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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बीच सोने की कीमतों में जोरदार उछाल, हाजिर भाव 4,150 डॉलर के पार",
  "summary": "चीन द्वारा अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज की खरीद से जुड़े घटनाक्रम के बाद बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स लुढ़क गए, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने एक हफ्ते के निचले स्तर से उबरते हुए 4,150 डॉलर प्रति औंस का स्तर फिर छू लिया।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में गुरुवार के शुरुआती एशियाई कारोबार के दौरान सोने की कीमतों ने शानदार वापसी दर्ज की है। पिछले कारोबारी सत्र में एक हफ्ते के निचले स्तर 4,073 डॉलर प्रति औंस तक गिरने के बाद बहुमूल्य पीली धातु में तेज लिवाली देखी गई और भाव 4,100 डॉलर की सीमा को पार करते हुए 4,150 डॉलर के स्तर को फिर से छूने में कामयाब रहे। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई अचानक तेज गिरावट और अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने से गैर-उपज वाले सोने को व्यापक सहारा मिला है। हालांकि, तकनीकी संकेतकों पर दैनिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स अब भी मंदी के रुख का संकेत दे रहा है, जो तेजी के दौर पर कुछ लगाम लगा सकता है।\n\nचीन की ट्रेजरी खरीद से यील्ड में भारी गिरावट\nबाजार की धारणा में अचानक बदलाव उस समय आया जब ब्लूमबर्ग की एक जानकारी में यह सामने आया कि चीन गैर-अमेरिकी कस्टोडियन बैंकों के जरिए अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यानी ट्रेजरी की गुपचुप खरीदारी बढ़ा रहा है। इस व्यवस्था के चलते कनाडा की अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग्स का आकार फूलकर लगभग 600 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया है। इस कदम को अमेरिकी वित्तीय घाटे को वित्तपोषित करने में चीन की छिपी भूमिका को छिपाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इस खबर के बाहर आते ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सभी अवधियों के वक्र पर तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे बुधवार को आए मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद डॉलर में बनी बढ़त पूरी तरह हवा हो गई।\n\nगर्म मुद्रास्फीति के झटके से उबरे खरीदार\nइससे ठीक एक दिन पहले, बुधवार को अमेरिका के श्रम विभाग के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों ने वित्तीय बाजारों में हलचल मचा दी थी। आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में मुख्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी कोर CPI सालाना आधार पर बढ़कर 2.6 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि अगस्त में यह 2.4 प्रतिशत था। यह स्तर बाजार के 2.5 प्रतिशत के अनुमान से ज्यादा निकला। मासिक आधार पर भी कोर महंगाई दर 0.3 प्रतिशत पर स्थिर रही, जिसने 0.2 प्रतिशत के पूर्व अनुमान को पीछे छोड़ दिया। वहीं खाद्य और ऊर्जा मदों को शामिल करने वाली हेडलाइन मुद्रास्फीति सालाना 3.7 प्रतिशत रही, जो 3.6 प्रतिशत के अनुमान से अधिक थी।\n\nइन मजबूत आंकड़ों के आने के बाद सीएमई ग्रुप के फेडवॉच टूल पर अक्टूबर महीने में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना एकदम उछलकर 42 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो आंकड़े जारी होने से पहले महज 22 प्रतिशत के आसपास आंकी जा रही थी। नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की इस आशंका ने डॉलर और बॉन्ड यील्ड को चढ़ा दिया था, जिसके चलते शून्य ब्याज देने वाले सोने में करीब 1.5 प्रतिशत की भारी बिकवाली दर्ज की गई थी। लेकिन गुरुवार सुबह चीनी खरीद के घटनाक्रम ने बाजार की बाजी पूरी तरह पलट दी।\n\nभू-राजनीतिक तनाव और एआई कर्ज की चिंताएं\nसोने की इस रिकवरी को केवल डॉलर की कमजोरी का ही सहारा नहीं मिला, बल्कि व्यापक वैश्विक चिंताओं ने भी सुरक्षित निवेश प्रवाह को गति दी है। पश्चिम एशिया में गहराता सैन्य संघर्ष निवेशकों को लगातार सुरक्षित संपत्तियों की ओर धकेल रहा है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किए जा रहे आक्रामक पूंजीगत निवेश और उससे जुड़ी कर्ज देनदारियों ने भी वित्तीय विश्लेषकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है।\n\nवहीं दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व के कुछ वरिष्ठ नीति निर्माताओं द्वारा हाल के दिनों में ब्याज दरें तुरंत बढ़ाने को लेकर किसी भी जल्दबाजी से इनकार करने के बयानों ने भी बाजार को राहत दी है। इससे तुरंत दर वृद्धि की आक्रामक आशंकाओं पर कुछ हद तक रोक लगी है, जिससे सोने के खरीदारों का आत्मविश्वास दोबारा मजबूत हुआ है।\n\nटीडी सिक्योरिटीज का अनुमान और नीतिगत खींचतान\nमहंगाई दर के अनुमान से अधिक रहने के बावजूद वित्तीय सेवा फर्म टीडी सिक्योरिटीज का मानना है कि अक्टूबर बैठक में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बदलाव से बच सकता है। फर्म के रणनीतिकारों का स्पष्ट कहना है कि सीपीआई आंकड़ों से पहले मिले मार्गदर्शन के आधार पर वे अभी भी यह मानते हैं कि अक्टूबर में केंद्रीय बैंक कोई कदम नहीं उठाएगा, और वे चक्र में कुल मिलाकर 75 आधार अंकों की सख्ती की उम्मीद बनाए हुए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ताजा आंकड़ों के बाद यह फैसला बेहद करीबी हो गया है और फेड के क्रमिक सख्ती के नियोजित रास्ते पर दबाव बढ़ गया है।\n\nतकनीकी स्तर और चार्ट पर मंदी का दबाव\nदैनिक मूल्य चार्ट पर नजर डालें तो हाजिर सोना 4,145.23 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। चार्ट पर निकट अवधि का ढांचा अब भी सतर्क बना हुआ है क्योंकि हाजिर भाव सभी प्रमुख सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA से नीचे टिके हुए हैं। ऊपर की ओर 4,208.09 डॉलर पर स्थित 21-दिवसीय SMA, 4,245.61 डॉलर पर मौजूद 100-दिवसीय SMA और 4,334.44 डॉलर के निकट स्थित 50-दिवसीय SMA एक बहुस्तरीय मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र तैयार कर रहे हैं। इसके ऊपर 4,523.59 डॉलर पर 200-दिवसीय SMA व्यापक तेजी के लिए सबसे बड़ी तकनीकी बाधा बना हुआ है।\n\nइस बीच 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 43.12 के स्तर पर है, जो न्यूट्रल से नरम क्षेत्र में स्थित है। यह दिखाता है कि कीमतों पर नीचे का दबाव बरकरार है, भले ही चार्ट ओवरसोल्ड स्थिति में न हो। गिरावट की स्थिति में शुरुआती संरचनात्मक सहारा हाल ही में टूटी हुई अपवर्ड ट्रेंड लाइन क्षेत्र में 4,002.10 डॉलर के ब्रेकआउट स्तर और उसके बाद 3,990.07 डॉलर के मूल स्तर पर देखा जा रहा है। तेजी लाने वाले खरीदारों को मौजूदा मंदी के रुख को कमजोर करने के लिए पहले 21-दिवसीय SMA को पार करना होगा, जिसके बाद ही 50-दिवसीय और 200-दिवसीय SMA के परीक्षण का रास्ता साफ हो सकेगा।\n\nआगामी आर्थिक आंकड़ों और फेड चेयरमैन पर नजरें\nजिंस व्यापारियों की नजर अब जल्द ही जारी होने वाले अमेरिकी रिटेल सेल्स और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स यानी पीपीआई मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर टिकी हैं। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की भावी दिशा को लेकर अहम संकेत प्रदान करेंगे। इसके अलावा, शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की निर्धारित उपस्थिति को देखते हुए ट्रेडर नए बड़े सौदे करने में अत्यधिक सावधानी बरत रहे हैं। केविन वॉर्श थाईलैंड के बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के साथ एक परिचर्चा में शामिल होने वाले हैं, जहां मौद्रिक नीति के वैश्विक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण टिप्पणियां आ सकती हैं।\n\nअन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का हाल\nमुद्रा बाजार में, निराशाजनक रोजगार आंकड़ों के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.6950 के करीब दबाव में बना रहा और उसने मासिक उच्च स्तर से फिसलकर साप्ताहिक निचला स्तर छुआ। हालांकि गिरती अमेरिकी यील्ड ने मुद्रा जोड़ी की गिरावट को सीमित रखने में मदद की। डॉलर-येन जोड़ी में भी तीन हफ्ते के उच्च स्तर से बिकवाली का दबाव देखा गया और यह 158.00 के नीचे फिसल गया, जहां ट्रेडर्स जापानी अधिकारियों द्वारा येन को सहारा देने के लिए संभावित हस्तक्षेप को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। क्रिप्टो बाजार में, ग्लासगोड के अनुसार बिटकॉइन के लिए 80,000 डॉलर का स्तर सबसे महत्वपूर्ण निगरानी स्तर बना हुआ है, क्योंकि मजबूत मुद्रास्फीति के बाद यह डिजिटल परिसंपत्ति भी बिकवाली के दबाव में आई थी।\n\nफेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का तंत्र\nअमेरिका में मौद्रिक नीति तय करने की मुख्य जिम्मेदारी फेडरल रिजर्व की है, जिसके दो प्राथमिक वैधानिक लक्ष्य हैं: कीमतों में स्थिरता बनाए रखना और अधिकतम रोजगार को बढ़ावा देना। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्रीय बैंक का प्राथमिक हथियार नीतिगत ब्याज दरें हैं। जब महंगाई 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकलती है, तो फेड दरों में इजाफा कर उधार लेने की लागत बढ़ाता है, जिससे अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है। इसके विपरीत, जब महंगाई 2 प्रतिशत से नीचे गिरती है या बेरोजगारी बढ़ती है, तो फेड दरों में कटौती करता है, जिससे डॉलर पर दबाव पड़ता है। फेड की ओपन मार्केट कमेटी में 12 अधिकारी नीतिगत बैठकों में हिस्सा लेते हैं। संकट के असाधारण समय में केंद्रीय बैंक क्वांटिटेटिव ईजिंग यानी क्यूई का सहारा लेता है जिसमें वित्तीय तंत्र में अतिरिक्त डॉलर जारी कर उच्च श्रेणी के बॉन्ड खरीदे जाते हैं, जो डॉलर को कमजोर करता है, जबकि क्वांटिटेटिव टाइटनिंग यानी क्यूटी इसके उलट प्रक्रिया है जो डॉलर को मजबूती देती है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और सोने के भाव 4,150 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंचने से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुलियन की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।\n\n• भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई इस तेजी के चलते भारतीय सर्राफा बाजारों में भी सोने और आभूषणों की कीमतों में तत्काल उछाल देखने को मिल सकता है। आगामी त्योहारी और वैवाहिक सीजन के खरीदारों को खरीदारी की योजना बनाते समय दैनिक कीमतों पर कड़ी नजर रखनी होगी।\n• वैश्विक निवेशकों के लिए: बॉन्ड यील्ड में गिरावट और भू-राजनीतिक तनावों के बीच सुरक्षित परिसंपत्तियों में निवेश की मांग फिर बढ़ रही है। डॉलर इंडेक्स पर दबाव बने रहने तक कमोडिटी पोर्टफोलियो में सोने का आवंटन हेजिंग का काम कर सकता है।\n• क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडर्स के लिए: बढ़ती मुद्रास्फीति और सख्त मौद्रिक नीति की आशंकाओं ने बिटकॉइन और अन्य टोकनों पर दबाव बनाए रखा है। विश्लेषक बिटकॉइन में 80,000 डॉलर के स्तर पर नजर रखने की सलाह दे रहे हैं जहां से दिशा स्पष्ट होगी।\n• विदेशी मुद्रा बाजार में: अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी से अन्य वैश्विक मुद्राओं को कुछ राहत मिली है, लेकिन ब्याज दर फैसलों से पहले अत्यधिक अस्थिरता बनी रहेगी। आयातकों और निर्यातकों को मुद्रा विनिमय दरों पर आने वाले अमेरिकी रिटेल सेल्स आंकड़ों के प्रभाव के प्रति सतर्क रहना चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसोने की कीमतों में आई इस तेज रिकवरी का मुख्य कारण चीन द्वारा ऑफशोर कस्टोडियन खातों के जरिए अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की व्यापक खरीद की सूचना और उसके परिणामस्वरूप बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट है।\n\n• बॉन्ड यील्ड में गिरावट: चीन द्वारा गैर-अमेरिकी कस्टोडियन बैंकों के जरिए अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियों की भारी खरीद की रिपोर्ट आने से ट्रेजरी यील्ड अचानक लुढ़क गई। यील्ड में गिरावट ने डॉलर को कमजोर किया और गैर-उपज वाले सोने की मांग को सीधा बढ़ावा दिया।\n• मुद्रास्फीति का दबाव: अमेरिका में सितंबर की कोर सीपीआई महंगाई 2.6 प्रतिशत पर आ गई, जिसने बाजार में अक्टूबर दर वृद्धि की संभावना को 42 प्रतिशत तक पहुंचा दिया था। इस आंकड़े के चलते बुधवार को भारी बिकवाली हुई थी, जिसने तकनीकी रूप से निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी को आकर्षित किया।\n• सुरक्षित निवेश की मांग: पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और एआई उद्योग में बढ़ते कर्ज को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने निवेशकों को जोखिम वाली संपत्तियों से हटाकर सोने की तरफ आकर्षित किया। इससे सोने को निचले स्तरों पर टिकाऊ समर्थन मिला।\n• फेड अधिकारियों का नरम रुख: फेडरल रिजर्व के कुछ अधिकारियों द्वारा दरें बढ़ाने में कोई जल्दबाजी न दिखाने वाले बयानों ने भी बाजार में ब्याज दर वृद्धि की तात्कालिक आशंकाओं को हल्का किया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सोने की कीमत में ताजा उछाल के बाद भाव किस स्तर पर पहुंचे हैं?\nसोने ने 4,073 डॉलर प्रति औंस के एक हफ्ते के निचले स्तर से उबरते हुए 4,150 डॉलर प्रति औंस का स्तर दोबारा हासिल किया है।\n\n2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में अचानक गिरावट क्यों आई?\nब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन गैर-अमेरिकी कस्टोडियन बैंकों के माध्यम से भारी मात्रा में अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीद रहा है, जिससे कनाडा की होल्डिंग्स करीब 600 अरब डॉलर पहुंच गई हैं।\n\n3. अमेरिका में सितंबर महीने की महंगाई दर कितनी दर्ज की गई?\nसितंबर में कोर सीपीआई सालाना आधार पर बढ़कर 2.6 प्रतिशत रही, जबकि हेडलाइन महंगाई दर 3.7 प्रतिशत दर्ज की गई।\n\n4. फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दर बढ़ाने की कितनी संभावना जताई जा रही है?\nमजबूत मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद अक्टूबर में फेड द्वारा दर बढ़ाने की संभावना बढ़कर 42 प्रतिशत हो गई थी, जो पहले 22 प्रतिशत थी।\n\n5. सोने के लिए ऊपर की ओर प्रमुख तकनीकी रुकावटें कौन सी हैं?\nचार्ट पर 21-दिवसीय एसएमए 4,208.09 डॉलर, 100-दिवसीय एसएमए 4,245.61 डॉलर और 50-दिवसीय एसएमए 4,334.44 डॉलर पर प्रमुख प्रतिरोध के रूप में बने हुए हैं।\n\n6. निवेशक अब किन प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और घटनाओं का इंतजार कर रहे हैं?\nट्रेडर्स की नजर आगामी अमेरिकी रिटेल सेल्स, पीपीआई आंकड़ों और बैंकॉक में फेड चेयरमैन केविन वॉर्श तथा आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा की बातचीत पर है।",
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  "publishedAt": "2026-10-15",
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