अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और ईरान तनाव के बीच 102 के करीब संभला डॉलर इंडेक्स ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमलों के बाद सुरक्षित निवेश मांग और मध्यावधि चुनाव के दबाव के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 101.80 के करीब स्थिर बना हुआ है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान अमेरिकी डॉलर अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने में सफल रहा। दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा के मूल्य को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) पिछले कारोबारी सत्र में मामूली गिरावट दर्ज करने के बाद 101.80 के आसपास कारोबार करता दिखा। निवेशक इस समय दोहरे दबाव का सामना कर रहे हैं, जहां एक तरफ अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव के कारण पैदा हुई जोखिम की स्थिति डॉलर को सुरक्षित ठिकाने के रूप में समर्थन दे रही है। मध्यावधि चुनाव और ऊर्जा संकट से उपजा राजनीतिक तनाव अमेरिका में मंगलवार को हो रहे मध्यावधि चुनाव को लेकर बाजार सहभागियों ने सतर्क रुख अपनाया हुआ है। इन चुनावों के जरिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों का फैसला होना है। इसके अलावा फ्लोरिडा और ओहियो में दो विशेष चुनाव भी आयोजित किए जा रहे हैं, जो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा खाली की गई सीटों को भरने के लिए हो रहे हैं। इस राजनीतिक परीक्षा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी पर राजनीतिक दबाव काफी बढ़ गया है। ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव की वजह से ऊर्जा की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे घरेलू स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ा है। वित्तीय सट्टा बाजारों और भविष्यवाणी मंचों के ताजा आंकड़ों के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा अमेरिकी सीनेट पर नियंत्रण हासिल करने की संभावना 74% आंकी जा रही है। राजनीतिक शक्ति संतुलन में संभावित बदलाव की आशंकाओं ने डॉलर के कारोबारियों को बड़े दांव लगाने से रोका हुआ है। ईरान के केशम द्वीप पर सैन्य कार्रवाई और सुरक्षित निवेश प्रवाह राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद अमेरिकी मुद्रा को सुरक्षित परिसंपत्ति के तौर पर भारी समर्थन मिल रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने सोमवार को ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया। वाशिंगटन द्वारा हाल के हफ्तों में किए गए गोपनीय और सीमित हमलों की कड़ी में यह ताजा सैन्य कार्रवाई है। यह हमला ठीक ऐसे समय में हुआ जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार के चुनावों के बाद ईरान के साथ पूर्ण पैमाने पर युद्ध में दोबारा लौटने की संभावना को कमतर आंका था। सैन्य मोर्चे पर जारी इस खींचतान ने वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने की भावना को बनाए रखा है, जिसका सीधा फायदा अमेरिकी डॉलर को मिल रहा है। महंगाई, ब्याज दरें और आगामी रोजगार रिपोर्ट ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई की चिंताओं को लगातार जिंदा रखा हुआ है। यही वजह है कि फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर की बैठक में नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना बाजार में लगभग 73% बनी हुई है। मौद्रिक नीति के भविष्य को लेकर निवेशकों की नजरें अब शुक्रवार को जारी होने वाले अक्टूबर के गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों पर टिकी हैं। ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन के एलियास हद्दाद के अनुसार, शुक्रवार को आने वाली रिपोर्ट अमेरिकी श्रम बाजार की वास्तविक मजबूती के लिए एक अहम परीक्षा होगी। बाजार का आम अनुमान है कि अक्टूबर में पेरोल में +65 हजार की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि सितंबर में यह आंकड़ा +29 हजार रहा था। यह अनुमान श्रम मांग में स्थिरता की ओर इशारा करता है। इसके साथ ही बेरोजगारी दर 4.2% पर स्थिर रहने की उम्मीद जताई जा रही है, जो फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के 2026 के 4.1% के दीर्घकालिक अनुमान से मामूली रूप से अधिक है। यह स्थिति फेडरल रिजर्व के दृष्टिकोण की तुलना में थोड़े नरम आर्थिक परिदृश्य को दर्शाती है। वेतन वृद्धि के मोर्चे पर भी निवेशकों का ध्यान रहेगा। अनुमान है कि औसत प्रति घंटा कमाई सितंबर के 0.1% के मुकाबले मासिक आधार पर 0.3% बढ़ सकती है। वहीं वार्षिक आधार पर यह आंकड़ा सितंबर के 3.0% से घटकर 2.9% रहने का अनुमान है। इस तरह के रुझान बताते हैं कि भले ही मासिक वेतन वृद्धि में मजबूती दिखे, लेकिन बुनियादी वेतन दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है। वैश्विक मुद्राओं का प्रदर्शन और विनिमय दरें मुद्रा बाजार के दैनिक उतार-चढ़ाव में अमेरिकी डॉलर आज स्विस फ्रैंक के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूत रहा। विभिन्न प्रमुख मुद्रा जोड़ों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में कमजोरी दर्ज की गई। एशियाई सत्र के दौरान यह जोड़ी दो सप्ताह के नए निचले स्तर पर फिसल गई। यह गिरावट भारतीय रिजर्व बैंक के ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष यानी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बहुप्रतीक्षित वृद्धि के बाद आई। आरबीए का यह फैसला सर्वसम्मत नहीं था, क्योंकि बोर्ड के तीन सदस्यों ने दरों को 4.60% पर यथावत रखने का पक्ष लिया था। आंतरिक मतभेद के कारण आगे और सख्ती किए जाने की उम्मीदें कमजोर पड़ी हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दबाव में आ गया। अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) जोड़ी में एशियाई सत्र के दौरान कुछ सुस्ती देखी गई। पिछले दिन 158.00 तक पहुंचे स्तर से इस जोड़ी ने अपने कुछ लाभ गंवा दिए। ईरान के मामले में कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों और अमेरिकी चुनावों से पहले की सावधानी के कारण डॉलर पर दबाव देखा गया। हालांकि, जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को सहारा दिया, लेकिन बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अगली दर वृद्धि के समय को लेकर जारी अनिश्चितता ने येन की तेजी को सीमित रखा। नतीजतन, यह मुद्रा जोड़ी एक जाने-पहचाने दायरे में फंसी रही। सोने में स्थिरता और बॉन्ड यील्ड का प्रभाव कमोडिटी बाजार में सोना मंगलवार के एशियाई सत्र में 3,950 डॉलर के आसपास स्थिर रहा। पीली धातु पिछले कारोबारी सत्र में अक्टूबर 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर से उबरने के बाद अपने लाभ को समेटती नजर आई। ईरान से जुड़े तनाव में कूटनीतिक प्रगति की उम्मीदों ने डॉलर की एकतरफा मजबूती पर थोड़ा विराम लगाया, जिसने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की घबराहट के साथ मिलकर सोने की कीमतों को सहारा दिया। इसके बावजूद, फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि के 73% दांव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आए मामूली उछाल ने बिना ब्याज देने वाली इस सुरक्षित संपत्ति की बढ़त पर लगाम लगाए रखी। इसका आप पर असर अमेरिकी राजनीतिक अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में जारी सैन्य टकराव की वजह से आम निवेशकों, आयातकों और यात्रियों के लिए वैश्विक विनिमय दरें और ऊर्जा कीमतें सीधे प्रभावित हो सकती हैं। • वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 73% संभावना और मजबूत डॉलर के कारण उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों को अपने विदेशी मुद्रा और इक्विटी पोर्टफोलियो में अस्थिरता के लिए तैयार रहना चाहिए। • सोना खरीदारों के लिए: सोने के दाम 3,950 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर हैं लेकिन अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बड़ी तेजी थमी हुई है। शादी-ब्याह या निवेश के लिए खरीदारी करने वाले खरीदारों को कीमतों में सीमित दायरे के उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए। • ऊर्जा और ईंधन उपभोक्ताओं के लिए: ईरान के केशम द्वीप पर हमलों और कच्चे तेल की ऊंची लागत के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतें दबाव में हैं। यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है तो घरेलू स्तर पर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में राहत मिलना मुश्किल हो सकता है। • विदेशी यात्रियों और छात्रों के लिए: डॉलर इंडेक्स के 102 के करीब बने रहने से अंतरराष्ट्रीय यात्रा और विदेशी शिक्षा के खर्च ऊंचे स्तर पर बने रहेंगे। डॉलर में भुगतान करने वाले छात्रों को अपने बजट और मुद्रा विनिमय के समय की सावधानीपूर्वक योजना बनानी होगी। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर और कमोडिटी बाजारों में मौजूदा हलचल अमेरिकी घरेलू राजनीति में सत्ता परिवर्तन की आशंका और पश्चिम एशिया में नए सैन्य टकराव के संयोजन का सीधा परिणाम है। • पश्चिम एशिया में सैन्य कार्रवाई: अमेरिका द्वारा ईरान के केशम द्वीप पर किए गए गोपनीय हमलों ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता पैदा की। इस घटनाक्रम ने सुरक्षा की तलाश कर रहे वैश्विक पूंजी प्रवाह को डॉलर की ओर मोड़ दिया। • मध्यावधि चुनावों का दबाव: अमेरिकी कांग्रेस की सभी सीटों और सीनेट के एक-तिहाई हिस्से पर चुनाव होने के साथ ही भविष्यवाणी बाजारों में सीनेट पर डेमोक्रेट्स के नियंत्रण की 74% संभावना जताई गई है। नीतिगत गतिरोध और शक्ति संतुलन में बदलाव के डर से व्यापारियों ने आक्रामक दिशात्मक दांव लगाने से परहेज किया है। • ऊर्जा कीमतों से प्रेरित महंगाई: सैन्य संकट के कारण तेल और ऊर्जा की लागत ऊंची बनी हुई है, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई कम होने की रफ्तार धीमी पड़ी है। इस स्थिति ने फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को 73% तक बनाए रखा है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मंगलवार को किस स्तर पर कारोबार कर रहा था? अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) मंगलवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान 101.80 के करीब कारोबार कर रहा था। 2. अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में किन सीटों पर मतदान हो रहा है? मध्यावधि चुनाव में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों, सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों और फ्लोरिडा तथा ओहियो की दो विशेष सीटों पर मतदान हो रहा है। 3. फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाने की कितनी संभावना जताई जा रही है? ऊर्जा की ऊंची कीमतों और महंगाई के कारण वित्तीय बाजारों में फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना लगभग 73% आंकी गई है। 4. ईरान के किस क्षेत्र पर अमेरिकी हमले की खबर सामने आई है? अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने सोमवार को ईरान के केशम द्वीप पर गोपनीय सैन्य हमला किया। 5. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने ब्याज दरों पर क्या निर्णय लिया? रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की, हालांकि बोर्ड के तीन सदस्यों ने दरों को 4.60% पर ही रखने का समर्थन किया था। 6. वैश्विक बाजार में सोने की कीमत किस स्तर पर स्थिर रही? सोने की कीमत मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान 3,950 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर रही। https://trendkia.com/market/us-dollar-index-aura-us-midterm-elections-ke-bicha-102-ke-kariba-snbhala-dollar-index-55453 TrendKia — Har trend, sabse pehle.