अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बीच 4,200 डॉलर के नीचे स्थिर बना हुआ है सोना अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और डॉलर के दो महीने के उच्च स्तर से फिसलने के कारण सोने की कीमतों को सहारा मिला है। निवेशक अब आगामी प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 4,200 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे स्थिरता के साथ कारोबार कर रही हैं। पीली धातु के खरीदार फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं, क्योंकि इस साल के अंत तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कम से कम एक और वृद्धि की संभावनाओं को लेकर अटकलें बनी हुई हैं। हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट और डॉलर के अपने दो महीने के उच्च स्तर से पीछे हटने के कारण सोने की कीमतों को निचली सतह पर सहारा मिला है। कारोबारी अब शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट और इससे पहले आने वाले पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स यानी पीसीई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं ताकि बाजार की अगली दिशा स्पष्ट हो सके। अमेरिकी श्रम बाजार और केंद्रीय बैंक की नीतियों पर टिकी नजरें ओसीबीसी के रणनीतिकारों का मानना है कि वित्तीय बाजारों का तात्कालिक ध्यान पूरी तरह से अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों पर केंद्रित बना हुआ है। विश्लेषकों ने इस सप्ताह जारी होने वाली अमेरिकी श्रम बाजार रिपोर्ट को सबसे बड़ा बाजार जोखिम बताया है। ब्लूमबर्ग आम सहमति के अनुसार, सितंबर महीने में नॉन-फार्म पेरोल में 90,000 की बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया गया है, जो कि अगस्त महीने के 162,000 के आंकड़े से काफी कम है। वहीं दूसरी तरफ, बेरोजगारी दर 4.1% पर अपरिवर्तित रहने की संभावना जताई गई है। फेड अध्यक्ष केविन वार्श ने भले ही श्रम बाजार की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए शुरुआती बेरोजगारी दावों के चार-सप्ताह के औसत को एक सटीक संकेतक माना हो, लेकिन ओसीबीसी के विश्लेषकों का जोर इस बात पर है कि पेरोल आंकड़े ही श्रम बाजार की सेहत मापने का सबसे भरोसेमंद पैमाना बने हुए हैं। अमेरिकी डॉलर का परिदृश्य और उपभोक्ता विश्वास में भारी गिरावट व्यापक आर्थिक माहौल को देखते हुए ओसीबीसी के रणनीतिकारों ने स्पष्ट किया है कि साल के अंत तक अमेरिकी डॉलर में मध्यम तेजी का अनुमान उनका आधारभूत परिदृश्य बना हुआ है। वित्तीय बाजार फिलहाल अगले वर्ष के दौरान फेडरल रिजर्व द्वारा लगभग चार ब्याज दर वृद्धियों की संभावना को शामिल करके चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार यह रुख अत्यधिक आक्रामक प्रतीत होता है, जब तक कि मांग आधारित मुद्रास्फीति कीमतों के दबाव के पीछे फिर से मुख्य वजह बनकर न उभरे। ऐसे में वेतन वृद्धि और किराये की मुद्रास्फीति आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण संकेतक साबित होंगे। इसी बीच, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड अपने बहु-वर्षीय उच्च स्तर से नीचे आ गई है। कच्चे तेल की कीमतों में रात भर में तीन सप्ताह के निचले स्तर तक आई कमजोरी और न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स के नरम बयानों ने यील्ड को नीचे धकेलने का काम किया। जॉन विलियम्स ने संकेत दिया कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक को अपने अगले नीतिगत कदम में जल्दबाजी करने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, द कॉन्फ्रेंस बोर्ड द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास सूचकांक सितंबर में उम्मीदों से कम होकर 81.9 पर आ गया, जो कि वर्ष 2014 के बाद का सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया है। उपभोक्ता विश्वास में इस बड़ी कमजोरी के कारण अमेरिकी डॉलर में मुनाफावसूली का दौर शुरू हुआ, जिसने सोने के लिए एक सहायक माहौल तैयार किया। पश्चिम एशिया में तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता भू-राजनीतिक मोर्चे पर, अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध को दूर करने के लिए कतर द्वारा किए जा रहे राजनयिक प्रयासों में इस सप्ताह बहुत कम प्रगति देखी गई है। इसके साथ ही अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि मध्यावधि चुनावों के बाद ट्रंप बड़े सैन्य अभियानों में वापसी का आदेश दे सकते हैं। इन घटनाक्रमों के कारण पश्चिम एशिया में तनाव के दोबारा भड़कने का जोखिम लगातार बना हुआ है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता जहां एक तरफ सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को आकर्षित करती है, वहीं दूसरी तरफ यह कमजोरी पर अमेरिकी डॉलर में नई खरीदारी को भी समर्थन देती है। विश्लेषकों का मानना है कि सोने की कीमत 4,100 डॉलर के आसपास मजबूत आधार बना चुकी है, इसकी पुष्टि के लिए अभी और ठोस खरीदारी का इंतजार करना समझदारी होगी। सोने के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर और बाधाएं चार्ट पर तकनीकी स्थिति को देखें तो 4,227 डॉलर पर स्थित 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर सोने के लिए शुरुआती रुकावट का काम कर रहा है। इसके पार जाने पर 4,307 डॉलर पर स्थित 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए और 4,317 डॉलर के करीब स्थित मिड-रेंज फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर अगली बाधाएं हैं। जब तक सोने की कीमत 200-दिवसीय ईएमए के नीचे बनी रहती है, तब तक कीमतों में आने वाले किसी भी उछाल के सीमित रहने की संभावना है। यदि तेजी जारी रहती है, तो 4,406 डॉलर पर 38.2% रिट्रेसमेंट और 4,517 डॉलर पर 23.6% रिट्रेसमेंट स्तर एक मजबूत ऊपरी सीमा का निर्माण करते हैं। दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में तत्काल समर्थन 4,100 डॉलर के आसपास 78.6% फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर मौजूद है। इसके नीचे फिसलने पर सोने के लिए पिछला स्विंग बेस 3,937 डॉलर का स्तर है। यदि 4,100 डॉलर का स्तर निर्णायक रूप से टूटता है, तो कीमतों में 3,937 डॉलर के दायरे की ओर गहरी गिरावट का रास्ता खुल सकता है। मुद्रा बाजारों की हलचल और सोने का हालिया कारोबार विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती में मिलाजुला रुख देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में सबसे अधिक मजबूती दर्ज की गई। बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा दो महीने के निचले स्तर 0.6950 के करीब आ गई, क्योंकि अगस्त के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के कमजोर आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। चीन के पीएमआई आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं दिया। दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख और संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिमों के बीच येन को समर्थन मिला, जिससे डॉलर-येन जोड़ी 157.00 के नीचे दबाव में रही। एशियाई सत्र में सोना 4,110 डॉलर के आठ सप्ताह के निचले स्तर से आई पिछली रिकवरी को संजोने में लगा रहा, हालांकि यह 4,200 डॉलर से नीचे सीमित बना हुआ है। कारोबारी अब अमेरिकी एडीपी रोजगार रिपोर्ट और कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स मूल्य सूचकांक के जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। लाइव मार्केट डेटा और वर्तमान तकनीकी संकेत लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सोने की कीमत 4,181 डॉलर पर दर्ज की गई, जो पिछले बंद भाव 4,180 डॉलर से 0.02% अधिक है। सोने का 52-सप्ताह का दायरा 3,821 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.77 गुना दर्ज हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 34 पर स्थित है। एमएसीडी -55.42 पर है जो सिग्नल लाइन -26.02 के मुकाबले मंदी का रुख दर्शा रहा है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में 20-दिवसीय ईएमए 4,337 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 4,359 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 4,438 डॉलर पर स्थित है, जबकि 50-दिवसीय एसएमए 4,363 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 4,555 डॉलर पर बना हुआ है। मूल्य वर्तमान में दीर्घकालिक गिरावट के रुझान में है और 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से नीचे जाने के साथ डेथ क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। बोलिंजर बैंड्स 4,170 डॉलर से 4,557 डॉलर के बीच हैं, जहां मध्य रेखा 4,364 डॉलर पर है और कीमत बैंड के भीतर बनी हुई है। 14-दिवसीय एडीएक्स 19 पर एक कमजोर और सीमित दायरे वाले रुझान को दिखाता है। स्टोकेस्टिक संकेतक पर फास्ट लाइन 12 और सिग्नल लाइन 10 पर है। दैनिक अस्थिरता को दर्शाने वाला 14-दिवसीय एटीआर 99.30 पर है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के रूप में देखा जा सकता है। 20-दिवसीय समर्थन स्तर लगभग 4,143 डॉलर और प्रतिरोध लगभग 4,559 डॉलर पर है। आगामी सत्रों के लिए मुख्य धुरी बिंदु 4,203 डॉलर पर है, जिसमें पहला प्रतिरोध 4,228 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध 4,276 डॉलर पर देखा जा रहा है। वहीं निचली तरफ पहला समर्थन 4,156 डॉलर और दूसरा समर्थन 4,130 डॉलर पर स्थित है। इसका आप पर असर वैश्विक बाजार में सोने की मौजूदा स्थिरता और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा से भारतीय उपभोक्ताओं और निवेशकों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। • भारत में आभूषण खरीदारों पर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के 4,200 डॉलर से नीचे सीमित रहने से घरेलू सर्राफा बाजार में कीमतों में ठहराव बना रह सकता है। त्योहारों और शादियों के सीजन के लिए आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को अचानक होने वाली बड़ी मूल्य वृद्धि से राहत मिलेगी। • गोल्ड ईटीएफ और निवेशकों पर: तकनीकी संकेतकों के अनुसार दीर्घकालिक गिरावट का रुझान बने रहने से निवेशकों को एकमुश्त निवेश के बजाय सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान का तरीका अपनाना चाहिए। किसी भी नई खरीदारी के लिए 4,100 डॉलर के समर्थन स्तर पर नजर रखना जोखिम प्रबंधन के लिहाज से जरूरी होगा। • मुद्रा बाजार और आयात लागत पर: अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव भारतीय रुपये की विनिमय दर और देश के व्यापार संतुलन को प्रभावित करता है। डॉलर में आने वाली किसी भी मजबूती से भारत के लिए सोने का आयात महंगा हो सकता है, जिसका असर खुदरा प्रीमियम पर दिखेगा। • आगामी अमेरिकी आंकड़ों का असर: शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी रोजगार आंकड़े वैश्विक ब्याज दरों की दिशा तय करेंगे। यदि आंकड़े कमजोर आते हैं तो सोने में रिकवरी तेज हो सकती है, जिससे निकट भविष्य में घरेलू कीमतों में भी तेजी आ सकती है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट और डॉलर के उच्च स्तर से फिसलने के कारण सोने की कीमतों में गिरावट थम गई है, हालांकि फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बड़ी तेजी भी देखने को नहीं मिल रही है। • ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और कच्चा तेल: कच्चे तेल की कीमतों के तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आने और न्यूयॉर्क फेड अध्यक्ष जॉन विलियम्स के सतर्क बयानों से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी आई है। बॉन्ड यील्ड के घटने से बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने को रखने की लागत कम हो जाती है। • अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास में कमजोरी: द कॉन्फ्रेंस बोर्ड के अनुसार उपभोक्ता विश्वास सूचकांक गिरकर 81.9 पर आ गया, जो 2014 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इस कमजोर आर्थिक आंकड़े ने अमेरिकी डॉलर में मुनाफावसूली को बढ़ावा दिया और सोने को सहारा दिया। • फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति: वित्तीय बाजारों में इस वर्ष एक और ब्याज दर वृद्धि तथा अगले वर्ष चार वृद्धियों की आशंकाएं जताई जा रही हैं। ऊंची ब्याज दरों की संभावना के कारण बड़े निवेशक अभी भी सोने में आक्रामक खरीदारी करने से बच रहे हैं। • भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं: अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक बातचीत में धीमी प्रगति और पश्चिम एशिया में संभावित सैन्य टकराव के जोखिमों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को पूरी तरह गिरने नहीं दिया है। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमतें वर्तमान में किस दायरे में कारोबार कर रही हैं? सोने की कीमतें फिलहाल 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे स्थिर बनी हुई हैं और हाल ही में यह 4,181 डॉलर के करीब दर्ज की गई हैं। 2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट का सोने पर क्या असर पड़ा? ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और डॉलर के कमजोर होने से सोने की कीमतों को सहारा मिला है और इसने सोने में और बड़ी गिरावट को रोका है। 3. अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास सूचकांक का क्या आंकड़ा रहा? सितंबर महीने में द कॉन्फ्रेंस बोर्ड का अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास सूचकांक गिरकर 81.9 पर आ गया, जो 2014 के बाद का सबसे निचला स्तर है। 4. सोने के लिए तत्काल तकनीकी समर्थन और प्रतिरोध स्तर कौन से हैं? सोने के लिए तत्काल प्रतिरोध 4,227 डॉलर पर स्थित है, जबकि प्रमुख गिरावट से बचाव के लिए 4,100 डॉलर पर समर्थन बना हुआ है। https://trendkia.com/market/us-bond-yields-men-giravata-ke-bicha-4-200-dollar-ke-niche-sthira-bana-hua-hai-gold-40639 TrendKia — Har trend, sabse pehle.