# अमेरिकी चुनाव और निजी पेरोल आंकड़ों के बीच न्यूजीलैंड डॉलर 18 महीने के निचले स्तर से संभला, 0.5564 पर मजबूत तकनीकी सहारा

> न्यूजीलैंड डॉलर 0.5564 के 18 महीने के निचले स्तर को छूने के बाद 0.5600 के करीब वापस लौटा है, जबकि अमेरिकी डॉलर सूचकांक पर चुनावी हलचल और आगामी एडीपी रोजगार आंकड़ों का दबाव दिख रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-chunava-aura-niji-perola-ankaron-ke-bicha-new-zealand-dollar-18-mahine-ke-nichale-stara-se-snbhala-0-5564-para-majabuta-takanik-56239 · **Language:** Hindi
**Tags:** न्यूजीलैंड डॉलर, अमेरिकी डॉलर, फॉरेक्स बाजार, एडीपी पेरोल, डॉलर इंडेक्स, करेंसी ट्रेडिंग, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.5564 के 18 महीने के निचले स्तर को छूने के बाद वापसी की कोशिश कर रहा है। बुधवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान यह मुद्रा जोड़ी 0.5600 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास टिकी रही। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में डेमोक्रेट्स की जीत के बीच डॉलर पर दबाव देखा गया, जिससे अन्य प्रमुख मुद्राओं के साथ कीवी मुद्रा को भी निचले स्तरों से थोड़ा संभलने का अवसर मिला। हालांकि, व्यापक तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोरी की ओर इशारा कर रहा है और किसी भी बड़े उछाल के लिए मजबूत संकेतों की दरकार बनी हुई है।

## डॉलर सूचकांक में गिरावट और चुनावी नतीजों का असर
अमेरिकी डॉलर के मूल्य को छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले मापने वाला अमेरिकी डॉलर सूचकांक यानी DXY 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.55 के आसपास कारोबार करता दिखा। हालांकि, सूचकांक दिन के अपने निचले स्तर 101.25 से काफी हद तक उबरने में सफल रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिकी डॉलर कमजोर प्रदर्शन कर रहा था, क्योंकि बाजार प्रतिभागी पहले से ही संघीय कानूनों के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत की संभावनाओं को अपनी कीमतों में शामिल कर चुके थे।

चुनावी नतीजों के बाद वाशिंगटन में नीतिगत गतिरोध और राजनीतिक अनिश्चितता की संभावनाओं ने वैश्विक बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग को हवा दी है। इस स्थिति के चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नई गिरावट दर्ज की गई, जिसने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के असर को हल्का कर दिया और ग्रीनबैक पर अतिरिक्त दबाव बनाया। बुधवार को एशियाई सत्र के दौरान ही डॉलर सूचकांक सितंबर के अंत के बाद के अपने सबसे निचले स्तर तक फिसल गया था।

## एडीपी निजी रोजगार और आईएसएम सेवा आंकड़ों पर टिकी निगाहें
विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारी अब अमेरिकी आर्थिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख आंकड़ों के इंतजार में हैं। निवेशक अक्टूबर महीने के लिए जारी होने वाले अमेरिकी एडीपी रोजगार बदलाव के आंकड़ों पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अमेरिका की सबसे बड़ी पेरोल प्रोसेसर कंपनी ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग इंक द्वारा निजी क्षेत्र के रोजगार की स्थिति का जायजा लेने वाली यह रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। आम सहमति यह है कि निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं ने अक्टूबर में 69K नए कर्मचारियों को काम पर रखा है, जो कि सितंबर महीने में दर्ज किए गए 90K से काफी कम है।

इसके साथ ही बाजार प्रतिभागी आईएसएम सर्विसेज पीएमआई के आंकड़ों की भी प्रतीक्षा कर रहे हैं। सामान्य तौर पर, एडीपी संकेतक में बढ़त को उपभोक्ता खर्च और आर्थिक विकास के लिए सकारात्मक माना जाता है। मजबूत रोजगार वृद्धि मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ाती है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि पारंपरिक रूप से अनुमान से बेहतर आने वाले रोजगार आंकड़े अमेरिकी डॉलर के लिए तेजी लाते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े मंदी का संकेत देते हैं।

विदेशी मुद्रा कारोबारी एडीपी आंकड़ों को लेबर स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो द्वारा आम तौर पर दो दिन बाद जारी की जाने वाली नॉन-फार्म पेरोल्स यानी NFP रिपोर्ट का अग्रदूत भी मानते हैं, क्योंकि दोनों श्रृंखलाओं के बीच ऐतिहासिक रूप से गहरा संबंध रहा है। हालांकि अलग-अलग महीनों में दोनों के बीच का अंतर काफी बड़ा भी हो सकता है। फिर भी, यदि वास्तविक आंकड़े सर्वसम्मति के अनुमानों को पीछे छोड़ते हैं, तो यह डॉलर को मजबूत सहारा दे सकते हैं।

## कीवी जोड़ी का तकनीकी विश्लेषण और अहम स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो न्यूजीलैंड डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.5601 पर कारोबार करती दिखी है, जहां इसका अल्पकालिक रुझान मंदड़ियों के नियंत्रण में बना हुआ है। हाजिर कीमत 20-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA से नीचे बनी हुई है, जो 0.5645 के स्तर पर स्थित है। इस अल्पकालिक मूविंग एवरेज ने कीमतों पर कड़ा अंकुश लगा रखा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि जब तक भाव इसके नीचे बने रहते हैं, तब तक किसी भी तेजी के प्रयास को संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है।

तकनीकी मोमेंटम को दर्शाने वाला रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 37 पर स्थित है। यह स्तर बाजार पर लगातार बिकवाली के दबाव को पुष्ट करता है, हालांकि यह अभी अत्यधिक बिकवाली के अंतिम दायरे में नहीं पहुंचा है। ऊपर की ओर, 0.5645 के पास स्थित 20-पीरियड EMA शुरुआती प्रतिरोध का काम कर रहा है। मौजूदा मंदी के प्रभाव को कम करने और एक मजबूत सुधार की शुरुआत के लिए इस बाधा के पार एक निरंतर ब्रेकआउट होना अनिवार्य होगा।

नीचे की तरफ, 0.5564 का 18 महीने का निचला स्तर इस जोड़ी के लिए सबसे महत्वपूर्ण समर्थन स्तर की भूमिका निभा रहा है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है और 0.5564 का स्तर निर्णायक रूप से टूटता है, तो यह जोड़ी सीधे 0.5500 के अगले बड़े मनोवैज्ञानिक स्तर तक लुढ़क सकती है।

ताजा लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, NZD/USD का भाव 0.5610 पर है, जो पिछले 0.5619 के बंद स्तर से 0.16 प्रतिशत नीचे है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.5567 से 0.6093 के बीच रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना पर दर्ज किया गया। लाइव तकनीकी संकेतकों में 14-पीरियड RSI 38 पर है, जबकि MACD -0.00 पर अपने सिग्नल -0.00 के मुकाबले 0.00 के हिस्टोग्राम के साथ मामूली तेजी दिखा रहा है। लाइव मूविंग एवरेज के संदर्भ में EMA20 0.5651, EMA50 0.5699 और EMA200 0.5785 पर हैं, जबकि SMA50 0.5716 और SMA200 0.5828 पर बने हुए हैं। लंबी अवधि में कीमत मंदी के रुझान में है और EMA50 के EMA200 से नीचे होने के चलते डेथ क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। बोलिंजर बैंड्स 0.5569 से 0.5714 के दायरे में हैं जिसका मध्य स्तर 0.5642 है और भाव बैंड्स के भीतर हैं। ट्रेंड की ताकत बताने वाला ADX 40 पर एक मजबूत ट्रेंड दर्शा रहा है, जबकि फास्ट स्टोकेस्टिक 21 और सिग्नल लाइन 29 पर हैं। इंट्राडे पिवट पॉइंट 0.5603 पर है, जिसके ऊपर रेजिस्टेंस R1 0.5622 और R2 0.5633 हैं, जबकि सपोर्ट S1 0.5591 और S2 0.5572 पर मौजूद हैं। 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 0.5567 और रेजिस्टेंस 0.5711 पर आंका गया है।

## अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का ताजा हाल
अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी और राजनीतिक अनिश्चितता का असर केवल कीवी डॉलर तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों में भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बुधवार को एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर 0.6965 के करीब स्थिर रही। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के कम आक्रामक रुख ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की बढ़त को सीमित करने का काम किया।

दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर भारी बिकवाली के दबाव में आ गया। वाशिंगटन में नीतिगत असमंजस के कारण सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर येन की मांग बढ़ी और बुधवार को एशियाई कारोबार में USD/JPY गिरकर 158.00 के स्तर से नीचे आ गया, जो डॉलर का एक महीने का निचला स्तर है।

कमोडिटी बाजार में सोने ने यूरोपीय सत्र में प्रवेश करते ही आक्रामक लिवाली दर्ज की। अमेरिकी चुनावी नतीजों से उपजी अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड में नरमी ने बिना ब्याज वाली इस पीली धातु को जबरदस्त समर्थन दिया, जिसके चलते सोना 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार निकल गया। डॉलर की दिशा और आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़े आने वाले सत्रों में इन सभी वैश्विक संपत्तियों की चाल तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।

## इसका आप पर असर
फॉरेक्स बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और कीवी डॉलर के संभलने से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कारोबारियों और आयात-निर्यात से जुड़े पक्षों पर सीधा असर पड़ रहा है।

- **मुद्रा कारोबारियों के लिए:** 0.5564 का स्तर एक मजबूत स्टॉप-लॉस आधार प्रदान करता है। इस स्तर से नीचे ब्रेकडाउन होने पर 0.5500 तक और गिरावट की संभावना बन सकती है।
- **डॉलर पर नजर रखने वालों के लिए:** अमेरिकी एडीपी आंकड़ों में 69K के अनुमान से किसी भी बड़े भटकाव से डॉलर की दिशा बदलेगी। मजबूत रोजगार आंकड़े डॉलर में फिर से उछाल ला सकते हैं।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** अमेरिकी चुनाव के चलते बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने सोने को 4,000 डॉलर के पार पहुंचाया है। अनिश्चितता के माहौल में सुरक्षित संपत्तियों में मांग बनी रह सकती है।
- **आयातकों और निर्यातकों के लिए:** न्यूजीलैंड डॉलर में उतार-चढ़ाव विदेशी व्यापार सौदों की लागत को प्रभावित करता है। अनिश्चितता के दौरान हेजिंग रणनीतियों को सक्रिय रखना समझदारी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणाम और आगामी महत्वपूर्ण रोजगार आंकड़ों से पहले डॉलर में आई बिकवाली ने इस बाजार चाल को जन्म दिया है।

- **चुनावी अनिश्चितता:** दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत और वाशिंगटन में नीतिगत गतिरोध की संभावनाओं ने डॉलर को कमजोर किया। इस राजनीतिक स्थिति ने सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर सरकारी बॉन्ड्स की मांग बढ़ाकर बॉन्ड यील्ड को गिरा दिया।
- **कमजोर पेरोल अनुमान:** निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन घटकर 69K रहने की उम्मीदों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में नरमी के संकेत दिए। इसने फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों को थोड़ा धीमा किया।
- **तकनीकी सपोर्ट पर खरीदारी:** कीवी मुद्रा 18 महीने के निचले स्तर 0.5564 तक गिरने के बाद अत्यधिक बिकवाली के करीब थी। इस अहम तकनीकी सपोर्ट पर खरीदारों की सक्रियता से भाव वापस 0.5600 के करीब लौटे।

## सवाल-जवाब

### 1. न्यूजीलैंड डॉलर के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर कौन सा है?
इस मुद्रा जोड़ी के लिए 18 महीने का निचला स्तर 0.5564 सबसे अहम सपोर्ट है, जिसके टूटने पर कीमत 0.5500 तक जा सकती है।

### 2. अमेरिकी डॉलर सूचकांक में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा?
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत और राजनीतिक अनिश्चितता के कारण बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई, जिससे डॉलर सूचकांक 101.55 तक फिसल गया।

### 3. अक्टूबर के लिए एडीपी रोजगार आंकड़ों से क्या उम्मीदें हैं?
निजी क्षेत्र में 69K नए रोजगार जोड़े जाने का अनुमान है, जो सितंबर के 90K के आंकड़े से काफी कम है।

### 4. NZD/USD में तेजी के लिए किस तकनीकी बाधा को पार करना जरूरी है?
मंदी के दबाव को कम करने के लिए कीमत का 20-पीरियड ईएमए यानी 0.5645 के स्तर से ऊपर टिकना जरूरी है।

### 5. राजनीतिक हलचल का सोने की कीमतों पर क्या असर देखा गया?
बॉन्ड यील्ड में गिरावट और डॉलर की कमजोरी के कारण सोने में तेज लिवाली आई और यह 4,000 डॉलर के पार निकल गया।

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