सेंटीमेंट इंडेक्स 134.61 के करीब बना हुआ है, जो इस मुद्रा जोड़े के लिए एक अनुकूल व्यापक आर्थिक माहौल का संकेत देता है।\n\nलाइव तकनीकी संकेतकों में, EMA20 1.35 पर है जबकि EMA50 और EMA200 दोनों 1.34 पर स्थित हैं, जो एक 'गोल्डन क्रॉस' और दीर्घकालिक तेजी के रुझान की पुष्टि करते हैं। बोलिंगर बैंड्स की सीमा 1.33 से 1.36 के बीच है और कीमत इन्हीं बैंड्स के भीतर गतिमान है। 14-दिवसीय एटीआर (ATR) 0.01 पर है, जो सीमित दैनिक अस्थिरता को दर्शाता है।\n\nयदि इस मुद्रा जोड़े में गिरावट आती है, तो पहला निकटतम समर्थन 9-दिवसीय EMA के पास 1.3546 पर मिलेगा। इससे गहरा समर्थन 50-दिवसीय EMA के पास 1.3437 के स्तर पर है, जहां खरीदार व्यापक अपट्रेंड की रक्षा करने के लिए सक्रिय हो सकते हैं। जब तक GBP/USD इन मूविंग एवरेज सपोर्ट से ऊपर बना रहता है, तब तक तकनीकी दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, हालांकि उच्च RSI स्तर यह संकेत देते हैं कि आगे की नई बढ़त से पहले बाजार में कुछ समय के लिए ठहराव या मामूली गिरावट आ सकती है।\n\nअन्य वैश्विक परिसंपत्तियों पर असर\nअमेरिकी डॉलर में आई इस कमजोरी का व्यापक असर अन्य वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों पर भी देखा गया है\n\n• EUR/USD: यह मुद्रा जोड़ा मई के अंत के बाद से अपने उच्चतम स्तर को छूने के बाद 1.1700 के नीचे तेजी के समेकन (कंसोलिडेशन) चरण में प्रवेश कर चुका है। खरीदार अब 1.1700 के पार नए दांव लगाने का इंतजार कर रहे हैं।\n• गोल्ड (सोना): हाजिर सोने की कीमतें $4,500 के स्तर से नीचे आ गई हैं, हालांकि यह जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई हैं। घटती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट को रोक रही है।\n• क्रिप्टोकरेंसी: अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक फैसले के बाद पूरे क्रिप्टो बाजार में रिकवरी देखी गई। रिपल (XRP) 10% की बढ़त दर्ज करने के बाद $1.0951 के आसपास कारोबार कर रहा है। सोलाना (SOL) में तेजी की संभावना बनी हुई है, जबकि कार्डानो (ADA) के लिए हालिया बढ़त बनाए रखना एक चुनौती बना हुआ है।\n\nव्यापारी अब आने वाले अमेरिकी बेरोजगारी दावों के आंकड़ों और होर्मुज जलडमरूमध्य में मध्य पूर्व के तनाव से जुड़ी खबरों पर नजर बनाए हुए हैं, जो बाजार को अगली दिशा प्रदान करेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nविदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए: अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक से डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे GBP/USD और EUR/USD जैसे जोड़ों में तेजी की स्थिति बनी हुई है।\n\nअंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए: अमेरिकी बॉन्ड Yield पर दबाव के कारण वैश्विक कमोडिटी (सोना) और क्रिप्टोकरेंसी जैसे जोखिम वाले संपत्तियों में सीमित तेजी देखी जा रही है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. GBP/USD में तेजी क्यों आ रही है?\nअमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा $4 अरब प्रति ऑपरेशन के बॉन्ड बायबैक निर्णय से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर दबाव पड़ा है, जिससे डॉलर कमजोर हुआ है और पाउंड को बढ़त मिली है।\n\n2. ब्रिटेन में जुलाई की मुद्रास्फीति दर कितनी रही?\nब्रिटेन में जुलाई महीने की वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति दर बढ़कर 2.9% रही, जो बिल्कुल बाजार के अनुमानों के अनुरूप थी।\n\n3. अमेरिकी ट्रेजरी की बायबैक योजना क्या है?\nट्रेजरी विभाग ने 10 से 30 वर्ष की अवधि वाले बॉन्ड के लिए बायबैक का आकार $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन कर दिया है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक लागू रहेगा।\n\n4. GBP/USD के लिए प्रमुख तकनीकी समर्थन स्तर कौन से हैं?\nGBP/USD के लिए पहला तात्कालिक समर्थन 9-दिवसीय EMA (1.3546) और दूसरा मजबूत समर्थन 50-दिवसीय EMA (1.3437) पर स्थित है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-08-20",
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