अमेरिकी डॉलर पर नीतिगत अनिश्चितताओं का दबाव, कमजोरी के संकेत सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर नरम रुख के साथ कारोबार कर रहा है, क्योंकि बाजार व्हाइट हाउस से नई नीतिगत प्राथमिकताओं और ईरान पर प्रतिबंधों का इंतजार कर रहे हैं। सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर सुस्त रुख के साथ कारोबार की शुरुआत कर रहा है, क्योंकि वैश्विक मुद्रा बाजार व्हाइट हाउस से संभावित नीतिगत संकेतों का इंतजार कर रहा है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि ईरान पर नए प्रतिबंध, अमेरिका और कनाडा के बीच फिर से भड़की व्यापारिक तनातनी और संभावित राजकोषीय समेकन जैसे मुद्दे इस समय बाजार के केंद्र में बने हुए हैं। इसके साथ ही, अमेरिकी कोर पीसीई डेटा और केविन वॉर्श के जैक्सन होल भाषण पर भी निवेशकों की पैनी नजर टिकी हुई है। ईरान प्रतिबंध और वैश्विक व्यापार का असर विश्लेषकों का आकलन है कि डॉलर में लंबी पोजीशनों की छंटनी और डीएक्सवाई (DXY) इंडेक्स में एक सीमित दायरे के भीतर और अधिक समेकन देखने को मिल सकता है। पिछले हफ्ते यह उम्मीद जताई गई थी कि कुछ अन्य लोगों की तुलना में डॉलर में गिरावट का रुख अधिक जोखिम-अनुकूल और सौम्य हो सकता है, लेकिन मुद्रा के अवमूल्यन के कारोबार की वापसी के चलते तेज गिरावट आने की आशंका भी बनी हुई है। इस पर मुहर तब लग सकती है जब अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ईरान पर पाबंदियों के एक नए सेट की घोषणा करेंगे। सप्ताहांत के दौरान अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार युद्ध का एक नया अध्याय शुरू हो चुका है, जिसके बाद यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि ईरान पर लगाए जाने वाले ये नए प्रतिबंध चीन के साथ अमेरिकी व्यापारिक संबंधों को किस हद तक प्रभावित करेंगे। गौरतलब है कि चीन अभी भी ईरान के ऊर्जा आयातों का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है। बाजार के मौजूदा संवेदनशील माहौल और ट्रेड पोजीशनिंग को देखते हुए, टैरिफ युद्ध का दोबारा तेजी से भड़कना डॉलर के लिए नकारात्मक साबित हो सकता है। मुद्रा जोड़े और सर्राफा बाजार का हाल मौजूदा सत्र में डीएक्सवाई डॉलर इंडेक्स के 98.50 से 99.00 के दायरे में ही और अधिक समेकन देखने को मिल सकता है, जिसमें नीचे की तरफ फिसलने का जोखिम अधिक नजर आ रहा है। पिछले हफ्ते की शानदार तेजी के बाद सोमवार को जीबीपी/यूएसडी जोड़ी 1.3600 के स्तर से ऊपर समेकन के दौर में बनी हुई है। हालांकि, ईरान पर संभावित आर्थिक प्रतिबंधों का ऊर्जा कीमतों पर पड़ने वाले असर को लेकर फैली अनिश्चितता के कारण डॉलर में कुछ रिकवरी आई है, जिससे यह जोखिम-संवेदनशील मुद्रा जोड़ी थोड़ा दबाव में आ गई है. इसी तरह, यूरो/यूएसडी जोड़ी भी पिछले सप्ताह हासिल की गई मजबूत बढ़त के बाद 1.1700 के नीचे कारोबार कर रही है। पिछले हफ्ते अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक योजना में बदलाव किए जाने से डॉलर में बड़ी बिकवाली देखने को मिली थी, जिससे उबरने के लिए डॉलर अब एक मामूली रिकवरी का प्रयास कर रहा है। इस बीच, निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और इस सप्ताह आने वाले प्रमुख आंकड़ों तथा ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों के पैकेज के विवरण का इंतजार कर रहे हैं। गोल्ड की चाल और ट्रेजरी बायबैक का प्रभाव दूसरी ओर, गोल्ड (XAU/USD) सोमवार को अपनी बढ़त को लगातार आगे बढ़ा रहा है। पिछले हफ्ते अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक ऐलान के बाद बाजार में आई जोरदार तेजी के दम पर यह मई के बाद से अपने उच्चतम स्तर यानी लगभग 4,650 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी ने बुधवार को अपने नियमित calendario से हटकर एक बड़ा कदम उठाया था। विभाग ने 12:32 जीएमटी पर घोषणा की थी कि वह 10-वर्षीय से 20-वर्षीय और 20-वर्षीय से 30-वर्षीय क्षेत्रों में तरलता समर्थन बायबैक ऑपरेशंस के आकार को कम से कम दोगुना कर देगा। इसके तहत अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया, जो 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक जारी रहेगा। इसका आप पर असर विदेशी मुद्रा और वैश्विक बाजारों पर प्रभाव: अमेरिकी डॉलर में नरमी और भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है, जिसका असर वैश्विक निवेशकों की निवेश रणनीति पर पड़ रहा है। सवाल-जवाब 1. सोमवार को अमेरिकी डॉलर में किस तरह का रुख देखने को मिल रहा है? सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर नरम रुख के साथ कारोबार कर रहा है और विश्लेषकों का अनुमान है कि डीएक्सवाई इंडेक्स 98.50-99.00 के दायरे में समेकित हो सकता है। 2. सोने (XAU/USD) की कीमतें किस स्तर पर कारोबार कर रही हैं? पिछले हफ्ते की मजबूत तेजी के बाद सोना मई के बाद से अपने उच्चतम स्तर यानी लगभग 4,650 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। 3. यूएस ट्रेजरी ने बायबैक ऑपरेशंस में क्या बदलाव किए हैं? यूएस ट्रेजरी ने 10-वर्षीय से 30-वर्षीय क्षेत्रों में तरलता समर्थन बायबैक ऑपरेशंस के आकार को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया है। 4. ईरान पर प्रतिबंधों का वैश्विक व्यापार पर क्या असर पड़ सकता है? ईरान पर नए प्रतिबंधों से अमेरिका और चीन के व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि चीन ईरान के ऊर्जा आयातों का सबसे बड़ा खरीदार है। https://trendkia.com/market/us-dollar-faces-downside-bias-amid-policy-risks-and-iran-sanctions-21305 TrendKia — Har trend, sabse pehle.