अमेरिकी डॉलर में सीमित दायरे में कारोबार जारी, फेडरल रिजर्व की नीतियों और ऊर्जा कीमतों पर टिकी निवेशकों की निगाहें वैश्विक बाजारों में डॉलर की चाल सीमित दायरे में बनी हुई है। क्रिस टर्नर के अनुसार मजबूत नौकरियों के आंकड़ों के बावजूद जोखिम उठाने की क्षमता में बदलाव और आगामी आर्थिक आंकड़ों के कारण डॉलर के लाभ पर अंकुश लगा हुआ है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर की स्थिति को लेकर जानकारों का मानना है कि मजबूत वैश्विक शेयर बाजार और उम्मीद से बेहतर आए अमेरिकी रोजगार आंकड़े सामान्य परिस्थितियों में डॉलर को और मजबूती दे सकते थे, लेकिन मौजूदा जोखिम धारणा इसके लाभ को सीमित कर रही है। क्रिस टर्नर ने आने वाले समय में अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़ों और ट्रेजरी की नीलामी को बाजार के लिए बेहद अहम उत्प्रेरक के रूप में रेखांकित किया है। उनका अनुमान है कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में संभावित सख्ती का कम आंकलन किया जाना निकट अवधि में डॉलर इंडेक्स को 99.00 के आसपास समर्थन प्रदान करता रहेगा। ट्रेजरी बाय-बैक और अमेरिकी श्रम दिवस का असर बुधवार के दिन अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के ट्रेजरी बॉन्ड की थोड़ी विवादास्पद बाय-बैक प्रक्रिया की शुरुआत भी होने जा रही है। ऐसे में ट्रेजरी बाजार में किसी भी तरह की कमजोरी का रुख डॉलर पर दबाव डाल सकता है। अमेरिकी श्रम दिवस की सार्वजनिक छुट्टी के चलते कारोबार के दौरान गतिविधि सीमित रहने की उम्मीद है, लेकिन इसके बावजूद डॉलर इंडेक्स 99.00 से 99.50 के दायरे में ऊपर की ओर रुख कर सकता है। बाजार के तमाम विश्लेषक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि नीतिगत मोर्चे पर अगला कदम क्या होगा और इसका असर वैश्विक मुद्राओं पर किस रूप में सामने आएगा। प्रमुख मुद्राओं में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव अन्य प्रमुख मुद्राओं की बात करें तो ऑस्ट्रेलियन डॉलर मई के मध्य के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के ठीक नीचे समेकित हो रहा है और सप्ताह की शुरुआत में मिश्रित संकेतों के बीच लगभग 0.7200 के आसपास मंडरा रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से और अधिक आक्रामक रुख अपनाने की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए मददगार साबित हो रही हैं। इस बीच, अमेरिका के सकारात्मक नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को बल दिया है, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के साथ मिलकर सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग को समर्थन मिला है और मुद्रा जोड़ी के लाभ सीमित हुए हैं। येन की मजबूती और सोने की चाल दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में तेज तेजी देखने को मिल रही है और यह फरवरी के अंत के बाद से अपने सबसे निचले स्तर यानी 155.00 के नीचे कारोबार कर रहा है। जापानी केंद्रीय बैंक की नीतियों में आक्रामक बदलाव की उम्मीदें येन को लगातार ऊपर की तरफ धकेल रही हैं। इसके विपरीत, अमेरिकी डॉलर पर देश के कर्ज से जुड़ी चिंताओं और शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों से पहले फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख को लेकर अनिश्चितता का दबाव बना हुआ है। इस सबके बीच, पीला धातु यानी सोना 4,400 डॉलर के स्तर के ठीक नीचे कुछ हद तक लचीलापन दिखा रहा है और यूरोपीय सत्र के पहलेार्द्ध के दौरान अपनी शुरुआती गिरावट से उबरने में कामयाब रहा है। हालांकि, सप्ताह के अंत में आने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति के नवीनतम आंकड़ों के इंतजार में कारोबारी फिलहाल तटस्थ रहना पसंद कर रहे हैं, जिससे सोने में किसी भी बड़ी तेजी पर अंकुश लगा हुआ है। क्रिप्टोकरेंसी और कमोडिटी बाजार का हाल क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिट्टोर ने सोमवार को हरे निशान में कारोबार करते हुए पिछले पांच दिनों से जारी अपनी स्थिर ऊपर की ओर रुझान को बरकरार रखा है और इसमें 25% की बढ़त दर्ज की गई है। सोलाना पर लॉन्च किए गए एक समान नाम वाले मीम कॉइन और चैटजीपीटी-6 अस्त्र के आने के बाद बिट्टोर को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं। टीएओ के लिए तकनीकी दृष्टिकोण से मोमेंटम मजबूत होने और खरीदारों द्वारा 300 डॉलर के ब्रेकआउट का लक्ष्य रखने के कारण रुझान तेजी का बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर, तेल बाजार भले ही कुछ महीने पहले की तुलना में शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल का बाजार बिल्कुल अलग संकेत दे रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड यानी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है और यह लगभग 102.00 डॉलर के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में हो रहे इन बदलावों का सीधा असर निवेशकों, आयातकों और आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है। • क्रॉस-बॉर्डर लेनदेन: डॉलर के सीमित दायरे में रहने और अन्य मुद्राओं के उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आयातित वस्तुओं की लागत प्रभावित होती है। व्यापारियों को मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के अनुसार अपनी वित्तीय रणनीतियों की योजना बनानी चाहिए। • कमोडिटी और ईंधन की कीमतें: डीजल और ऊर्जा के दामों में रिकॉर्ड तेजी का असर माल ढुलाई और परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे अंततः रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। • निवेश और पोर्टफोलियो: सोने और क्रिप्टोकरेंसी जैसी परिसंपत्तियों में रुचि रखने वाले निवेशकों को आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों और केंद्रीय बैंक की बैठकों पर करीब से नजर रखनी चाहिए। • ब्याज दरें और कर्ज: फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख में बदलाव का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ-साथ उधार लेने की लागत पर भी अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर का मौजूदा रुख किस दायरे में बना हुआ है? अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 99.00 से 99.50 के दायरे में ऊपर की ओर कारोबार कर रहा है। 2. क्रिस टर्नर के अनुसार डॉलर को कौन से कारक समर्थन दे रहे हैं? ऊर्जा की ऊंची कीमतें और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में सख्ती का कम आकलन किया जाना डॉलर को समर्थन दे रहे हैं। 3. सोने की कीमतें किस स्तर के नीचे लचीलापन दिखा रही हैं? सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर के ठीक नीचे लचीलापन दिखा रहा है। 4. बिट्टोर में पिछले पांच दिनों में कितनी तेजी आई है? बिट्टोर में पिछले पांच दिनों के दौरान 25% की बढ़त दर्ज की गई है। 5. अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड का रिकॉर्ड स्तर क्या रहा है? अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकलते हुए लगभग 102.00 डॉलर के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 6. जापानी येन किस स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है? जापानी येन फरवरी के अंत के बाद से अपने सबसे निचले स्तर यानी 155.00 के नीचे कारोबार कर रहा है। https://trendkia.com/market/us-dollar-holds-range-bound-as-fed-pricing-and-energy-costs-drive-market-focus-29039 TrendKia — Har trend, sabse pehle.