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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत से डॉलर इंडेक्स में गिरावट, 101.40 के करीब फिसली मुद्रा",
  "summary": "अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के बहुमत हासिल करने के बाद डॉलर में तेज बिकवाली देखी गई, जिससे डॉलर इंडेक्स मासिक निचले स्तर के करीब पहुंच गया।",
  "content": "अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती और निर्णायक नतीजों ने वैश्विक मुद्रा बाजार में हलचल पैदा कर दी है, जहां अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी को मिले राजनीतिक झटके के बाद अमेरिकी डॉलर अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले तेजी से नीचे फिसल गया है। प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा बहुमत हासिल करने की खबर सामने आने के बाद निवेशकों के बीच वाशिंगटन में विधायी गतिरोध की आशंकाएं बढ़ गई हैं। इस राजनीतिक उलटफेर के बीच बुधवार को अमेरिकी डॉलर प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में कमजोर प्रदर्शन करता नजर आया, जबकि बाजार के सहभागी अब निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़ों और आगामी ISM सर्विसेज PMI रिपोर्ट के इंतजार में सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।\n\nमुद्रा बाजार के रुझानों को देखें तो डॉलर सबसे अधिक कमजोरी स्विस फ्रैंक के मुकाबले दिखा रहा है। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की एक बास्केट के मुकाबले ग्रीनबैक के मूल्य का आकलन करने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.43% गिरकर 101.40 के स्तर के पास कारोबार करता दर्ज किया गया। दिन के शुरुआती कारोबार में यह इंडेक्स 101.25 के मासिक निचले स्तर तक लुढ़क गया था, जो कि देर सितंबर के बाद का सबसे निचला स्तर भी रहा। अमेरिकी विधायी व्यवस्था के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स के काबिज होने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और अन्य आर्थिक नीतियों को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाने पर सवाल खड़े हो गए हैं।\n\nनीतिगत अनिश्चितता और बाजार पर प्रभाव\nअमेरिकी संसद के दोनों सदनों में सत्ता संतुलन बदलने को लेकर डच बहुराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान ING के रणनीतिकारों ने स्थिति का विश्लेषण किया है। ING का तर्क है कि कीमतों में आई यह त्वरित गिरावट इस तथ्य से भी जुड़ी हो सकती है कि डेमोक्रेट सदस्य जनवरी तक आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण नहीं करेंगे। वहीं, डॉलर के नीचे जाने के जोखिम में से एक अप्रत्याशित खतरा तब टल गया जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन चुनावी नतीजों को स्वीकार कर लिया। हालांकि, बैंक ने आगाह किया है कि रात भर का यह मूल्य रुझान 2027 के बाजारों के लिए एक पूर्वावलोकन साबित हो सकता है, जब एक डेमोक्रेटिक कांग्रेस के वास्तविक नीतिगत प्रभाव पूरी तरह से कीमतों में शामिल होने लगेंगे। ING के रणनीतिकारों ने दोहराया कि उनका मानना था कि डेमोक्रेटिक कांग्रेस डॉलर के लिए हल्की नकारात्मक साबित होगी, चाहे वह AI से जुड़ी प्राथमिकताओं के लिहाज से हो या फिर अगले साल की गर्मियों से संभावित लंबे समय तक चलने वाले अमेरिकी सरकार के शटडाउन की आशंका के रूप में हो।\n\nराजनीतिक अनिश्चितता का सीधा असर ट्रेजरी यील्ड पर भी पड़ा है। चुनावी नतीजों से उपजी अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों का रुख किया, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नई गिरावट आई। इस गिरावट ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के असर को दबा दिया और डॉलर पर अतिरिक्त दबाव बना दिया। दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश की बढ़ी मांग के बीच सोने की कीमतों को जबरदस्त सहारा मिला। यूरोपीय सत्र के शुरुआती घंटों में सोना अपने साप्ताहिक उच्च स्तर के पास मजबूत बढ़त बनाए रखते हुए 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी ऊपर कारोबार करता देखा गया।\n\nतकनीकी परिदृश्य और प्रमुख स्तर\nदैनिक तकनीकी चार्ट पर डॉलर इंडेक्स स्पॉट 101.38 के करीब कारोबार कर रहा है और निकट अवधि में हल्का मंदी का रुख बनाए हुए है। यह 101.78 पर स्थित 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और नीचे की ओर झुकती ट्रेंड-लाइन बाधाओं की एक श्रृंखला के नीचे बना हुआ है। हाल ही में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI-14) गिरकर 45.28 के स्तर पर आ गया है, जो यह दर्शाता है कि तेजी की गति कमजोर पड़ रही है। जब तक कीमतें शॉर्ट-टर्म EMA और 102.46 तथा 102.96 से आने वाली गिरावट वाली ट्रेंड लाइनों के प्रतिरोध समूह के नीचे बनी रहती हैं, तब तक किसी भी उछाल के सीमित रहने की संभावना बनी रहेगी।\n\nऊपर की ओर, शुरुआती प्रतिरोध 101.40 के करीब शॉर्ट-टर्म अपवर्ड ट्रेंड लाइन पर दिखाई देता है, जो अब बाधा में बदल चुकी है। इसके ऊपर 101.78 पर 20-दिवसीय EMA मौजूद है, जबकि मजबूत आपूर्ति 102.46 और 102.96 के आसपास ढलान वाली ट्रेंड लाइनों पर देखी जा रही है। वहीं नीचे की तरफ, यदि परिसंपत्ति 101.25 के स्तर से नीचे फिसलती है, तो इसमें एक और ताजा बिकवाली का दौर देखने को मिल सकता है। वर्तमान वास्तविक बाजार आंकड़ों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स 101.32 के स्तर पर चल रहा है, जो 101.87 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 0.54% की गिरावट दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 95.55 से 102.95 तक रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 1.00 गुना दर्ज किया गया है। लाइव डेटा के अनुसार RSI(14) 44 के स्तर पर है और MACD 0.14 बनाम सिग्नल 0.27 पर नकारात्मक हिस्टोग्राम (-0.13) के साथ मंदी का संकेत दे रहा है। बोलिंजर बैंड (20,2) 101.39 से 102.58 के बीच है और कीमत निचले बैंड के नीचे आ चुकी है। ADX(14) 27 पर ट्रेंडिंग गति दर्शा रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक में फास्ट लाइन 6 और सिग्नल लाइन 23 पर है। दैनिक अस्थिरता के लिए 14-दिवसीय ATR 0.49 दर्ज किया गया है। पिवट स्तर 101.42 पर है, जिसके ऊपर R1 प्रतिरोध 101.59 और R2 101.87 पर है, जबकि नीचे S1 समर्थन 101.14 और S2 100.97 पर स्थित है। लंबी अवधि में 50-दिवसीय EMA (101.28) का 200-दिवसीय EMA (99.94) से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस के साथ दीर्घकालिक अपट्रेंड को दर्शाता है, लेकिन अल्पकालिक दबाव बना हुआ है।\n\nविदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख जोड़ियों की हलचल\nराजनीतिक उथल-पुथल के बीच अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव दर्ज किए गए। एशियाई सत्र में AUD/USD की जोड़ी 0.6965 के पास कारोबार करते हुए दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर टिकी रही। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों से उपजी अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने डॉलर को दबाया, हालांकि ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक (RBA) के कम सख्त रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित रखा। दूसरी तरफ, USD/JPY की जोड़ी में बुधवार को भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। वाशिंगटन में संभावित राजनीतिक गतिरोध के चलते सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ते प्रवाह और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण एशियाई सत्र के दौरान यह जोड़ी गिरकर 158.00 के नीचे आ गई और डॉलर एक महीने के निचले स्तर पर आ गया।\n\nअमेरिकी मध्यावधि चुनावों की प्रणाली और इतिहास\nअमेरिकी मध्यावधि चुनाव संघीय चुनाव होते हैं जो किसी राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के ठीक आधे समय पर आयोजित किए जाते हैं। इन चुनावों में मतदाता प्रतिनिधि सभा के सभी 435 सदस्यों, सीनेट की लगभग एक तिहाई सीटों, और कई राज्यों में गवर्नरों तथा अन्य राज्य और स्थानीय अधिकारियों का चयन करते हैं। संघीय कानून के अनुसार, चुनाव का दिन नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाला मंगलवार होता है, जो 3 नवंबर 2026 को निर्धारित था, और कई राज्यों में अग्रिम मतदान तथा डाक मतदान की प्रक्रिया पहले ही चल रही थी। यह चुनाव तय करते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों के लिए कांग्रेस के प्रत्येक सदन पर किस पार्टी का नियंत्रण होगा। बहुमत वाला दल विधायी एजेंडा तय करता है, समितियों के प्रमुख चुनता है और सीनेट में न्यायाधीशों तथा वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों की पुष्टि को नियंत्रित करता है।\n\nमध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता, क्योंकि राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्येक चार वर्ष में होता है और अगला राष्ट्रपति चुनाव नवंबर 2028 में होना तय है। मध्यावधि चुनावों को अक्सर मौजूदा राष्ट्रपति की पार्टी पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जाता है, जिसका इतिहास बताता है कि सत्ताधारी पार्टी आमतौर पर प्रतिनिधि सभा में सीटें खो देती है। अधिकांश वित्तीय विश्लेषक अमेरिकी डॉलर में किसी दीर्घकालिक रुझान के बजाय केवल एक मामूली और अल्पकालिक प्रतिक्रिया की उम्मीद करते हैं, क्योंकि विभाजित कांग्रेस को व्यापक रूप से आधार परिदृश्य माना जाता है और बाजार इसे पहले ही कुछ हद तक भुना चुके होते हैं। राजकोषीय प्रोत्साहन की उम्मीदें बढ़ाने वाले परिणाम आमतौर पर बॉन्ड यील्ड और डॉलर को ऊपर ले जाते हैं, जबकि खर्च को सीमित करने वाला विधायी गतिरोध दोनों को नीचे खींच सकता है। कर्ज सीमा या फंडिंग को लेकर होने वाले राजनीतिक टकराव भी डॉलर को सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर अस्थायी बढ़त दिला सकते हैं, हालांकि छह से बारह महीनों की अवधि में आर्थिक विकास और फेडरल रिजर्व की नीतियां चुनाव से अधिक मायने रखती हैं। ऐतिहासिक दृष्टि से अमेरिकी शेयर बाजार मध्यावधि चुनावों से पहले कमजोर और उनके बाद मजबूत रहे हैं। वर्ष 1950 के बाद से, प्रत्येक मध्यावधि चुनाव के 12 महीने बाद S&amp;P 500 सूचकांक ऊपर रहा है, जो कि 19 में से 19 बार औसतन लगभग 15% की बढ़त का रिकॉर्ड है। बाजार अक्सर विभाजित सरकार का स्वागत करते हैं क्योंकि गतिरोध के कारण करों, खर्चों और नियमों में व्यापक बदलाव की संभावना कम हो जाती है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में सत्ता परिवर्तन से वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में सीधा असर पड़ा है, जिससे भारतीय निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बजट पर प्रभाव पड़ेगा।\n\n• भारतीय यात्रियों और छात्रों पर: डॉलर के कमजोर होने से विदेश यात्रा और अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की ट्यूशन फीस पर दबाव कुछ हद तक घट सकता है। रुपये के मुकाबले डॉलर की नरमी से विदेश में खर्च करने की लागत में तात्कालिक राहत मिल सकती है।\n• सोने के खरीदारों पर: वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें 4,000 डॉलर के पार निकल जाने से घरेलू सर्राफा बाजारों में भी सोने के भाव बढ़ सकते हैं। शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों को अब ऊंची कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।\n• शेयर बाजार के निवेशकों पर: ऐतिहासिक रूप से मध्यावधि चुनावों के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में औसतन 15% की तेजी देखी गई है, जिसका सकारात्मक असर भारतीय इक्विटी बाजारों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, तकनीकी शेयरों में AI फंडिंग को लेकर आने वाली अनिश्चितता पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।\n• मुद्रा और कमोडिटी ट्रेडर्स पर: डॉलर इंडेक्स के 101.25 के प्रमुख समर्थन स्तर के पास होने से फॉरेक्स और कमोडिटी ट्रेडिंग में अस्थिरता बढ़ने वाली है। ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखने और आने वाले अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में जीत हासिल करने के कारण वाशिंगटन में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। इसके चलते निवेशकों के बीच नीतिगत गतिरोध और राजकोषीय खर्च में रुकावट की आशंकाएं पैदा हो गईं, जिसने डॉलर को नीचे धकेला।\n\n• विधायी बहुमत का बदलाव: रिपब्लिकन पार्टी के हाथों से दोनों सदनों का नियंत्रण फिसलने के कारण राष्ट्रपति ट्रंप के विधायी एजेंडे पर सीधा असर पड़ने की संभावना बन गई है। दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत ने नीतिगत फैसलों को लेकर नई बाधाएं खड़ी कर दी हैं।\n• AI इंफ्रास्ट्रक्चर नीतियों पर संशय: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के लिए तय की गई नीतियों के सुचारू रूप से लागू होने पर सवाल खड़े हो गए हैं। बड़े खर्च वाले प्रस्तावों पर गतिरोध आने की संभावना ने बाजार का विश्वास कमजोर किया है।\n• ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और सुरक्षित संपत्तियों में प्रवाह: राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने के कारण निवेशकों ने अमेरिकी सरकारी बॉन्ड और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में पूंजी लगाई। बॉन्ड की मांग बढ़ने से यील्ड में गिरावट आई, जिसने ब्याज दरों के सहारे डॉलर को मिलने वाले समर्थन को खत्म कर दिया।\n• शटडाउन और कर्ज सीमा का जोखिम: विभाजित सरकार के दौर में अक्सर फंडिंग की समय-सीमा और सरकारी शटडाउन को लेकर टकराव की स्थिति बनती है। विश्लेषकों का मानना है कि अगले साल गर्मियों से संभावित सरकारी शटडाउन की आशंका ने डॉलर की मांग को पहले ही सीमित कर दिया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में क्या परिणाम रहे हैं?\nडेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है, जिससे रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगा है।\n\n2. चुनाव नतीजों के बाद डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर पहुंचा?\nडॉलर इंडेक्स 0.43% गिरकर 101.40 के करीब आ गया और इसने 101.25 का मासिक निचला स्तर छुआ।\n\n3. सोने की कीमतों पर इस राजनीतिक घटनाक्रम का क्या असर पड़ा?\nडॉलर की कमजोरी और सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोना 4,000 डॉलर के स्तर से ऊपर मजबूती से कारोबार कर रहा है।\n\n4. अमेरिकी मध्यावधि चुनाव कब आयोजित किए गए थे?\nसंघीय कानून के तहत चुनाव 3 नवंबर 2026 को मंगलवार के दिन आयोजित किए गए थे।\n\n5. क्या इन मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति पद का चुनाव भी हुआ है?\nनहीं, राष्ट्रपति का चुनाव हर चार साल में होता है और अगला राष्ट्रपति चुनाव नवंबर 2028 में निर्धारित है।\n\n6. डॉलर इंडेक्स के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर कौन से हैं?\nनिचले स्तर पर 101.25 अहम समर्थन है, जबकि ऊपर की ओर 101.78 पर 20-दिवसीय EMA प्रमुख प्रतिरोध बना हुआ है।",
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