अमेरिकी चुनाव के शुरुआती नतीजों से डॉलर फिसला, सोना और क्रिप्टोकरेंसी में आई जोरदार तेजी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती रुझानों और राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सोने, बिटकॉइन और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं को मजबूती मिली है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती मतगणना के रुझानों ने वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचल तेज कर दी है। राजनीतिक अनिश्चितता के गहराने से अमेरिकी डॉलर भारी बिकवाली के दबाव में आ गया है, जबकि शेयर बाजारों और तकनीकी शेयरों ने शुरुआती झटके के बाद अपनी स्थिति संभाल ली है। डॉलर में आई इस तेज गिरावट का सीधा फायदा सोने, जापानी येन और प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियों को मिलता दिखाई दे रहा है। हालांकि, बाजार रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित मजबूती और कांग्रेस में संभावित संतुलन को देखते हुए डॉलर की इस कमजोरी को पूरी तरह से मंदी का दौर मान लेना जल्दबाजी हो सकता है। सोसाइटी जनरल का नजरिया और बाजार में पोजीशनिंग का दबाव सोसाइटी जनरल के रणनीतिकार किट जुक्स ने डॉलर की मौजूदा स्थिति का गहराई से विश्लेषण किया है। उनका कहना है कि जब इक्विटी सूचकांकों में गिरावट आई थी, तब डॉलर भी फिसला था, लेकिन बाद में शेयर बाजारों ने अपनी रफ्तार वापस हासिल कर ली जबकि डॉलर लगातार दबाव में बना हुआ है। अमेरिकी रणनीतिकारों का आकलन है कि एक मजबूत अर्थव्यवस्था और डेमोक्रेट नियंत्रित कांग्रेस के संभावित सीमित राजकोषीय प्रभाव की वजह से डॉलर में यह गिरावट अस्थायी साबित हो सकती है। ऐसी स्थिति में, जब बाजार में लंबे समय से जमा डॉलर की भारी पोजीशन साफ हो जाएगी, तो गिरावट पर डॉलर की खरीदारी का मौका बन सकता है। बाजार के मौजूदा परिदृश्य का सार प्रस्तुत करते हुए किट जुक्स ने कहा, "Overall, I’m minded to conclude that 1) the market was very long dollars and the elections are a catalyst for position reduction;" इसके साथ ही उनका मानना है कि आर्थिक, भू-राजनीतिक और बाजार की अनिश्चितता बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है, जिसके चलते विदेशी मुद्रा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यदि भविष्य में नए नियम या दलीय राजनीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था की गति को धीमा करते हैं, तो अगले वर्ष डॉलर के पास नीचे फिसलने की काफी गुंजाइश होगी। हालांकि, वर्तमान में जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और खाड़ी क्षेत्र का संघर्ष सुलझ नहीं जाता, तब तक डॉलर के इस करेक्शन पर अत्यधिक उत्साहित होना उचित नहीं होगा। विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल: AUD/USD और USD/JPY के ताजा समीकरण अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती नतीजों ने विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं के समीकरण भी बदल दिए हैं। एशियाई कारोबारी सत्र में बुधवार को AUD/USD अपने दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर संभलते हुए 0.6965 के करीब स्थिर बना रहा। वॉशिंगटन में संभावित गतिरोध और बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता ने सुरक्षित निवेश की मांग को बढ़ावा दिया, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नई गिरावट दर्ज की गई। बॉन्ड यील्ड की इस गिरावट ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के दांवों के असर को बेअसर कर दिया और अमेरिकी डॉलर पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA के अपेक्षाकृत कम आक्रामक रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को एक सीमित दायरे में बांधे रखा। दूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी में बुधवार को एशियाई सत्र के दौरान भारी बिकवाली देखी गई। अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी और सुरक्षित निवेश प्रवाह के चलते यह मुद्रा जोड़ी फिसलकर 158.00 के स्तर से नीचे आ गई, जो डॉलर के लिए एक महीने का निचला स्तर है। अमेरिकी राजनीति में संभावित नीतिगत गतिरोध और राजकोषीय अनिश्चितता ने निवेशकों को अमेरिकी प्रतिभूतियों से सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया है, जिससे डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी मुद्रा से जुड़ी जोड़ियों में कमजोरी और गहरी हो गई है। सोना और कमोडिटी बाजार में नई चमक डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का सबसे सकारात्मक असर बहुमूल्य धातुओं पर देखा जा रहा है। सोने ने लगातार दो कारोबारी सत्रों की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए अपनी खोई हुई चमक वापस हासिल कर ली है। बुधवार को पीली धातु फिर से 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के पार पहुंचने में सफल रही। इस उछाल को मुख्य रूप से तीन कारकों से मजबूती मिली है: अमेरिकी डॉलर में तेज गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का नीचे आना और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी। इन सभी परिस्थितियों ने मिलकर सोने की सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में आकर्षण को काफी बढ़ा दिया है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम उठाने की धारणा मजबूत राजनीतिक स्पष्टता की तलाश में जुटे वित्तीय बाजारों के बीच डिजिटल परिसंपत्तियों में भी सकारात्मक रुख देखा जा रहा है। व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम उठाने की धारणा बेहतर होने से बिटकॉइन बुधवार को 78,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में आई इस तेजी का असर अन्य डिजिटल टोकनों पर भी पड़ा है। एथेरियम भी बिटकॉइन की सुधार की राह पर आगे बढ़ते हुए 2,300 डॉलर के स्तर से ऊपर टिका हुआ है। इसी तरह, रिपल ने भी मजबूती का प्रदर्शन किया और 1.28 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करते हुए लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज की। बाजार विश्लेषक मान रहे हैं कि वैश्विक अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच वैकल्पिक संपत्तियों और डिजिटल करेंसी में निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर लौटती दिख रही है, जिससे व्यापक वित्तीय परिदृश्य में तरलता का नया संतुलन बन रहा है। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर में अचानक आई इस गिरावट और सोने तथा क्रिप्टोकरेंसी में आई तेजी का सीधा असर वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों और आम निवेशकों की पोर्टफोलियो रणनीति पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय और यात्रा: विदेश यात्रा या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने वाले भारतीय छात्रों और पर्यटकों को डॉलर में गिरावट से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि विदेशी मुद्रा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव रहने के कारण मुद्रा विनिमय दरों पर लगातार नजर रखना जरूरी है। • सोने में निवेश: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पार जाने से घरेलू खुदरा बाजार में आभूषण और सोने की कीमतें मजबूत रह सकती हैं। जो निवेशक कीमती धातुओं में निवेश की योजना बना रहे हैं, उन्हें मौजूदा उच्च स्तरों और ट्रेजरी यील्ड की दिशा का ध्यान रखना होगा। • क्रिप्टोकरेंसी पोर्टफोलियो: बिटकॉइन के 78,000 डॉलर और एथेरियम के 2,300 डॉलर के ऊपर टिकने से खुदरा क्रिप्टो निवेशकों की धारणा में सुधार हो सकता है। यह सुधार जोखिम वाले विकल्पों में नई तरलता का संकेत देता है, लेकिन भू-राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। • वैश्विक इक्विटी और आयात लागत: कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर की चाल से घरेलू आयात बिल प्रभावित होता है। यदि डॉलर की कमजोरी लंबी खिंचती है तो वैश्विक व्यापार संतुलन और विदेशी संस्थागत निवेश के प्रवाह में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर में आई ताजा गिरावट मुख्य रूप से राजनीतिक घटनाक्रमों, बाजार में पहले से बनी अत्यधिक लॉन्ग पोजीशन और बॉन्ड यील्ड में आई नरमी के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है। • मध्यावधि चुनाव और राजनीतिक अनिश्चितता: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती मतगणना रुझानों ने वॉशिंगटन में नीतिगत गतिरोध और राजकोषीय अनिश्चितता की संभावना को बढ़ा दिया। इस राजनीतिक अस्पष्टता ने निवेशकों को डॉलर में मुनाफावसूली करने और सुरक्षित संपत्तियों की ओर जाने के लिए प्रेरित किया। • ओवरबॉट डॉलर पोजीशनिंग का परिसमापन: चुनाव से पहले संस्थागत निवेशक बड़े पैमाने पर डॉलर की लॉन्ग पोजीशन बनाए हुए थे। चुनाव नतीजों के आरंभिक संकेतों ने एक उत्प्रेरक के रूप में काम किया, जिससे ट्रेडर्स ने अपनी डॉलर पोजीशन को तेजी से कम करना शुरू कर दिया। • ट्रेजरी यील्ड में गिरावट: अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित निवेश प्रवाह के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नया दबाव देखा गया। बॉन्ड यील्ड की इस गिरावट ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर वृद्धि से मिलने वाले डॉलर के समर्थन को कमजोर कर दिया। • कमोडिटी और भू-राजनीतिक कारक: कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और खाड़ी क्षेत्र के अनसुलझे संघर्ष के बीच डॉलर की दिशा पर दोहरे प्रभाव पड़ रहे हैं। रणनीतिकारों का मानना है कि यदि नई नीतियां या दलीय राजनीति विकास को बाधित करती हैं, तो यह गिरावट आगे भी बढ़ सकती है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती रुझानों का डॉलर पर क्या असर पड़ा? बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते अमेरिकी डॉलर भारी दबाव में आ गया और यह एक महीने के निचले स्तर तक फिसल गया। 2. सोसाइटी जनरल के अनुसार डॉलर में आई गिरावट क्या स्थायी है? सोसाइटी जनरल के रणनीतिकारों का मानना है कि मजबूत अर्थव्यवस्था के चलते यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और पोजीशनिंग साफ होने के बाद खरीदारी का मौका बन सकता है। 3. सोने की कीमत में क्या बदलाव देखा गया है? डॉलर में कमजोरी, गिरती ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल में नरमी के कारण सोना लगातार दो दिनों की गिरावट को पीछे छोड़कर 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पार पहुंच गया। 4. जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले डॉलर का क्या हाल रहा? USD/JPY गिरकर 158.00 से नीचे आ गया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अपने दो सप्ताह के निचले स्तर से उबरकर 0.6965 के करीब स्थिर बना रहा। 5. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में प्रमुख टोकन किस स्तर पर कारोबार कर रहे हैं? सकारात्मक धारणा के चलते बिटकॉइन 78,000 डॉलर, एथेरियम 2,300 डॉलर और रिपल 1.28 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। https://trendkia.com/market/us-dollar-election-driven-correction-and-positioning-societe-generale-56537 TrendKia — Har trend, sabse pehle.