# फेडरल रिजर्व की सख्ती से मजबूत हुआ अमेरिकी डॉलर, येन में कमजोरी और वैश्विक बाजारों में हलचल

> फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख के बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत बना हुआ है, जबकि बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें 1.25% करने के बावजूद जापानी येन में नरमी देखी जा रही है। वैश्विक मुद्रा, सोना और क्रिप्टो बाजारों में व्यापक उतार-चढ़ाव जारी है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-consolidates-policy-gains-as-yen-slumps-despite-historical-bank-of-japan-hike-35635 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, जापानी येन, बैंक ऑफ जापान, विदेशी मुद्रा, सोना, डॉगकॉइन, ब्याज दरें

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में सोमवार, 21 सितंबर को अमेरिकी डॉलर का दबदबा देखने को मिला। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से मिले समर्थन के बाद डॉलर प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले मजबूती के स्तर पर टिका हुआ है। पिछले सात कारोबारी दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर ने सबसे अधिक बढ़त जापानी येन के मुकाबले दर्ज की है। विभिन्न मुद्राओं के बीच आपसी उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाले आंकड़ों में अमेरिकी डॉलर एक मजबूत आधार मुद्रा के रूप में उभरकर सामने आया है, जिससे कई अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों पर दबाव स्पष्ट महसूस किया जा रहा है।

## वाशिंगटन और बीजिंग के बीच कूटनीतिक संवाद पर नजरें
व्यापार और कूटनीति के मोर्चे पर संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच हालिया बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। एबीएन एमरो के विश्लेषकों ने स्पष्ट किया है कि दोनों महाशक्तियों के बीच हालिया जुड़ाव का रुख सामान्य रूप से कमजोर अपेक्षाओं के बावजूद काफी रचनात्मक रहा है। इस उच्चस्तरीय संवाद में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग के साथ अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर तथा चीन के अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताकार ली चेंगगांग शामिल हुए।

बैंक के अनुसार, यह द्विपक्षीय बातचीत मुख्य रूप से व्यापार, निवेश और ईरान युद्ध के मुद्दों पर केंद्रित रही। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से जुड़े जोखिमों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने के संकेत भी मिले हैं, जिसमें एक संभावित अमेरिका-चीन AI संवाद पर चर्चा शामिल है। यह पहल उभरते हुए तकनीकी जोखिमों के समाधान के लिए दोनों पक्षों की ओर से आपसी सहयोग तलाशने की प्रारंभिक तत्परता को उजागर करती है।

## बैंक ऑफ जापान की ऐतिहासिक दर वृद्धि और येन का रुख
एशियाई बाजारों में जापानी मुद्रा का व्यवहार विश्लेषकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ओसीबीसी के विश्लेषकों ने उल्लेख किया कि बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी नीतिगत दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.25% करने के बाद भी येन में कमजोरी देखी गई। यह दर पिछले तीन दशकों से भी अधिक समय का उच्चतम स्तर है। विश्लेषकों के अनुसार, हालांकि यह नीतिगत कदम काफी हद तक अपेक्षित था, लेकिन 7-2 के बहुमत से हुआ मतदान और मौद्रिक सामान्यीकरण की गति को लेकर सीमित मार्गदर्शन ने एक सख्त रुख की उम्मीदों को कमजोर कर दिया। परिणामस्वरूप, इस ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव के बावजूद जापानी येन में उम्मीद के विपरीत नरमी आई।

बैंक ऑफ जापान ने अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने का फैसला किया था, जो हफ्तों से बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप ही मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में उठाया गया कदम था। सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र में USD/JPY घटकर 157.00 के नीचे आ गया। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा किए गए रेट चेक के बाद संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन को हल्का सहारा दिया, लेकिन रूस-यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और जापान में सार्वजनिक अवकाश के कारण कारोबारी सतर्क बने हुए हैं। इस पृष्ठभूमि में अमेरिकी डॉलर की गिरावट थमने से इस मुद्रा जोड़ी की गिरावट भी सीमित रही।

## फेडरल रिजर्व की नीतियां और अमेरिकी डॉलर का गणित
संयुक्त राज्य अमेरिका में मौद्रिक नीति का संचालन केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा किया जाता है। फेडरल रिजर्व के पास दो प्रमुख अधिदेश हैं: पहला कीमतों में स्थिरता बनाए रखना और दूसरा पूर्ण रोजगार को बढ़ावा देना। इन आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए फेडरल रिजर्व का प्राथमिक हथियार ब्याज दरों का समायोजन है। जब कीमतें बहुत तेजी से बढ़ने लगती हैं और मुद्रास्फीति फेडरल रिजर्व के 2% के तय लक्ष्य से ऊपर चली जाती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है। इससे पूरी अर्थव्यवस्था में कर्ज लेने की लागत बढ़ जाती है। इसका सीधा परिणाम अमेरिकी डॉलर की मजबूती के रूप में सामने आता है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए पूंजी निवेश को अधिक आकर्षक बनाती हैं। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति 2% से नीचे गिरती है या बेरोजगारी दर बहुत अधिक हो जाती है, तो फेडरल रिजर्व उधारी को प्रोत्साहित करने के लिए ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिससे डॉलर के मूल्य पर दबाव पड़ता है।

फेडरल रिजर्व साल भर में कुल आठ नीतिगत बैठकें आयोजित करता है, जहां फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC आर्थिक परिस्थितियों का बारीकी से मूल्यांकन करती है और मौद्रिक नीति संबंधी निर्णय लेती है। इस समिति में फेडरल रिजर्व के बारह अधिकारी शामिल होते हैं। इनमें बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सात सदस्य, न्यूयॉर्क के फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष और शेष ग्यारह क्षेत्रीय रिजर्व बैंकों के चार अध्यक्ष शामिल होते हैं, जो एक-वर्षीय रोटेशनल आधार पर समिति में अपनी सेवाएं देते हैं।

## मात्रात्मक सहजता और मात्रात्मक सख्ती का प्रभाव
अत्यधिक विषम या संकटपूर्ण आर्थिक परिस्थितियों में फेडरल रिजर्व मात्रात्मक सहजता यानी क्वांटिटेटिव ईजिंग की नीति का सहारा ले सकता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके जरिए केंद्रीय बैंक किसी संकटग्रस्त वित्तीय प्रणाली में ऋण प्रवाह को बड़े पैमाने पर बढ़ाता है। यह एक गैर-मानक नीतिगत उपाय है, जिसका उपयोग गंभीर आर्थिक संकटों या मुद्रास्फीति के अत्यधिक निचले स्तरों पर पहुंचने पर किया जाता है। वर्ष 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान यह फेडरल रिजर्व का प्रमुख नीतिगत हथियार बना था। इसके तहत फेडरल रिजर्व अतिरिक्त डॉलर छापता है और उनका उपयोग वित्तीय संस्थानों से उच्च श्रेणी के बॉन्ड खरीदने में करता है। इस प्रक्रिया से आमतौर पर अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है।

दूसरी ओर, मात्रात्मक सख्ती यानी क्वांटिटेटिव टाइटनिंग इसकी बिल्कुल उलट प्रक्रिया है। इसके अंतर्गत फेडरल रिजर्व वित्तीय संस्थानों से बॉन्ड खरीदना बंद कर देता है और अपनी परिपक्व हो चुकी बॉन्ड परिसंपत्तियों से प्राप्त मूलधन को नए बॉन्ड खरीदने में पुनः निवेश नहीं करता है। इस नीतिगत उपाय से बाजार में उपलब्ध नकदी कम होती है और यह सामान्य तौर पर अमेरिकी डॉलर के मूल्य के लिए सकारात्मक साबित होता है। मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंक नीतियों और राजनीतिक घटनाक्रमों का परिसंपत्तियों के अल्पकालिक व दीर्घकालिक मूल्यों पर पड़ने वाले प्रभावों का यह अध्ययन बाजार की दिशा तय करता है।

## अन्य मुद्राओं, सोना और क्रिप्टोकरेंसी का प्रदर्शन
सोमवार के एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7100 के स्तर से ऊपर स्थिर बना रहा। डॉलर की हालिया गिरावट थमने और लगातार जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अपना आधार सुरक्षित रखा है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा लोन प्राइम रेट्स में कोई बदलाव न करने के फैसले ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर कुछ दबाव अवश्य डाला, लेकिन रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्याज दरों में एक और संभावित बढ़ोतरी के कयासों तथा आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती मिल रही है।

सोने के बाजार की बात करें तो नए कारोबारी हफ्ते की शुरुआत नरमी के साथ हुई। शुक्रवार को $4,400 प्रति औंस के करीब विफल होने के बाद कीमती धातु वर्तमान में $4,350 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। सर्राफा बाजार के कारोबारी पश्चिम एशिया संकट से जुड़े घटनाक्रमों और मुद्रास्फीति पर इसके असर पर बारीक नजर रखे हुए हैं, क्योंकि यह स्थिति ब्याज दर संबंधी अपेक्षाओं को प्रभावित करेगी और बिना ब्याज वाली परिसंपत्ति के रूप में सोने की चाल को निर्धारित करेगी।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डॉगकॉइन अपनी रिकवरी को जारी रखे हुए है और पिछले सप्ताह करीब 6% की बढ़त दर्ज करने के बाद अब $0.088 के ऊपर कारोबार कर रहा है। डॉगकॉइन स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स के माध्यम से संस्थागत मांग की वापसी ने इस तेजी को समर्थन दिया है। इसके अलावा बेहतर होते तकनीकी संकेतक और बड़े निवेशकों यानी व्हेल वॉलेट्स द्वारा की जा रही संचय गतिविधि इस मीम कॉइन के लिए सकारात्मक परिदृश्य पेश कर रहे हैं। अमेरिकी घरेलू आंकड़ों के लिहाज से यह हफ्ता हल्का रहने वाला है, जिसमें मुख्य ध्यान गुरुवार को आने वाली नए घरों की बिक्री रिपोर्ट पर रहेगा। जुलाई में भारी गिरावट के बाद अगस्त में घरों की बिक्री 2.6% सुधरकर 623,000 की वार्षिक दर पर पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि ऊंची मॉर्गेज दरें अब भी वहनीयता और मांग को प्रभावित कर रही हैं, लेकिन बिल्डरों की ओर से दी जाने वाली छूट और प्रोत्साहनों के बने रहने से स्थितियां गंभीर रूप से नहीं बिगड़ी हैं।

## इसका आप पर असर
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों से आयात लागत, घरेलू परिसंपत्तियों और मुद्रा स्थिरता पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

- **भारत में:** अमेरिकी डॉलर के मजबूत बने रहने से आयातित वस्तुओं विशेषकर कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की लागत बढ़ सकती है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय यात्रा, विदेशी शिक्षा के खर्च और घरेलू मुद्रा के विनिमय मूल्य पर दबाव देखने को मिल सकता है।
- **अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और छात्रों के लिए:** मजबूत डॉलर और विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा खरीदने की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है। विदेश में अध्ययन या यात्रा की योजना बना रहे लोगों को अपने बजट का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ सकता है।
- **सोने के निवेशकों के लिए:** सोने की कीमतों में $4,400 के स्तर से फिसलकर $4,350 के करीब आना अल्पकालिक सुस्ती को दर्शाता है। अमेरिकी ब्याज दरों के ऊंचे स्तर पर टिके रहने की संभावना बिना ब्याज वाली परिसंपत्ति के रूप में सोने की कीमतों पर दबाव बनाए रख सकती है।
- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** डॉगकॉइन का $0.088 के ऊपर टिकना और संस्थागत ईटीएफ निवेश से मांग बढ़ना खुदरा निवेशकों के विश्वास को मजबूत कर सकता है। हालांकि समग्र बाजार में तकनीकी संकेतकों और बड़े निवेशकों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखना आवश्यक है।
- **गृह ऋण और आवास बाजार के लिए:** वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों के ऊंचे रहने से उधारी की लागत अधिक बनी हुई है। अमेरिका में 2.6% सुधार के साथ नए घरों की बिक्री 623,000 रहने के अनुमान के बावजूद मॉर्गेज दरों का असर समग्र मांग को सीमित कर रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी डॉलर में मजबूती और विदेशी मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव केंद्रीय बैंकों के भिन्न नीतिगत कदमों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण देखने को मिल रहा है।

- **फेडरल रिजर्व की नीतिगत स्थिति:** मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य तक सीमित रखने के लिए फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को उच्च बनाए रखने से डॉलर को मजबूती मिली है। उच्च ब्याज दरें वैश्विक पूंजी को अमेरिकी परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित करती हैं, जिससे डॉलर का मूल्य बढ़ता है।
- **बैंक ऑफ जापान का नरम संकेत:** बैंक ऑफ जापान ने नीतिगत दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.25% तो किया, लेकिन 7-2 के मतविभाजन और सख्त मार्गदर्शन के अभाव ने बाजार को निराश किया। इसके कारण दर वृद्धि के बावजूद जापानी येन में बिकवाली का रुख देखा गया।
- **भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं:** पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इस अनिश्चितता ने अमेरिकी डॉलर की गिरावट को थामने और सोने के रुख को प्रभावित करने में भूमिका निभाई है।
- **अमेरिका-चीन वार्ता का असर:** अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच व्यापार, निवेश और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर हुई बातचीत के सकारात्मक संकेतों ने बाजार में विश्वास बहाल करने में मदद की है। हालांकि आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले कारोबारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. फेडरल रिजर्व मौद्रिक नीति का प्रबंधन कैसे करता है?
फेडरल रिजर्व मूल्य स्थिरता और पूर्ण रोजगार के दोहरे अधिदेश के तहत ब्याज दरों को समायोजित करके मौद्रिक नीति को नियंत्रित करता है।

### 2. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के मतदान से अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.25% कर दिया है, जो तीन दशकों का उच्चतम स्तर है।

### 3. दर वृद्धि के बावजूद जापानी येन कमजोर क्यों हुआ?
दर वृद्धि के बावजूद सख्त नीतिगत मार्गदर्शन की कमी और 7-2 के मतविभाजन से सख्त रुख की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं, जिसके कारण येन में नरमी आई।

### 4. मात्रात्मक सहजता और मात्रात्मक सख्ती में क्या अंतर है?
मात्रात्मक सहजता में फेडरल रिजर्व बॉन्ड खरीदकर वित्तीय प्रणाली में नकदी बढ़ाता है जिससे डॉलर कमजोर होता है, जबकि मात्रात्मक सख्ती में बॉन्ड खरीद रोककर नकदी घटाई जाती है जिससे डॉलर मजबूत होता है।

### 5. सोने और डॉगकॉइन का ताजा बाजार भाव क्या है?
सोना $4,400 के करीब पहुंचने के बाद फिसलकर $4,350 के आसपास आ गया है, जबकि डॉगकॉइन लगभग 6% साप्ताहिक बढ़त के साथ $0.088 के ऊपर कारोबार कर रहा है।

### 6. अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए इस सप्ताह कौन सा महत्वपूर्ण आंकड़ा आने वाला है?
इस सप्ताह गुरुवार को नए घरों की बिक्री का आंकड़ा जारी होगा, जिसमें अगस्त माह में बिक्री 2.6% बढ़कर 623,000 रहने का अनुमान लगाया गया है।

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