अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल में नरमी से यूरो को मिली राहत, 1.1480 के करीब पहुंचा अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना है, जिससे शुरुआती एशियाई कारोबार में यूरो संभलकर 1.1480 के पास पहुंच गया। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार के शुरुआती एशियाई सत्र के दौरान यूरो ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हल्का सुधार दर्ज किया है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के चलते अमेरिकी मुद्रा पर दबाव देखा गया, जिससे EUR/USD की विनिमय दर 1.1480 के स्तर के आसपास पहुंच गई। हालांकि व्यापक तकनीकी रुझान अब भी मंदी के दबाव का संकेत दे रहे हैं, लेकिन अमेरिकी बॉन्ड बाजार में आई नरमी और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति संबंधी बहसों ने मुद्रा जोड़ी को तात्कालिक सहारा दिया है। ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल में गिरावट से डॉलर पर दबाव अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड पिछले सत्र से आठ आधार अंक (bps) गिरकर 4.94% पर आ गई। इस गिरावट को कच्चे तेल के दामों में आई कमी से भी सहारा मिला, जो मई के मध्य के बाद के अपने उच्चतम स्तरों से नीचे आ गए हैं। ऊर्जा की कीमतों में यह नरमी मुद्रास्फीति के तात्कालिक दबाव को कुछ हद तक कम करती दिख रही है, जिससे बॉन्ड प्रतिफल पर नीचे की ओर दबाव पड़ा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अभी के लिए सख्त नीतिगत रुख के संकेत दिए हैं, फिर भी वह दरों में उतनी आक्रामक वृद्धि नहीं कर सकता जितनी कि वित्तीय बाजार पहले से मानकर चल रहे हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की नीतिगत निराशा अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर सकती है। मौजूदा अनुमानों के अनुसार, फेडरल रिजर्व के नीति निर्माता इस वर्ष के अंत में केवल एक और दर वृद्धि तथा वर्ष 2027 में नीति को स्थिर रखने का अनुमान लगा रहे हैं। इसके विपरीत, बाजार कारोबारी 2026 में एक से अधिक अतिरिक्त वृद्धि और 2027 के अंत तक लगभग तीन और बढ़ोतरी की संभावना मानकर चल रहे हैं। यूरोपीय केंद्रीय बैंक की नीति और मुद्रास्फीति का रुख यूरोपीय क्षेत्र में मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़ों ने नीतिगत दृष्टिकोण में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। स्कॉटियाबैंक के रणनीतिकारों ने उल्लेख किया है कि यूरोजोन के अंतिम उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों में कोई विशेष आश्चर्यजनक बात नहीं दिखी। हेडलाइन मुद्रास्फीति 3% के निचले स्तर पर बनी हुई है, जबकि कोर मुद्रास्फीति 2% के मध्य दायरे में मंडरा रही है। इस पृष्ठभूमि के बावजूद, रणनीतिकारों का रेखांकित करना है कि यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रखने के संकेत मिल रहे हैं। वित्तीय बाजार अब अक्टूबर में दर वृद्धि की 50% से अधिक संभावना जता रहे हैं और दिसंबर तक संचयी रूप से 36 आधार अंकों की सख्ती मानकर चल रहे हैं। इससे इन उम्मीदों को बल मिलता है कि नीति निर्माता साल के अंत से पहले अतिरिक्त दर वृद्धि लागू कर सकते हैं। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में स्थित ईसीबी यूरो क्षेत्र की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों का प्रबंधन करता है। ईसीबी का मुख्य कार्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जो मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने या विकास को प्रोत्साहित करने से जुड़ा है। आठ बार सालाना आयोजित होने वाली ईसीबी गवर्निंग काउंसिल की बैठकों में नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं, जिसमें ईसीबी की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड सहित छह स्थायी सदस्य और यूरोजोन के राष्ट्रीय बैंकों के प्रमुख शामिल होते हैं। EUR/USD का दैनिक तकनीकी विश्लेषण दैनिक चार्ट पर EUR/USD निकट अवधि में मंदी का रुख बनाए हुए है क्योंकि स्पॉट भाव 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और बोलिंगर मध्य बैंड के नीचे स्थित हैं। कीमत फिलहाल निचले बोलिंगर बैंड के ठीक ऊपर टिकी हुई है, जो नीचे की ओर बने दबाव की ओर इशारा करती है। वहीं 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 35.35 पर है, जो ओवरसोल्ड सीमा के करीब बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि बिकवाली की गति अभी भी बाजार में सक्रिय है लेकिन पूरी तरह से चरम स्तर पर नहीं पहुंची है। तकनीकी स्तरों के लिहाज से, ऊपर की ओर पहला प्रतिरोध 1.1550 पर 100-दिवसीय SMA के पास दिखाई देता है, जिसके बाद 1.1595 के आसपास बोलिंगर मध्य बैंड का स्तर है। अधिक मजबूत प्रतिरोध ऊपरी बोलिंगर बैंड पर 1.1715 के पास मौजूद है। नीचे की ओर, तत्काल समर्थन 1.1475 पर निचले बोलिंगर बैंड के साथ मेल खाता है। इस स्तर से नीचे लगातार कमजोरी आने पर इस मुद्रा जोड़ी में आगे और गिरावट का रास्ता खुल सकता है। वैश्विक वित्तीय बाजार में यूरो की भूमिका और आर्थिक आंकड़े यूरो यूरोपीय संघ के उन 20 सदस्य देशों की साझा मुद्रा है जो यूरोजोन में शामिल हैं। यह अमेरिकी डॉलर के बाद दुनिया की दूसरी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है। वर्ष 2022 में, सभी विदेशी मुद्रा लेन-देन में इसकी हिस्सेदारी 31% रही थी, जिसका औसत दैनिक टर्नओवर 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक दर्ज किया गया था। मुद्रा जोड़ियों में EUR/USD विश्व का सबसे अधिक कारोबार वाला युग्म है, जो लगभग 30% लेन-देन का प्रतिनिधित्व करता है। इसके बाद EUR/JPY का हिस्सा 4%, EUR/GBP का हिस्सा 3% और EUR/AUD का हिस्सा 2% है। यूरो के लिए हार्मोनाइज्ड इंडेक्स ऑफ कंज्यूमर प्राइसेज (HICP) के जरिए मापे जाने वाले यूरोजोन मुद्रास्फीति आंकड़े बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि मुद्रास्फीति ईसीबी के 2% के लक्ष्य से अधिक बढ़ती है, तो बैंक दरों में बढ़ोतरी करने के लिए बाध्य होता है। इसके अलावा, जीडीपी, विनिर्माण एवं सेवा पीएमआई, रोजगार आंकड़े और उपभोक्ता धारणा सूचकांक जैसी आर्थिक रिपोर्टें यूरो की सेहत तय करती हैं। विशेषकर यूरोजोन की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं—जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन—के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये पूरे यूरोजोन की अर्थव्यवस्था का 75% हिस्सा बनाते हैं। इसके साथ ही व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) भी मुद्रा के मूल्य को प्रभावित करता है, जहां सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को मजबूती देता है। कच्चे तेल के लाइव बाजार आंकड़े कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल (CL=F) का ताजा सत्र समाप्ति भाव 100.30 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया है, जो पिछले बंद भाव 101.91 डॉलर के मुकाबले 1.58% की गिरावट दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर प्रति बैरल रहा है और कारोबारी मात्रा 20-दिवसीय औसत का 0.88 गुना रही। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, 14-दिवसीय आरएसआई 64 पर है। एमएसीडी 5.12 पर है जो 4.34 की सिग्नल लाइन से ऊपर बुलिश हिस्टोग्राम (0.78) दिखा रहा है। मूविंग एवरेज में ईएमए20 94.81 डॉलर, ईएमए50 89.11 डॉलर और ईएमए200 79.29 डॉलर पर है, जबकि एसएमए50 86.40 डॉलर और एसएमए200 80.68 डॉलर पर स्थित है। लंबी अवधि के अपट्रेंड में ईएमए50 और ईएमए200 के बीच गोल्डन क्रॉस बना हुआ है। बोलिंगर बैंड (20,2) 77.45 डॉलर से 108.23 डॉलर (मध्य 92.84 डॉलर) के बीच हैं और भाव बैंड के अंदर हैं। एडीएक्स (14) 34 पर ट्रेंडिंग स्थिति दर्शा रहा है। स्टोकैस्टिक फास्ट लाइन 72 और सिग्नल लाइन 78 पर है, जबकि 14-दिवसीय एटीआर 4.27 डॉलर है। 20-दिवसीय समर्थन लगभग 79.62 डॉलर और प्रतिरोध 106.75 डॉलर पर है। पिवट स्तर 100.99 डॉलर, प्रतिरोध R1 102.79 डॉलर, R2 105.28 डॉलर और समर्थन S1 98.50 डॉलर तथा S2 96.70 डॉलर पर स्थित हैं। अन्य एशियाई और वैश्विक बाजार हलचल शुक्रवार को अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों में भी हलचल देखी गई। AUD/USD लगातार दूसरे दिन सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करते हुए एशियाई सत्र में 0.7100 से ऊपर टिका रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी के अलावा, इस महीने के अंत में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कयासों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। हालांकि फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने डॉलर की गिरावट को सीमित रखा। USD/JPY की बात करें तो शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में जापान की कोर उपभोक्ता मुद्रास्फीति बैंक ऑफ जापान (BoJ) के 2% लक्ष्य के करीब रही, जिसके बाद एशियाई सत्र में इसे खरीदारी का समर्थन मिला। स्पॉट भाव 156.00 से ऊपर कारोबार कर रहे हैं, जहां कारोबारी बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों को 31 साल के उच्चतम स्तर तक बढ़ाने की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। एक दशक से अधिक समय तक जापान की बेहद कम ब्याज दरों ने वैश्विक स्तर पर खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिससे येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को कड़ा करने के अनुमानों के बीच यह स्थिति नए चरण में प्रवेश कर रही है। सोने के भाव भी शुक्रवार के एशियाई सत्र में लगातार दूसरे दिन सकारात्मक दायरे में रहते हुए 4,350 डॉलर प्रति औंस से ऊपर टिके रहे। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के बहु-वर्षीय उच्च स्तरों से हटने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने डॉलर को सीमित कर गैर-उपज वाली इस धातु को समर्थन दिया, यद्यपि फेड की नीति और जोखिमों के चलते यह गुरुवार को बने साप्ताहिक शीर्ष से नीचे रहा। कॉर्पोरेट जगत में, एसएंडपी ग्लोबल ने ऑन-चेन जोखिम मूल्यांकन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए ब्लॉकचेन सुरक्षा फर्म ओपनजेपेलिन का अधिग्रहण करने पर सहमति व्यक्त की है, जिसके तहत स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट सुरक्षा सेवाएं और ओपन-सोर्स लाइब्रेरी एसएंडपी ग्लोबल के मौजूदा डिजिटल एसेट कारोबार में एकीकृत की जाएंगी। इसका आप पर असर विदेशी मुद्रा और ऊर्जा बाजारों में हालिया उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश धारणा सीधे तौर पर प्रभावित होती है। • भारत में प्रभाव: कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी डॉलर पर दबाव से घरेलू तेल आयात बिल में राहत मिल सकती है। इससे भारतीय रुपये को सहारा मिलने और आयातित महंगाई के दबाव को संतुलित करने में मदद मिलेगी। • वैश्विक निवेशकों पर: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से जोखिम भरी संपत्तियों और गैर-डॉलर मुद्राओं में स्थिरता देखी जा रही है। ऐसे में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक उभरते बाजारों और यूरो क्षेत्र की संपत्तियों की ओर पुनर्संतुलन पर विचार कर सकते हैं। • विदेशी मुद्रा कारोबारियों के लिए: EUR/USD में 1.1475 का समर्थन स्तर अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है। यदि यह स्तर टूटता है तो शॉर्ट पोजीशन सक्रिय हो सकती हैं, जबकि 1.1550 के पार जाने पर रिकवरी मजबूत होगी। • आयात-निर्यात क्षेत्र में: यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों से कारोबार करने वाली कंपनियों को विनिमय दरों की अस्थिरता पर नजर रखनी चाहिए। मुद्रा के उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए फॉरवर्ड अनुबंधों और हेजिंग रणनीतियों की समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में आठ आधार अंकों की गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों के मई के मध्य के उच्च स्तरों से फिसलने के कारण यूरो में यह तात्कालिक सुधार देखने को मिला है। • ट्रेजरी यील्ड में गिरावट: अमेरिकी 10 वर्षीय यील्ड का 4.94% पर आ जाना डॉलर के आकर्षण को कम कर रहा है। ब्याज दरों में अत्यधिक आक्रामक वृद्धि की घटती संभावना ने निवेशकों को डॉलर में मुनाफावसूली के लिए प्रेरित किया। • कच्चे तेल में नरमी: ऊर्जा की कीमतों में आई हालिया कमजोरी ने अल्पकालिक मुद्रास्फीति की चिंताओं को कुछ शांत किया है। इसके चलते बॉन्ड यील्ड में राहत दिखी और डॉलर की मजबूती पर अस्थायी विराम लगा। • ईसीबी का सख्त रुख: यूरोजोन में कोर मुद्रास्फीति 2% के मध्य में रहने के बावजूद यूरोपीय केंद्रीय बैंक की ओर से और दर वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। बाजार अक्टूबर में दर बढ़ोतरी की 50% से अधिक संभावना मान रहे हैं, जिससे यूरो को सहारा मिला। सवाल-जवाब 1. EUR/USD मुद्रा जोड़ी में ताजा बदलाव क्या हुआ है? शुरुआती एशियाई सत्र में EUR/USD हल्का बढ़कर 1.1480 के स्तर के करीब पहुंच गया है। 2. अमेरिकी डॉलर में नरमी का मुख्य कारण क्या रहा? अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के 4.94% पर फिसलने और कच्चे तेल के दामों में आई गिरावट ने डॉलर पर दबाव डाला है। 3. यूरोपीय केंद्रीय बैंक को लेकर बाजार की क्या उम्मीदें हैं? बाजार अक्टूबर में ईसीबी द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 50% से अधिक संभावना और दिसंबर तक 36 आधार अंकों की सख्ती की उम्मीद कर रहा है। 4. दैनिक चार्ट पर EUR/USD के लिए कौन से तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं? नीचे की ओर 1.1475 पर महत्वपूर्ण समर्थन है, जबकि ऊपर की तरफ 1.1550 और 1.1595 पर प्राथमिक प्रतिरोध देखा जा रहा है। 5. कच्चे तेल का ताजा बाजार भाव क्या दर्ज किया गया? कच्चे तेल का भाव 1.58% की गिरावट के साथ 100.30 डॉलर प्रति बैरल पर दर्ज हुआ है। https://trendkia.com/market/us-bond-yield-aura-crude-oil-men-narami-se-euro-ko-mili-rahata-1-1480-ke-kariba-pahuncha-33577 TrendKia — Har trend, sabse pehle.