अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से सोने में उछाल, $4,000 का स्तर दोबारा पार अमेरिकी मध्यावधि चुनावी हलचलों और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के बीच सोने की कीमतों ने $3,919 के निचले स्तर से उबरते हुए $4,000 प्रति औंस के पार मजबूत वापसी की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है, जहां पीली धातु ने अपने $3,919 प्रति औंस के दैनिक निचले स्तर से जोरदार वापसी करते हुए दोबारा $4,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया है। अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी और 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के छह आधार अंक गिरकर 4.904% पर आने से बुलियन की मांग में जोरदार सुधार दर्ज किया गया। निवेशक हालिया चुनावी हलचलों और आर्थिक आंकड़ों के बाद सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे 30 अक्टूबर को $3,870 के साल के निचले स्तर को छूने के बाद से सोने ने अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करना शुरू कर दिया है। कमजोर डॉलर और गिरती बॉन्ड यील्ड से मिला सहारा अमेरिकी डॉलर के मूल्य में तेज गिरावट ने बुलियन संपत्तियों के आकर्षण को तेजी से बढ़ाया है। वित्तीय बाजारों में आमतौर पर अमेरिकी डॉलर और सोने के बीच विपरीत संबंध देखने को मिलता है। जब मुद्रा कमजोर होती है, तो डॉलर में आंकी जाने वाली कीमती धातुएं विदेशी खरीदारों के लिए सस्ती हो जाती हैं। इसी के साथ अमेरिकी 10-वर्षीय बेंचमार्क ट्रेजरी नोट की यील्ड 6 आधार अंक गिरकर 4.904% पर आ गई है। सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों के लिए बॉन्ड प्रतिफल का कम होना एक बड़ा सकारात्मक उत्प्रेरक साबित होता है क्योंकि यह धातु रखने की अवसर लागत को घटा देता है। ताजा अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया है। सेवा क्षेत्र की कारोबारी गतिविधि में विस्तार जारी रहा, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी दर्ज की गई। अक्टूबर के लिए आईएसएम सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) कमजोर होकर 54.5 पर रहा, जो पिछले महीने के 54.9 और 54.8 के अनुमान से नीचे था। इस सर्वेक्षण के भीतर रोजगार उप-घटक में वृद्धि देखी गई, जबकि नए ऑर्डर और भुगतान की गई कीमतें घटीं, हालांकि वे विस्तार के दायरे में बनी रहीं। वहीं एडीपी एम्प्लॉयमेंट चेंज रिपोर्ट में निजी क्षेत्र की भर्ती स्थिर पाई गई, जहां कंपनियों ने 86,000 नए कर्मचारी जोड़े, जो 69,000 के पूर्वानुमान से अधिक थे। इन सबके बावजूद गैर-कृषि पेरोल (NFP) रिपोर्ट से पहले दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 79% संभावना बनी हुई है। कच्चे तेल में भारी फिसलन और मध्यावधि चुनावी असर ऊर्जा बाजारों में भी भारी फेरबदल हुआ है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल 8% से अधिक टूटकर $87.50 प्रति बैरल पर आ गया। चुनाव के बाद इस संभावना को लेकर उम्मीदें बढ़ रही हैं कि अमेरिकी कांग्रेस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर अंकुश लगा सकती है, हालांकि यह जनवरी 2027 में डेमोक्रेटिक लहर के कार्यभार संभालने के बाद ही संभव होगा। ऊर्जा की गिरती कीमतों ने व्यापक वित्तीय बाजार की धारणा को प्रभावित किया है और मुद्रास्फीति दबावों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विदेशी मुद्रा बाजारों में भी डॉलर की कमजोरी साफ दिखी। एशियाई सत्र में एयूडी/यूएसडी दो सप्ताह के निचले स्तर के ऊपर स्थिर रहा और 0.6965 के आसपास कारोबार करता दिखा। शुरुआती मध्यावधि चुनावी नतीजों ने राजनीतिक अनिश्चितता को बढ़ाया और ग्रीनबैक पर दबाव डाला। दूसरी तरफ यूएसडी/जेपीवाई पर भारी बिकवाली का दबाव देखा गया, जो एशियाई सत्र के दौरान 158.00 से नीचे फिसल गया क्योंकि अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावना ने सुरक्षित निवेश प्रवाह को गति दी, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नई गिरावट आई और डॉलर और अधिक कमजोर हुआ। सोने का तकनीकी ढांचा और आने वाले अहम स्तर बाजार की संरचना के नजरिए से देखें तो सोने का व्यापक रुझान अब भी मंदी के दायरे में बना हुआ है, लेकिन खरीदार लगातार गति पकड़ रहे हैं क्योंकि कीमत एक प्रमुख प्रतिरोध ट्रेंडलाइन के करीब पहुंच रही है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) अपने 50-तटस्थ स्तर की ओर पैराबोलिक छलांग लगाने के बाद तेजी के रुख की ओर मुड़ने की स्थिति में आ गया है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सत्र के दौरान सोने की कीमत $4,077 पर पहुंच गई, जो पिछले बंद भाव $3,940 से 3.47% अधिक है, जबकि इसका 52-सप्ताह का दायरा $3,879 से $5,586 के बीच रहा है। ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 1.31 गुना दर्ज हुआ। लाइव तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 47 पर है, एमएसीडी -70.94 पर नकारात्मक हिस्टोग्राम (-0.66) के साथ मंदी का रुख दर्शा रहा है, और औसत ट्रू रेंज (ATR) 86.88 है। यदि एक्सएयू/यूएसडी $4,100 के स्तर को दोबारा हासिल करने में कामयाब होता है, तो यह $4,204 पर मौजूद 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और $4,215 पर 50-दिवसीय एसएमए के संगम को चुनौती देने का रास्ता साफ कर देगा। इन स्तरों के पार निकलने पर अगला प्रमुख पड़ाव $4,474 पर मौजूद 200-दिवसीय एसएमए होगा। इसके विपरीत, यदि मंदी का रुझान जारी रहता है, तो सोने को दोबारा $4,000 से नीचे गिरना होगा। $4,000 के टूटने पर 3 नवंबर का उच्च स्तर, जो अब समर्थन बन चुका है, $3,971 पर सामने आएगा। इसके बाद 30 अक्टूबर का $3,879 का निचला स्तर और अंततः 22 अप्रैल 2025 का $3,500 का स्तर परीक्षण के दायरे में आ सकता है। प्रमुख धुरी स्तर $4,029 पर है, जिसमें प्रतिरोध स्तर $4,130 और $4,182 पर हैं, जबकि समर्थन स्तर $3,977 और $3,876 पर देखे जा रहे हैं। सुरक्षित निवेश और केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी मानव इतिहास में सोने ने मूल्य संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में एक बुनियादी भूमिका निभाई है। वर्तमान समय में, अपनी चमक और आभूषणों में उपयोग के अलावा, यह कीमती धातु वैश्विक स्तर पर एक सुरक्षित पनाहगाह मानी जाती है। उथल-पुथल के दौर में निवेशक इसे पूंजी संरक्षण का सबसे भरोसेमंद जरिया मानते हैं। सोना मुद्रास्फीति के साथ-साथ अवमूल्यन होती मुद्राओं के खिलाफ एक मजबूत बचाव का काम करता है क्योंकि यह किसी विशिष्ट सरकार या जारीकर्ता की साख पर निर्भर नहीं करता। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। अशांत समय में अपनी स्थानीय मुद्राओं को सहारा देने और विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए वे सोना खरीदते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था और मुद्रा की विश्वसनीयता मजबूत होती है। उच्च स्वर्ण भंडार किसी भी देश की शोधन क्षमता के लिए विश्वास का स्रोत माना जाता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडार में 1,136 टन सोना जोड़ा, जिसकी कीमत करीब 70 अरब डॉलर थी। यह रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक खरीद है। चीन, भारत और तुर्की जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंक तेजी से अपने सोने के भंडार में इजाफा कर रहे हैं। सोने का शेयर बाजार जैसी जोखिम वाली संपत्तियों से भी विपरीत संबंध होता है। शेयर बाजारों में तेजी आमतौर पर सोने की कीमतों को नरम करती है, जबकि जोखिम भरे बाजारों में बिकवाली का दौर पीली धातु को फायदा पहुंचाता है। इसके अलावा अन्य संपत्तियों में भी हरियाली देखने को मिली, जहां बिटकॉइन व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम उठाने की धारणा सुधरने से $78,000 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इथेरियम $2,300 के ऊपर बना रहा और रिपल $1.28 के पार कारोबार करते हुए लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज करने में सफल रहा। इसका आप पर असर सोने की कीमतों में आई यह जोरदार तेजी वैश्विक आभूषण खरीदारों, खुदरा निवेशकों और जिंस व्यापारियों की लागत और रणनीतियों को सीधे प्रभावित करेगी। • भारत में प्रभाव: वैश्विक स्तर पर सोना $4,000 के पार निकलने से घरेलू सराफा बाजारों में शादी-ब्याह के सीजन के दौरान गहनों की खुदरा कीमतें बढ़ सकती हैं। खरीदारों को आभूषण खरीदने के लिए अधिक खर्च करना पड़ेगा, जबकि मौजूदा निवेशक अपने सोने के मूल्य में बढ़ोतरी देख सकते हैं। • जिंस निवेशकों के लिए: कमजोर डॉलर और गिरती यील्ड के चलते सोने में आगे और खरीदारी का रुझान मजबूत हो सकता है। निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित बनाने के लिए बॉन्ड और इक्विटी से पूंजी निकालकर सोने में आवंटन बढ़ा सकते हैं। • मुद्रास्फीति और घरेलू बजट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 8% से अधिक की गिरावट परिवहन और ऊर्जा लागत को कम कर सकती है। यह गिरावट खुदरा महंगाई पर दबाव को कुछ हद तक सीमित करने में मदद करेगी। • मुद्रा विनिमय और आयात: डॉलर इंडेक्स में नरमी से अन्य उभरती मुद्राओं पर दबाव घटता है, जिससे आयात बिल को सहारा मिलता है। आयातकों को विदेशी भुगतान में थोड़ी राहत मिल सकती है जबकि निर्यातकों की प्राप्तियों में बदलाव संभव है। ऐसा क्यों हुआ सोने की कीमतों में तेज उछाल मुख्य रूप से अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद डॉलर में आई तेज कमजोरी और ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल में आई गिरावट के चलते देखने को मिला है। राजनीतिक अनिश्चितता और आर्थिक संकेतकों ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों की ओर मुड़ने पर मजबूर किया। • अमेरिकी डॉलर में गिरावट: अमेरिकी मध्यावधि चुनावी परिणामों के बाद वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावनाओं ने डॉलर में तेज बिकवाली को जन्म दिया। डॉलर के कमजोर होने से वैश्विक स्तर पर सोने की लागत अन्य मुद्राओं के लिए घट गई, जिससे आक्रामक खरीदारी शुरू हुई। • ट्रेजरी यील्ड में कमी: 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के 6 आधार अंक गिरकर 4.904% पर आने से बिना ब्याज वाली संपत्तियों की आकर्षण क्षमता बढ़ी। ब्याज दरों के उच्च स्तर के बावजूद यील्ड में नरमी ने सोने में निवेश को आकर्षक बना दिया। • कमजोर आर्थिक आंकड़े: अक्टूबर के कमजोर आईएसएम सर्विसेज पीएमआई आंकड़ों ने कारोबारी गतिविधियों में सुस्ती का संकेत दिया। इस धीमी वृद्धि ने आर्थिक अनिश्चितता को बढ़ाया, जिससे निवेशकों ने हेजिंग के तौर पर बुलियन में पूंजी लगाई। • कच्चे तेल में भारी गिरावट: ऊर्जा कीमतों में 8% से ज्यादा की गिरावट और कांग्रेस द्वारा राष्ट्रपति की शक्तियों पर संभावित नियंत्रण की चर्चाओं ने व्यापक बाजार जोखिम को बदल दिया। तेल से निकले फंड और चुनावी उथल-पुथल ने सुरक्षित ठिकाने के रूप में सोने की मांग बढ़ा दी। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमत हालिया निचले स्तर से कितनी बढ़ी है? सोने ने अपने दैनिक निचले स्तर $3,919 से जोरदार सुधार दर्ज किया और $4,000 प्रति औंस के पार निकल गया। 2. अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में कितना बदलाव देखा गया? अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड छह आधार अंक घटकर 4.904% पर आ गई है। 3. अक्टूबर के आईएसएम सर्विसेज पीएमआई के आंकड़े क्या रहे? अक्टूबर का आईएसएम सर्विसेज पीएमआई 54.5 दर्ज किया गया, जो पिछले महीने के 54.9 और 54.8 के अनुमान से कम था। 4. अक्टूबर में निजी रोजगार में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई? एडीपी रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर में निजी कंपनियों ने 86,000 नए कर्मचारी जोड़े, जो 69,000 के पूर्वानुमान से अधिक थे। 5. कच्चे तेल की कीमतों में कितनी गिरावट दर्ज की गई? वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 8% से अधिक की गिरावट के साथ $87.50 प्रति बैरल पर आ गया। 6. दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की क्या संभावना है? दिसंबर की फेडरल रिजर्व बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना 79% पर बनी हुई है। 7. सोने के लिए आगे के प्रमुख तकनीकी प्रतिरोध स्तर कौन से हैं? सोने के लिए $4,100 के बाद 100-दिवसीय एसएमए $4,204 और 50-दिवसीय एसएमए $4,215 पर प्रमुख प्रतिरोध स्तर हैं। 8. केंद्रीय बैंकों ने 2022 में कितना सोना खरीदा था? वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार केंद्रीय बैंकों ने 2022 में लगभग 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना खरीदा था। https://trendkia.com/market/us-dollar-aur-bond-yield-me-girawat-se-gold-me-uchhal-4000-ka-star-dobara-paar-56698 TrendKia — Har trend, sabse pehle.