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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से सोना 4,200 डॉलर के पार टिकने में नाकाम, कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद भी फिसली कीमतें",
  "summary": "सितंबर महीने में अमेरिकी गैर-कृषि रोजगार में केवल 29 हजार की बढ़ोतरी के बावजूद सोना 4,227 डॉलर की ऊंचाई से गिरकर 4,138 डॉलर पर आ गया, क्योंकि 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.29 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है।",
  "content": "अमेरिकी रोजगार बाजार में अप्रत्याशित सुस्ती के आंकड़ों के बाद भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चमक फीकी पड़ गई है। शुक्रवार को सोने की कीमतों में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह धातु 4,200 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर टिकने में पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई। दिन के शुरुआती कारोबार में एक्सएयू/यूएसडी (XAU/USD) 4,227 डॉलर के शिखर तक पहुंचने में कामयाब रहा था, लेकिन बाद में तीव्र बिकवाली के चलते भाव फिसलकर 4,138 डॉलर तक लुढ़क गए। बाजार के जानकारों का मानना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी ने बिना ब्याज वाली इस परिसंपत्ति की बढ़त की संभावनाओं को सीधे तौर पर सीमित कर दिया है।\n\nरोजगार के कमजोर आंकड़े और बेरोजगारी दर में वृद्धि\nअमेरिकी श्रम विभाग के सितंबर महीने के गैर-कृषि पेरोल (एनएफपी) आंकड़े विश्लेषकों के अनुमानों से काफी कमजोर साबित हुए हैं। बाजार को 90 हजार नई नौकरियों के जुड़ने का अनुमान था, जबकि असल आंकड़ा महज 29 हजार पर सिमट गया। इतना ही नहीं, अगस्त महीने के आंकड़ों को भी संशोधित कर घटाते हुए 133 हजार कर दिया गया। इन कमजोर रोजगार आंकड़ों के चलते अमेरिका में बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत से बढ़कर 4.2 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह स्तर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा वर्ष 2026 और 2027 के लिए तय किए गए अनुमानों से 0.1 प्रतिशत अधिक है, हालांकि इस वृद्धि का एक बड़ा कारण श्रम बल भागीदारी दर में हुआ सुधार भी माना जा रहा है।\n\nफेडरल रिजर्व की दरों पर बाजार का गणित और डॉलर का रुख\nप्राइम टर्मिनल के अनुसार, इन आंकड़ों के बाद मुद्रा बाजारों में 28 अक्टूबर की आगामी बैठक में नीतिगत ब्याज दरों को जस का तस बनाए रखने की संभावना बढ़कर करीब 77 प्रतिशत हो गई है। वहीं 16 दिसंबर की बैठक तक ब्याज दरों में बदलाव न होने की संभावना बढ़कर 88 प्रतिशत के पार पहुंच गई है। इस बीच डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.14 प्रतिशत गिरकर 101.89 के स्तर पर आ गया। डॉलर में सुरक्षित निवेश के आकर्षण में कमी आने के बावजूद सोना अपनी बढ़त को बनाए रखने में विफल रहा, क्योंकि 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का 5.29 प्रतिशत के करीब पहुंचना निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों की ओर खींच रहा है।\n\nतकनीकी संकेत: मंदड़ियों के नियंत्रण में सोना\nचार्ट पर 4,227 डॉलर की दैनिक ऊंचाई छूने के बाद 4,200 डॉलर के स्तर को निर्णायक रूप से पार न कर पाना आगे और बड़ी गिरावट का रास्ता खोलता दिख रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 50 के तटस्थ स्तर से काफी नीचे बना हुआ है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बाजार में बिकवाल हावी हैं। तकनीकी मोर्चे पर सोने के लिए पहला प्रमुख समर्थन 4,100 डॉलर का स्तर है। यदि मंदड़िए इस स्तर को तोड़ने में सफल रहते हैं, तो कीमतें 29 जुलाई के निचले स्तर 3,996 डॉलर की ओर खिसक सकती हैं, जबकि इसके बाद 17 जुलाई का निचला स्तर 3,959 डॉलर का होगा। दूसरी तरफ, तेजी लौटने के लिए खरीदारों को सबसे पहले 4,200 डॉलर का स्तर फिर से हासिल करना होगा, जिसके बाद ही 4,279 डॉलर पर स्थित 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) को चुनौती दी जा सकेगी। लाइव बाजार विश्लेषण के अनुसार, आरएसआई 14 की अवधि पर 34 पर है, जबकि एमएसीडी (MACD) -63.26 के स्तर पर बना हुआ है, जो बिकवाली के मजबूत दबाव की पुष्टि करता है।\n\nमुद्रास्फीति के खिलाफ सुरक्षा कवच और केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी\nऐतिहासिक रूप से सोना मानव सभ्यता में मूल्य संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में अनिवार्य भूमिका निभाता आया है। आभूषणों के निर्माण के अलावा, इस कीमती धातु को वैश्विक उथल-पुथल के समय में एक अत्यंत सुरक्षित परिसंपत्ति माना जाता है। किसी विशिष्ट सरकार या जारीकर्ता पर निर्भर न होने के कारण इसे मुद्रास्फीति और अवमूल्यन के जोखिम के खिलाफ एक अचूक ढाल माना जाता है। केंद्रीय बैंक दुनिया में सोने के सबसे बड़े धारक हैं, जो अशांत समय में अपनी घरेलू मुद्राओं को स्थिरता देने और विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए बड़े पैमाने पर सोना खरीदते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडारों में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसका मूल्य लगभग 70 अरब डॉलर आंका गया था। यह इतिहास में दर्ज अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक खरीदारी थी। वर्तमान में चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार में तेजी से इजाफा कर रहे हैं।\n\nअमेरिकी डॉलर, ट्रेजरी यील्ड और जोखिम भरी संपत्तियों का गणित\nसोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड के साथ सीधा विपरीत संबंध होता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना अधिक सस्ता हो जाता है, जिससे इसके भाव बढ़ते हैं। इसी प्रकार, शेयर बाजार में जोरदार तेजी आने पर सोने की मांग आमतौर पर घटती है, जबकि जोखिम भरी संपत्तियों में भारी बिकवाली की स्थिति में सोना चमक उठता है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज या लाभांश नहीं मिलता, इसलिए बढ़ती ब्याज दरें और ऊंची बॉन्ड यील्ड इसकी लागत को बढ़ा देती हैं, जिससे इसके भाव गिरते हैं। डॉलर में कीमत तय होने (XAU/USD) के कारण डॉलर का उतार-चढ़ाव इसकी दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।\n\nविदेशी मुद्रा बाजार और अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों का हाल\nवैश्विक वित्तीय बाजारों में शुक्रवार को अन्य संपत्तियों में भी तेज हलचल दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले (AUD/USD) एशियाई सत्र में 0.6950 के स्तर की ओर सुधरा, जिसे ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक द्वारा नवंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं से बल मिला। वहीं जापानी येन (USD/JPY) 158.00 के स्तर के पास रुका रहा, जहां टोक्यो सीपीआई मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़ों ने इसे समर्थन दिया। उधर यूरोपीय मुद्रा (EUR/USD) गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर 1.1312 पर आ गई, जो इसके जनवरी के उच्च स्तर 1.2082 से काफी नीचे है। यूरोप में ऊर्जा संकट और बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने यूरो पर भारी दबाव डाला है। इसके विपरीत, क्रिप्टो बाजार में सुधार देखने को मिला, जहां बिटकॉइन 86,000 डॉलर के पार निकल गया, इथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर कारोबार करता दिखा और रिपल 1.54 डॉलर के करीब बना रहा। आने वाले कारोबारी सप्ताह में निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की मिनट्स, आईएसएम सर्विसेज पीएमआई और अमेरिकी ट्रेजरी की नीलामियों पर टिकी रहेंगी।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और सोने की कीमतों में आई गिरावट से घरेलू और वैश्विक स्तर पर धातु खरीदारों, निवेशकों और आभूषण बाजार पर सीधा असर पड़ेगा।\n\n• सोना खरीदारों पर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के 4,200 डॉलर के नीचे आने से घरेलू सर्राफा बाजारों में कीमतों में तात्कालिक राहत मिल सकती है। त्योहारों और शादियों के सीजन से पहले खरीदारी करने वालों को कम भाव का फायदा उठाने का अवसर मिल सकता है।\n• गोल्ड ईटीएफ और निवेशकों पर: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने वाले निवेशकों के पोर्टफोलियो में अल्पकालिक सुस्ती देखी जा सकती है। 10 वर्षीय यील्ड के 5.29 प्रतिशत पर बने रहने से सुरक्षित फिक्स्ड डिपॉजिट और बॉन्ड अधिक आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहे हैं।\n• मुद्रा विनिमय और आयात बिल पर: अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट से भारत का सोने के आयात पर होने वाला विदेशी मुद्रा खर्च कम होगा। इससे चालू खाता घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और रुपये को स्थिरता प्राप्त हो सकती है।\n• ट्रेडर्स और सटोरियों पर: तकनीकी स्तरों पर 4,100 डॉलर टूटने की स्थिति में 3,996 डॉलर तक की गिरावट का जोखिम बना हुआ है। डेरिवेटिव्स और वायदा कारोबारियों को सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखने की आवश्यकता होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nकमजोर रोजगार आंकड़ों के बावजूद सोने की कीमतों में आई यह गिरावट अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती और आगामी मौद्रिक नीति में दरों को अपरिवर्तित रखने की बढ़ती संभावनाओं का नतीजा है।\n\n• ट्रेजरी यील्ड में निरंतर उछाल: अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5.29 प्रतिशत के करीब पहुंचना सोने पर सबसे बड़ा दबाव बना हुआ है। जब निश्चित ब्याज देने वाले सरकारी बॉन्ड इतना ऊंचा रिटर्न देते हैं, तो निवेशक बिना किसी ब्याज वाली सोने जैसी धातु से दूरी बनाने लगते हैं।\n• फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में ठहराव: श्रम बाजार के कमजोर होने के बावजूद आगामी 28 अक्टूबर को फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने की संभावना 77 प्रतिशत हो चुकी है। ऊंची ब्याज दरों का लंबा दौर सोने की वहन लागत को लगातार ऊंचा बनाए रखता है।\n• 4,200 डॉलर पर तकनीकी मुनाफावसूली: सोना 4,227 डॉलर के दैनिक उच्च स्तर को छूने के बाद तकनीकी प्रतिरोध पार नहीं कर सका। 4,200 डॉलर के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर पर भारी संस्थागत बिकवाली शुरू होने से कीमतें तेजी से नीचे की ओर फिसलीं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सोने की कीमतें 4,200 डॉलर के पार जाने के बाद अचानक क्यों गिरीं?\nसोने की कीमतें 4,227 डॉलर तक पहुंचने के बाद इसलिए गिर गईं क्योंकि अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.29 प्रतिशत के पास पहुंच गई, जिससे बिना ब्याज वाली धातु पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।\n\n2. अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल (NFP) आंकड़े क्या रहे?\nसितंबर महीने में अमेरिका में केवल 29 हजार नई नौकरियां जुड़ीं, जो 90 हजार के अनुमान से काफी कम रहीं, जबकि अगस्त के आंकड़े को भी संशोधित कर घटाकर 133 हजार कर दिया गया।\n\n3. अमेरिका में बेरोजगारी दर कितनी हो गई है?\nअमेरिका में बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत से बढ़कर 4.2 प्रतिशत पर पहुंच गई है।\n\n4. चार्ट पर सोने के लिए महत्वपूर्ण समर्थन और प्रतिरोध स्तर कौन से हैं?\nसोने के लिए नीचे की तरफ पहला मजबूत समर्थन 4,100 डॉलर और फिर 3,996 डॉलर है, जबकि ऊपर की ओर 4,200 डॉलर पार करने पर 4,279 डॉलर का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध है।\n\n5. केंद्रीय बैंकों ने सोने की कितनी रिकॉर्ड खरीदारी की है?\nवर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, वर्ष 2022 में वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडार में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसकी कुल कीमत करीब 70 अरब डॉलर थी।",
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  "publishedAt": "2026-10-02",
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