# अमेरिकी डॉलर और चीन के आंकड़ों के दबाव में फंसा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, 0.7100 के स्तर पर टिकी नजरें

> रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सख्त मौद्रिक नीति और घरेलू मुद्रास्फीति के समर्थन के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7150 के नीचे झूल रहा है। निवेशक आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन और संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी के संकेतों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-aura-china-ke-ankaron-ke-dabava-men-phnsa-australian-dollar-0-7100-ke-stara-para-tiki-najaren-35919 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा बाजार, आरबीए ब्याज दर, मुद्रास्फीति, चीन अर्थव्यवस्था, तकनीकी विश्लेषण, वित्त

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए सुस्त और असमंजस भरी रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7150 के स्तर के नीचे सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव दर्ज कर रहा है। शुरुआती कारोबार में यह मुद्रा जोड़ी निचले 0.7100 के स्तरों के इर्द-गिर्द घूमती दिखी और पिछले दो सत्रों से जारी सुधार को आगे बढ़ाने में इसे खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। दूसरी तरफ, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के दम पर अमेरिकी डॉलर को नया सहारा मिला है, जिसने जोखिम-संवेदनशील संपत्तियों पर दबाव बना रखा है। इसके साथ ही 24 सितंबर को होने वाला ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन इस पूरे हफ्ते निवेशकों के ध्यान का मुख्य केंद्र बना रहने वाला है।

बाजार की इस अनिर्णायक स्थिति के बावजूद, अगर व्यापक आर्थिक परिदृश्य को देखा जाए तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का सकारात्मक ढांचा अब भी काफी हद तक सुरक्षित है। इस मजबूती की सबसे बड़ी वजह रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) का सख्त नीतिगत रुख और ऑस्ट्रेलिया में बनी हुई उच्च मुद्रास्फीति है। ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था अपने अधिकांश G10 समकक्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रही है, जिसे मजबूत घरेलू मांग और सकारात्मक आर्थिक विकास दर का सहारा मिल रहा है। लगातार बनी हुई महंगाई भी केंद्रीय बैंक को आंकड़ों पर आधारित सतर्क रुख बनाए रखने के लिए बाध्य कर रही है।

## घरेलू आर्थिक आंकड़ों का मिला-जुला असर और व्यापार अधिशेष
ऑस्ट्रेलिया में व्यापारिक और कारोबारी गतिविधियों के आंकड़े मिले-जुले रहे हैं, फिर भी वे विस्तार के दायरे में बने हुए हैं। अगस्त महीने के अंतिम परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण सूचकांक 52.0 पर अपरिवर्तित रहा, जबकि सेवा क्षेत्र का सूचकांक मामूली गिरावट के साथ 53.2 पर दर्ज किया गया। दोनों ही आंकड़े 50 के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर हैं, जो यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था का यह हिस्सा विस्तार कर रहा है। इसके अतिरिक्त, विदेशी व्यापार के मोर्चे से भी उत्साहजनक संकेत मिले हैं। ऑस्ट्रेलिया ने जुलाई महीने में A$1.923 बिलियन का व्यापार अधिशेष दर्ज किया, जो जून में दर्ज A$2.341 बिलियन के अधिशेष में जुड़ गया है। यह लगातार व्यापार अधिशेष घरेलू मुद्रा को बुनियादी सहारा प्रदान करता है।

हालांकि, आर्थिक विकास दर के आंकड़े बहुत अधिक उत्साहजनक नहीं रहे हैं। वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) तिमाही आधार पर 0.4% बढ़ा, जो पिछली तिमाही के 0.3% से थोड़ा बेहतर था। लेकिन वार्षिक आधार पर विकास दर सुस्त पड़कर 2.1% पर आ गई, जबकि इससे पिछली अवधि में यह 2.5% की दर से बढ़ रही थी। श्रम बाजार में भी गति कम होने के स्पष्ट संकेत देखने को मिले हैं। जुलाई महीने में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.5% तक पहुंच गई। साथ ही, रोजगार परिवर्तन में 15.8K की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले महीने में संशोधित 80.3K की मजबूत वृद्धि देखी गई थी।

## मुद्रास्फीति का दबाव और केंद्रीय बैंक की रणनीति
नीति निर्माताओं के लिए मुद्रास्फीति सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। जुलाई के आंकड़ों से साफ हुआ है कि मूल्य दबाव रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के 2% से 3% के तय लक्ष्य दायरे से काफी ऊपर चल रहा है। इसका मतलब यह है कि महंगाई को लक्ष्य तक वापस लाने का सफर असमान और लंबा खिंच सकता है। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में हेडलाइन मुद्रास्फीति घटकर 3.5% पर आ गई, जो पहले 3.8% थी। वहीं, ट्रिम्ड मीन द्वारा मापी जाने वाली अंतर्निहित मुद्रास्फीति 3.6% पर स्थिर बनी रही। मेलबर्न इंस्टीट्यूट का उपभोक्ता मुद्रास्फीति अपेक्षा सूचकांक सितंबर में 4.9% पर स्थिर रहा, जिसने इस दृष्टिकोण को और बल दिया कि महंगाई को काबू में करने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।

नीति निर्माताओं का अनुमान है कि मुद्रास्फीति केवल वर्ष 2028 की शुरुआत तक ही अपने लक्ष्य दायरे में लौट पाएगी। यही कारण है कि केंद्रीय बैंक किसी भी जल्दबाजी भरे नीतिगत बदलाव के बजाय धैर्य बरतने पर जोर दे रहा है। पिछली चर्चाओं में नीति निर्माताओं ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (bps) की बढ़ोतरी पर विचार किया था, लेकिन अंततः यह निष्कर्ष निकाला गया कि मौजूदा नीतिगत ढांचा पर्याप्त रूप से प्रतिबंधात्मक है। अधिकारियों ने यह भी माना कि जोखिम अब अधिक संतुलित हैं, जिसमें घरों की गिरती कीमतें और यह संभावना शामिल है कि रोजगार को बड़ा नुकसान पहुंचाए बिना भी महंगाई में गिरावट आ सकती है। फिलहाल बाजार में निवेशक साल के अंत तक 41 आधार अंकों से अधिक की सख्ती की संभावना मानकर चल रहे हैं और उम्मीद है कि 29 सितंबर की बैठक में केंद्रीय बैंक आधिकारिक नकद दर (OCR) में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है।

## चीन की अर्थव्यवस्था का प्रभाव और पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का रुख
ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन से आने वाले संकेत भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सीमित रूप से प्रभावित कर रहे हैं। चीन वर्तमान में ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान कर रहा है, लेकिन वह वैसा तेज आर्थिक आवेग पैदा नहीं कर पा रहा है जिसने पिछले दौर में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को उछाल दिया था। अप्रैल से जून की अवधि में चीनी अर्थव्यवस्था सालाना आधार पर 4.3% की दर से बढ़ी। साल-दर-तारीख (YTD) आधार पर औद्योगिक उत्पादन में 5.2% की वृद्धि दर्ज की गई, और जुलाई में देश का व्यापार अधिशेष बढ़कर $119.1 बिलियन हो गया, जिसे आयात और निर्यात दोनों में हुई बढ़ोतरी का सहारा मिला।

इसके विपरीत, चीन में उपभोक्ता खर्च कमजोर बना हुआ है, जहां खुदरा बिक्री में पिछले साल की तुलना में केवल 0.4% की मामूली बढ़त देखी गई। कारोबारी सर्वेक्षणों ने भी विभाजित तस्वीर पेश की है। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, विनिर्माण पीएमआई अगस्त में 49.2 से सुधरकर 49.8 पर आया, जबकि सेवा पीएमआई 49.0 पर स्थिर रहा। दूसरी ओर, रेटिंगडॉग जैसे निजी उपायों में विस्तार देखा गया, जहां विनिर्माण 50.9 से बढ़कर 51.5 और सेवाएं 50.4 से बढ़कर 51.4 पर पहुंच गईं। मुद्रास्फीति के मोर्चे पर, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अगस्त में सालाना आधार पर 0.8% बढ़ा (जो पहले 0.5% था) और मासिक आधार पर 0.4% बढ़ा। वहीं उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) पिछले 12 महीनों में 3.8% बढ़ा, जो पिछले महीने के 3.5% से अधिक था। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने सोमवार की शुरुआत में अपनी लोन प्राइम दरों में कोई बदलाव नहीं किया और एक वर्षीय दर को 3.00% व पांच वर्षीय दर को 3.50% पर बरकरार रखा। स्पष्ट है कि चीन न तो बहुत बड़ा सहारा बन रहा है और न ही बहुत भारी दबाव, जिससे इसका प्रभाव सीमित बना हुआ है।

## वायदा बाजार की स्थिति और सट्टेबाजी का रुझान
कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के 15 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह के आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मंदी की सट्टेबाजी की स्थिति मजबूत हुई है। इस दौरान नेट शॉर्ट अनुबंधों की संख्या बढ़कर लगभग 39K तक पहुंच गई, जिससे पिछले सप्ताह हुए सुधार का एक हिस्सा पलट गया। हालांकि, 4-सप्ताह का बदलाव लगभग 5.2K अनुबंधों की बढ़त दिखा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि नवीनतम गिरावट के बावजूद व्यापक स्थिति अभी भी बहुत अधिक नकारात्मक नहीं हुई है।

इसके साथ ही, ओपन इंटरेस्ट ने अपनी बढ़त जारी रखी और लगभग 494.1K अनुबंधों तक पहुंच गया। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, ओपन इंटरेस्ट में यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि ट्रेडर्स केवल पुराने लॉन्ग पोजीशन से बाहर नहीं निकल रहे हैं, बल्कि नए शॉर्ट पोजीशन बना रहे हैं। इससे पता चलता है कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के प्रति नकारात्मक धारणा को लेकर प्रतिबद्धता फिर से बढ़ी है। सट्टेबाजी का एक्सपोजर -7.7% से थोड़ा गिरकर -7.9% हो गया, जबकि इसका परसेंटाइल 83.9 पर ऊंचा बना रहा। हालांकि नेट पोजीशन परसेंटाइल 68.1 पर है, जो बताता है कि मंदी की पोजीशन अभी चरम स्तर पर नहीं पहुंची है। संक्षेप में कहें तो मंदी का झुकाव बरकरार है, लेकिन व्यापक रुझान पूरी तरह से नकारात्मक नहीं हुआ है।

## तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण मूल्य स्तर
दैनिक चार्ट पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7126 के आसपास कारोबार कर रहा है। यह 0.7074 और 0.7015 के बीच मौजूद 55-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के समूह से ऊपर बना हुआ है, जो इसके अल्पकालिक ढांचे को सकारात्मक बनाए रखता है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 48 के स्तर पर है, जबकि एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 22 के करीब सुस्त है, जो किसी मजबूत ट्रेंड के बजाय कंसोलिडेशन की ओर इशारा कर रहा है।

ताजा लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, मुद्रा जोड़ी 0.7125 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले 0.7115 के बंद भाव से +0.13% ऊपर है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 रहा है। मूविंग एवरेजेस में 20-दिवसीय EMA 0.7142 पर, 50-दिवसीय EMA 0.7107 पर और 200-दिवसीय EMA 0.6956 पर स्थित है, जबकि 50-दिवसीय SMA 0.7086 और 200-दिवसीय SMA 0.7012 पर है, जहां गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। बोलिंगर बैंड (20,2) 0.7093 से 0.7238 के बीच है और कीमत बैंड के भीतर बनी हुई है। तकनीकी स्तरों के संदर्भ में, मुख्य पिवट पॉइंट 0.7127 पर है। ऊपर की ओर पहला प्रतिरोध स्तर (R1) 0.7140 और दूसरा प्रतिरोध स्तर (R2) 0.7154 पर है। नीचे की ओर पहला समर्थन स्तर (S1) 0.7113 और दूसरा समर्थन स्तर (S2) 0.7100 पर है, जबकि 20-दिवसीय प्रमुख समर्थन 0.7087 और प्रतिरोध 0.7239 के आसपास है।

यदि तेजी का रुख जारी रहता है और जोड़ी 0.7200 के ऊपर मजबूती से निकलती है, तो 2026 का उच्च स्तर 0.7280 और उसके बाद 0.7300 का मनोवैज्ञानिक स्तर देखने को मिल सकता है। इसके ऊपर वर्ष 2022 का उच्चतम स्तर 0.7593 प्रमुख बाधा रहेगा। इसके विपरीत, यदि वैश्विक जोखिम धारणा बिगड़ती है या अमेरिकी डॉलर में और तेजी आती है, तो शुरुआती समर्थन 16 सितंबर के निचले स्तर 0.7074 और फिर 55-दिवसीय SMA 0.7070 पर मिलेगा। मध्यम अवधि के दृष्टिकोण से 200-दिवसीय SMA का स्तर सबसे निर्णायक बना रहेगा, जिसके टूटने पर गिरावट गहरा सकती है।

## वैश्विक घटनाक्रम और अन्य वित्तीय बाजारों का हाल
वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोने की कीमतों में सुधार देखा गया है और यह $4,350 प्रति ट्रॉय औंस के पास कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है, जबकि यूरोपीय और अमेरिकी शेयर बाजार हरे निशान में खुलने के संकेत दे रहे हैं। बांड बाजार में दबाव साफ देखा जा रहा है, जहां अमेरिकी और यूरोपीय सरकारी बांडों की यील्ड में उछाल दर्ज किया गया है।

मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में, USD/JPY एशियाई सत्र में 157.00 के नीचे सुस्त रहा। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा शुक्रवार को रेट चेक किए जाने के बाद संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को सहारा दिया है। वहीं केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में तनाव के चलते बाजार सतर्क बना हुआ है। अब सभी की निगाहें 23 सितंबर को आने वाले एसएंडपी ग्लोबल पीएमआई आंकड़ों और 24 सितंबर को ट्रंप-शी वार्ता पर टिकी हैं।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजार में होने वाला यह उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, यात्रियों और आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारियों पर सीधा असर डालता है।

- **मुद्रा विनिमय और यात्रा:** ऑस्ट्रेलिया की यात्रा करने वाले या वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए विनिमय दर 0.7100 के दायरे में स्थिर बनी हुई है। इसका मतलब है कि यदि डॉलर और मजबूत होता है तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में खर्च करना तुलनात्मक रूप से थोड़ा सस्ता हो सकता है।
- **आयात और निर्यात लागत:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में सुस्ती से वहां से आयात होने वाले कच्चे माल और खनिजों की कीमतें वैश्विक खरीदारों के लिए स्थिर बनी रहेंगी। भारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय आयातकों को विनिमय दरों में स्थिरता के कारण अचानक मूल्य वृद्धि का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- **ब्याज दरों पर प्रभाव:** रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा 29 सितंबर को ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। इसके चलते ऑस्ट्रेलिया में घरेलू ऋण और व्यावसायिक उधारी की लागत आगे और बढ़ सकती है।
- **वैश्विक बाजार जोखिम:** आगामी 24 सितंबर को ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले बाजार में सतर्कता बनी रहेगी। इस वार्ता से व्यापार और टैरिफ पर निकलने वाले फैसलों का असर सीधे वैश्विक इक्विटी और करेंसी मार्केट पर पड़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मौजूदा ठहराव और उतार-चढ़ाव के पीछे केंद्रीय बैंकों की नीतियां, मुद्रास्फीति और प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की आर्थिक स्थिति मुख्य कारण हैं।

- **फेडरल रिजर्व की सख्त दर नीति:** अमेरिकी डॉलर को फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों से मजबूत सहारा मिल रहा है। इस मजबूत अमेरिकी डॉलर ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की हालिया बढ़त को 0.7150 के नीचे रोक दिया है।
- **ऑस्ट्रेलिया में जिद्दी मुद्रास्फीति:** देश में हेडलाइन महंगाई 3.5% और ट्रिम्ड मीन 3.6% पर बनी हुई है, जो केंद्रीय बैंक के 2% से 3% के लक्ष्य से ऊपर है। इसके चलते रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया पर ब्याज दरों को ऊंचा रखने का दबाव बना हुआ है।
- **चीन से सीमित गति:** चीन की अर्थव्यवस्था 4.3% की दर से बढ़ रही है और औद्योगिक उत्पादन मजबूत है, लेकिन वहां खुदरा बिक्री मात्र 0.4% बढ़ी है। चीनी मांग में तीव्र उछाल न होने के कारण ऑस्ट्रेलियाई निर्यात को अतिरिक्त गति नहीं मिल पा रही है।
- **सट्टेबाजी में शॉर्ट पोजीशन:** वायदा बाजार में मंदी के दांव लगाने वाले ट्रेडर्स ने नए शॉर्ट अनुबंध बनाए हैं, जिससे कुल शॉर्ट अनुबंध 39K तक पहुंच गए हैं। इस सट्टेबाजी के दबाव ने भी मुद्रा के उछाल पर ब्रेक लगाया है।

## सवाल-जवाब

### 1. वर्तमान में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7125 के आसपास कारोबार कर रहा है और 0.7150 के स्तर के नीचे सीमित दायरे में बना हुआ है।

### 2. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ब्याज दरों पर क्या योजना है?
बाजार को उम्मीद है कि 29 सितंबर की बैठक में केंद्रीय बैंक आधिकारिक नकद दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है।

### 3. ऑस्ट्रेलिया में मुद्रास्फीति की मौजूदा स्थिति क्या है?
जुलाई में हेडलाइन मुद्रास्फीति 3.5% और ट्रिम्ड मीन मुद्रास्फीति 3.6% रही, जो केंद्रीय बैंक के 2% से 3% के लक्ष्य दायरे से ऊपर है।

### 4. चीन के आर्थिक आंकड़ों का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर क्या असर पड़ा है?
चीन की 4.3% जीडीपी वृद्धि और कमजोर खुदरा बिक्री (0.4%) ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को स्थिरता तो दी है, लेकिन कोई बड़ा उछाल नहीं दिया।

### 5. ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन कब आयोजित होने वाला है?
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच शिखर सम्मेलन 24 सितंबर को आयोजित होना तय है, जिस पर वैश्विक बाजारों की नजर है।

### 6. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए प्रमुख तकनीकी समर्थन और प्रतिरोध स्तर कौन से हैं?
नीचे की तरफ प्रमुख समर्थन 0.7074 और 200-दिवसीय एसएमए 0.7015 पर है, जबकि ऊपर की ओर प्रतिरोध 0.7154 और 0.7200 पर स्थित है।

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