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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी डॉलर दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जापानी येन और सोने पर भारी दबाव",
  "summary": "मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के सख्त रुख के चलते डॉलर इंडेक्स 101 के पार पहुंच गया है, जिससे जापानी येन और सोना दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई है।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार को अमेरिकी डॉलर की जोरदार तेजी का सिलसिला लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में जारी रहा। आर्थिक आंकड़ों में मजबूती और यूएस फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की आक्रामक टिप्पणियों के दम पर अमेरिकी करेंसी ने दो महीने का नया उच्चतम स्तर छू लिया है। प्रमुख प्रतिद्वंद्वी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूत मांग से वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक हलचल देखी जा रही है।\n\nडॉलर इंडेक्स 101 के पार, बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल\nअमेरिकी डॉलर इंडेक्स यानी DXY ने बुधवार को 101.00 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया, जो स्तर इससे पहले जुलाई के अंत में देखा गया था। मुद्रा बाजार में इस तेजी को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सभी अवधियों के दौरान आए उछाल से अतिरिक्त सहारा मिला है। वित्तीय विश्लेषकों का ध्यान अब आगामी मैक्रो डेटा पर टिका हुआ है, जिसमें साप्ताहिक बेरोजगारी दावे (इनिशियल जॉबलेस क्लेम्स), नए घरों की बिक्री के आंकड़े (न्यू होम सेल्स), बिल्डिंग परमिट्स और दूसरी तिमाही के चालू खाता (करंट अकाउंट) परिणाम शामिल हैं। इसके साथ ही फेडरल रिजर्व के नीति निर्माता विलियम्स, बार्किन, हैमैक और पॉलसन के भाषण भी होने तय हैं, जो ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित हो रहे हैं।\n\nUSD/JPY में लगातार चौथे दिन तेजी, येन 158 के पार फिसला\nअमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन की कमजोरी और गहरा गई है। करेंसी पेयर USD/JPY ने 158.00 का स्तर पार कर लिया है, जो लगातार चौथे कारोबारी सत्र की बढ़त को दर्शाता है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 158.28 पर कारोबार कर रही है, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 157.37 था। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस करेंसी पेयर का दायरा 147.17 से 163.98 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 56 पर स्थित है, जबकि MACD -0.60 पर सिग्नल लाइन -1.05 के ऊपर 0.44 के हिस्टोग्राम के साथ तेजी का रुझान दिखा रहा है। यह जोड़ी वर्तमान में अपने 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) को चुनौती दे रही है, जो 158.43 के स्तर पर है। इसके अलावा 50-दिवसीय EMA 158.09 और 200-दिवसीय EMA 157.65 के ऊपर बना हुआ है। बाजार के लिए धुरी स्तर (पिवट) 157.99 पर है, जहां पहला रेजिस्टेंस 158.69 (R1) और दूसरा रेजिस्टेंस 159.10 (R2) आंका गया है, जबकि नीचे की ओर सपोर्ट 157.58 (S1) और 156.88 (S2) पर स्थित है। जापान में आगामी दिनों में आने वाले एसएंडपी ग्लोबल के प्रारंभिक पीएमआई आंकड़ों पर भी नजरें टिकी हुई हैं।\n\nबैंक ऑफ जापान की दरों में बढ़ोतरी के बाद भी मुद्रा कमजोर\nबैंक ऑफ जापान ने हाल ही में अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया। नीति समिति में यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो व्यापक बाजार अनुमानों के पूरी तरह अनुकूल था। इसके बावजूद, केंद्रीय बैंक के उदार रुख ने जापानी येन को लगातार कमजोर बनाए रखा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY 157.50 के स्तर के आसपास मंडराता दिखा, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्च स्तर के करीब था। हालांकि जापानी मौद्रिक अधिकारियों द्वारा करेंसी हस्तक्षेप की आशंकाएं डॉलर की आगे की बढ़त पर कुछ हद तक अंकुश लगा रही हैं। व्यापक स्तर पर बाजार ने अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं के पूरा होने पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और सारा फोकस आगामी ट्रंप-शी वार्ता पर केंद्रित कर रखा है।\n\nऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव, मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में संकुचन\nएशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर भी भारी बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे AUD/USD जोड़ी 0.7100 के स्तर का परीक्षण करती नजर आई। ऑस्ट्रेलिया के ताजा फ्लैश पीएमआई आंकड़ों से संकेत मिला है कि वहां का विनिर्माण क्षेत्र संकुचन की स्थिति में फिसल गया है, जबकि सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में लगातार दूसरे महीने सुस्त विस्तार दर्ज हुआ है। कमजोर घरेलू आंकड़ों और अमेरिकी डॉलर की चौतरफा मजबूती ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को नीचे की ओर धकेल दिया। ट्रेडर्स की नजरें अब गुरुवार को होने वाली ट्रंप-शी बैठक पर टिकी हैं, जिसका असर द्विपक्षीय व्यापार और जोखिम भरी संपत्तियों की मांग पर पड़ सकता है।\n\nकच्चे तेल में निचले स्तरों से सुधार, सोना फिसलकर 4,250 डॉलर पर\nकमोडिटी बाजार में मिले-जुले रुझान देखने को मिले। यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स ने हालिया बिकवाली के दौर को आंशिक रूप से पलट दिया। सत्र की शुरुआत में 89.00 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसलने के बाद कच्चे तेल ने तेजी से वापसी की और उत्तरी अमेरिकी सत्र के अंत तक 92.00 डॉलर प्रति बैरल का दायरा फिर से हासिल कर लिया। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में गिरावट का रुख दोबारा हावी हो गया। मंगलवार को आई हल्की बढ़त को पीछे छोड़ते हुए कीमती धातु चार दिन के निचले स्तर पर आ गई और प्रति ट्रॉय औंस 4,250 डॉलर के ठीक ऊपर फिसल गई। इससे पहले यह 4,300 डॉलर का स्तर भी तोड़ चुकी थी। डॉलर में लौटी तेजी और ट्रेजरी यील्ड में भारी उछाल के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग प्रभावित हुई है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रहे इजाफे से वैश्विक मुद्रा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश पर पड़ेगा।\n\n• विदेशी यात्रियों पर असर: अमेरिका की यात्रा करने वाले या वहां पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए डॉलर मजबूत होने से खर्च में बढ़ोतरी होगी। यह आने वाले हफ्तों में मुद्रा रूपांतरण शुल्क और विदेशी क्रेडिट कार्ड भुगतान को अधिक महंगा बना देगा।\n• सोने में निवेश करने वालों पर असर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम 4,250 डॉलर प्रति औंस के करीब फिसलने से घरेलू बाजारों में भी नरमी देखने को मिल सकती है। निवेशकों के लिए यह कीमतों में सुधार के दौरान नई खरीदारी की योजना बनाने का अवसर हो सकता है।\n• आयात-निर्यात कारोबारियों पर असर: कच्चे तेल की कीमतें 92 डॉलर प्रति बैरल के पार लौटने और डॉलर मजबूत रहने से आयातकों की लागत बढ़ेगी। कंपनियों को कच्चे माल की खरीद के लिए अधिक खर्च करना पड़ेगा जिससे अंतिम उत्पाद के दाम बढ़ सकते हैं।\n• मुद्रा कारोबारियों पर असर: USD/JPY के 158 के पार पहुंचने से विदेशी मुद्रा में ट्रेडिंग करने वालों को अत्यधिक सतर्कता बरतनी होगी। बैंक ऑफ जापान द्वारा मुद्रा हस्तक्षेप की आशंका बाजार में किसी भी समय तेज उलटफेर ला सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअमेरिकी डॉलर में जोरदार तेजी के पीछे मजबूत आर्थिक प्रदर्शन और फेडरल रिजर्व के नीतिगत संकेत मुख्य वजह रहे हैं, जबकि अन्य प्रमुख देशों की अर्थव्यवस्थाएं अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन कर रही हैं।\n\n• फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: फेड के नीति निर्माताओं द्वारा दिए गए आक्रामक बयानों और ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने डॉलर की मांग को मजबूत बनाए रखा। इससे निवेशकों को अमेरिकी प्रतिभूतियों में अधिक रिटर्न मिलने की उम्मीद जगी है।\n• बैंक ऑफ जापान का उदार रुख: बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने के बावजूद बाजार ने इसे पर्याप्त आक्रामक नहीं माना। दरों में बढ़ोतरी के बावजूद उदार रुख ने येन पर बिकवाली का दबाव बनाए रखा।\n• ऑस्ट्रेलियाई आंकड़ों में कमजोरी: ऑस्ट्रेलिया के विनिर्माण क्षेत्र का संकुचन में जाना और सेवाओं की धीमी रफ्तार ने जोखिम वाली मुद्राओं पर दबाव बनाया। इससे ट्रेडर्स सुरक्षित मानी जाने वाली अमेरिकी करेंसी की ओर मुड़ गए।\n• भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का इंतजार: ट्रंप और शी के बीच होने वाले महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए डॉलर में अपनी पूंजी सुरक्षित की।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में ताजा बढ़त का स्तर क्या है?\nअमेरिकी डॉलर इंडेक्स 101.00 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया है, जो इससे पहले जुलाई के अंत में देखा गया था।\n\n2. USD/JPY करेंसी पेयर का मौजूदा ट्रेडिंग स्तर क्या है?\nUSD/JPY 158.00 का स्तर पार कर चुका है और लाइव आंकड़ों के मुताबिक 158.28 पर कारोबार कर रहा है।\n\n3. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया?\nबैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है।\n\n4. ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था को लेकर क्या आंकड़े सामने आए हैं?\nऑस्ट्रेलिया के फ्लैश पीएमआई के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र संकुचन में चला गया है, जबकि सेवा क्षेत्र में लगातार दूसरे महीने धीमी बढ़त देखी गई है।\n\n5. सोने और कच्चे तेल की कीमतों में क्या हलचल रही?\nसोना फिसलकर 4,250 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पास आ गया, जबकि डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल सुधरकर 92.00 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-23",
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