# मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक तनाव के बीच डॉलर इंडेक्स 102 के पार, सोने और क्रिप्टोकरेंसी पर बढ़ा दबाव

> फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 75 आधार अंकों की संभावित बढ़ोतरी और वैश्विक अनिश्चितता के चलते अमेरिकी डॉलर मजबूत स्थिति में बना हुआ है, जिससे सोना और बिटकॉइन सुस्त पड़े हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-consolidates-above-102-on-growth-and-fed-rate-hike-prospects-as-gold-and-bitcoin-slip-47001 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, फॉरेक्स मार्केट, सोने का भाव, बिटकॉइन, फेडरल रिजर्व, क्रिप्टो ईटीएफ, बॉन्ड यील्ड, कच्चा तेल

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर अपनी मजबूती बनाए रखने में सफल हो रहा है। विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार फिलहाल अमेरिका की आर्थिक वृद्धि, लक्ष्य से ऊपर बनी हुई महंगाई दर और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में मौजूदा स्तरों से 75 आधार अंकों की अतिरिक्त वृद्धि की संभावनाओं पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित कर रहा है। कोलंबस डे के सार्वजनिक अवकाश की वजह से अमेरिकी बॉन्ड बाजार बंद रहने से कारोबारी सत्र में नकदी का प्रवाह अपेक्षाकृत सीमित देखा गया, लेकिन डॉलर की अंतर्निहित दिशा मजबूत बनी हुई है।

 

## डॉलर इंडेक्स में मजबूती और प्रमुख तकनीकी स्तर

मुद्रा सूचकांक यानी डीएक्सवाई का 102 के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर टिके रहना एक मजबूत तकनीकी संकेत माना जा रहा है। बाजार के मौजूदा ढांचे को देखते हुए इस हफ्ते डॉलर इंडेक्स में 102.85 तक की बढ़त की संभावना जताई जा रही है। जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों से थोड़ा पीछे हटी, तब भी डॉलर ने तुरंत उबरने का प्रयास किया। अमेरिका और जापान में छुट्टियों की वजह से ट्रेडिंग वॉल्यूम भले ही कम रहा हो, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव ने सुरक्षित निवेश के तौर पर ग्रीनबैक को मजबूती प्रदान की है।

 

## ऑस्ट्रेलियन डॉलर और जापानी येन का रुख

एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी यानी एयूडी/यूएसडी ने मामूली गिरावट के अंतर को पाटने की कोशिश की, लेकिन सीमित लिक्विडिटी के कारण यह 0.7000 के स्तर से नीचे ही बनी रही। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नवंबर महीने में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने की घटती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की रिकवरी पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है।

दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन यानी यूएसडी/जेपीवाई का कारोबार एक सीमित दायरे में बना हुआ है। यह मुद्रा जोड़ी 158.00 के स्तर से ऊपर ट्रेड कर रही है। जापानी मुद्रा येन को सहारा देने के लिए वहां के अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप किए जाने की अटकलें तेज हैं, जिसकी वजह से खरीदार सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी ने डॉलर की बढ़त को कुछ हद तक सीमित रखा, जिससे यह जोड़ी एक दायरे में बंधी नजर आई।

 

## सोने की कीमतों में गिरावट और बुलियन बाजार

अमेरिकी डॉलर में आई नई तेजी का सीधा असर कीमती धातुओं पर देखने को मिला है। शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमतें अपने एक हफ्ते के उच्च स्तर से फिसल गईं और लगभग 4,170 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर पहुंच गईं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ब्याज दरों को लेकर आक्रामक नजरिए के कारण बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने की मांग कमजोर पड़ी है। डॉलर में आई हल्की गिरावट पर दोबारा खरीदार सक्रिय हो गए, जिससे सर्राफा बाजार पर दबाव बढ़ गया।

 

## क्रिप्टो बाजार में बिकवाली और ईटीएफ आउटफ्लो

डिजिटल एसेट बाजार में भी बिकवाली का दबाव साफ तौर पर दिखाई दिया। पिछले हफ्ते 3.1 प्रतिशत के करेक्शन के बाद बिटकॉइन सोमवार को 83,600 डॉलर के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। अमेरिकी एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध स्पॉट ईटीएफ से पिछले हफ्ते 681.10 मिलियन डॉलर की भारी निकासी दर्ज की गई। इस निकासी ने पिछले तीन हफ्तों से लगातार जारी इनफ्लो के सिलसिले को तोड़ दिया है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बाजार से मिल रहे मिले-जुले संकेतों ने क्रिप्टो निवेशकों को भी सतर्क रहने पर मजबूर किया है।

 

## कच्चा तेल और वैश्विक शेयर बाजारों की चाल

मध्य पूर्व में बढ़े तनाव और बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंताओं के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें सुबह के सत्र में अपेक्षाकृत स्थिर रहीं। जोखिम उठाने की धारणा में सुधार के संकेत मिलने से अमेरिकी और यूरोपीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुलने की स्थिति में दिखाई दिए। इक्विटी बाजारों ने भू-राजनीतिक संकट को नजरअंदाज करते हुए सकारात्मक रुख अपनाने का प्रयास किया, जिससे समग्र वित्तीय बाजारों में मिला-जुला माहौल देखने को मिला।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख का सीधा प्रभाव वैश्विक निवेश और घरेलू मुद्रा पर पड़ता है।

- **भारत में:** मजबूत डॉलर के कारण भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है जिससे विदेशों से आयात होने वाला सामान महंगा हो सकता है। आयातित कच्चे माल और इलेक्ट्रॉनिक्स की लागत बढ़ने से घरेलू स्तर पर महंगाई पर असर देखने को मिल सकता है।
- **सोना निवेशकों के लिए:** वैश्विक बाजार में सोने की कीमत 4,170 डॉलर प्रति औंस पर फिसलने से घरेलू बाजार में भी कीमतों में नरमी आ सकती है। खरीदारी की योजना बना रहे निवेशकों और आभूषण खरीदारों को थोड़ा इंतजार करके कीमतों पर नजर रखनी चाहिए।
- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** ईटीएफ से 681.10 मिलियन डॉलर की निकासी दर्शाती है कि बड़े संस्थागत निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। बिटकॉइन का 83,600 डॉलर के स्तर पर बने रहना बताता है कि निकट अवधि में डिजिटल टोकन में अस्थिरता बनी रह सकती है।
- **इक्विटी और कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए:** मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद कच्चे तेल की स्थिरता और शेयर बाजारों की संभावित बढ़त राहत भरी है। हालांकि, ब्याज दरों में 75 आधार अंकों की संभावित वृद्धि की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक उभरते बाजारों में अपनी बिकवाली बढ़ा सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
मुद्रा बाजार में यह हलचल अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लचीलेपन और मौद्रिक नीति को लेकर बने आक्रामक दृष्टिकोण के चलते देखने को मिल रही है।

- **अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती:** महंगाई लक्ष्य से ऊपर बनी रहने और विकास दर सकारात्मक रहने से केंद्रीय बैंक के सामने दरें बढ़ाने का दबाव बना हुआ है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में मौजूदा स्तर से 75 आधार अंकों की वृद्धि की उम्मीदों ने डॉलर को भारी तकनीकी समर्थन दिया है।
- **सार्वजनिक अवकाश और कम लिक्विडिटी:** अमेरिका में कोलंबस डे और जापान में स्थानीय अवकाश होने के कारण वित्तीय बाजारों में ट्रेडिंग वॉल्यूम सीमित रहा। कम वॉल्यूम के दौरान छोटी खरीदारी या बिकवाली भी परिसंपत्तियों की कीमतों में बड़े बदलाव ला देती है।
- **भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश:** मध्य पूर्व के संकट के कारण अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित परिसंपत्ति यानी अमेरिकी डॉलर में पार्क कर रहे हैं। इस सुरक्षित प्रवाह ने पारंपरिक बुलियन और क्रिप्टो संपत्तियों से लिक्विडिटी खींच ली है।
- **जापान और ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंकों की स्थिति:** जापान में मुद्रा हस्तक्षेप की आशंकाओं और ऑस्ट्रेलिया में नवंबर दर वृद्धि की घटती उम्मीदों ने दोनों स्थानीय मुद्राओं को डॉलर के मुकाबले रक्षात्मक स्थिति में ला खड़ा किया है।

## सवाल-जवाब

### 1. डॉलर इंडेक्स के लिए अगला प्रमुख तकनीकी स्तर क्या माना जा रहा है?
डॉलर इंडेक्स यानी डीएक्सवाई के 102 से ऊपर बने रहने के बाद इसके 102.85 के स्तर तक बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

### 2. सोने की कीमत में ताजा गिरावट क्यों आई है?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख और डॉलर में नई खरीदारी के चलते सोने की कीमत फिसलकर लगभग 4,170 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर पहुंच गई।

### 3. बिटकॉइन की कीमत और ईटीएफ प्रवाह का ताजा आंकड़ा क्या है?
बिटकॉइन 83,600 डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा है, जबकि अमेरिकी स्पॉट ईटीएफ से पिछले हफ्ते 681.10 मिलियन डॉलर का शुद्ध आउटफ्लो दर्ज किया गया।

### 4. अमेरिकी बॉन्ड बाजार बंद रहने का क्या कारण था?
अमेरिका में कोलंबस डे के सार्वजनिक अवकाश की वजह से बॉन्ड बाजार बंद रहे, जिससे मुद्रा बाजार में लिक्विडिटी कम दर्ज की गई।

### 5. यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी किस स्तर पर कारोबार कर रही है?
यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी 158.00 के स्तर से ऊपर एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है, जहां जापानी अधिकारियों के संभावित हस्तक्षेप पर नजर रखी जा रही है।

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