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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और हेल्थकेयर शेयरों के उछाल से वैश्विक बाजारों में तेजी, S&P 500 की गिरावट थमी",
  "summary": "अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और हेल्थकेयर शेयरों में तेजी के दम पर S&P 500 का तीन दिनों का गिरावट का दौर थम गया, वहीं ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक योजना का दायरा दोगुना करने की घोषणा की है।",
  "content": "ग्लोबल शेयर बाजारों में गुरुवार को शानदार रिकवरी देखने को मिली। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की लंबी अवधि वाली यील्ड्स में आई तेज गिरावट से निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांक S&P 500 ने पिछले तीन दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए 0.21% की बढ़त दर्ज की। बाजार को सबसे बड़ा सहारा हेल्थकेयर सेक्टर से मिला, जहां दिग्गज फार्मा कंपनियों मॉडर्ना और मर्क के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। हेल्थकेयर शेयरों की इस मजबूती ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में आई नई गिरावट के असर को बेअसर कर दिया, जहां फिली सेमिकंडक्टर इंडेक्स 2.12% टूट गया। रात भर के कारोबार में अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए घोषित की गई बॉन्ड बायबैक योजना के बाद एशियाई बाजारों में भी तेजी का रुख देखा गया।\n\nअमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक योजना का दायरा दोगुना किया\nअमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को अपने नियमित कैलेंडर से हटकर 12:32 GMT पर एक महत्वपूर्ण वित्तीय घोषणा की। ट्रेजरी ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड बाजार में लिक्विडिटी यानी नकदी प्रवाह को सुधारने के लिए अपने बायबैक ऑपरेशन्स का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड सेक्टर्स के लिए बायबैक की अधिकतम सीमा को दोगुना किया जाएगा। अब प्रति ऑपरेशन खरीद की सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दी गई है। यह विस्तृत पुनर्खरीद कार्यक्रम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक जारी रहेगा।\n\nडॉयचे बैंक के मार्केट रणनीति विशेषज्ञों ने बताया कि इस फैसले का बाजार की धारणा पर तुरंत सकारात्मक असर पड़ा है। उनके मार्केट नोट के अनुसार, \n \"इक्विटी बाजारों के लिए पिछले 24 घंटे तुलनात्मक रूप से बेहतर रहे हैं, जिसमें S&P 500 (+0.21%) ने लगातार 3 दिनों की गिरावट के सिलसिले को समाप्त कर दिया।\"\n ट्रेजरी की घोषणा के तुरंत बाद S&P 500 फ्यूचर्स में स्पष्ट उछाल दर्ज किया गया। विश्लेषकों का कहना है कि यदि चिप और सेमिकंडक्टर शेयरों में दोबारा गिरावट न आई होती तो अमरीकी इक्विटी बाजार और भी मजबूत प्रदर्शन कर सकते थे।\n\nएशियाई बाजारों में जोरदार उछाल, यूरोपीय बाजार पिछड़े\nअमेरिकी बॉन्ड बायबैक योजना से बने सकारात्मक माहौल का असर ओवरनाइट अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी देखने को मिला। ओवरनाइट ट्रेडिंग में S&P 500 फ्यूचर्स में 0.17% की अतिरिक्त बढ़त दर्ज की गई, जिससे एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत काफी सकारात्मक रही। एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख शेयर सूचकांकों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली।\n\nदक्षिण कोरिया के प्रमुख शेयर सूचकांक KOSPI ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए 6.25% की जबरदस्त बढ़त हासिल की। जापान का Nikkei 225 सूचकांक 1.18% चढ़कर बंद हुआ, जबकि हांगकांग का Hang Seng सूचकांक 1.14% मजबूत हुआ। चीन के घरेलू बाजारों में भी तेजी रही, जहां शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.28% और CSI 300 इंडेक्स 0.21% की बढ़त बनाने में सफल रहे। दूसरी ओर, यूरोपीय शेयर बाजार वैश्विक तेजी के साथ तालमेल बिठाने में नाकाम रहे और क्षेत्रीय आर्थिक चिंताओं के कारण अन्य वैश्विक बाजारों की तुलना में पीछे छूट गए।\n\nविदेशी मुद्रा बाजार: डॉलर में स्थिरता, GBP/USD और EUR/USD में हलचल\nकरेंसी मार्केट में अमेरिकी डॉलर ने ट्रेजरी की बायबैक घोषणा के बाद आई अपनी हालिया तेज गिरावट के बाद खुद को संभाला है। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने डॉलर की बिकवाली पर थोड़ा विराम लगाया है और वे इस बात का आकलन कर रहे हैं कि ट्रेजरी की यह पहल दीर्घकालिक बदलाव लाएगी या केवल अल्पकालिक नकदी सहायता है।\n\nब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) 11 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर से फिसलने के बाद गुरुवार को यूरोपीय सत्र के दौरान 1.3600 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। करेंसी ट्रेडर्स अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।\n\nदूसरी तरफ, यूरो (EUR/USD) मई के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर को छूने के बाद गुरुवार को 1.1700 के ठीक नीचे बुलिश कंसॉलिडेशन चरण में प्रवेश कर गया। यूरो खरीदार 1.1700 के स्तर को पार करने से पहले नए संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। बाजार सहभागियों का ध्यान अब आने वाले अमेरिकी बेरोजगारी दावों के आंकड़ों और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों पर टिका है।\n\nकमोडिटी मार्केट: सोने में मामूली मुनाफावसूली, कीमतें 4,500 डॉलर के नीचे\nगुरुवार को कमोडिटी बाजार में सोने में मामूली मुनाफावसूली देखने को मिली। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान हाजिर सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से थोड़ा नीचे आ गया। हालांकि, गिरावट के बावजूद सोना जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के काफी करीब बना हुआ है, जो उसने गुरुवार सुबह ही छुआ था।\n\nफेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की हालिया बैठक के सख्त रुख वाले मिनट्स जारी होने के बाद अमेरिकी डॉलर तीन महीने के निचले स्तर से उबरकर स्थिर हुआ, जिससे सोने पर बिकवाली का दबाव बना। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में आई गिरावट ने सोने में ज्यादा बड़ी गिरावट को रोक दिया और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच इसे सहारा दिया।\n\nक्रिप्टोकरेंसी मार्केट: ट्रेजरी बायबैक से रिपल, सोलाना और कार्डानो में स्थिरता\nक्रिप्टो एसेट मार्केट में भी गुरुवार को मजबूती और स्थिरता देखी गई। अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी घोषणा से वित्तीय बाजारों में बने सकारात्मक माहौल का फायदा डिजिटल संपत्तियों को भी मिला।\n\nप्रमुख ऑल्टकॉइन्स जैसे रिपल (XRP), सोलाना (SOL) और कार्डानो (ADA) बुधवार की तेजी के बाद गुरुवार को अपने बढ़त के स्तर पर टिके रहे। तकनीकी चार्ट पर रिपल (XRP) और सोलाना (SOL) में आगे भी तेजी के संकेत मिल रहे हैं। रिपल (XRP) पिछले दिन 10% की बड़ी छलांग लगाने के बाद 1.0951 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं विश्लेषकों का मानना है कि कार्डानो (ADA) में हालिया बढ़त को गंवाने का जोखिम बना हुआ है यदि बाजार की गति धीमी पड़ती है।\n\nइसका आप पर असर\nशेयर और क्रिप्टो निवेशकों के लिए: अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक और गिरती बॉन्ड यील्ड्स से ग्लोबल शेयर और डिजिटल एसेट बाजारों को तात्कालिक सहारा मिला है, जिससे अल्पकालिक अस्थिरता कम हो सकती है।\n\nफॉरेक्स ट्रेडर्स और आम लोगों के लिए: अमेरिकी डॉलर में स्थिरता और प्रमुख विदेशी मुद्राओं (GBP, EUR) में उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेश से भेजे जाने वाले पैसे के मूल्यों पर असर पड़ सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. S&P 500 इंडेक्स में हालिया सुधार का मुख्य कारण क्या था?\nS&P 500 में रिकवरी लंबी अवधि की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट, मॉडर्ना और मर्क जैसे हेल्थकेयर शेयरों में तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी बायबैक घोषणा से हुई।\n\n2. अमेरिकी ट्रेजरी ने अपनी बॉन्ड बायबैक योजना में क्या बदलाव किए हैं?\nअमेरिकी ट्रेजरी ने 10-20 साल और 20-30 साल के बॉन्ड के लिए बायबैक क्षमता को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन कर दिया है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक चलेगा।\n\n3. अमेरिकी बॉन्ड बाजार की खबर पर एशियाई शेयर बाजारों की क्या प्रतिक्रिया रही?\nएशियाई बाजारों में चौतरफा तेजी आई, जिसकी अगुवाई दक्षिण कोरिया के KOSPI (+6.25%), जापान के Nikkei (+1.18%), हांगकांग के Hang Seng (+1.14%) और चीन के शंघाई कंपोजिट (+0.28%) ने की।\n\n4. बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बावजूद सोने की कीमतों पर थोड़ा दबाव क्यों देखा गया?\nसख्त एफओएमसी (FOMC) मिनट्स जारी होने के बाद अमेरिकी डॉलर में स्थिरता आई, जिससे निवेशकों ने 4,500 डॉलर के स्तर से नीचे सोने में मामूली मुनाफावसूली की।\n\n5. अमेरिकी ट्रेजरी की बायबैक घोषणा के बाद प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज का कैसा प्रदर्शन रहा?\nरिपल (XRP), सोलाना (SOL) और कार्डानो (ADA) जैसे प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में मजबूती रही, जिसमें XRP पिछले दिन की 10% तेजी के बाद 1.0951 डॉलर के पास कारोबार कर रहा था।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-08-20",
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