अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में सतर्क सुधार, 100 के स्तर के पास रुकावट अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में सीमित सुधार देखा जा रहा है, लेकिन कुल मिलाकर इसका रुख अभी भी मंदी की ओर बना हुआ है और जानकारों का मानना है कि 100 का स्तर इसके लिए बड़ी बाधा साबित हो सकता है। वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स यानी DXY को लेकर सतर्कता का माहौल बना हुआ है। हालांकि हालिया कारोबारी सत्रों में डॉलर की कीमतों में कुछ सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन बाजार के जानकारों का कहना है कि यह केवल एक अस्थायी ठहराव है। निवेशक फिलहाल डॉलर को और अधिक नीचे धकेलने से बच रहे हैं, जिससे इसके रुझान में हल्की सी स्थिरता नजर आ रही है। इसके बावजूद, इस बात पर संशय बना हुआ है कि ये हालिया गतिविधियां डॉलर की मूल दिशा में कोई बड़ा बदलाव लाने में कामयाब हो पाएंगी या नहीं। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो मंदी का रुख अब भी बरकरार है और ऑसिलेटर के आंकड़े बताते हैं कि डॉलर की गिरावट में थोड़ी नरसी जरूर आई है, लेकिन अभी तक बाजार में किसी भी तरह के बड़े उलटफेर के संकेत नहीं मिल रहे हैं। प्रमुख मुद्रा जोड़ियों में उतार-चढ़ाव सप्ताह के शुरुआती कारोबार में GBP/USD की जोड़ी अपनी पिछली रिकवरी से पीछे हटते हुए 1.3600 के निचले दायरे में लौट आई है। इस जोड़ी में हल्की बिकवाली का दबाव साफ तौर पर देखा जा सकता है, जिसकी मुख्य वजह ग्रीनबैक में आई मामूली मजबूती है। निवेशक आने वाले अमेरिकी आर्थिक डेटा और जैक्सन होल सम्मेलन को लेकर बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसी तरह, EUR/USD की जोड़ी भी कमजोर नजर आ रही है और सोमवार को यह फिसलकर 1.1660 के स्तर के आसपास अपने दैनिक निचले स्तर पर पहुंच गई। इस गिरावट के पीछे अमेरिकी डॉलर की बढ़त और अमेरिकी मनी मार्केट में चल रही गतिविधियों पर निवेशकों की गहरी नजर का बड़ा हाथ है। दूसरी ओर, कीमती धातु यानी सोने की चमक पर डॉलर की मजबूती का कोई खास असर नहीं पड़ा है। सोना अपनी शुरुआती बढ़त के एक हिस्से को पीछे छोड़ते हुए सोमवार को ट्रॉय औंस के हिसाब से 4,600 डॉलर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े के ऊपर अपनी तेजी को मजबूती से बनाए हुए है। सोने की यह बढ़त अमेरिकी डॉलर में हल्की बढ़त और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई मामूली नरमी के बीच दर्ज की गई है। अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक और बाजार का रुख अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने तय कैलेंडर से हटकर एक बड़ा कदम उठाया है, जिस पर बाजार की पैनी नजर बनी हुई है। बुधवार को दोपहर 12:32 जीएमटी पर ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि वह 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष के सेक्टरों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशन के आकार को कम से कम दोगुना करने जा रहा है। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी। बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के नीतिगत कदम वित्तीय बाजारों में नकदी के प्रवाह को नियंत्रित करने और निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे हैं, हालांकि इनका दीर्घकालिक असर विभिन्न मुद्राओं की चाल पर कैसे पड़ेगा, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा। इसका आप पर असर ग्लोबल बाजार पर असर: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और ट्रेजरी के बायबैक अभियानों से वैश्विक मुद्रा बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विनिमय दरों पर पड़ेगा। निवेशकों के लिए: मुद्रा और सर्राफा बाजारों में निवेश करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि तकनीकी रुझान अभी भी मंदी की ओर इशारा कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) का हालिया रुझान क्या है? डॉलर इंडेक्स में सतर्क सुधार जरूर देखा गया है, लेकिन इसके तकनीकी रुझान अभी भी मंदी की ओर इशारा कर रहे हैं। 2. DXY के लिए निकट भविष्य में कौन सा स्तर बाधा बन सकता है? विश्लेषकों के अनुसार, DXY के निकटवर्ती लाभ 100 के स्तर के आसपास सीमित रह सकते हैं। 3. सोने की कीमत किस स्तर से ऊपर बनी हुई है? सोना ट्रॉय औंस के हिसाब से 4,600 डॉलर के महत्वपूर्ण आंकड़े से ऊपर अपनी तेजी को बनाए हुए है। 4. अमेरिकी ट्रेजरी बायबैक ऑपरेशन में क्या बदलाव किया गया है? ट्रेजरी विभाग ने 10 से 30 वर्ष के सेक्टरों में बायबैक का आकार दोगुना करते हुए प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया है। https://trendkia.com/market/us-dollar-index-capped-near-100-amid-cautious-market-rebound-21456 TrendKia — Har trend, sabse pehle.