अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स की जीत से सोना फिर $4,000 के पार, लेकिन तकनीकी मंदी बरकरार अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के नियंत्रण से डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जिससे सोना 4,000 डॉलर के पार निकल गया, हालांकि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच तकनीकी मोर्चे पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों में संसद के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण स्थापित होने के बाद सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। वॉशिंगटन में सत्ता संतुलन बदलने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजकोषीय एजेंडे और भारी सरकारी खर्च की योजनाओं पर राजनीतिक रुकावट पैदा होने की संभावना बन गई है। बाजार के निवेशकों का मानना है कि बंटी हुई सरकार के कारण नए प्रोत्साहन पैकेज और बड़े पैमाने पर सरकारी उधारी सीमित हो सकती है। सरकारी खर्च पर संभावित लगाम लगने से महंगाई का दबाव कम होने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आने की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जिसका सीधा फायदा बहुमूल्य धातुओं को मिला है। डॉलर इंडेक्स में गिरावट और ट्रेजरी यील्ड के रुख से मिला सहारा चुनावी रुझान स्पष्ट होने के तुरंत बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में लगभग 0.50% की कमजोरी दर्ज की गई। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट आई, जिससे सोने के खरीदारों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ। बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों के लिए बॉन्ड यील्ड में कमी सीधे तौर पर अवसर लागत को घटा देती है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए कमजोर अमेरिकी डॉलर (USD) सोने की खरीदारी को अपेक्षाकृत सस्ता बना देता है। सक्सो बैंक के विश्लेषकों के अनुसार, सोने की कीमतों में यह तेजी इस उम्मीद के चलते आई है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण वाली कांग्रेस ट्रंप के वित्तीय एजेंडे पर अंकुश लगा सकती है और असहनीय राजकोषीय विस्तार को रोक सकती है। बहरहाल, राजनीतिक परिदृश्य का यह बदलाव पूरी तरह से सोने के पक्ष में ही हो, ऐसा नहीं है। सरकारी खर्च कम होने से कर्ज संकट की चिंताएं कुछ हद तक घट सकती हैं, जबकि यही चिंताएं पहले वित्तीय अस्थिरता से बचाव के तौर पर सोने की मांग को बढ़ावा दे रही थीं। फिलहाल तात्कालिक तौर पर कमजोर डॉलर और गिरती यील्ड का असर इन दीर्घकालिक चिंताओं पर भारी पड़ता दिख रहा है। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और आगामी नौकरियों के आंकड़ों की चुनौती बुधवार को दर्ज की गई तेजी के बावजूद सोने के लिए मौद्रिक नीति का व्यापक माहौल अब भी काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय बाजार दिसंबर में फेडरल रिजर्व (फेड) द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने की करीब 81% संभावना मानकर चल रहे हैं। जब तक सख्त मौद्रिक रुख बना रहेगा, तब तक गैर-उपज वाली संपत्तियों के लिए बड़ी तेजी बनाए रखना आसान नहीं होगा। हालांकि, यदि महंगाई में अपेक्षित नरमी आती है और अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपनी सख्त नीति को थोड़ा लचीला बनाता है, तो वर्ष 2027 के दौरान मौद्रिक दृष्टिकोण अधिक अनुकूल साबित हो सकता है। नीति में ऐसा कोई भी सकारात्मक बदलाव सोने पर दबाव कम करेगा और टिकाऊ सुधार का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। इस बीच, शुक्रवार को जारी होने वाली गैर-कृषि पेरोल (एनएफपी) रिपोर्ट बाजार के लिए बेहद अहम परीक्षा साबित होगी। रोजगार के मजबूत आंकड़े आगे और सख्ती की उम्मीदों को बल देंगे, जबकि कमजोर आंकड़े निवेशकों को ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते पर पुनर्विचार करने का आधार प्रदान करेंगे। तकनीकी चार्ट पर प्रतिरोध और मंदी का ढांचा दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो सोने का बाजार लंबी गिरावट के बाद संभलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसका व्यापक ढांचा अभी भी मंदी की ओर इशारा कर रहा है। हालिया दौर में खरीदारों द्वारा $3,870 के सपोर्ट स्तर का बचाव किया जाना एक सकारात्मक संकेत जरूर है, जो कई महीनों की लगातार बिकवाली के बाद सामने आया है। इसके बावजूद सोना अपने 100-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) से काफी नीचे कारोबार कर रहा है, जो क्रमशः $4,204 और $4,475 के आसपास स्थित हैं। वर्तमान स्तरों से ऊपर की ओर पहली तात्कालिक बाधा $4,030 के आसपास स्थित अवरोही ट्रेंडलाइन है, जिसने अगस्त के अंत से सुधार के कई प्रयासों को सीमित किया है। यदि दैनिक आधार पर इस ट्रेंडलाइन के ऊपर निर्णायक बंद मिलता है, तो अल्पकालिक सुधार की संभावना मजबूत होगी। इसके बाद $4,100 का स्तर एक अन्य महत्वपूर्ण प्रतिरोध क्षेत्र बना हुआ है। इस स्तर को पार करने का मतलब होगा कि खरीदारी का दबाव मजबूत हो रहा है, जिससे $4,200 से $4,250 के दायरे का रास्ता खुल सकता है, जहां 100-दिवसीय मूविंग एवरेज मजबूत प्रतिरोध पेश करेगा। व्यापक स्तर पर तेजी के रुख की पुष्टि के लिए सोने को $4,380 के पार निकलना जरूरी होगा। दैनिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) सुधरकर 46 के स्तर तक पहुंचा है, जो यह दर्शाता है कि गिरावट की गति धीमी पड़ रही है। हालांकि, आरएसआई का तटस्थ 50 के स्तर से नीचे बने रहना यह संकेत देता है कि खरीदारों ने अभी पूरी तरह बाजार पर नियंत्रण हासिल नहीं किया है। यदि कीमतें $4,000 के ऊपर टिकने में असमर्थ रहती हैं, तो $3,940 का क्षेत्र और उसके बाद महत्वपूर्ण $3,870 का सपोर्ट क्षेत्र दोबारा परीक्षण के दायरे में आ सकता है। इस सपोर्ट के नीचे कोई भी निर्णायक ब्रेक बाजार के स्थिरीकरण के प्रयास को बिगाड़ देगा और नए सिरे से नुकसान का जोखिम बढ़ा देगा। विदेशी मुद्रा, बॉन्ड और क्रिप्टोकरेंसी बाजारों की हलचल बुधवार को व्यापक वित्तीय बाजारों में भी उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) 0.6965 के करीब दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर स्थिर बना रहा। शुरुआती चुनावी नतीजों ने राजनीतिक अनिश्चितता को बढ़ाते हुए ग्रीनबैक पर भारी दबाव डाला। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और सुरक्षित निवेश की मांग ने डॉलर को कमजोर रखा, हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) के कम आक्रामक रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित रखा। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) भारी बिकवाली के दबाव में आया और एशियाई सत्र में 158.00 से नीचे फिसल गया। अमेरिकी मध्यावधि मतगणना के बाद राजनीतिक अनिश्चितता के चलते डॉलर एक महीने के निचले स्तर तक गिर गया। वॉशिंगटन में नीतिगत गतिरोध की संभावना ने सुरक्षित ठिकानों की ओर पूंजी प्रवाह को बढ़ाया, जिससे बॉन्ड यील्ड में ताजा गिरावट आई और अमेरिकी मुद्रा पर दबाव और गहरा गया। सोने ने लगातार दो दिनों की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए बुधवार को $4,000 प्रति ट्रॉय औंस के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को फिर से हासिल कर लिया। कमजोर डॉलर, घटती बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने पीली धातु की इस रिकवरी में अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, डिजिटल एसेट बाजार में जोखिम उठाने की धारणा सुधरने से बिटकॉइन (BTC) $78,000 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इथेरियम (ETH) भी रिकवरी की राह पर चलते हुए $2,300 के ऊपर बना रहा, जबकि एक्सआरपी (XRP) $1.28 के पार पहुंच गया, जिससे इसमें लगातार दो दिनों की बढ़त दर्ज हुई। कुल मिलाकर, सोने की वापसी ध्यान देने योग्य है, लेकिन जब तक यह प्रमुख तकनीकी स्तरों को पार नहीं कर लेता, तब तक इसे पूर्ण तेजी का आरंभ मानना जल्दबाजी होगी। इसका आप पर असर अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों से डॉलर कमजोर हुआ है और सोने की कीमतों में सुधार आया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तथा घरेलू सर्राफा बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। • भारत में आभूषण खरीदार: वैश्विक स्तर पर सोने के 4,000 डॉलर के पार जाने से घरेलू खुदरा कीमतों पर असर पड़ सकता है। शादियों या निवेश के लिए खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं को कीमतों में आने वाले त्वरित बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। • कमोडिटी निवेशक: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3,870 डॉलर के सपोर्ट से संभलकर 4,000 डॉलर के ऊपर आया है। यदि कीमतें 4,030 और 4,100 डॉलर का तकनीकी प्रतिरोध पार नहीं कर पाती हैं, तो नया निवेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। • मुद्रा बाजार पर नजर रखने वाले: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.50% की गिरावट से वैश्विक मुद्राओं को कुछ राहत मिली है। यदि अमेरिकी संसद में गतिरोध जारी रहता है तो डॉलर की चाल कमजोर रह सकती है। • अमेरिकी नीतिगत बदलाव: संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का बहुमत बनने से खर्च योजनाओं पर रोक लग सकती है। इसका सीधा असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक निवेश प्रवाह पर दिखाई देगा। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण स्थापित होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वित्तीय एजेंडे पर रोक लगने की आशंका ने डॉलर और बॉन्ड यील्ड को गिरा दिया, जिससे सोने को मजबूती मिली। • चुनावी नतीजे और राजनीतिक गतिरोध: मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत से वॉशिंगटन में सत्ता संतुलन बंट गया है। इससे बड़े पैमाने पर अतिरिक्त राजकोषीय पैकेज और सरकारी उधारी की संभावनाओं पर ब्रेक लगने की उम्मीद बढ़ गई है। • डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में नरमी: राजनीतिक अनिश्चितता और सीमित खर्च की संभावना से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.50% गिरा और बॉन्ड यील्ड घटी। कम यील्ड के चलते बिना ब्याज वाले सोने की अवसर लागत कम हो गई और विदेशी निवेशकों के लिए यह सस्ता हो गया। • तकनीकी सपोर्ट स्तर पर खरीदारी: कई महीनों की लगातार बिकवाली के बाद निवेशकों ने $3,870 के मजबूत सपोर्ट क्षेत्र पर खरीदारी की। निचले स्तरों पर खरीदारों की सक्रियता से सोने को $4,000 के ऊपर वापसी करने में मदद मिली। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमत में हालिया तेजी की मुख्य वजह क्या है? अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद डॉलर इंडेक्स में 0.50% की गिरावट और ट्रेजरी यील्ड में कमी से सोने को मजबूती मिली है। 2. फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक को लेकर बाजार का क्या अनुमान है? सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, वित्तीय बाजार दिसंबर की बैठक में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की 81% संभावना मानकर चल रहे हैं। 3. सोने के लिए कौन से तकनीकी स्तर सबसे महत्वपूर्ण हैं? सोने के लिए $4,030 और $4,100 पर कड़ा प्रतिरोध है, जबकि नीचे की तरफ $3,940 और $3,870 अहम सपोर्ट स्तर बने हुए हैं। 4. शुक्रवार को आने वाले कौन से आंकड़े बाजार के लिए अहम हैं? शुक्रवार को अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल (एनएफपी) रिपोर्ट जारी होगी, जिससे फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति के संकेत मिलेंगे। https://trendkia.com/market/us-congress-men-democrats-ki-jita-se-gold-phira-4-000-ke-para-lekina-takaniki-mndi-barakarara-56526 TrendKia — Har trend, sabse pehle.