# अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले डॉलर इंडेक्स में मजबूती, कच्चा तेल और भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ा समर्थन

> अमेरिकी गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों के आने से पहले डॉलर इंडेक्स 102.00 के स्तर से ऊपर टिका हुआ है। कच्चे तेल से उपजी महंगाई और पश्चिम एशिया के तनाव से मुद्रा को लगातार सहारा मिल रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-index-men-majabuti-nfp-se-pahale-102-00-ke-para-41602 · **Language:** Hindi
**Tags:** डॉलर इंडेक्स, विदेशी मुद्रा, फेडरल रिजर्व, कच्चा तेल, अमेरिकी अर्थव्यवस्था, सोना, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर लगातार पांचवें कारोबारी दिन बढ़त दर्ज करते हुए मजबूती बनाए हुए है। दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत आंकने वाला डॉलर इंडेक्स एशियाई कारोबारी सत्र में 102.00 के अहम आंकड़े के पार निकल आया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं में कमी आने के बावजूद मुद्रा की मांग कम नहीं हुई है। बाजार भागीदार अब अमेरिकी श्रम विभाग की ओर से जारी होने वाली गैर-कृषि रोजगार रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जो आगामी आर्थिक और मौद्रिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

## रोजगार के आंकड़ों और वेतन वृद्धि पर टिकी निवेशकों की निगाहें
बाजार के पूर्वानुमानों के मुताबिक सितंबर महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में करीब 90,000 नए रोजगार जुड़ने की उम्मीद है। यह संख्या पिछले महीने दर्ज किए गए 1,62,000 के आंकड़े की तुलना में तेज गिरावट का संकेत देती है। वहीं बेरोजगारी दर के 4.1 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर बने रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही औसत प्रति घंटा आय में होने वाले बदलाव के जरिए वार्षिक वेतन महंगाई को भी बारीकी से परखा जाएगा। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अक्टूबर की दर बढ़ोतरी की संभावनाएं भले ही घटी हों, लेकिन वेतन महंगाई के संकेत डॉलर इंडेक्स की गति को नया आधार दे सकते हैं।

## विनिर्माण गतिविधियों और कच्चे तेल से महंगाई का दबाव
रोजगार रिपोर्ट जारी होने से पहले इंस्टीट्यूट ऑफ सप्लाई मैनेजमेंट के ताजा सर्वेक्षण में सामने आया है कि सितंबर में अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र लगातार नौवें महीने विस्तार के दायरे में रहा। इस औद्योगिक सर्वेक्षण के विस्तृत विवरण से यह भी स्पष्ट हुआ कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार 24वें महीने बढ़ोतरी देखी गई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उपजी महंगाई की आशंकाओं ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आने वाली बड़ी गिरावट को रोक दिया है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश संपत्तियों की ओर मोड़ा है, जिसका सीधा फायदा अमेरिकी डॉलर को मिल रहा है।

## तकनीकी संकेत और प्रमुख प्रतिरोध स्तर
तकनीकी चार्ट पर डॉलर इंडेक्स अपने 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज से काफी ऊपर कारोबार कर रहा है। हाल ही में 101.70 के क्षैतिज अवरोध को पार करने के बाद इंडेक्स के लिए निकट अवधि का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। अब 101.70 का यही स्तर तत्काल गिरावट को थामने के लिए एक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है। तेजी के इस दौर में खरीदारी का रुख जारी रहने पर इंडेक्स के सामने 102.65 से 102.70 के दायरे में अगला बड़ा प्रतिरोध स्तर है। यदि यह बाधा भी पार होती है, तो इंडेक्स 103.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है।

लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार डॉलर इंडेक्स 102.04 के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि इसका 52 हफ्तों का दायरा 95.55 से 102.21 के बीच रहा है। 14-दिवसीय आरएसआई 74 के स्तर पर पहुंचकर ओवरबॉट यानी जरूरत से ज्यादा खरीदारी की स्थिति को दर्शा रहा है। वहीं एमएसीडी 0.59 पर है, जो सिग्नल लाइन 0.39 से ऊपर रहते हुए 0.20 के बुलिश हिस्टोग्राम के साथ तेजी के रुझान की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय ईएमए 100.73, 50-दिवसीय ईएमए 100.25 और 200-दिवसीय ईएमए 99.47 पर हैं। 50-दिवसीय मूविंग एवरेज का 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस के जरिए दीर्घकालिक मजबूती का संकेत देता है। पिवट पॉइंट 102.05 पर है, जिसके लिए पहला सपोर्ट 101.96 और दूसरा सपोर्ट 101.89 है, जबकि प्रतिरोध 102.12 और 102.21 पर स्थित है।

## प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और सोने की स्थिति
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर की मजबूती के चलते अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इस सप्ताह सबसे मजबूत साबित हुआ है। एशियाई कारोबार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमजोर पड़कर 0.6900 के स्तर की ओर फिसल गया, जो जुलाई की शुरुआत के बाद का निचला स्तर है। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 158.00 के स्तर से ऊपर अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी सिरे पर टिका हुआ है। टोक्यो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में उम्मीद से अधिक तेजी आने के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने के संकेत मिले हैं, फिर भी डॉलर का दबदबा कायम है। दूसरी ओर, सर्राफा बाजार में सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, क्योंकि निवेशक ब्याज दरों के भविष्य को लेकर पूरी तरह से अमेरिकी नौकरियों के आंकड़े सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर आयात लागत और घरेलू मुद्रा पर पड़ता है।

- **भारत में:** मजबूत डॉलर के कारण भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे आयातित वस्तुएं महंगी होने का जोखिम रहता है। इसका असर कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आयात बिल पर पड़ सकता है, जिससे घरेलू स्तर पर मुद्रास्फीति बढ़ सकती है।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** मजबूत डॉलर सुरक्षित निवेश के रूप में मांग में रहता है, जिससे उभरते बाजारों से पूंजी निकासी की संभावना बढ़ जाती है। यदि आने वाले रोजगार आंकड़े सुस्त रहते हैं, तो बॉन्ड यील्ड और डॉलर की तेजी सीमित हो सकती है।
- **सोना और कमोडिटी:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव डॉलर के साथ विपरीत संबंध रखते हैं। डॉलर इंडेक्स के 102.00 से ऊपर बने रहने से सोने की तेजी पर दबाव रह सकता है।
- **व्यापारियों और आयातकों के लिए:** मुद्रा के उतार-चढ़ाव को देखते हुए आयातकों को विदेशी मुद्रा हेजिंग की रणनीतियों पर ध्यान देना होगा। आयात बिल बढ़ने से कार्यशील पूंजी की लागत पर असर पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
कच्चे तेल से उत्पन्न महंगाई की चिंताएं, विनिर्माण क्षेत्र में मजबूती और भू-राजनीतिक अस्थिरता डॉलर की हालिया तेजी के मुख्य कारण हैं।

- **कच्चे तेल की कीमतें:** ऊर्जा लागत में वृद्धि के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार हुआ है, जिससे डॉलर को सीधा समर्थन मिला। उच्च मुद्रास्फीति के दबाव ने बॉन्ड बाजार में तेज बिकवाली को रोक रखा है।
- **विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार:** सितंबर में विनिर्माण क्षेत्र में लगातार नौवें महीने विस्तार देखा गया और इनपुट लागत लगातार 24 महीने बढ़ी। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी आर्थिक गतिविधियां अब भी अपेक्षाकृत मजबूत हैं।
- **भू-राजनीतिक तनाव:** अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में निवेशक डॉलर को सुरक्षित ठिकाना मानकर खरीदारी कर रहे हैं।
- **रोजगार आंकड़ों की प्रतीक्षा:** बाजार प्रतिभागी आगामी मासिक रोजगार रिपोर्ट और औसत वेतन वृद्धि से ब्याज दरों की आगामी दिशा भांपने की कोशिश कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?
डॉलर इंडेक्स 102.00 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े के ऊपर 102.04 के आसपास कारोबार कर रहा है।

### 2. अमेरिकी गैर-कृषि रोजगार रिपोर्ट से क्या अपेक्षाएं हैं?
सितंबर महीने में 90,000 नई नौकरियों के जुड़ने और बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है।

### 3. कच्चे तेल की कीमतों का डॉलर पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
कच्चे तेल से उपजी महंगाई ने बॉन्ड यील्ड में आने वाली गिरावट को सीमित कर डॉलर को लगातार मजबूती दी है।

### 4. डॉलर इंडेक्स के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर कौन से हैं?
इंडेक्स के लिए 101.70 का स्तर तत्काल सपोर्ट है, जबकि 102.65 से 102.70 का क्षेत्र अगला प्रमुख प्रतिरोध स्तर है।

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