# अमेरिकी डॉलर 102 के नीचे फिसला, आगामी मध्यावधि चुनाव और रोजगार आंकड़ों पर टिकी निवेशकों की नजर

> अक्टूबर एफओएमसी बैठक के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स गिरकर 102 के नीचे आ गया है, जबकि ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और एआई कंपनियों के खर्च पर उठते सवालों के बीच बाजार अब तीन नवंबर के चुनाव और छह नवंबर के पेरोल डेटा की प्रतीक्षा कर रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-dips-below-102-milestone-ahead-of-critical-midterms-and-payrolls-test-55205 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, ट्रेजरी यील्ड, एफओएमसी, नैस्डैक, सोना, डॉगकॉइन, मुद्रा बाजार

वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर का हालिया दबदबा सुस्त पड़ता दिखाई दे रहा है, जहां 28 अक्टूबर की एफओएमसी बैठक संपन्न होने के बाद डॉलर इंडेक्स (DXY) एक बार फिर 102 के स्तर से नीचे फिसल गया है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने भले ही 3.4 प्रतिशत की वार्षिक विकास दर दर्ज की हो, लेकिन वित्तीय बाजारों ने केवल बुनियादी आर्थिक विस्तार को आधार मानकर परिसंपत्तियों को पुरस्कृत करना बंद कर दिया है। शेयरों में बिकवाली के कारण सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ी, जिसके परिणामस्वरूप 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5 प्रतिशत से घटकर 4.90 प्रतिशत के स्तर पर आ गई। अब निवेशकों की निगाहें 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और 6 नवंबर को जारी होने वाले गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि मुद्रा की गति में आई यह कमी आगे और गहरी होगी या नहीं।

## तकनीकी कंपनियों के नकदी प्रवाह पर गहराती चिंताएं
अमेरिकी असाधारणता की जिस धारणा ने वित्तीय बाजारों को लंबे समय तक संभाले रखा था, उसकी बुनियाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI हाइपरस्केलर्स के भारी निवेश चक्र पर टिकी हुई थी। हालांकि, अब इन दिग्गज तकनीकी कंपनियों द्वारा किए जा रहे अत्यधिक नकदी खर्च (कैश बर्न) को लेकर निवेशकों की जांच पड़ताल काफी तेज हो गई है। बाजार अब केवल विकास को गति देने वाले पूंजीगत व्यय की सराहना करने के मूड में नहीं दिख रहा है, बल्कि यह परखा जा रहा है कि क्या यह भारी भरकम खर्च पूंजी की लागत से अधिक रिटर्न और वास्तविक नकदी प्रवाह उत्पन्न करने में सक्षम है। इसी अविश्वास का नतीजा रहा कि नैस्डैक ने अक्टूबर महीने का अंत मार्च 2025 के बाद के अपने सबसे खराब मासिक प्रदर्शन के साथ किया। पूंजीगत व्यय पर बढ़े इस संशय ने व्यापक स्तर पर शेयर बाजारों पर दबाव डाला है।

## ईरान कूटनीति और प्रमुख मुद्राओं की चाल
वैश्विक भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक प्रयासों को लेकर फिर से जगी उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इस कूटनीतिक प्रगति ने सुरक्षित ठिकाने के तौर पर अमेरिकी डॉलर की तेजी पर लगाम लगाने का काम किया, जिससे जोखिम-संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) को समर्थन मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान आई गिरावट से उबरते हुए वापसी की। हालांकि, इसके हाजिर भाव पिछले गुरुवार को छुए गए एक महीने के उच्च स्तर से नीचे ही बने हुए हैं, क्योंकि लिवाली करने वाले कारोबारी कोई भी नई स्थिति बनाने से पहले रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

## येन पर दबाव और जापानी हस्तक्षेप की चेतावनी
दूसरी तरफ, जापानी मुद्रा के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) ने नए सप्ताह की शुरुआत में सकारात्मक बढ़त हासिल की। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की बैठक के बाद शुक्रवार को यह जोड़ी गिरकर 157.00 से नीचे के निचले स्तर तक पहुंच गई थी, लेकिन सोमवार के एशियाई कारोबारी सत्र में यह संभलते हुए 158.00 के आसपास कारोबार करती देखी गई। जापान की वित्त मंत्री तात्सुकी कातायामा द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप को लेकर दी गई ताजा चेतावनी का भी इस मुद्रा जोड़ी की रफ्तार पर कोई खास असर नहीं पड़ा और डॉलर ने अपनी बढ़त बनाए रखी।

## सोने में हल्का सुधार और डॉगकॉइन पर दबाव
सोमवार को अमेरिकी कारोबारी घंटों के दौरान सोने की कीमतों में सकारात्मक रुझान देखा गया। इससे पहले शुक्रवार को कीमती धातु गिरकर 3,870 डॉलर के नए वार्षिक निचले स्तर पर पहुंच गई थी और पूरे अक्टूबर महीने में सोने में 6.87 प्रतिशत की तेज मासिक गिरावट दर्ज की गई थी। अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के प्रयासों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने सोने को कुछ सहारा दिया है, लेकिन व्यापक बुनियादी हालात अब भी एक टिकाऊ सुधार को लेकर संदेह पैदा कर रहे हैं, जिसके चलते यह उछाल मजबूत नहीं दिख रहा है।

डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में डॉगकॉइन (DOGE) सोमवार को लगभग 0.075 डॉलर के स्तर पर मंडराता रहा। सितंबर के अंत से शुरू होकर यह लगातार पांचवां हफ्ता है जब डॉगकॉइन में गिरावट दर्ज की गई है। सैंटिमेंट के आंकड़ों से पता चलता है कि बड़े व्हेल निवेशकों की गतिविधियों में बिखराव आया है, जहां अत्यधिक बड़े धारक अपनी पोजीशन घटा रहे हैं, जबकि अपेक्षाकृत छोटे व्हेल वॉलेट टोकन जमा करने में जुटे हैं। कमजोर पड़ते ऑन-चेन मेट्रिक्स और बिगड़ते तकनीकी परिदृश्य से संकेत मिलता है कि डॉगकॉइन आगे भी अतिरिक्त नुकसान के प्रति संवेदनशील बना रह सकता है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और डॉलर की कमजोरी वैश्विक व्यापार और निवेशकों की पूंजी लागत पर सीधा असर डालती है।

- **भारत में:** डॉलर की मजबूती रुकने से भारतीय रुपये को स्थिरता मिल सकती है और आयातित कच्चे माल की लागत पर दबाव घट सकता है। आयातकों के लिए बिल भुगतान में थोड़ी राहत मिलेगी जबकि विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय इक्विटी बाजारों की ओर रुख कर सकते हैं।
- **वैश्विक वित्तीय बाजारों में:** अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का गिरकर 4.90 प्रतिशत पर आना अंतरराष्ट्रीय उधारी दरों को प्रभावित करता है। निवेशक अब शेयरों में जोखिम लेने से पहले कंपनियों के वास्तविक नकदी मुनाफे और आय के आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
- **सोना और उपभोक्ता पर:** सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद स्थिरता आने से खुदरा खरीदारों और गहना कारोबारियों को भाव का नया आधार मिल सकता है। अमेरिका-ईरान कूटनीति के चलते कच्चे तेल में आई नरमी ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद करेगी।
- **क्रिप्टो निवेशकों पर:** डॉगकॉइन में लगातार पांचवें हफ्ते आई कमजोरी खुदरा डिजिटल परिसंपत्ति निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ाती है। बड़े निवेशकों द्वारा टोकन बेचे जाने से छोटी पूंजी वाले धारकों को आगामी सत्रों में और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

## ऐसा क्यों हुआ
डॉलर इंडेक्स में गिरावट और बॉन्ड यील्ड का पीछे हटना केंद्रीय बैंक की नीति, तकनीकी क्षेत्र में नकदी की खपत पर चिंता और भू-राजनीतिक समीकरणों के तालमेल का परिणाम है।

- **नीतिगत अनिश्चितता और चुनाव:** अक्टूबर की एफओएमसी बैठक के बाद ब्याज दरों के भविष्य को लेकर निवेशकों ने अपनी धारणाएं बदली हैं। 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और 6 नवंबर के रोजगार आंकड़े सामने होने के कारण व्यापारियों ने डॉलर की बढ़त पर रोक लगा दी है।
- **पूंजीगत खर्च पर बढ़ता अविश्वास:** 3.4 प्रतिशत की विकास दर के बावजूद निवेशकों ने तकनीकी क्षेत्र में हो रहे भारी नकदी खर्च पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। एआई हाइपरस्केलर्स द्वारा किए जा रहे निवेश पर तत्काल रिटर्न न दिखने के कारण नैस्डैक में तेज बिकवाली आई जिससे सुरक्षित सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ गई।
- **कूटनीतिक प्रयास और मुद्रा संतुलन:** अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक बातचीत ने तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम को घटाया है। इसके साथ ही बैंक ऑफ जापान की बैठक के बाद येन की चाल और आगामी आरबीए फैसले ने मुद्रा बाजारों में पुनर्संतुलन पैदा किया।

## सवाल-जवाब

### 1. अक्टूबर एफओएमसी बैठक के बाद डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर आ गया?
अक्टूबर 28 की एफओएमसी बैठक के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) गिरकर 102 के स्तर से नीचे आ गया।

### 2. अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में क्या बदलाव देखा गया?
शेयरों में आई बिकवाली और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5 प्रतिशत से घटकर 4.90 प्रतिशत की ओर आ गई।

### 3. अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वार्षिक विकास दर कितनी दर्ज की गई?
अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने 3.4 प्रतिशत की वार्षिक विकास दर दर्ज की है।

### 4. अक्टूबर में नैस्डैक का प्रदर्शन कैसा रहा?
नैस्डैक ने अक्टूबर महीने का समापन मार्च 2025 के बाद के अपने सबसे खराब मासिक प्रदर्शन के साथ किया।

### 5. सोने की कीमत में शुक्रवार को क्या गिरावट देखी गई और अक्टूबर का क्या परिणाम रहा?
सोना शुक्रवार को 3,870 डॉलर के नए वार्षिक निचले स्तर पर आ गया और अक्टूबर में इसमें कुल 6.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

### 6. डॉगकॉइन का भाव किस स्तर पर रहा और इसमें कितने समय से गिरावट आ रही है?
डॉगकॉइन लगभग 0.075 डॉलर पर रहा और सितंबर के अंत से यह लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट में रहा।

### 7. डॉलर की दिशा तय करने वाले अगले प्रमुख आयोजन कौन से हैं?
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 3 नवंबर को और गैर-कृषि पेरोल आंकड़े 6 नवंबर को जारी होने हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._